TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा

    कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा: खामेनेई की मौत के विरोध में 8 की मौत, कई घायल

    ड्रग्स के खतरे को खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस की बड़ी योजना

    ड्रग्स के खतरे को खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस की बड़ी योजना, झुग्गी बस्तियों और युवाओं की सुरक्षा पर खास फोकस

    NCERT किताब विवाद के बीच केंद्र ने माफी मांगी

    NCERT किताब विवाद के बीच केंद्र ने मांगी माफी , CJI ने काउंसिल पर कड़ा रुख अपनाया

    पीएम कार्नी की भारत यात्रा से पहले कनाडा का संकेत

    पीएम कार्नी की भारत यात्रा से पहले संकेत—कनाडा हिंसक गतिविधियों में भारत की भूमिका नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान ने लागू की ‘डिसेंट्रलाइज्ड मोज़ाइक डिफेंस’

    ईरान ने लागू की ‘डिसेंट्रलाइज्ड मोज़ाइक डिफेंस’: IRGC को 31 स्वायत्त कमांड में बांटकर बदली सैन्य रणनीति

    खाड़ी में बढ़ता टकराव

    खाड़ी में बढ़ता टकराव: ईरान की कार्रवाई से कुवैत, अबू धाबी और बहरीन में अलर्ट

    मिसाइल युग में नौसैनिक युद्ध का नया मोड़

    मिसाइल युग में नौसैनिक युद्ध का नया मोड़: ईरान बनाम अमेरिका अरब सागर में आमने-सामने

    ईरान-इजराइल युद्ध तेज

    ईरान-इजराइल युद्ध तेज: एयरस्ट्राइक, जवाबी मिसाइल हमले और खामेनेई को लेकर बढ़ा सस्पेंस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा

    कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा: खामेनेई की मौत के विरोध में 8 की मौत, कई घायल

    ड्रग्स के खतरे को खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस की बड़ी योजना

    ड्रग्स के खतरे को खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस की बड़ी योजना, झुग्गी बस्तियों और युवाओं की सुरक्षा पर खास फोकस

    NCERT किताब विवाद के बीच केंद्र ने माफी मांगी

    NCERT किताब विवाद के बीच केंद्र ने मांगी माफी , CJI ने काउंसिल पर कड़ा रुख अपनाया

    पीएम कार्नी की भारत यात्रा से पहले कनाडा का संकेत

    पीएम कार्नी की भारत यात्रा से पहले संकेत—कनाडा हिंसक गतिविधियों में भारत की भूमिका नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान ने लागू की ‘डिसेंट्रलाइज्ड मोज़ाइक डिफेंस’

    ईरान ने लागू की ‘डिसेंट्रलाइज्ड मोज़ाइक डिफेंस’: IRGC को 31 स्वायत्त कमांड में बांटकर बदली सैन्य रणनीति

    खाड़ी में बढ़ता टकराव

    खाड़ी में बढ़ता टकराव: ईरान की कार्रवाई से कुवैत, अबू धाबी और बहरीन में अलर्ट

    मिसाइल युग में नौसैनिक युद्ध का नया मोड़

    मिसाइल युग में नौसैनिक युद्ध का नया मोड़: ईरान बनाम अमेरिका अरब सागर में आमने-सामने

    ईरान-इजराइल युद्ध तेज

    ईरान-इजराइल युद्ध तेज: एयरस्ट्राइक, जवाबी मिसाइल हमले और खामेनेई को लेकर बढ़ा सस्पेंस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

370 का हटना, देश के स्वाभिमान और विकास का सूरज उगना

न जाने कितनी आंखें जम्मू-कश्मीर पर लगे इस ग्रहण के समाप्त होने का सपना पाले संसार से चली गयीं, पर अनुच्छेद 370 का जख्म ठीक होने के बजाय नासूर बनता गया

Harish Chandra Srivastava द्वारा Harish Chandra Srivastava
17 August 2019
in मत, राजनीति
370 का हटना, देश के स्वाभिमान और विकास का सूरज उगना

(PC : The Indian Link)

Share on FacebookShare on X

एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संकल्प पूरा हो रहा है। भारत के एकीकरण में जो दृढ़ इच्छाशक्ति लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने दिखाई थी, वैसी ही संकल्पबद्धता एवं साहस भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित भाई शाह ने जम्मू-कश्मीर के अभिशाप अनुच्छेद 370 को समाप्त कर प्रदर्शित किया है।

    महाराजा हरिसिंह द्वारा 26 अक्टूबर, 1947 को बिना शर्त भारत में रियासत का विलय किया गया था। लेकिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर यह आरोप लगते रहे हैं कि वो मजहबी उन्मादियों के नेता शेख अब्दुल्ला के साथ सांठगांठ कर जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग-थलग करने के लिये अनुच्छेद 370 करने का कुचक्र रचने लगे थे। नेहरू पर षडयंत्र का यह आरोप तब और मजबूत होने लगा, जब भारत की सेना कबाइलियों के वेश में आये पाकिस्तानी सेना के हमलावरों से पूरे कश्मीर का एक—एक इंच वापस लेने के लिये विजयी होती हुई आगे बढ़ रही थी, तभी अचानक उन्होंने अकारण ही एकतरफा युद्ध विराम की घोषणा करके जम्मू-कश्मीर को विवादित बताते हुये स्वयं ही संयुक्त राष्ट्र में जाकर जनमत संग्रह कराने की पहल कराने का प्रस्ताव किया और तत्कालीन उपप्रधानमंत्री व गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के राष्ट्रीय एकीकरण की राह में एक तरह से बाधा बनते हुये, कश्मीर का विषय गृह मंत्रालय से छीनकर अपने पास रख लिया।

संबंधितपोस्ट

पीएम कार्नी की भारत यात्रा से पहले संकेत—कनाडा हिंसक गतिविधियों में भारत की भूमिका नहीं

‘अरिहंत’, ‘अरिघात’ और ‘अरिदमन’ — भारत का Undersea Doomsday न्यूक्लियर शील्ड तैयार

AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

और लोड करें

जब नेहरू ने अचानक 17 अक्टूबर, 1949 को संसद में अपने कैबिनेट मंत्री गोपालस्वामी अयंगर से घोषणा करवायी कि वो जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 देना चाहते हैं, तो उन पर आरोप गहरा गया। आनन-फानन में बिना पर्याप्त चर्चा के लिये यह अनुच्छेद पारित कर दिया गया।

बाबा साहब आम्बेडकर पहले ही अनुच्छेद 370 का विरोध करते हुए इसका प्रारूप तैयार करने से मना कर चुके थे। बाबा साहब ने कहा था कि 370 जैसा अनुच्छेद तैयार करना और लागू करना देशद्रोह के समान है किंतु नेहरू नहीं माने और इसका प्रारूप एन. गोपालस्वामी अयंगर से तैयार करवाया। हालांकि नेहरू ने इस अनुच्छेद 370 को लागू करते समय देश को गुमराह करते हुये कहा कि यह अस्थाई है और जब स्थिति सामान्य होगी तो इसे हटा लिया जाएगा, लेकिन जब उन्होंने शेख अब्दुल्ला के साथ मिलकर वर्ष 1952 में अनैतिक समझौता ‘दिल्ली अग्रीमेंट’ करके अलगाववाद को और ईंधन देने वाले अनुच्छेद 35-ए लागू करने की पृष्ठभूमि तैयार की, तो संदेह बढ़ गया कि वो स्वयं ही जम्मू-कश्मीर को शेष भारत से पूर्णतः अलग-थलग करने के षडयंत्रकारी हैं।

   भारतीय जनता पार्टी के पूर्ववर्ती संगठन जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने मुखर विरोध करते हुये कहा कि अनुच्छेद 370 व ‘दिल्ली एग्रीमेंट’ से भारत टुकड़ों में बंट रहा है। डॉ मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर को देश की मुख्यधारा से पृथक करने के इस षडयंत्र के विरुद्ध संघर्ष करने का बीड़ा उठाया। उन्होंने इस अनुच्छेद के विरुद्ध भूख हड़ताल की। एक ध्वज, एक विधान और एक प्रधान के नारे के साथ जब वे इसको समाप्त करने की मांग करते हुये आंदोलन के लिये जम्मू-कश्मीर जा रहे थे, तो केंद्र की नेहरू और राज्य की शेख अब्दुल्ला सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और 23 जून 1953 को हिरासत के दौरान ही उनकी रहस्यमय ढंग से हत्या (संदिग्ध मृत्यु) हो गई। फिर नेहरू ने वर्ष 1954 में अवैध तरीके एक प्रकार से सांसद व देश की जनता से धोखाधड़ी करते हुए अनुच्छेद 35-ए को भारतीय संविधान में जोड़ दिया।

11 सितम्बर, 1964 को आर्यसमाज के नेता व सांसद प्रकाशवीर शास्त्री (ओम प्रकाश त्यागी) ने अनुच्छेद 370 को हटाने का एक प्रस्ताव संसद में प्रस्तुत किया। किंतु तत्कालीन गृहमंत्री गुलजारी लाल नंदा 4 दिसम्बर, 1964 को जवाब में इस विषय को टालते रहे, हालांकि उन्होंने इतना अवश्य कहा कि इस अनुच्छेद में कमियां हैं।

     तब से न जाने कितनी आंखें जम्मू-कश्मीर पर लगे इस ग्रहण के समाप्त होने का सपना पाले संसार से चली गयीं, पर अनुच्छेद 370 का जख्म ठीक होने के बजाय नासूर बनता गया। 70 साल की इस टीस को समाप्त किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने! इस अनुच्छेद को समाप्त करते हुये संसद में अमित शाह ने कहा, ‘यदि 1948 में सेनाओं को छूट दी गई होती तो आज पाक के कब्जे वाला कश्मीर नहीं होता, पूरा कश्मीर ही भारत का अंग होता। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साहस के कारण अनुच्छेद 370 का कलंक हटा है’। साथ ही गृह मंत्री ने स्पष्टता व ढृढ़ता से कहा, ‘मैंने जब भी संसद में जम्मू-कश्मीर की बात की है उसमे हमेशा पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर और अक्साई चिन भी शामिल रहे हैं। नरेंद्र मोदी जी की सरकार इसे छोड़ने वाली नहीं है’।

   पर नेहरू की ऐतिहासिक भूल को सुधारकर जम्मू-कश्मीर को देश के विकास की मुख्यधारा के साथ एकीकृत करने के इस महान कार्य को कांग्रेस, पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस सहित अनेक विपक्षी दल सहन नहीं कर पा रहे हैं। देशहित के इतने बड़े कार्य के विरोध के पीछे इन दलों ने जो कारण बताये हैं, वे अविश्वसनीय हैं, भ्रम उत्पन्न करने वाले हैं। विशेषकर स्वयं को राष्ट्रीय पार्टी कहने वाली कांग्रेस का पाकिस्तान की भाषा बोलना दुर्भाग्यपूर्ण है।

    यह प्रश्न उठता है कि जिस विषय पर पूरा देश सरकार के साथ है, उस पर ये दल जनभावना व जनादेश का अपमान करते हुये विरोध करने का दुस्साहस कैसे कर पा रहे हैं? असल में उनके विरोध के कारण कुछ और हैं। इन कारणों में एक तो यह जान पड़ता है मजहबी आधार पर जम्मू-कश्मीर में जनांकिकीय असंतुलन बनाकर अलगाववाद व आतंकवाद को प्रश्रय देना, दूसरा कुछ परिवारों का भ्रष्टाचार और तीसरा जम्मू-कश्मीर के लोगों को विकास की धारा से दूर रखना, ताकि वे गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, विकासहीनता के दलदल में पड़े रहकर इन परिवारों के लिये वोटबैंक बने रहें और इनके आगे भीख मांगते हुये इनकी गुलामी करते रहें और इनके भ्रष्टाचार की ओर जनता का ध्यान न जाए।

   370 पर चर्चा के समय उत्तर देते हुये लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह जी ने बताया कि वर्ष 2004 से 2019 तक केंद्र सरकार की ओर से इस राज्य को 2 लाख 77 हजार करोड़ रुपये भेजे गये, वर्ष 2011-12 में केंद्र की ओर से देश में जहां प्रति व्यक्ति औसत 3683 रुपये भेजे गये वहीं जम्मू-कश्मीर में प्रति व्यक्ति 14255 रुपये गये, किंतु वहां की जनता आज भी गरीबी, बदहाली, दुर्दिन में जी रही है।

     ये धन कहां, किसकी जेब में गया? क्या ये इस बात की पुष्टि नहीं करता है कि विरोधी अनुच्छेद 370 का कवच आतंकवाद और इसके वित्त पोषण एवं कुछ परिवारों के भ्रष्टाचार को संरक्षण देने के लिये चाहते हैं?

     बात केवल आर्थिक पक्ष की ही नहीं है। यह अनुच्छेद अमानवीय, लोकतंत्र विरोधी तथा महिला, दलित, आदिवासी और गरीब विरोधी भी थी। इस अनुच्छेद के कारण जम्मू-कश्मीर में बाल विवाह निरोधी कानून लागू नहीं कर सकते थे, जैन व बौद्ध अल्पसंख्यकों के लिये अल्पसंख्यक आयोग नहीं बना सकते थे, अनुसूचित जाति व जनजाति के लिये राजनीतिक आरक्षण नहीं दे सकते थे, बच्चों को शिक्षा का अधिकार लागू नहीं कर सकते थे, भूमि अधिग्रहण अधिनियम लागू नहीं कर सकते थे, राज्य में परिसीमन नहीं कर सकते थे, वाल्मीकि समाज के लाखों सफाईकर्मियों को केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं दे सकते थे, उन्हें नागरिकता तक नहीं दी गयी थी, महिलाओं पर परोक्ष रूप से शरीयत लागू करके उनके अधिकार छीन लिये गये थे, राज्य की महिला अपनी इच्छा से राज्य के बाहर विवाह नहीं कर सकती थी।

     यह प्रश्न भी समीचीन है कि जब ऐतिहासिक रूप से केंद्रीय धन का अधिकतम भाग जम्मू-कश्मीर को दिया गया, उसके बाद भी यह बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, रोजगार के अवसर आदि जैसे विकास के कार्यों में क्यों नहीं परिलक्षित हुआ है? राज्य देश के अन्य राज्यों की तरह विकसित क्यों नहीं हो पाया?

    तुष्टीकरण और वोटबैंक की राजनीति करने वाले दलों के लिये 370 के उन्मूलन का विरोध सैद्धांतिक नहीं, अपितु अवसरवादी और पोल खुलने के भय से उपजा है। क्योंकि वे जानते हैं जम्मू-कश्मीर से इस कलंक के समाप्त होने के बाद अब वहां निजी निवेश के द्वार खुल जाएंगे, जिससे वहां विकास की संभावना बढ़ेगी। निवेश में वृद्धि से रोजगार सृजन में वृद्धि होगी और राज्य में सामाजिक-आर्थिक बुनियादी ढांचे में और सुधार होगा। उद्योगों के विकास के लिये निजी लोगों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों से निवेश आएगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। केंद्र की योजनाओं का सीधा लाभ राज्य की जनता को मिलेगा। अब राज्य में विकास, समता व अधिकार का सूरज निकलेगा तो जनता स्वयं फर्क महसूस करेगी और फिर 70 वर्ष तक उन्हें बुनियादी सुविधाओं, अधिकारों और भागीदारी से वंचित करने वालों से जवाब मांगेगी। यही डर विरोधियों को अनुच्छेद 370 के अभिशाप को हटाने का विरोध करने को मजबूर कर रहा है।

-हरीशचंद्र श्रीवास्तव
(लेखक राजनीतिक व सामाजिक विश्लेषक हैं)

Tags: अनुच्छेद 370कश्मीरनेहरूपीएम मोदीभारत
शेयर1ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

बरखा को फ्लाइट में ‘संयोगवश’ एक ‘पीड़ित’ कश्मीरी मिला जिसने अपना ‘दुखड़ा’ रोया, लेकिन वो तो बरखा का ही पुराना साथी निकला

अगली पोस्ट

‘वाह! क्या धोया है’ UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सईद अकबरुद्दीन ने पाकिस्तानियों को धो डाला

संबंधित पोस्ट

कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा
चर्चित

कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा: खामेनेई की मौत के विरोध में 8 की मौत, कई घायल

1 March 2026

रविवार को पाकिस्तान के कराची में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (यूएस कॉन्सुलेट) के बाहर हुई हिंसक झड़पों में कम से कम आठ प्रदर्शनकारियों की मौत...

ड्रग्स के खतरे को खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस की बड़ी योजना
चर्चित

ड्रग्स के खतरे को खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस की बड़ी योजना, झुग्गी बस्तियों और युवाओं की सुरक्षा पर खास फोकस

26 February 2026

दिल्ली पुलिस ने राजधानी को नशामुक्त बनाने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा ने कहा है कि साल 2026 में...

NCERT किताब विवाद के बीच केंद्र ने माफी मांगी
चर्चित

NCERT किताब विवाद के बीच केंद्र ने मांगी माफी , CJI ने काउंसिल पर कड़ा रुख अपनाया

26 February 2026

नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) की किताब को लेकर चल रहे विवाद के बीच, गुरुवार को केंद्र ने माफी मांगी। सॉलिसिटर जनरल...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited