TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत के सिनेमा प्रेमियों ने दिया साल का सबसे बड़ा झटका, ट्यूबलाइट फुस्स हुआ

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
5 July 2017
in चलचित्र
ट्यूबलाइट
Share on FacebookShare on X

‘ऐसा पहली बार हुआ है 17 – 18 सालों में……………….’ – अगर आपने ये गाना सुना है, तो इन शब्दों की भावनाओं को भी समझेंगे। क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ, 5-6 सालों में, जब सलमान खान और निर्देशक कबीर खान की करिश्माई जोड़ी के फिल्मी पटाखे न सिर्फ समीक्षकों की दृष्टि में, बल्कि जनता की नज़रों में भी फुस्स साबित हुई है। उनकी नई फिल्म ट्यूबलाइट, जो 1962 के भारत चीन युद्ध के पृष्ठभूमि पर स्थित है, और जिसमें सलमान के भाई, और असफल अभिनेता सोहेल खान की बतौर वापसी भी हुई है, कोई रेकॉर्ड बनाना तो दूर, किसी तरह बस अपने लागत की भरपाई पूरी कर पाती है, और अभी तक खाली 159.19 करोड़ ही कमा पायी है।

पर मैं उसके प्रदर्शन के विषय में क्यों बात कर रहा हूँ। इससे हमें क्या मिलेगा? लल्ला, जिस देश में एक सधी, सुलझी, और उत्कृष्ट कथा से भरपूर फिल्म धूल चाटने को मजबूर हो, और कूड़े समान फिल्म जैसे ‘दिलवाले दुलहनिया ले जाएंगे’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘गुंडे’ और ‘हाउसफुल’ जेबों में कलेक्शन के नोटों की गड्डियाँ भर भर ले जाएँ, तो बंदे का सोचना तो लाज़मी है, अगर भारतीय सिनेमा, विशेषकर हिन्दी सिनेमा, सच्चे कहानियों और कला के लिए नर्क समान है की नहीं?

संबंधितपोस्ट

सलमान से शाहरुख तक, ऑपरेशन सिंदूर पर क्यों खामोश रहे ‘रील हीरोज़’?

एक फोन कॉल से कांप गया ‘बाघ का करेजा’; लॉरेंस के गुर्गे की धमकी से डरे पप्पू यादव

क्या है लॉरेंस और सलमान की अदावत की कहानी; ‘भाईजान’ के इर्द-गिर्द कैसे बना खौफ का मायाजाल

और लोड करें

कथ्यपरक सिनेमा के लिए बॉलीवुड निस्संदेह सबसे खराब जगह साबित होगी। पर जब से ओके जानू, रईस, और अब ट्यूबलाइट बिना कोई कमाल दिखाये बॉक्स ऑफिस पर फुस्स साबित हुई, सो अब कह सकते हैं की नहीं! हमारी सिनेमा के श्रोता अब सुधार रहे हैं, वे और समझदार बनते जा रहे हैं!

2011 तक गोलमाल फिल्म सिरीज़ जैसे ऊटपटाँग फिल्में सफल मानी जाती थी, जबकि ‘लक्ष्य’ जैसी विषय के साथ न्याय करने वाली फिल्में बिना तैरे बॉक्स ऑफिस के सागर में डूब जाती थी, जिससे लोगों को कुछ अच्छा और कुछ सच्चा देखने का स्वर्णिम अवसर देखने को नहीं मिलता था। फिर एक निर्देशक ने इस नीति को चकनाचूर किया। नाम तिगमांशु धूलिया, इनहोने अपना सब कुछ इस एक बायोपिक को दे दिया, जिसे महज 5 करोड़ में बना लिया गया था, और इसे प्रदर्शित किया, बिना ये सोचे की क्या गौरव ये फिल्म उनके लिए लाने वाला था। ये फिल्म थी पान सिंह तोमर, जो रुड़की के बंगाल इंजीनियर्स के प्रसिद्ध स्टीप्लचेज़ स्वर्ण पदकधारी धावक सूबेदार पान सिंह तोमर के ऊपर आधारित थी, जिनहे बाद में सिस्टम के अन्य ने डकैती का रास्ता अपनाने पे मजबूर कर दिया।

कुछ ही दिनों बाद एक और फिल्म रेलीज़ हुई, ‘कहानी’, जिसके निर्देशक सुजौय घोष की पिछली दो फिल्में, ‘होम डेलीवेरी’ और ‘अलादीन’, बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिटी थी। इसमें नामचीन हस्तियाँ नहीं थी, तब की कामयाब अदाकारा विद्या बालन को छोडकर, पर फिर भी सिर्फ कोलकाता के एक अनोखे परिदृश्य और एक रोमांचक कथा से सुजौय की ‘कहानी’ ने पूरा पासा पलट दिया, और काफी सफल भी साबित हुई। ये एक ऐसी रोमांचकारी फिल्म थी, जो सच में आपको अपनी सीटों से चिपकने पर मजबूर कर दे।

खुद निर्देशक तिगमांशु ने अपने आपको एक क्रूर, पर आवेग में बहने वाले खलनायक रामाधीर सिंह के तौर पर ‘गैंग्स ऑफ वास्सेपुर’ में अपनी अभिनय कला का लोहा मनवाया। पहली बार लोगों ने ऐसी फिल्मों पर अपने पैसा खर्चा किए, जो अलग भी थी और उनका वाकई में मनोरंजन करती थी, बजाए की वही पुरानी कैंडी फ्लॉस टाइप नौटंकी झेलने के लिए, जो कुलीन बॉलीवुड बिरादरी उन्हे परोसती थी। हालांकि ऐसे कुछ अपवाद छोडकर 2017 तक फूहड़ फिल्मों पर पैसों की बारिश का सिलसिला चलता रहा, जिसमें कुछ प्रमुख नाम है ‘हॅप्पी न्यू इयर’, ‘गुंडे’, ‘प्रेम रत्न धन पायो’, ‘किक’ इत्यादि।

पर 2017 में नहीं। ये साल तो जैसे बॉलीवुड के एलीट क्लब को उनकी मीठी नींद से झकझोरने के लिए बना था। इस साल की शुरुआत हुई ओके जानू से, जिसे नए युग के प्रेम प्रसंग की एक अद्भुत झलकी के तौर पर दिखाया जा रहा था, पर बॉक्स ऑफिस पर ये औंधे मुंह गिरी। फिर आई एक और असफल फिल्म, जो आश्चर्यजनक रूप से द्वितीय विश्व युद्ध में स्थित, इंडियन नेशनल आर्मी से जुड़ी एक संघर्ष की कहानी बताती मशहूर फ़िल्मकार विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘रंगून’ थी। इतना ही नहीं, नारिवाद का कथित चोला ओढ़ बलात्कार की भयावहता को सही ठहराने की बचकानी कोशिश ने ‘बेगम जान’ मूवी के सफलता के पर भी काट दिये। अब्बास मस्तान के नयी मूवी ‘मशीन’ की त्रासदी की बात न ही करें, तो अच्छा।ट्यूबलाइट

2017 के ‘हौल ऑफ कूड़ा’ के कुछ सम्मानित सदस्य है ‘मेरी प्यारी बिन्दु’, ‘सरकार 3’, ‘नूर’, ‘बैंक चोर’, ‘राबता’ इत्यादि, जहां पुरानी शराब को नई बोतल में परोसने की शैली फुस्स साबित हुआ। यहाँ तक की शाहरुख खान की बहुप्रतीक्षित ‘रईस’ भी किसी तरह महज़ 200 करोड़ से ऊपर ही कमा पायी बॉक्स ऑफिस से, और अपने समकालीन प्रदर्शित फिल्म, ऋतिक रोशन अभिनीत ‘काबिल’ की चमक किसी भी सूरत में कम नहीं कर पायी।

इनके मुक़ाबले कई कथा परक फिल्में, जैसे ‘हिन्दी मीडियम’, ‘द ग़ाज़ी अटैक’ इत्यादि ने सबको चौंकाते हुये बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। फिल्लौरी और जॉली एलएलबी 2 ने भी कथा सामग्री से अपनी प्रतिबद्धता और अपने चटक कहानी से दर्शकों का मन मोहने में कामयाब रही।

अगर जनता इससे प्रसन्न हो सकती है, तो ध्यान रहे, हर बार वही पुराना फॉर्मूला अब आपकी बॉक्स ऑफिस पर रक्षा नहीं कर पाएगा। यही राज़ है ट्यूबलाइट की असफलता के पीछे, जहां खोने और पाने के बरसों पुराने टैक्नीक को एक बार फिर पर्दे पर जीवंत किया गया, जिसने फिल्म की लुटिया ही डूबा दी।

इसके अलावा तो कबीर जी पहले से ही घाटे में चल रहे द, पिछले साल की सफलतम फिल्म ‘ऐयरलिफ्ट’ पर अपने विवादास्पद बोल के चक्कर में। और पता नहीं इनहोने ये क्यूँ बोला की एयरलिफ्ट में कुछ खास नहीं, जबकि उनकी खुद की फिल्म् ट्यूबलाइट, परत दर परत 2015 में आई लिटल बॉय की अनाधारिक प्रति थी?

सच बोलूँ तो मैं अंधविश्वासों में यकीन नहीं रखता। पर पता नहीं क्यों मैं देखता हूँ की जब भी सोहेल खान अभिनेता बन सलमान खान की फिल्मों में आते हैं, तब उनके किस्मत में भूचाल ज़रूर आता है, लिख के ले लीजिये आप। मैं और मिसेज खन्ना के समय से लेकर, अभी तक, जब भी किसी भी मूवी में सलमान खान के साथ सोहेल खान ने अभिनय किया है, तब तब वो फिल्म कुछ भी रही हो, ब्लॉकबस्टर तो नहीं रही, जैसे सलमान भाई से उम्मीद रखी जाती है। अभी तीन ही साल पहले जब कई वर्षों के बाद सोहेल खान ने निर्देशक की कुर्सी संभाली और ‘जय हो’ प्रदर्शित की, तो करोड़ों कमाने के बाद भी सलमान भाई जैसा ब्लॉकबस्टर चाहते थे, वैसे नहीं हो पायी, और ट्यूबलाइट भी लुपलुपा के फुस्स हो गयी, माने समीक्षकों और जनता दोनों ने इसे तबीयत से धोया।ट्यूबलाइट

तो क्या समझे? क्या जनता बदल रही है? एक हद तक हाँ, क्योंकि और कोई वजह नहीं बाहुबली 2 के डब्ड कड़ी के भारी सफलता की, पर क्योंकि अभी भी कुछ विभूति ऐसे हैं जो हाफ़ गर्लफ्रेंड पर अपना पैसा बर्बाद करने के लिए तैयार हैं, तो मेरे अपने संदेह भी व्याप्त हैं। बस यही आशा रखता हूँ की जनता इस शक को भी उतनी तबीयत से धोये जैसे इनहोने ट्यूबलाइट को अभी धोया था?

Tags: ट्यूबलाइटसलमान खान
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

चीन ने सोंचा की मामूली भारतीय सरकार है, डरा के काम चल जाएगा, पर मोदी जो कर रहे हैं वो हैरतंगेज़ है

अगली पोस्ट

एक देश एक बोर्ड: भारत में व्याप्त समस्त बोर्डों का विलय कर एक बोर्ड का निर्माण 

संबंधित पोस्ट

आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त
चर्चित

जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

15 January 2026

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को लश्कर-ए-तैयाब जैसे संगठन से संबंधित जुड़े 5 सरकारी  कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।...

शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र
चर्चित

बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

24 November 2025

सोमवार की शुरुआत सिने जगत के लिए एक दुखद ख़बर के साथ हुई। बॉलीवुड का ही-मैन, धर्मेंद्र 89 साल की उम्र में मुंबई में इस...

स्मृति ईरानी की टीवी पर शानदार वापसी, रुपाली गांगुली और हिना खान को पछाड़ बनीं हाईएस्ट पेड टीवी स्टार
चलचित्र

स्मृति ईरानी की टीवी पर शानदार वापसी, रुपाली गांगुली और हिना खान को पछाड़ बनीं हाईएस्ट पेड टीवी स्टार

9 August 2025

स्मृति ईरानी एक बार फिर छोटे पर्दे पर नजर आ रही हैं, और इस बार चर्चा सिर्फ नॉस्टैल्जिया तक सीमित नहीं है। ‘क्योंकि सास भी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited