राहुल गांधी एक असफल नेता जो कभी झूठ बोलना नहीं छोड़ते

राहुल गांधी चित्रकूट मध्य प्रदेश

गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के चित्रकूट में एक रैली के दौरान ये वादा किया कि अगर हमारी सरकार आई तो पांच सालों में मेड इन चित्रकूट मोबाइल दिखेंगे। ऐसा लगता है राहुल गांधी को मोबाइल फोन से बड़ा लगाव है तभी तो वो सिर्फ मोबाइल बनाने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा, ”हमारी सरकार आई तो किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाएगा। कर्नाटक में 11 दिन के भीतर किसानों का कर्ज माफ किया। सरकार आते ही हमारा काम गब्बर सिंह टैक्स (जीएसटी) को खत्म करना होगा। पांच साल के अंदर लोगों को मोबाइल के पीछे लिखा दिखेगा- मेड इन चित्रकूट।” शायद उन्हें ये बात समझ आ गयी मोबाइल भारत की जनता की पहली और आखिरी जरूरत है। अगस्त में उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि पीएम मोदी भेल (BHEL) द्वारा निर्मित मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते हैं। राहुल गाँधी के ज्ञान का भी जवाब नहीं उन्हें ये नहीं पता कि भेल का मोबाइल निर्माण से कोई लेना देना ही नहीं है। इस झूठ से वो खुद ही अपने जाल में फंस गये। गांधी वंशज के शहजादे किसानों के कर्ज माफी और रोजगार की बात करते हैं लेकिन उन्हें इस बात का भी पता नहीं कि उन्हीं की पार्टी की सत्ता में किसानों की दुर्गति हो रही थी तब उन्होंने किसानों के लिए कोई उचित कदम क्यों नहीं उठाया।

इन दिनों गांधी वंशज एक ही राग अलापने में ज्यादा व्यस्त हैं, मेड इन मंदसौर, मेड इन राजस्थान, मेड इन डूंगरपुर, मेड इन मिर्जापुर, मेड इन तेलंगाना अब मेड इन चित्रकूट। इससे उनकी रचनात्मक भाषा शैली का भी पता चलता है। बार बार ‘मेड इन’ का राग अलापने वाले राहुल गाँधी से लोगों ने उन्हीं के निर्वाचन क्षेत्र की स्थिति को लेकर सवाल दागने शुरू कर दिए हैं। सवाल ये कि आखिर क्यों राहुल गांधी मोबाइल फ़ोन का निर्माण ‘मेड इन अमेठी’ क्यों नहीं चाहते? सोशल मीडिया पर कई लोग अमेठी जिले के विकास से जुड़े सवाल पूछ रहे हैं लेकिन राहुल गांधी के पास कोई जवाब नहीं है। होगा भी कैसे जब कोई काम किया ही नहीं है किस काम को गिनवाएंगे। मध्य प्रदेश के शिवराज सिंह चौहान ने भी राहुल गांधी पर तंज कसा और कहा, “मेड इन मध्यप्रदेश’ मोबाइल, ‘मेड इन चित्रकूट’ मोबाइल, BHEL के मोबाइल, पता नहीं राहुलजी और कहाँ-कहाँ मोबाइल बनाने की फ़ैक्टरी लगाने वाले है! राहुलजी आज भले कुछ भी बोल रहें हैं, पर सच्चाई ये है कि पिछले 70 सालों में ‘मेड इन अमेठी’ लिखा हुआ ‘पतली पिन का चार्जर’ भी नहीं बना पाए!”

जब राहुल गांधी अपने बेतुके आधारहीन आरोपों की वजह से ट्रोल होने लगे तो कांग्रेस पार्टी ने अपने पार्टी अध्यक्ष का बचाव करने की कोशिश की और सोशल मीडिया पर ‘मेड इन अमेठी’ का कैंपेन शुरू कर दिया। हालांकि, कुछ ही देर में कांग्रेस को अपने ही खेल में शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा क्योंकि यूजर की निगाहों से कोई सच छुपा नहीं होता। अपने एक ट्वीट में कांग्रेस पार्टी ने ये दावा किया कि साल 2014 में अमेठी में रेल नीर प्लांट की स्थापना की गई थी, जिसमें भारतीय रेलवे के लिए 72,000 यूनिट की बोतलबंद पानी का उत्पादन करने की क्षमता है।

कांग्रेस पार्टी के इस दावें में एक बड़ा झूठ छुपा था जो आम जनता को गुमराह करने के लिए पर्याप्त था और ये सिर्फ आम जनता में राहुल गांधी की छवि को सुधारने के लिए एक चाल थी। कांग्रेस पार्टी ने इस प्लांट की घोषणा 2010-11 में की थी। 19 फरवरी साल 2014 में आम चुनावों से ठीक पहले सिर्फ इसकी आधारशीला रखी गयी थी।  02-06-2015 को रेल मंत्रालय के तहत आईआरसीटीसी द्वारा प्लांट को चालू किया गया था। इसके अलावा ये पहला पब्लिक-प्राइवेट रेल नीर है। ऐसे में इस योजना का काम मोदी सरकार के अंतर्गत हुआ है लेकिन कांग्रेस पार्टी इसका सारा श्रेय राहुल गांधी को दे रही है।

इसके बाद न सिर्फ बीजेपी ने अपने ट्विटर हैंडल से बल्कि सोशल मीडिया पर कई यूजर ने एक आसान से सर्च से ही कांग्रेस के झूठ को बिना समय गंवाए सामने रख दिया।

https://twitter.com/frustrated222/status/1045671162225864705?s=19

ये तो कुछ भी नहीं है कांग्रेस पार्टी ने कई मुद्दों को लेकर झूठ बोले हैं और आम जनता को गुमराह करने की कोशिश की है। कांग्रेस पार्टी ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर भी झूठ बोला था।

वास्तव में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को झूठ फैलाने, नासमझी करने की आदत हो चुकी है। कई बार उनका झूठ सामने आया है। rightlog ने उनके चार सबसे बड़े झूठ का भी खुलासा किया था। वास्तव में कांग्रेस पार्टी कर कुछ नहीं पाती लेकिन झूठ फैलाकर जनता को गुमराह करने का काम बहुत अच्छे से करती है और आने वाले दिनों में ये देखना दिलचस्प होगा कि वो और कितने झूठ बोलेंगे।

Exit mobile version