ISI भारतीय सेना के खाने में जहर मिलाने की रच रहे खतरनाक साजिश

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PC: Inkhabar

हमारे सुरक्षाबलों के खिलाफ हमेशा साजिश रचने वाले पाकिस्तान का चेहरा एक बार फिर बेनकाब हुआ है। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने यह दावा किया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और एमआई, कश्मीर में मौजूद अपने ‘स्लीपर-सेल्स’ के माध्यम से वहां के सुरक्षाबलों को दिए जाने वाले राशन में ज़हर मिलाने की फ़िराक में हैं । उनका मकसद खाने में जहर मिलाकर बड़ी संख्या में भारतीय सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाना है। उनके निशाने पर भारतीय सेना, सीमा सुरक्षा बल और जम्मू -कश्मीर पुलिस बल के जवान हो सकते हैं। खुफिया एजेंसी के इस दावे के बाद सुरक्षाबलों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। सुरक्षाबलों के खाने में जहर मिलाने की साजिश का खुलासा तब हुआ है जब एक दिन पहले ही पाक ने शांति की दुहाई देकर भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन को भारत को सौंपा है। पाक प्रधानमंत्री इमरान खान के उस दावे की भी यहां पोल खुल गई जिसमें उन्होंने भारत के साथ शांति स्थापित करने की बात कही थी।

पाकिस्तान शुरू से ही भारतीय सेना के खिलाफ ऐसे पैंतरे अपनाता आया है। वह खुद भी इस बात को जानता है कि आमने सामने की लड़ाई में पाकिस्तान भारत के सामने कहीं नहीं ठहरता। इसलिए वह कभी अपने भाड़े के आतंकियों का सहारा लेकर भारतीय सेना पर छुपकर हमले करवाता है, तो कभी पाकिस्तान-परस्त पत्थरबाजों की मदद लेकर भारतीय सेना पर पत्थरबाज़ी करवाता है।

भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकियों पर प्रहार के बाद आईएसआई और आतंकवादियों के अन्य आकाओं में हताशा का माहौल है। सूत्रों के मुताबिक देश के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर आतंकी हमले किये जा सकते हैं। इसको लेकर देश की राजधानी दिल्ली में भी रेड अलर्ट जारी कर दिया है। 

पाक में भारत की ओर से की गई एयर स्ट्राइक के बाद जेहाद यूनाइटेड काउंसिल ने भारत में मौजूद आंतकियों को निर्देश जारी किए हैं।  पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई, जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से जुड़े आतंकियों को हमला करने का आदेश जारी किया गया है। अलग-अलग भारतीय शहरों में फिदायीन हमले और बम धमाके करने का प्लान भी बनाया गया है।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री द्वारा शांति स्थापित करने की बातों पर तब तक विश्वास नहीं किया जा सकता, जब तक वे अपनी सेना और खुफिया एजेंसियों को भारत के खिलाफ काम करने से नहीं रोकते। भारत से रिश्ते बहाली को लेकर पाकिस्तान दोहरे मापदण्ड नहीं रख सकता। उसे अपने यहां मौजूद आतंक के ठिकानों पर कार्रवाई करनी ही होगी। इसके लिए भारत सरकार लगातर पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बना रहा है।

भारतीय सेना का मनोबल आकाश-सा उंचा तथा चट्टान-सा मज़बूत है। पाकिस्तान लगातार इसे कमज़ोर करने की कोशिश में लगा रहता है जिसमें उसे भारत के अंदर ही मौजूद कई बुद्धिजीवियों का समर्थन भी मिल जाता है।  हालांकि, अब इन लोगों को यह बात समझ लेनी चाहिए कि पाकिस्तान की भारतीय सेना को कमज़ोर करने की नाकाम कोशिशों से उनको कुछ हासिल होने वाला नहीं हैं। ऐसी नापाक हरकतों से वह खुद अपने अस्तित्व को खतरे में डाल रहा है।

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