TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

‘हास्य’ और ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ के नाम पर बढ़ती अश्लीलता और फूहड़ता पर समाज को करना होगा आत्ममंथन।

Dr. Mahender द्वारा Dr. Mahender
29 June 2026
in चर्चित, मत
कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता परोसने के मामले लगातार बढ़े हैं

Share on FacebookShare on X

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से सकारात्मक संदेश देना है’। लेकिन इन दिनों में भारत में कॉमेडी या स्टैंड–अप कॉमेडी और कॉमेडी शो के नाम पर डिजिटल मनोरंजन के क्षेत्र में कुछ ऐसी गंभीर और फूहड़ घटनाएँ सामने आई हैं, जिनके बारे में जानकर यह कहना पड़ेगा कि बस अब बहुत हुआ ! सरकार और सरकारी तंत्र से लेकर आम आदमी को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है।

यह भी सच है कि सोशल मीडिया, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और यूट्यूब जैसे माध्यमों ने अभिव्यक्ति के नए अवसर प्रदान किए हैं। यह एक सकारात्मक परिवर्तन है, क्योंकि हास्य और व्यंग्य किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र के महत्त्वपूर्ण अंग होते हैं। वे समाज की विसंगतियों को उजागर करते हैं, सत्ता से प्रश्न पूछते हैं और लोगों को हँसाते हुए सोचने का अवसर देते हैं। लेकिन जब हास्य की सीमाएँ टूटकर अश्लीलता, अपमान, व्यक्तिगत कटाक्ष और संवेदनहीनता में बदलने लगती हैं, तब यह केवल मनोरंजन का विषय नहीं रह जाता, बल्कि सामाजिक चिंता का विषय बन जाता है।

संबंधितपोस्ट

क्या मेटा की माफी नाकाफी? निरंकुश बिग-टेक को अब बनाना होगा जवाबदेह

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

और लोड करें

पिछले कुछ वर्षों में ऐसे अनेक उदाहरण सामने आए हैं, जहाँ कॉमेडी के नाम पर माता–पिता, पारिवारिक संबंधों, धार्मिक भावनाओं, महिलाओं, दिव्यांग व्यक्तियों और यहाँ तक कि मृत्यु जैसे संवेदनशील विषयों और देहदान करके अस्पतालों में दान किये शवों पर भी फूहड़ मजाक बनाया गया है। इन कार्यक्रमों की भाषा इतनी असभ्य और अश्लील होती है कि क्या कहने !

हाल ही में कुछ डिजिटल कार्यक्रमों और पॉडकास्टों और कॉमेडी शो में जिस तरह से अशोभनीय भाषा और पारिवारिक संबंधों पर टिप्पणियाँ की गई हैं, उनको देखकर प्रश्न उठते हैं कि क्या सस्ती लोकप्रियता और व्यूज प्राप्त करने के लिए और पैसा कमाने के लिए किसी भी सीमा तक जाना उचित है? क्या मनोरंजन के नाम पर हर विषय को मजाक का हिस्सा बनाया जा सकता है?

यहाँ मूल प्रश्न अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का नहीं है। कलाकारों और कॉमेडियनों को भी समाज पर टिप्पणी करने और व्यंग्य प्रस्तुत करने का अधिकार है। लेकिन हर अधिकार के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। जब अभिव्यक्ति दूसरों की गरिमा को आहत करने लगे, जब हास्य केवल चौंकाने और विवाद पैदा करने का साधन बन जाए, तब यह विचार करना आवश्यक हो जाता है कि कहीं हम मनोरंजन और अश्लीलता के बीच की रेखा तो नहीं मिटा रहे हैं।

आज की डिजिटल संस्कृति में एक बड़ी समस्या ‘वायरल होने की दौड़’ है। सोशल मीडिया के एल्गोरिद्म अक्सर उसी सामग्री को अधिक बढ़ावा देते हैं जो लोगों को चौंकाती है, विवाद पैदा करती है या तीव्र प्रतिक्रिया उत्पन्न करती है। परिणामस्वरूप कुछ कंटेंट निर्माता यह मानने लगते हैं कि जितनी अधिक उत्तेजक भाषा होगी, उतनी अधिक लोकप्रियता मिलेगी। धीरे–धीरे हास्य का स्तर विचारोत्तेजक व्यंग्य से हटकर द्विअर्थी संवादों, गाली–गलौज और निजी संबंधों पर अश्लील टिप्पणियों तक पहुँच जाता है। दुर्भाग्य से दर्शकों का एक वर्ग भी ऐसे कंटेंट को प्रोत्साहित करता है, जिससे यह प्रवृत्ति और मजबूत होती है।

हालाँकि, इस स्थिति के लिए केवल कलाकारों या युवाओं को दोष देना उचित नहीं होगा। समाज, परिवार, शिक्षा व्यवस्था और हम सभी कहीं न कहीं इसके लिए जिम्मेदार हैं। किसी भी पीढ़ी का आचरण शून्य में विकसित नहीं होता। वह अपने परिवेश, परिवार, शिक्षा और सामाजिक मूल्यों से प्रभावित होती है। यदि आज कुछ युवा अश्लील या असंवेदनशील सामग्री को ‘सामान्य’ मानने लगे हैं, तो इसके पीछे केवल उनकी व्यक्तिगत सोच नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक परिस्थितियाँ भी हैं।

माता–पिता अक्सर अपने बच्चों को सर्वोत्तम भौतिक सुविधाएँ देने की दौड़ में लगे रहते हैं। अच्छी शिक्षा, महंगे स्कूल, विदेशी विश्वविद्यालय, आधुनिक गैजेट्स और आरामदायक जीवनशैली को सफलता का प्रतीक मान लिया गया है। यह सब महत्त्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन इसके साथ–साथ संस्कार, संवेदनशीलता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की शिक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। यदि बच्चे केवल सफलता, धन और लोकप्रियता को ही जीवन का लक्ष्य समझेंगे, तो वे वही साधन अपनाएंगे जो उन्हें जल्दी प्रसिद्धि दिला सकें, चाहे वे साधन कितने भी विवादास्पद क्यों न हों !

एक समय था जब परिवारों में संवाद की परंपरा मजबूत थी। संयुक्त परिवारों में बच्चे बड़ों के अनुभवों से सीखते थे। घर में नैतिक मूल्यों, सामाजिक व्यवहार और जीवन के उद्देश्य पर चर्चा होती थी। आज तकनीक ने जीवन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन कई बार परिवार के सदस्यों के बीच संवाद को सीमित भी कर दिया है। एक ही घर में रहते हुए लोग मोबाइल स्क्रीन के माध्यम से अधिक जुड़े हुए दिखाई देते हैं, जबकि भावनात्मक रूप से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे वातावरण में बच्चों और युवाओं के लिए सोशल मीडिया ही कई बार प्राथमिक शिक्षक बन जाता है।

यह भी स्वीकार करना होगा कि समाज ने कुछ महत्त्वपूर्ण विषयों पर लंबे समय तक खुली और संतुलित चर्चा से परहेज किया है। जीवन मूल्य, रिश्तों की गरिमा, मानसिक स्वास्थ्य, जिम्मेदार नागरिकता और यौन शिक्षा जैसे विषयों पर परिवार और विद्यालय अक्सर पर्याप्त संवाद नहीं कर पाते। परिणामस्वरूप युवा जानकारी और मार्गदर्शन के लिए इंटरनेट का सहारा लेते हैं। इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री का एक बड़ा हिस्सा सकारात्मक और उपयोगी होता है, लेकिन कई बार वे ऐसे स्रोतों तक भी पहुंच जाते हैं जो मनोरंजन को केवल उत्तेजना और अश्लीलता के माध्यम से प्रस्तुत करते हैं।

समाधान सेंसरशिप या प्रतिबंधों में नहीं, बल्कि संतुलित दृष्टिकोण में है। कलाकारों को अपनी रचनात्मक स्वतंत्रता मिलनी चाहिए, लेकिन उन्हें यह भी समझना होगा कि उनके शब्द लाखों लोगों तक पहुंचते हैं और समाज पर प्रभाव डालते हैं। दर्शकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। जिस प्रकार बाजार में वही उत्पाद अधिक बिकता है जिसकी माँग होती है, उसी प्रकार डिजिटल मंचों पर वही सामग्री अधिक दिखाई जाती है जिसे लोग अधिक देखते हैं। यदि समाज स्वस्थ हास्य, सार्थक व्यंग्य और रचनात्मक मनोरंजन को प्रोत्साहित करेगा, तो कंटेंट की दिशा भी उसी ओर बदलेगी।

मेरा मानना है कि आने वाली पीढ़ी वही लौटाएगी जो हमने उसे दिया है। यदि हम केवल भौतिक सफलता को महत्त्व देंगे, तो वे भी जीवन को उसी दृष्टि से देखेंगे। यदि हम उन्हें संवेदनशीलता, सम्मान, संस्कार और मानवीय मूल्यों का महत्व सिखाएंगे, तो समाज भी उसी दिशा में आगे बढ़ेगा। बच्चों को केवल यह नहीं सिखाना है कि सफल कैसे बनना है, बल्कि यह भी सिखाना है कि अच्छा मनुष्य कैसे बनना है।

आज आवश्यकता किसी एक व्यक्ति, कलाकार या युवा को दोष देने की नहीं है। आवश्यकता ‘आत्ममंथन’ की है। हमें यह विचार करना होगा कि हम अपने परिवारों, समाज और आने वाली पीढ़ियों को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। क्या हम ऐसा समाज बनाना चाहते हैं जहाँ लोकप्रियता के लिए किसी भी सीमा को पार करना स्वीकार्य हो या ऐसा समाज जहाँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ संवेदनशीलता और जिम्मेदारी भी बनी रहे?

हास्य होना चाहिए, व्यंग्य भी होना चाहिए और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी सुरक्षित रहनी चाहिए। लेकिन साथ ही मानवीय गरिमा, सामाजिक मर्यादा और संवेदनशीलता भी बनी रहनी चाहिए। यही संतुलन किसी भी सभ्य, जागरूक और संस्कारित समाज की वास्तविक पहचान है। यही समय की माँग है और यही हमारे सामूहिक भविष्य की आवश्यकता भी।

Tags: अभिव्यक्ति की आजादीअश्लीलताओटीटी कंटेंटकॉमेडीकॉमेडी विवादडार्क कॉमेडीडिजिटल कंटेंटभारतीय संस्कृतिरणवीर इलाहाबादियारोस्ट कॉमेडीवायरल विवादसमय रैनासामाजिक मूल्यसोशल मीडियास्टैंड अप कॉमेडी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

अगली पोस्ट

राम मंदिर चंदा विवाद पर तुरंत सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- नियमित प्रक्रिया से होगी सुनवाई

संबंधित पोस्ट

‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल
चर्चित

‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

31 October 2026

हाल ही में कुछ स्कूली छात्रों के साथ था। बातचीत के दौरान विषय ‘जेन-जी’ का चलने लगा। मैंने कहा, अंग्रेजी में ‘जेन-जी’ लिखो। सबने लिखा,...

महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया
मत

महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

26 October 2026

यदि आपसे एक बहुत सरल-सा प्रश्न पूछा जाए कि आपके दादा के परदादा का क्या नाम था? या क्या आपको अपने परिवार की 7वीं पीढ़ी...

संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक
मत

संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

24 October 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना के 101वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में संघ ने बड़े-बड़े कार्यक्रमों के स्थान पर...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

00:03:14

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited