TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

लेखन शैली ऐसी है कि आप पढ़ते जाएँगे और आँखों के सामने एक ‘फिल्म’ चलती रहेगी. हर अध्याय अनमोल है, अपने भीतर ‘गागर में सागर’ समाए हुए है

Dr. Mahender द्वारा Dr. Mahender
7 April 2026
in इतिहास, चर्चित, समीक्षा
पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

इंडिया से भारत एक प्रवास

Share on FacebookShare on X

‘भारत’ दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता, संस्कृति और चेतना का जीवंत प्रतीक है। इसकी भूमि पर हर संघर्ष, हर सपना और हर परंपरा हमें हमारी पहचान याद दिलाती है और भविष्य की संभावनाओं की ओर सोचने के लिए प्रेरित करती है। एक समय ऐसा आया कि भारत का नाम ‘इंडिया’ हुआ। कहा जाने लगा ‘इंडिया अर्थात् भारत’ या ‘इंडिया दैट इज भारत’। क्या यह मात्र नामकरण ही था या किसी रूपांतरण और मानसिक बदलाव का प्रतीक था? क्या इस परिवर्तन ने केवल एक शब्द बदला या हमारी पहचान, हमारे दृष्टिकोण और सामर्थ्य में भी बदलाव किया? आखिर ‘भारतीय मानसिकता’ पर ‘औपनिवेशिक मानसिकता’ का क्या प्रभाव पड़ा? ऐसे बहुत से प्रश्न हैं और उत्तर इतिहास में दबे हुए हैं।

इन्हीं प्रश्नों और अंतर्दृष्टियों को उजागर करती हुई एक पुस्तक हाल ही में प्रकाशित हुई। शीर्षक है ‘इंडिया से भारत एक प्रवास’, लेखक हैं मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त करने वाली पुस्तक ‘वे पंद्रह दिन’ और विनाशपर्व, भारतीय ज्ञान का खजाना एवं ‘खजाने की शोधयात्रा’ जैसी पुस्तकों के रचियता सुप्रसिद्ध साहित्यकार ‘प्रशांत पोल’ और प्रकाशक है, देश का सुप्रसिद्ध ‘प्रभात प्रकाशन’। 206 पृष्ठों की 11 अध्यायों वाली इस पुस्तक की प्रस्तावना लिखी है, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने। संघ के सरसंघचालक की दिनचर्या बहुत व्यस्त होती है, ऐसे में समय निकालकर उनके द्वारा किसी पुस्तक की प्रस्तावना लिखना, उस पुस्तक को विशेष और अत्यंत महत्त्वपूर्ण बनाता है।

संबंधितपोस्ट

मॉनसून ने पूरे देश को किया कवर, दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित

मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

और लोड करें

प्रस्तावना के बाद लेखक ने ‘अपनी बात’ की है और अपनी बात की शुरुआत एक ऐसी दुखद और चौकाने वाली घटना से की है कि भारतीयों का सिर दुःख और शर्म से झुक जाए और गुस्सा अपनी चरम सीमा लाँघ दे। उस घटना के बाद भारत सरकार द्वारा कुछ न करना, उस गुस्से की आग में घी डालना जैसा होगा। यह सत्य है, यह इतिहास है अर्थात् ऐसा ही हुआ है। जैसे-जैसे पाठक लेखक की बात पढ़ता हुआ आगे बढेगा उसके अंतर्मन में एक यात्रा अथवा प्रवास शुरू हो जाएगा। और ये यात्रा तब तक जारी रहेगी, जब तक पाठक पूरी पुस्तक पढ़ नहीं लेगा। पूरी पुस्तक पढ़े बिना वह नहीं रह पायेगा, कम से कम मेरा अनुभव तो ऐसा ही है।

लेखन शैली ऐसी है कि आप पढ़ते जाएँगे और आँखों के सामने एक ‘फिल्म’ चलती रहेगी। हर अध्याय अनमोल है, अपने भीतर ‘गागर में सागर’ समाया हुआ है। पाठक के लिए आक्रोश, भावुकता, गर्व, उत्साह, सीख, सब कुछ है इसमें।

जैसे-जैसे आप पुस्तक पढ़ते जाएँगे तो आपको ज्ञात होगा कि इसमें कुछ कहानियाँ ऐसी भी हैं, जिन्हें ‘इंडिया’ ने इतिहास के पन्नों में दबा दिया था। ये ऐसी कहानियाँ हैं, जिनका हमें पता होना चाहिए था, लेकिन ये हमसे छुपाई गईं। इन्हें पढ़ते ही पाठक का आक्रोशित होना स्वाभाविक है। प्रथम अध्याय में जिन दो घटनाओं का वर्णन है, उनसे हर देशभक्त भारतीय को बहुत दुःख होगा। विश्व का सिरमौर रहे ‘भारत’ की ऐसी हालत देखकर दुःख नहीं होगा, तो और क्या होगा! इसी अध्याय में पाठकों को पता चलेगा कि उस समय दुनिया भारत को किस दृष्टिकोण से देखती थी, 1968 में आई हॉलीवुड की फिल्म ‘द पार्टी’ किसी सोच के तहत बनाई गई थी। इसके साथ ही पता चलेगा नेहरूवादी आर्थिक मॉडल की वास्तविकता का या यूँ कहें आंकड़ों के साथ पोल खुलेगी।

औपनिवेशिक सोच के दुष्प्रभाव के कारण ‘भारत’ का ‘इंडिया बना और आज तक यह मानसिकता बनी हुई है कि विदेशी या अंग्रेजी भाषा जो बोलेंगे, वही सबसे अच्छा और प्रामाणिक है। खासकर लेफ्ट-लिबरल लॉबी और उसके अनुयायी तो यही मानते हैं। लेखक ने पुस्तक के दूसरे अध्याय में इसी मानसिक ‘विकृति’ का उपयोग यह सिद्ध करने के लिए किया है कि भारत हीन-दीन और लाचार नहीं था। उन्होंने एंगस मेडिसन, स्ट्रोबो, विलियम डेलरिम्पल आदि के हवाले से आंकड़ों के आधार पर बताने का प्रयास किया है कि अतीत में भारत विश्व में सबसे आगे था। यह अध्याय वास्तव में प्राचीन भारत का स्वर्णिम चित्र जैसा है और यह पाठक को गर्व की अनुभूति कराएगा। इस अध्याय में पता चलेगा कि चीन ने आक्रान्ताओं के आक्रमण से बचने के लिए अंतरिक्ष से दिखने वाली ‘दीवार’ निर्मित की थी, जबकि भारत के वीर पुत्रों ने अपनी छातियों की दीवार बनाकर आक्रान्ताओं का सामना किया और उन्हें पराजित करते रहे।

तीसरा अध्याय स्वतंत्रता के बाद के संघर्ष को उजागर करता है। यहाँ तीन बड़ी घटनाओं के बारे में जानकारी मिलेगी, जिनके कारण अंग्रेजों को भारत छोड़कर भागना पड़ा। इस अध्याय में यहूदियों के उद्धरण से यह भी पता चलेगा कि वास्तव में योजना कैसी होनी चाहिए और उसका क्रियान्वयन कैसे करना चाहिए? इसके साथ ही ‘शिक्षा’ को लेकर भारत के साथ हुई सबसे बड़ी ‘राजनैतिक साजिश’ का भी पता चलेगा। इसी अध्याय में इंदिरा गाँधी ने थारपारकर के सिंधी भाषी हिंदुओं के साथ धोखा किया था, उसका भी पर्दाफाश होगा। यह अध्याय पाठक को भीतर से झकझोर देगा।

चौथे अध्याय से पता चलेगा कि कैसे 2-3 अपवाद स्वरूप अवसरों को छोड़कर स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से लेकर वर्ष 2014 तक कांग्रेस सरकारों ने ‘राष्ट्र प्रथम’ के विचार से काम करने वालों के साथ राजनैतिक अस्पृश्यता की गई, उन्हें मुख्यधारा में नहीं लिया, बल्कि समय-समय पर दमन करने के कृत्य करती रहीं। पाँचवां अध्याय इंदिरा गाँधी और संजय गाँधी के अमानवीय चरित्र से अवगत कराएगा. जिन्होंने 1975 में नागरिकों के अधिकारों और संविधान की हत्या करके आपातकाल थोपा था। आकंड़ों सहित प्रस्तुत आपातकाल के उस कलुष कालखंड का वर्णन पाठक को भावुक कर सकता है। आपातकाल के दौरान और दिल्ली के तुर्कमान गेट पर हुई अमानवीय घटनाओं लेकर इतना मार्मिक वर्णन मैंने पहले नहीं पढ़ा था। देशभक्त निर्दोष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं को दी गई अमानवीय यातनायें और जेलों में बंद प्रताड़ना के शिकार 98 स्वयंसेवकों की मृत्य जैसा विवरण पाठक को भीतर तक हिला देगा। एक ऐसी फिल्म आँखों के सामने चलती रहती है, मानो आप स्वयं उन घटनाक्रमों का हिस्सा हो।

छठे अध्याय में विभिन्न राजनैतिक दलों के नेतृत्व में ‘इंडिया’ का दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण तथा पीड़ा देने वाला चित्रण जारी रहता है। त्रिपुरा में आतंकियों द्वारा संघ के कार्यकर्ताओं की अपहरण के बाद हत्या और पंजाब के मोगा में आतंकियों द्वारा सुबह शाखा में गोली मारकर 25 स्वयंसेवकों की हत्या का वर्णन कष्टदायक है। इस अध्याय में ‘इंडिया’ से ‘भारत’ की ओर होने वाले बदलाव की पृष्ठभूमि का संकेत भी है। सातवें अध्याय में नेहरू के समय हुए जीप घोटाले से लेकर 2014 से पहले तक सभी घोटालों की एक झलक प्रस्तुत की गई है। यह जानना दुखद है कि जो समय और संसाधन भारत के उन्नयन के लिए लगने चाहिए थे, उनका उपयोग कांग्रेस के नेता घर भरने के लिए कर रहे थे। इसी अध्याय में बदलाव की उस आहट का संकेत भी है, जिसके साक्षी भारतवासी 2014 में बने थे। अध्याय 8 और 9 में ‘इंडिया’ से ‘भारत’की ओर उठाए गए कदमों और उनके प्रभाव का अत्यंत रोचक वर्णन किया गया है। ये अध्याय ‘गूजबम्प्स’ देते हैं। जम्मू-कश्मीर में प्रभावी अनुच्छेद 370 और 35 A के निरस्तीकरण को लेकर ‘चाणक्य नीति’ के प्रत्यक्ष क्रियान्वयन का वर्णन आपको ठीक वैसा ही आनंद देगा, जैसा कि भारतीय सेना या क्रिकेट टीम द्वारा पाकिस्तान की पिटाई के समय आता है। इसके साथ ही वैश्विक महामारी कोविड को भारत ने कैसे अवसर में बदला, उसका विवरण भी प्रेरक और सुखद है। यहाँ आपको पता चलेगा कि भारत ने दुनिया के बड़े भाई होने का दायित्व कैसे निभाया था। यहाँ पता चलेगा कि केंद्र सरकार ने प्रत्यक्ष रूप से छत्रपति शिवाजी महाराज की नीति का उपयोग कैसे किया था और यह उद्घोष चरितार्थ किया था कि ‘ये नया भारत है’। अध्याय 10 ‘इंडिया से ‘भारत’ में हुए बदलाव के कारकों को बहुत ही रोचक ढंग से प्रस्तुत करता है और अध्याय 11 अधिकांश क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर भारत के प्रदर्शन का उत्साहवर्धन करने वाला चित्रण प्रस्तुत करता है।

कुल मिलाकर प्रशांत पोल जी की ‘इंडिया से भारत एक प्रवास’ पुस्तक भावनाओं के ‘रोलर कोस्टर’ जैसा रोचक अनुभव है। उनकी प्रवाहपूर्ण और विचारोत्तेजक लेखनशैली पाठक को केवल इतिहास के घटनाक्रम तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे अंतर्मुखी बनाकर उस मानसिक और सांस्कृतिक संघर्ष की गहराई में ले जाती है, जिसने स्वतंत्रता के बाद भी भारतीय समाज की सोच और पहचान को प्रभावित किया। इस दृष्टि से यह पुस्तक न केवल अतीत और वर्तमान के बीच एक सेतु का करती है, बल्कि भविष्य में एक आधुनिक, उन्नत और आत्मनिर्भर भारत की कल्पना करने के लिए प्रेरित भी करती है। वास्तव में यह पुस्तक औपनिवेशिक मानसिकता (इंडिया) बनाम भारतीय पहचान के संघर्ष और भारत के सांस्कृतिक व सभ्यतागत पुनरुत्थान पर केंद्रित है।

पुस्तक के बारे में संक्षेप में लिखना हो तो प्रस्तावना में डॉ.मोहन भागवत जी के शब्द सर्वोत्कृष्ट हैं, “श्री प्रशांत पोल की यह पुस्तक भारत की भारतीयता के, स्वाधीन भारत में औपनिवेशिक मानसिकता से चले संघर्ष की समीक्षा है। पाठकों को इसके पठन से भारत को अपनी शाश्वत नींव पर पक्के खड़े युगानुकूल भारत के रंग-रूप-आकार की अचूक कल्पना करने की दृष्टि तथा उस भारत की साकार करने की शक्ति प्राप्त होगी, यह विश्वास है।” पुस्तक ऑनलाइन उपलब्ध है। नारायणायेती समर्पयामि…….

पुस्तक का नाम: इंडिया से भारत एक प्रवास

लेखक: प्रशांत पोल

प्रकाशक: प्रभात प्रकाशन, दिल्ली

पृष्ठ: 206

मूल्य: 400 (प्रिंट)

Tags: 100 Years of RSSBook ReviewBooksdr mahender thakurIndia Se Bharat Ek PravasPrabhat PrakashanPrashant Poleइंडिया से भारत एक प्रवासप्रभात प्रकाशनप्रशांत पोलभारतभारत की सभ्यता
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

ट्रंप का दावा अमेरिका ने ईरानी प्रदर्शनकरियो को भेजा हथियार : बढ़ते तनाव के बीच नई जंग की आहट

अगली पोस्ट

IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

संबंधित पोस्ट

TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी
चर्चित

TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

10 July 2026

महाराष्ट्र के नासिक में चर्चित टीसीएस (TCS) धर्म परिवर्तन मामले में गिरफ्तार आरोपी निदा खान को बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। पांच महीने...

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों
इतिहास

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

7 July 2026

कहते हैं संयोग और चमत्कार इस दुनिया में होते हैं। कुछ ऐसा ही मेरे साथ भी घटित हुआ। एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक के अनुवाद कार्य में...

मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट
चर्चित

मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

6 July 2026

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को मंत्रालय के डिजास्टर कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में आपदा राहत मंत्री...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited