'चीनी' के लिए खोज परिणाम

India Srilanka & China

जयशंकर की एक चाल और चीनी ‘जासूसी जहाज’ श्रीलंका से बाहर

राजनीति में अपना दुश्मन सोच समझकर बनाना चाहिए और दोस्त बनाने से पहले तो हज़ार बार सोचना चाहिए. शायद श्रीलंका को आखिरकार यह बात समझ आ ही गई है. बीते कुछ दिनों से खबर आ रही थी 11 अगस्त को श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर चीन का जहाज़ आने वाला ...

vivo

कैसे चीनी कंपनी VIVO ने भारतीय वित्तीय प्रणाली को अस्थिर करने का प्रयास किया

मनी लॉन्ड्रिंग देश में आर्थिक आतंकवाद की तरह है। एक मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी ओडिशा हाईकोर्ट ने की थी। हाईकोर्ट की इसी टिप्पणी के माध्यम से अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चीन के चीनी स्मार्टफोन कंपनी द्वारा वीवो की धोखाधड़ी की पोल खोल दी है। ईडी ने ...

myamaar

भारत को म्यांमार में चीनी घुसपैठ पर कड़ी निगरानी रखने की जरूरत है

श्रीलंका चीन के कर्जजाल के चुंगल में फंसकर बर्बाद हो ही चुका है। पाकिस्तान, नेपाल जैसे देश उसके कर्ज के बोझ तले दबे हुए है। इसके बाद अब ड्रैगन म्यांमार को अपना अगला शिकार बनाने की तैयारी में है। म्यांमार में पिछले वर्ष ही तख्तापलट हो गया था। एक साल ...

Jinping

हाल के वर्षों में चीनी सेना बॉर्डर पर अति सक्रिय क्यों हो गई है?

क्या कभी सोचा है, ऐसा भी संभव था कि इंदिरा गांधी ने जो आपातकाल लगाया था वह शायद इतिहास के पन्नों में दर्ज ही नहीं हो पाता? हां, यह काफी हद तक सिमट सकता था यदि इंदिरा गांधी बॉर्डर पर पाकिस्तान से युद्ध छेड़ देतीं। खैर, जो इंदिरा गांधी करने ...

modi

धोखाधड़ी, टैक्स चोरी करने वाली चीनी कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखा रहा है भारत

चीनी कंपनियों का भारत में भविष्य खतरे में पड़ता हुआ दिख रहा है। एक के बाद एक कई चीनी कंपनियां जांच एजेंसियों की रडार पर आ रही है। फिर चाहे वो वीवो हो, ओप्पो या फिर शाओमी। यह सभी कंपनियां मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में लिप्त पाई जा रही ...

modi putin

चीनी मुद्रा में क्यों हो रहा है भारत-रूस के बीच का व्यापार?

यूक्रेन के साथ युद्ध के बीच भारत, रूस का एक सच्चा दोस्त बनकर सामने आया है। इस युद्ध के कारण भारत और रूस के बीच संबंध और गहरे हुए है। पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद भारत युद्ध में रूस के विरुद्ध नहीं गया और इस दौरान स्वयं का लाभ ...

china ED

चीनी कंपनी VIVO पर ED के छापे पड़ते ही छोटे बच्चों की तरह रो रहा है चीन

चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी वीवो पर भारतीय एजेंसियों का शिकंजा कसने से ड्रैगन टेंशन में आ गया है। चीन की चिंता इस वक्त इतनी बढ़ चुकी है कि वो बिलबिलाते हुए भारत को भरोसा घटने की दुहाई तक देने लगा है। दरअसल, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले के चलते वीवो ...

China India

भारतीय बाजार से बाहर चीनी खिलौने: मेक इन इंडिया ने खेल के नियमों को बदल दिया

आज से कुछ सालों पहले मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। परंतु कुछ ही सालों के भीतर भारत सरकार ने हर मोर्चे पर स्वयं को सशक्त बनाया का काम किया है। आज के समय में भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने ...

bajaj

Bajaj और TVS ने अफ्रीका में पहुंचकर चीनी कंपनियों के साम्राज्य को ध्वस्त कर दिया

दोपहिया वाहनों के मामले में आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन चुका है। दुनियाभर के तमाम देशों में भारत के दोपहिया वाहनों को पसंद किया जाता है। हालांकि एक दशक पहले अफ्रीकी महाद्वीप पर चीन के दोपहिया वाहन ने अपना दबदबा बनाया हुआ था। एक समय ऐसा था ...

China

चीनी ऋण जाल बहुत बड़ा झोल है, अफ्रीकी देशों को श्रीलंका से सबक लेना चाहिए

श्रीलंका के साथ चीन की ऋण जाल की कूटनीति ने कई अफ्रीकी देशो को डरा दिया हैं। जिस तरह से श्रीलंका ने हंबनटोटा के रणनीतिक बंदरगाह का नियंत्रण चीन को सौंप दिया है, वह चीन के 'ऋण-जाल कूटनीति' को उजागर करता है। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या ...

चीन के रक्षा मंत्री

चीनी रक्षा मंत्री ने आखिरकार वही स्वीकार किया जोकि हम पहले से जानते थे

चीन का दोमुंहापन और झूठ कई बार दुनिया के सामने आया चुका है। चाहे वह कोरोना जैसी महामारी को जन्म देने का सच छुपाना हो या फिर कोरोना से मरने वाले लोगों की असल संख्या को छुपाना हो या कर्ज की आड़ में दूसरे देशों की संप्रभुता में दखल देना ...

china smartphone company

मोदी सरकार चीनी फोन निर्माता कंपनियों के पीछे दाना पानी लेकर चढ़ गयी है

चीनी स्मार्टफोन कंपनियों के पीछे मोदी सरकार दाना पानी लेकर पीछे पड़ चुकी है। ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि ऐसा साफ-साफ प्रतीत हो रहा है। भारत के कानून को ठेंगा दिखाने की चीनी कंपनियां हिम्मत तो करती हैं पर भारत सरकार भी कम थोड़े न है। भारत सरकार अपने ...

पृष्ठ 2 of 203 1 2 3 203
  • सर्वाधिक पढ़े गए
  • टिप्पणियाँ
  • नवीनतम

Follow us on Twitter

and never miss an insightful take by the TFIPOST team