सुषमा स्वराज ने ‘ट्विटर मिनिस्टर’ के तंज का दिया करार जवाब

सुषमा स्वराज ट्विटर

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों की मदद के लिए जानी जाती हैं।  उनका मंत्रालय हमेशा विदेश में रह रहे परेशान भारतीयों की मदद के लिए तैयार रहता है। वो पीएम मोदी के कैबिनेट की सबसे लोकप्रिय मंत्रियों में से एक है। सिर्फ एक ट्वीट और सुषमा स्वराज ज़रूरतमंदों की मदद करने के लिए तैयार रहती हैं। उदाहरण के लिए अभी हाल ही में सुषमा ने एक माँ की गुजारिश को स्वीकार करते हुए उसके नवजात शिशु का दो दिन में पासपोर्ट बनवाया था।

सुषमा को ट्विटर पर आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ता है। पीएम मोदी के कैबिनेट की सबसे लोकप्रिय मंत्रियों में से एक सुषमा ने ‘ट्विटर मिनिस्टर’ के तंज का करार जवाब दिया। एनडीए सरकार की चौथी वर्षगांठ के मौके पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुषमा से तंज और आलोचनाओं के बारे में पूछा गया था जिसका अक्सर ही उन्हें सामना करना पड़ता है, कहा जाता है कि वो अपना मंत्रालय ट्विटर द्वारा चलाती हैं। सुषमा स्वराज ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मंत्रालय जो बंद दरवाजों के पीछे चलता था और जिसका जुड़ाव आम जनता से नहीं होता था, वो अब अपना कोर्स बदल चुका है। उनके मंत्रालय ने कांग्रेस के युग के संभ्रांत मंत्रालय को बदला है और लोक नीति को विदेश नीति से जोड़ा है। अपनी ट्विटर गतिविधियों का उन्होंने बचाव किया और कहा कि वो दशकों से सार्वजानिक जीवन में रहने के कारण समझती है कि लोगों को सरकार की मदद की कितनी आवश्यकता है और उन्होंने मंत्रालय के माध्यम से इसे उपलब्ध कराने के लिए अपने स्तर पर सर्वोत्तम प्रयास किया है। उन्होंने कहा, “’अपने 41 साल के राजनीतिक करियर में मैंने लोकसभा के 11 चुनाव लड़े। मुझे लोगों के दुख दर्द और उन्हें मदद करने का तरीका पता है। हमने विदेश नीति को लोकनीति से जोड़ा है। शायद कांग्रेस नेताओं को ट्विटर के महत्व का पता नहीं है जिससे मैं संकटग्रस्त और फंसे हुए लोगों को मदद पहुंचाती हूं।” उन्होंने ये भी कहा कि, ‘ना तो मैं खुद सोती हूं और ना ही अपने राजदूतों को सोने देती हूं।‘

हालांकि, उन्होंने कहा कि मेरे मंत्रालय द्वारा संकटग्रस्त और फंसे हुए लोगों की मदद करने पर कुछ संवेदनहीन लोगों ने मजाक भी उड़ाया है। हालांकि, उन हजारों लोगों के लिए ये कोई मजाक नहीं हैं जिन्हें बचाया गया है या सोशल मीडिया के संपर्क में आने के बाद उन्हें मंत्रालय से कोई मदद मिली है। उन्होंने कहा, “आप इसका मजाक उड़ा सकते हैं, लेकिन उन भारतीयों से पूछें जो मुश्किलों में फंसे थे।”

उन्होंने अपने बयान के आखिर में कहा कि, जो लोग इसका मजाक उड़ा रहे हैं, लेकिन जब कहीं उनके अपने कभी फंसेंगे तब उन्हें इसकी उपयोगिता का पता चलेगा। उनका ये बयान हर आलोचना करने वाले  लोगों की बोलती बंद करने के लिए पर्याप्त होगा जिन्होंने मंत्री जी और उनके कामकाज पर अक्सर ही हमला किया है। खासकर वो लोग जिनके समय में पूरा मंत्रालय दस जनपद में स्थानांतरित कर दिया गया था और अब वे निराधार आरोप लगाते हैं कि विदेश मंत्रालय पीएमओ में स्थानांतरित हो गया है और मंत्री को केवल ट्विटर हैंडल के साथ छोड़ दिया गया है। कांग्रेस चाहता है कि भारत पत्र लिखने और शांति के लिए कबूतरों को उड़ाने कीनेहरूवादी शैली के विदेश नीति  पर ही अटका रहे।

सुषमा स्वराज सरकार के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली मंत्रियों में से एक हैं, और विदेश नीति के अलावा उन्होंने विश्व स्तर पर एक अलग ही पहचान को स्थापित किया है। उन्होंने हजारों भारतीयों को संकट की स्थिति में मदद कर उन्हें बचाया है। 2014 से अब तक उनके मंत्रालय ने दुनिया भर में 90,000 भारतीयों को बचाया है।

आज  विदेश में रहने वाले भारतीय सुरक्षित महसूस करते हैं। जो लोग आम लोगों से जुड़ने वाले विदेशी मंत्रालय का मजाक उड़ाते हैं वे संभ्रांत मानसिकता के हैं और विदेशी देशों में रहने वाले भारतीयों के जीवन की समस्याओं के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। चाहे वे उसका समर्थन करें या न करें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन इस देश के आम नागरिक अपने ‘ट्विटर मिनिस्टर’ का समर्थन करते हैं।

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