TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

हिंदू मंदिरों पर नियंत्रण करने की कोशिश में केरल सरकार

TFI Desk द्वारा TFI Desk
10 October 2018
in मत
केरल मंदिर
Share on FacebookShare on X

सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितम्बर को केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया था। सबरीमाला मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अयप्पा के लाखों भक्त विरोध कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन करते हुए भक्त मांग कर रहे हैं कि केंद्र या राज्य सरकार इस पुरानी परंपरा को फिर से स्थापित करने के लिए कोई नया कानून लेकर आये या कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करे लेकिन केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने ऐसा करने से इंकार कर दिया और अब उन्होंने अपने एक और फैसले से हिंदुओं की धार्मिक भावना आहत किया है। उन्होंने धारा 29 की उपधारा (2) में संशोधन किया है जिसके मुताबिक अब सबरीमाला मंदिर का प्रबंधन देखने वाली संस्था त्रावणकोर देवासम बोर्ड (टीडीबी) का नियंत्रण करने की जिम्मेदारी गैर हिंदू के हाथों में भी दी जा सकती है जबकि पूराने नियमों के मुताबिक हिंदू धार्मिक संस्थान का नियंत्रण हिंदुओं के हाथ में दिया जाना अनिवार्य था।

Kerala Government Publishes Gazette allowing Non Hindus to be employed in Hindu Devaswom Board . We should get ready for another fight against Communist Government. Share and Shame Secular Government. #ReclaimTemples #Punarutthana pic.twitter.com/JWceAQ4RFT

— Girish Bharadwaj (@Girishvhp) October 7, 2018

संबंधितपोस्ट

बांग्लादेशी घुसपैठियों में बढ़ा डर, पश्चिम बंगाल में सख्ती के बाद हकीमपुर बॉर्डर से लौटने लगे लोग

लव जिहाद विवाद: महिला ने नियोक्ता पर धर्म परिवर्तन, शोषण और 13 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप लगाए

मॉनसून की रफ्तार तेज, सैटेलाइट तस्वीरों में दिल्ली-NCR के ऊपर दिखे बादल, जानिए कहां तक पहुंचा मानसून

और लोड करें

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार हिंदू के एक पुजारी ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार टीडीबी और कोचीन देवस्वाम बोर्ड के अधिकारी के रूप में गैर-हिंदू को नियुक्त करने की कोशिश में हैं। ऐसा करने के लिए केरल सरकार ने हिंदू धार्मिक संस्थान अधिनियम (1950) की धारा 29 की उपधारा (2) में संशोधन किया है। उन्होंने संशोधन करते हुए देवासम बोर्ड के प्रबंधन का अधिकारी एक ‘हिंदू’ होना चाहिए की जगह ‘गैर-हिंदू’ कर दिया है। ये सूचना पत्र 6 जुलाई 2018 को जारी किया गया था। हिंदू धर्म की संपत्ति का नियंत्रण अन्य धर्म के लोगों को देना न ही धर्मनिरपेक्षत है और न ही न्यायिक। ‘ईश्वर का अपना घर’ कहे जाने वाले प्राकृतिक संपदा से सम्पन्न प्रदेश केरल में जबसे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सरकार आई तबसे यहां हिंदू और उनके धर्म पर वार करने का कोई अवसर नहीं छोड़ा गया है। वास्तव में केरल की कम्युनिस्ट सरकार देवासम बोर्ड के प्रबंधन का अधिकारी गैर हिंदू को बनाकर स्पष्ट रूप से अल्पसंख्यक समुदाय को लाभ पहुंचाना चाहती है और यही वजह है कि वो इसका नियंत्रण गैर-हिंदू के हाथों में देने का नियम लेकर आई है।

ये पहला मामला नहीं है जब हिंदू धर्म के धार्मिक संस्थानों पर राज्य सरकारें अपना नियंत्रण बनाने की कोशिश है। ये धर्मनिरपेक्ष सरकारें मंदिर के प्रबंधन बोर्ड का नियंत्रण करने की जिम्मेदारी गैर-हिंदुओं को देती हैं जो हिंदू धर्म में आस्था नहीं रखते और न ही भगवान को मानते हैं। पुजारियों को मंदिरों के प्रबंधन में दखल देने की इजाजत नहीं दी जाती है और ऐसे में मंदिर के पुजारी अब भ्रष्ट लेफ्ट को मानने वाले बोर्ड प्रबंधकों से तंग आ चुके हैं। उच्च न्यायालय ने कर्नाटक के गोकर्ण स्थित महाबलेश्वर मंदिर को सरकार के कब्जे में सौंपने का आदेश दिया था और अब कर्नाटक की तरह ही केरल सरकार हिंदू मंदिरों पर अपना नियंत्रण चाहती है। आंध्र प्रदेश के दक्षिणी सीमा पर स्थित तिरुमाला मंदिर भी इनमें से एक है जिसपर राज्य सरकार मंदिर पर अपने नियंत्रण में रखने के भरपूर प्रयास करती रही है जिसके खिलाफ कुछ समय पहले तिरुमला मंदिर प्रबंधन को लेकर तिरुमला बालाजी मंदिर के मुख्य पुजारी (अर्चक) डॉक्टर एवी रामना दीक्षितुलु ने आवाज उठायी थी। यही नहीं आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के एंडॉवमेंट विभाग से हिंदू धर्म के धार्मिक संस्थानों की भूमि की नीलामी करने के लिए कहा जिससे गरीबों के लिए घर बनाया जा सके।  इसी तरह से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हुगली जिले के प्रसिद्ध तीर्थ तारकेश्वर मंदिर बोर्ड के अध्यक्ष पद पर एक मुस्लिम को बिठा दिया था जिसका काफी विरोध हुआ था। धर्मनिरपेक्षता के नाम पर ये राज्य सरकारें हमेशा से ही हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करती रही हैं।

हिंदू मंदिरों को पूरे देश में “धर्मनिरपेक्ष” राज्य सरकारों के हमले का सामना करना पड़ रहा है। ये सरकारें हिंदू रिलीजियस और चैरिटेबल एंडॉवमेंट्स (एचआरसीई) अधिनियमों के तहत हमारे मंदिरों को नियंत्रित करती हैं। एचआरसीई विभागों का नेतृत्व ज्यादातर स्वायत्त बोर्डों द्वारा किया जाता है, जहां अक्सर मार्क्सवादी या धर्म में विश्वास न रखने वालों की नियुक्तियां होती हैं। दान की वजह से धार्मिक संस्थानों के पास धन की कमी नहीं होती ऐसे में सरकारें न केवल खुद को वित्तपोषित करने के लिए मंदिरों का पैसों का उपयोग करती हैं, बल्कि वे बिना किसी भुगतान के उनके स्वामित्व वाली भूमि का भी उपयोग करती हैं। हिन्दू धार्मिक संस्थान का नियंत्रण हिंदुओं के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है लेकिन इससे इन राज्य सरकारों को कोई फर्क नहीं पड़ता है अपनी तुष्टिकरण की नीति और राजनीतिक स्वार्थ के लिए वो हिंदू धर्म को निशाना बनाते हैं।

भारत में धार्मिक संस्थानों पर सरकार के नियंत्रण का शिकार सिर्फ हिदुओं के मंदिर व संस्थान होते हैं क्योंकि चर्च, मदरसा और अन्य गैर-हिंदू धार्मिक संस्थानों को नियंत्रित करने के लिए कोई कानून नहीं बनाया गया है। इसके अलावा इन धार्मिक संस्थानों द्वारा संचालित शैक्षिक और चिकित्सा संस्थानों पर भी कोई सरकारी नियंत्रण नहीं है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या सिर्फ बहुसंख्यक समुदाय को निशाना बनाना और अल्पसंख्यक को लाभ पहुंचाना ही धर्मनिरपेक्षता है?

Tags: केरलहिंदू धर्महिंदू विरोधी
शेयर697ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

बीजेपी पश्चिम बंगाल में तीन रथ यात्रा निकाल रही है

अगली पोस्ट

वरुण ग्रोवर को बचाने के लिए स्वरा भास्कर के ढोंग का खुलासा

संबंधित पोस्ट

वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ
मत

वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

4 September 2026

आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। आज के दिन हम प्रायः श्रीकृष्ण के बालरूप को याद करते हैं। माखन चुराने वाले नटखट कान्हा, मुरली बजाने वाले गोप...

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्
ज्ञान

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

4 September 2026

हिन्दवः सोदराः सर्वे, न हिन्दूः पतितो भवेत् मम दीक्षा हिन्दू रक्षा, मम मन्त्रः समानता यही वह भाव है, जिसके साथ विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना...

मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था
मत

हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

3 September 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत सरसंघचालक मोहन भागवत वैश्विक प्रवास पर हैं। इस अभियान के तहत उन्होंने अमेरिका...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited