प्रशांत भूषण बोले, ‘सेना की वजह से ही कश्मीर में युवा बन रहे आतंकी’

प्रशांत भूषण कश्मीर सेना

PC: NDTV Khabar

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले पर जहां देश गम में डूबा है वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो देश के जवानों को ही दोषी ठहरा रहे हैं और हमलवार का पक्ष ले रहे हैं। अब जाने-माने वकील और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने एक ऐसा ट्वीट किया जिससे उनकी देशविरोधी मानसिकता सामने आई है। उनके शर्मनाक बोल पर सोशल मीडिया पर यूजर्स भी उन्हें खूब लताड़ लगायी। दरअसल, प्रशांत भूषण ने स्पष्ट शब्दों में सेना को ही पुलवामा में हुए आतंकी हमले के आत्मघाती हमलावर आदिल के आतंकी बनने का जिम्मेदार ठहरा दिया है।

प्रशांत भूषण ने बड़े ही शर्मनाक तरीके से आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार का पक्ष लिया। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट करते हुए कहा, “आदिल सुरक्षाबलों द्वारा मार खाने के बाद आतंकी बना। यहां ये समझना बहुत जरुरी है कि क्यों कश्मीर में युवा आतंक की राह को अपना रहे हैं और आतंकवादी बन रहे यहां तक कि वो मरने के लिए तैयार हो रहे हैं। यहां तक कि बड़े पैमाने पर आत्मघाती हमलों के बाद भी अमेरिकी सेना अफगानिस्तान और इराक को रोक नहीं रोक सका।” भूषण का मतलब साफ़ है कि अगर आदिल आतंक की राह पर चला तो उसकी जिम्मेदार सेना है। इस पूरे बयान पर गौर करें तो प्रशांत भूषण के अनुसार अगर कोई युवक पत्थरबाजी करे और सुरक्षाबलों पर हमला करे तो उसे सजा न दो क्योंकि वो इससे और आक्रोशित होंगे और बदले की आग में जलेंगे। जबकि सुरक्षा कर्मी पहले युवकों को समझाने का प्रयास करते हैं लेकिन फिर भी कश्मीर में उन्हें पत्थरबाजी का सामना करना पड़ता है। फिर भी प्रशांत भूषण के मुताबिक, सुरक्षाकर्मियों द्वारा युवकों को कोई सजा नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि वो भटक जायेंगे और बदले की आग में जलेंगे। इस तरह वो आतंक का दामन थाम लेंगे और इसकी जिम्मेदार सेना ही होगी। ऐसा लगता है कि भूषण अपने इस बयान से कश्मीरी युवाओं के मनोबल को और बढ़ावा दे रहे हैं।

वाह! प्रशांत भूषण जी आपकी सोच को सलाम। आप इस तरह के ट्वीट करके हमारे देश के उन सैनिकों का अपमान कर रहे हैं जो दिन-रात देश की सरहद पर देश की सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। अपनी जान की परवाह किये बिना आतंकियों से लड़ते हैं। अपने परिवार से पहले देश को तवज्जों देते हैं। आप घर में बैठे उस सुरक्षा का आनंद उठाते हैं और सुरक्षाबलों को ही सीख दे रहे हैं। हमारे जवान तो देश के युवकों की मार और आप जैसे लोगों के तंज भी सहते हैं क्या आप ऐसा एक भी पत्थर झेलने के लिए तैयार हैं? वास्तव में प्रशांत भूषण ने अपने इस बयान से भारतीय सेना के प्रति अपनी गंदी मानसिकता को उजागर किया है। वैसे इनसे यही अपेक्षा भी थी। एक यूजर ने भूषण के इस ट्वीट का करारा जवाब देते हुए कहा भी, “एक छोटी सी घटना के बाद वो आतंकी बन जाते हैं। इसका मतलब ये है कि अगर मैं गुस्सा हूं तो मुझे राज्य और देश के खिलाफ ही हथियार उठा लेने चाहिए और खून करना चाहिए। क्यों कश्मीर के पंडित ये रास्ता नहीं चुनते हैं? जबकि उनके परिवार के सदस्यों की तो निर्मम हत्या कर दी जाती है।”

https://twitter.com/RishiJain_R_J/status/1096574929959477248

वैसे ये पहली बार नहीं है जब प्रशांत भूषण ने इस तरह से सेना के खिलाफ जहर उगला है। उन्होंने इससे पहले कश्‍मीर में सेना तैनाती को लेकर भी विवादास्‍पद बयान दिया था। उन्होंने कहा था, कि ‘कश्मीर की जनता को जबरन भारत के साथ रखना देश हित में नहीं है। उनका मानना था कि जम्मू कश्मीर से विशेषाधिकार कानून खत्म कर सेना को वापस बुलाना चाहिए।‘ इस बयान के बाद प्रशांत भूषण की देशभर में खूब आलोचना हुए थी। साल 2011 में उन्होंने कश्‍मीर पर विवादित बयान देते हुए कहा था, ‘कश्‍मीर भारत में रहे या नहीं इसके लिए इस पर वहां के लोगों का मत जानना आवश्‍यक है।’ प्रशांत भूषण इसके जरिये ये संकेत दे रहे थे कि कश्मीर को भारत से अलग कर देना चाहिए। उनके इस बयान की देशभर में खूब आलोचना हुई थी। इसके बाद भी वो इस तरह के बयान देते रहे हैं। ये शर्मनाक है कि एक जाने माने वकील होने का बाद भी वो इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हैं। जिस देश में रहते हैं उसी देश की सेना खिलाफ जहर उगलते हैं।

Exit mobile version