TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

    गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, एस-400 रक्षा प्रणाली होगी प्रदर्शित, 77वीं परेड में ईयू का दल भी होगा शामिल

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम: पंजाब में आरडीएक्स और हथियारों के साथ बब्बर खालसा के आतंकी गिरफ्तार

    बांग्लादेश में बढ़ते संकट पर शेख हसीना की दो टूक

    शेख हसीना का आरोप: अंतरिम सरकार से बांग्लादेश का भविष्य खतरे में

    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

    गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, एस-400 रक्षा प्रणाली होगी प्रदर्शित, 77वीं परेड में ईयू का दल भी होगा शामिल

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम: पंजाब में आरडीएक्स और हथियारों के साथ बब्बर खालसा के आतंकी गिरफ्तार

    बांग्लादेश में बढ़ते संकट पर शेख हसीना की दो टूक

    शेख हसीना का आरोप: अंतरिम सरकार से बांग्लादेश का भविष्य खतरे में

    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जस्टिन ट्रूडो की हार कनाडा के चुनाव में लगभग तय है, और ऐसा होना भी चाहिए

Vikrant Thardak द्वारा Vikrant Thardak
16 September 2019
in विश्व
जस्टिन ट्रूडो कनाडा
Share on FacebookShare on X

इस वर्ष अक्टूबर में कनाडा में चुनाव होने वाले हैं और कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो की स्थिति बेहद कमजोर दिखाई दे रही है। वर्ष 2015 में ट्रूडो की लिबरल पार्टी को लोगों ने अपना समर्थन दिया था और चुनावों में ये पार्टी 338 सीटों में से कुल 184 सीटों पर जीत हासिल करने में सफल हुई थी। आमतौर पर कनाडा को दुनियाभर में एक विकसित इकोनॉमी और व्यवस्थित देश के तौर पर ही जाना जाता था लेकिन ट्रूडो के शासन के पिछले चार सालों के दौरान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कनाडा की छवि को जो नुकसान पहुंचा है, वह शायद ही कभी कनाडा के इतिहास में हुआ हो। विदेश नीति इस बार के कनाडा के चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बनने वाला है, और कनाडा की ट्रूडो सरकार विदेश नीति के मामले में पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई है। पिछले चार सालों के दौरान कनाडा पूरे विश्व में एक हंसी का पात्र बनकर रह चुका है और ट्रूडो ने हर मंच से कनाडा की छवि को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। यही कारण है कि ट्रूडो की लिबरल पार्टी को इन चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ सकता है।

पिछले चार सालों के दौरान कनाडा के चीन, भारत और सऊदी अरब जैसी बड़ी शक्तियों के साथ संबंधों में तनाव देखने को मिला है। इतना ही नहीं, व्यापार नीतियों में मतभेद के कारण कनाडा के अपने पड़ोसी देश अमेरिका के साथ भी रिश्ते कुछ खास नहीं रहे हैं। पिछले कुछ सालों में ट्रूडो की छवि एक ऐसे नेता के तौर पर स्थापित हो चुकी है जो अपनी वामपंथी नीतियों के कारण कनाडा के हितों की रक्षा करने में असफल रहे हैं। सभी बड़े देशों के साथ रिश्ते खराब करके कनाडा की अर्थव्यवस्था भी बेपटरी होने की कगार पर है। हालांकि, ट्रूडो के नेतृत्व वाली कनाडा सरकार का इस ओर ध्यान बिलकुल भी नहीं है।

संबंधितपोस्ट

नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

कनाडा में भारतीय महिला हिमांशी खुराना की हत्या, पार्टनर अब्दुल गफूर फरार

और लोड करें

कनाडा की मुख्य विपक्षी पार्टी ‘कंजरवेटिव पार्टी’ का ट्रूडो पर सबसे बड़ा आरोप यह है कि उन्होंने पिछले चार सालों के दौरान कनाडा की विदेश नीति को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। हुवावे मामले पर कनाडा और चीन के रिश्ते पहले ही खराब हो चुके हैं। दरअसल, अमेरिका के कहने पर कनाडा ने चीन की हुवावे कंपनी के CFO को गिरफ्तार करने का फैसला लिया था जिसका चीन ने कड़ा विरोध किया था। उसके बाद से ही चीन के साथ कनाडा का तनाव बढ़ा हुआ है। इसके बाद कनाडा को चीन में मौजूद अपने राजदूत को भी बर्खास्त करना पड़ा था क्योंकि वह लगातार कनाडा के हितों के खिलाफ काम कर रहा था, लेकिन यह जरूरी कदम उठाने में भी ट्रूडो सरकार ने काफी आनाकानी की थी।

इसी तरह सऊदी अरब ने अपने आंतरिक मामलों में ‘हस्तक्षेप’ का आरोप लगाकर कनाडा के राजदूत को बर्खास्त करने और अपने राजदूत को भी वापस बुलाने की घोषणा की थी। साथ ही सऊदी अरब ने कनाडा के साथ व्यापारिक संबंधों पर भी रोक लगा दी थी। ऐसे ही ट्रूडो भारत के साथ भी अपने रिश्तों को खराब कर चुके हैं।

पिछले वर्ष फरवरी में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो आठ दिवसीय दौरे पर भारत आये थे। उस वक्त मीडिया ने इस बात को प्रकाशित किया था कि भारत में कनाडा के प्रधानमंत्री का गर्मजोशी के साथ स्वागत नहीं हुआ, और उनको भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी तरह नकार दिया। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत अक्सर कनाडा सरकार पर खालिस्तानियों को पनाह देने और उन्हें भारत विरोधी बयान देने के लिए मंच प्रदान करने के आरोप लगाता रहा है। कनाडा के पीएम की भारत की यह यात्रा पूरी तरह विफल साबित हुई थी और इस यात्रा के तुरंत बाद भारत ने कनाडा से आयात होने वाले चनों पर इम्पोर्ट ड्यूटी को बढ़ा दिया था। इसके बाद कनाडा की विपक्षी पार्टियों ने भारत जैसी भावी आर्थिक महाशक्ति के साथ रिश्ते ख़राब करने के लिए ट्रूडो को अपने निशाने पर लिया था।

जस्टिन ट्रूडो को केवल उनकी विदेश नीति के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर उनकी नीतियों के लिए भी आलोचना का सामना करना पड़ा है। दरअसल, ट्रूडो पर धार्मिक उग्रवाद का पक्ष लेने का आरोप लगता रहा है। वो बार-बार धार्मिक अतिवाद के प्रचारकों पर कार्रवाई करने में विफल रहे हैं। जस्टिन खुद को कनाडाई राजनीति का नया चेहरा कहते हैं जो आतंकवाद के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से हिचकिचाते हैं। ट्रूडो ने के एक बार कहा था– “ISIS से जो लोग कनाडा लौट रहे हैं उन्हें इस्लामिक आतंकवादी का टैग न दें। उन्हें ISIS सेनानियों के रूप में संबोधित किया जाना चाहिए’। दरअसल, जस्टिन ट्रूडो अपने तर्क से इस बात की ओर इशारा करना चाहते थे कि आईएसआईएस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मान्यता प्राप्त राज्य है, कम से कम उसे कनाडाई राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त है और इसीलिए ISIS भर्तियों के साथ सैनिकों की तरह व्यवहार किया जाए न कि आतंकवादियों की तरह। ये कहने की जरूरत नहीं है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उनके इस निराशाजनक दृष्टिकोण ने उन्हें कनाडा की राजनीति में नफरत फैलाने वाले के तौर पर चित्रित किया है।

अब कनाडा में चुनाव होने वाले हैं और कनाडा की विपक्षी पार्टी चुनावों में इसे बड़ा मुद्दा बना रही है। विपक्षी नेता एंड्रयू शीर आरोप लगा रहे हैं कि ट्रूडो कनाडा को विश्वपटल पर एक महत्वपूर्ण देश के तौर पर स्थापित करने के वादे के साथ सत्ता में आये थे, लेकिन ट्रूडो सरकार ने चीन और भारत जैसे देशों के साथ कनाडा के रिश्तों को ख़राब कर दिया है। कनाडाई पीएम की लिबरल पार्टी को इन चुनावों में हार मिलना तय माना जा रहा है और ऐसे में अब कनाडाई पीएम की नाकामियों को छुपाने के लिए जस्टिन ट्रूडो के साथी जेराल्ड बट्स अपना एजेंडा आगे बढ़ाने में लगे हैं। ट्रूडो के साथी लेखक जेराल्ड बट्स ने अपनी किताब में यह लिखा है कि कनाडाई पीएम की भारत की विफल यात्रा की दोषी भारतीय सरकार ही थी और उसमें कनाडा सरकार का कोई दोष नहीं था। खैर, कनाडा की जनता भी लिबरल पार्टियों की नीतियों से तंग आ चुकी है और इस बात की पूरी उम्मीद है कि वैश्विक स्तर पर दक्षिण पंथ की ओर झुकाव के दौर में कनाडा में भी हमें जल्द ही दक्षिणपंथी सरकार देखने को मिल सकती है और यह कनाडा के लिए भी अच्छा होगा।

Tags: कनाडाजस्टिन ट्रूडो
शेयर3ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मुस्लिमों के सबसे बड़े ‘मसीहा’ इमरान खान को आज तक नहीं पता कि ‘कौन हैं उइगर मुस्लिम’

अगली पोस्ट

बिलियर्ड्स में देश का सिर ऊंचा करने वाले पंकज आडवाणी, 22 वर्ल्ड टाइटल जीते, अब भी भूख बरकरार

संबंधित पोस्ट

तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है
चर्चित

डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

23 January 2026

किसी मनुष्य का आग में जल जाना ऐसा दृश्य है जिसकी आँच इतनी भयावह और तीव्र होती है कि वह सरकार की सबसे सख्त सेंसरशिप...

W’, एलोन मस्क के X को चुनौती
AMERIKA

यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

23 January 2026

यूरोप जल्द ही एक नए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘W’ का स्वागत करने को तैयार है, जिसे एलोन मस्क के X का विकल्प बनाने के लिए...

भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति
राजनीति

नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

23 January 2026

पिछले कुछ वर्षों में, दुनिया ने पश्चिम और उभरती ताकतों जैसे भारत के बीच बढ़ते तनाव को देखा। दशकों तक, अमेरिका और यूरोप के नेतृत्व...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited