ईस्टर हमले के बाद श्रीलंका में बुर्का समेत चेहरा ढंकने वाली हर चीज पर प्रतिबंध

श्रीलंका बुर्का

कोई महिला आतंकी हमले को भी अंजाम दे सकती है, यह बात ईस्टर के दिन श्रीलंका में हुए सीरियल ब्लास्ट से पहले बहुत से लोग सोच भी नहीं सकते थे। उससे भी बड़ी बात यह कि, जिस महिला ने इस हमले को अंजाम दिया, वह गर्भवती थी। अब आप सोच सकते हैं कि कट्टरवादी ताकतें किस हद तक किसी का ब्रेनवॉश करती होंगी।

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आप यह जो फोटो देख रहे हैं, यह श्रीलंका ब्लास्ट के बाद इस्लामिक स्टेट द्वारा जारी की गई है। इस फोटों में आतंकी महिला भी है जो अपने पति इंसाफ के ठीक पीछे खड़ी हुई है। आतंकी महिला फातिमा इब्राहीम इन ब्लास्ट के सूत्रधार इंसाफ अहमद इब्राहीम की पत्नी है। बता दें कि इन ब्लास्ट में 253 लोगों की मौत हो गई थी और 500 से अधिक लोग घायल हो गए थे। सीरियल ब्लास्ट्स में फातिमा का नाम सामने आने के बाद जब पुलिस ने फातिमा के घर में गिरफ्तारी के लिए छापा मारा तो फातिमा ने अपने तीन बच्चों के साथ खुद को ही उड़ा लिया था। इसमें 3 पुलिस वालों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी थी। अब सबसे बड़ी बात यह है कि, इस महिला आतंकी ने घटना को अंजाम देते समय अपने घिनौने मंसूबों को छुपाने के लिए जिस चीज की आड़ ली वह था बुर्का।

यह बात सामने आते ही श्रीलंका में तेजी से यह मांग उठी कि, देश में बुर्के पर प्रतिबंध लगना चाहिए। श्रीलंका सरकार ने भी इसे बेहद गंभीरता से लिया और बीते रविवार को बुर्का और चेहरे ढकने वाले कपड़ों पर प्रतिबंध लगाने का फरमान जारी कर दिया है। आज से यानी सोमवार से श्रीलंका में यह आदेश लागू भी हो गया है।

श्रीलंका ने इस तरह एक बड़ा कदम उठाते हुए चेहरा ढंकने वाली हर चीज जैसे बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगा दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार कहा जा रहा है कि, ये फैसला राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने लिया है। उन्होंने सरकार के इस फैसले की जानकारी ट्विटर पर भी दी है। श्रीलंका के राष्‍ट्रपति ने लिखा, ‘ऐसे कपड़े पहनना जो चेहरे को पूरी तरह से ढकते हो, सोमवार से उनपर प्रतिबंध है।’ बता दें कि, श्रीलंका की संसद में कुछ दिन पहले ही एक सांसद ने सुरक्षा कारणों की बात कहते हुए बुर्के पर प्रतिबंध लगाने का एक प्रस्‍ताव पेश किया था। श्री लंका की संसद में सांसद आशु मरासिंघे ने कहा था कि ‘बुर्का’ मुस्लिमों का पारंपरिक परिधान नहीं था।

वहीं श्रीलंका के All Ceylon Jamiyyathul Ulama (ACJU) नाम के मौलवियों के संगठन ने भी इस संबंध में एक आदेश जारी किया है। इसने आदेश जारी करके महिलाओं को बुर्का या चेहरे ढकने वाले कपड़ों का इस्‍तेमाल न करने की बात कही है। संगठन ने यह आदेश इसलिए दिया ताकि राष्‍ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

बता दें कि, श्री लंका से पहले कई देशों में बुर्के पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। इन बुर्का प्रतिबंधित देशों में चाड, कैमरून, गाबोन, मोरक्को, ऑस्ट्रिया, बुल्गारिया, डेनमार्क, फ्रांस और बेल्जियम के साथ ही उत्तर पश्चिम चीन का मुस्लिम बहुल प्रांत शिनजियांग भी शामिल है।

श्रीलंका सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए उठाए गए इस कदम की जितनी सराहना की जाए उतनी कम है। बता दें कि, श्रीलंका ब्लास्ट की जिम्मेदारी आतंकी संगठन आईएसआईएस ने ली है। इन धमाकों के बाद अब श्री लंका में बड़े पैमाने पर अंतिम संस्कार हो रहे हैं और बेहद तगड़ी छानबीन की जा रही है।

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