अब शेखर गुप्ता ने राजीव गांधी द्वारा INS विराट के निजी उपयोग पर उनके जवान और शादीशुदा होने का दिया तर्क

शेखर गुप्ता राजीव

जब से प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयानों में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का ज़िक्र करके कांग्रेस को घेरना शुरू किया है, तब से ही पूरी वामपंथी गैंग की साँसे फूली हुई है। यह गैंग अब कैसे भी करके राजीव गांधी द्वारा किए गए सभी कुकर्मों पर पर्दा डालने में लगी है। इस गैंग के प्रमुख सदस्य शेखर गुप्ता भी आजकल ओवरटाइम करके अपने इसी एजेंडे को आगे बढ़ाने में लगे हैं। दरअसल, पिछले दिनों पीएम मोदी ने राजीव गांधी द्वारा नौसेना के निजी इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था। इसके बचाव में उतरे शेखर गुप्ता ने ऐसा बेतुका लॉजिक दिया, कि उन्होंने चाटुकारिता की सारी हदें ही पार कर दीं। उन्होंने राजीव गांधी का बचाव करते हुए कहा कि हमें ध्यान रखना चाहिए कि वे देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री थे जो अपने वैवाहिक जीवन में काफी सक्रिय थे। उनके इस बेहुदा जस्टीफ़िकेशन से उन्होंने चाटुकारिता के मापदण्डों को एक नया आयाम दे दिया है।

शेखर गुप्ता ने ‘द प्रिंट’ में प्रकाशित होने वाले अपने शो में राजीव गांधी का बचाव करते हुए कहा, ‘हमें राजीव गांधी के बारे में एक चीज़ को ध्यान रखना होगा, कि वे भारत के अब तक के सबसे युवा पीएम थे। उनकी पत्नी थी,स्कूल जाने वाले बच्चे थे। हमारे बाकी के प्रधानमंत्री बहुत बूढ़े थे, सिंगल थे.. याद कीजिये नेहरू, इन्दिरा सिंगल थी, वाजपाई जी सिंगल थे, नरसिम्हा राव बहुत बूढ़े थे और सिंगल थे, और पीएम मोदी भी सिंगल हैं। वे देश के एकमात्र प्रधानमंत्री थे जो अपने वैवाहिक जीवन में सक्रिय थे। वे आधुनिक जीवनशैली वाले नेता थे, उनके दोस्त थे, वे पार्टियों में जाते थे, वे छुट्टियाँ बिताते थे। लेकिन हम चाहते हैं कि हमारे प्रधानमंत्री 24 घंटे त्यागी बनकर जीवन बिताएँ’।

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आपको बता दें कि पीएम मोदी ने 8 मई की अपनी दिल्ली की रैली में राजीव गांधी पर हमला करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने देश की रक्षा में तैनात युद्धपोत आईएनएस विराट को अपनी फ़ैमिली वैकेशन के लिए एक ‘टैक्सी’ के तौर पर इस्तेमाल किया। दरअसल, राजीव गांधी के प्रधानमंत्री रहने के दौरान वर्ष 1987 में पूरा गांधी परिवार छुट्टियां मनाने के लिए अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के एक द्वीप बंगाराम पहुंचा था। उनके साथ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के 4 दोस्त, पूर्व सांसद अमिताभ बच्चन और उनकी पत्नी जया बच्चन एवं राजीव गांधी के ससुराल वाले भी थे। गांधी परिवार को युद्धपोत आईएनएस विराट पर अरेबियन सी के बीच से बंगाराम द्वीप पर ले जाया गया था और 10 दिनों तक वह युद्धपोत वहीं खड़ा रहा था। इतना ही नहीं, युद्धपोत के साथ-साथ भारतीय नौसेना की एक सबमरीन को भी वहां मौजूद रहने के निर्देश दिये गए थे। गौरतलब है कि उस वक्त भारतीय नौसेना सबमरीन की भारी कमी से जूझ रही थी, लेकिन इसके बावजूद एक सबमरीन को गांधी परिवार की छुट्टियों को सहूलियत प्रदान करने के लिए लगा दिया गया। इसके अलावा राहुल-प्रियंका गांधी के 4 दोस्तों को द्वीप की सैर कराने के लिए लक्षद्वीप प्रशासनिक द्वारा हेलिकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया गया था।

हालांकि, इन सब तथ्यों को परे रखते हुए शेखर गुप्ता राजीव गांधी का बचाव करने के लिए अपना मनगढ़ंत विचार लेकर सामने आए। शेखर गुप्ता ने यहाँ बड़ी ही चालाकी से मुद्दे को भटकाने की कोशिश की। पीएम मोदी ने कभी राजीव गांधी की छुट्टियों को लेकर कोई सवाल नहीं उठाया बल्कि अपनी छुट्टियों के लिए नौसेना के संसाधनों के दुरुपयोग को लेकर उन्होंने सवाल उठाया था। यहां कांग्रेस को भी एक बात समझने की आवश्यकता है कि अपने एजेंडावादी पत्रकारों और बुद्धिजीवियों की मदद से वह प्रोपेगैंडा फैलाने की कितनी भी कोशिश क्यों ना कर लें, वे सफल नहीं हो पाएंगे क्योंकि, देश के वोटर्स कांग्रेस के इस विवादों से भरे इतिहास से बखूबी वाकिफ हो चुके हैं।

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