'मृत अर्थव्यवस्था' में भारी निवेश! राहुल गांधी की बातों पर खुद ही भारी पड़े आंकड़े
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘मृत अर्थव्यवस्था’ में भारी निवेश! राहुल गांधी की बातों पर खुद ही भारी पड़े आंकड़े

राहुल गांधी भारत को 'मृत अर्थव्यवस्था' कहते हैं, फिर भी शेयर बाजार और म्युचुअल फंडों में लगा रखे हैं ₹10 करोड़, एक साल में ही 29 प्रतिशत का रिटर्न भी मिला

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
1 August 2025
in अर्थव्यवस्था, राजनीति
'मृत अर्थव्यवस्था' में भारी निवेश! राहुल गांधी की बातों पर खुद ही भारी पड़े आंकड़े

राहुल गांधी ने मृत अर्थव्यवस्था से पाया 29 प्रतिशत लाभ।

Share on FacebookShare on X

राहुल गांधी ने कहा है कि “भारतीय अर्थव्यवस्था मृत है”, यह बयान सीधे ट्रंप की रणनीति से उधार लिया गया लगता है। अब उनके इस नाटकीय दावे के पीछे एक चौंकाने वाला विरोधाभास भी छिपा है। उसी “मृत अर्थव्यवस्था” ने उन्हें अमीर भी बना दिया है। उनके अपने चुनावी हलफनामे के अनुसार, राहुल गांधी की लगभग ₹10 करोड़ की संपत्ति भारतीय शेयर बाजारों और म्यूचुअल फंडों में निवेश है। इन निवेशों ने उन्हें एक साल से भी कम समय में 29% का चौंका देने वाला रिटर्न दिया है। अगर भारत की अर्थव्यवस्था सचमुच बेजान होती, तो इसके सबसे मुखर आलोचकों में से एक इतना मुनाफा कैसे कमा रहा है? यह सिर्फ़ पाखंड नहीं, कांग्रेस के गहरे दोहरे मानदंडों का मामला है।

हलफ़नामा बताता है अलग ही कहानी

अप्रैल 2024 में, संसदीय चुनावों के दौरान, राहुल गांधी ने संपत्ति के विवरण वाले हलफ़नामे के साथ अपना नामांकन पत्र जमा किया। दस्तावेज़ से पता चलता है कि उनके पास ₹9.25 करोड़ की चल संपत्ति है, जिसका 90% हिस्सा म्यूचुअल फंड और कंपनी के शेयरों जैसे बाज़ार से जुड़े उपकरणों में निवेश की गई है। उनकी अचल संपत्ति, विरासत में मिली और स्व-अर्जित दोनों की कीमत ₹11 करोड़ से अधिक है। दिलचस्प बात यह है कि जहां उनके सार्वजनिक भाषणों में अक्सर भारतीय अर्थव्यवस्था को “निष्क्रिय” या “मृत” बताया जाता है, वहीं उनके वित्तीय खुलासे एक बिल्कुल अलग कहानी बयां करते हैं। उसी बाज़ार में उनके विश्वास की कहानी, जिसका वे मज़ाक उड़ाते हैं।

संबंधितपोस्ट

दुनिया ने कहा ‘हीरो’, विपक्षी नेताओं की चुप्पी क्यों? कैप्टन स्मित मच्छार पर राहुल-अखिलेश से सवाल

कांग्रेस के 150 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने के दावे पर सपा का तंज, IP सिंह ने पूछा- अकेले 403 सीटों पर क्यों नहीं लड़ते?

अजीत डोभाल को लेकर कांग्रेस के आरोप तेज, बीजेपी ने राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थानों पर सवाल उठाने का लगाया आरोप

और लोड करें

मृत अर्थव्यवस्था में ₹8.14 करोड़ से ₹10.5 करोड़ तक?

मार्च 2024 में, राहुल गांधी के शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश की कीमत ₹8.14 करोड़ थी। आज, इनका अनुमानित मूल्य ₹10.5 करोड़ है, जो सिर्फ़ एक साल से थोड़े ज़्यादा समय में 29% का रिटर्न दर्शाता है। ये मुनाफ़ा विदेशी कर-मुक्त देशों या गुप्त स्विस खातों से नहीं, बल्कि उसी भारतीय अर्थव्यवस्था से हुआ है जिसकी वह निंदा करते हैं। उनके सबसे ज़्यादा शेयरों में टाइटन, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, नेस्ले इंडिया और आईटीसी जैसी ब्लू-चिप कंपनियां शामिल हैं। इनमें से कई शेयरों ने मोदी सरकार के आर्थिक नेतृत्व में दोहरे अंकों में वृद्धि दर्ज की है। यह एक बुनियादी सवाल खड़ा करता है कि अगर अर्थव्यवस्था सचमुच उतनी ही “मृत” थी, जितना राहुल दावा करते हैं, तो क्या यह वाकई उनके पोर्टफोलियो में इतनी नाटकीय रूप से जान डाल पाती?

लाभ कमाने के बाद भी निंदा क्यों?

राहुल गांधी के सार्वजनिक संदेश अक्सर भारत की आर्थिक स्थिति के बारे में निराशा और निराशा से भरे रहे हैं। उन्होंने बेरोज़गारी, मुद्रास्फीति और संस्थागत पतन के बारे में बात की है। लेकिन, बाज़ार के मज़बूत प्रदर्शन या भारत की मज़बूत आर्थिक वृद्धि की वैश्विक मान्यता को स्वीकार करने में विफल रहे हैं। यह तब और भी पाखंडपूर्ण हो जाता है, जब वह अपने बाज़ार निवेश को बनाए रखते और बढ़ाते रहते हैं। चुपचाप उसी व्यवस्था का फ़ायदा उठाते हैं, जिसकी वे सार्वजनिक रूप से निंदा करते हैं। उनकी बयानबाज़ी और उनकी निजी वित्तीय रणनीति के बीच यह ज़बरदस्त अंतर कांग्रेस पार्टी के दोहरे चरित्र को उजागर करता है। वह भी केवल अर्थशास्त्र के मामले में नहीं, समग्र रूप से भारतीय संस्थाओं पर भरोसे के मामले में भी।

लंबा रहा है कांग्रेस के पाखंड का इतिहास

कांग्रेस पार्टी लंबे समय से पूंजीवाद, शेयर बाजारों और कॉर्पोरेट क्षेत्र के खिलाफ बोलती रही है। वह अक्सर खुद को गरीब-समर्थक, समाजवादी विकल्प के रूप में पेश करती रही है। लेकिन, राहुल गांधी का निवेश पोर्टफोलियो कुछ और ही कहानी बयां करता है। न केवल उनके पास शेयरों और म्यूचुअल फंडों में ₹8 करोड़ से ज़्यादा निवेश हैं, बल्कि उनकी सबसे ज़्यादा हिस्सेदारी भारत की सबसे भरोसेमंद कॉर्पोरेट दिग्गज कंपनियों में है, जो बाजार-समर्थक नीतियों के तहत फली-फूली हैं। यह दोहरा रवैया एक जनता के लिए और दूसरा निजी फायदे के लिए कोई नई बात नहीं है। यह बस एक और याद दिलाता है कि कैसे कांग्रेस का तंत्र जनता से एक बात कहता है, जबकि चुपचाप उन सुधारों का लाभ उठाता है।

असली सवाल: जिसे आप ‘मृत’ कहते हैं, उसमें निवेश क्यों?

अगर भारत की अर्थव्यवस्था उतनी ही जर्जर है जितना राहुल गांधी दावा करते हैं, तो उन्होंने इसमें लगभग ₹10 करोड़ क्यों निवेश किए हैं? उन्होंने भारतीय इक्विटी और म्यूचुअल फंड से अपना पैसा क्यों नहीं निकाला? सच्चाई सीधी है, राहुल गांधी अपनी बात पर ही अमल नहीं करते। वह मंच पर “मोदी-नॉमिक्स” की आलोचना करते हैं, जबकि उनकी दौलत चुपचाप बढ़ती जा रही है। मोदी सरकार के नेतृत्व में भारतीय अर्थव्यवस्था न सिर्फ़ जीवंत है, बल्कि फल-फूल रही है। अगर राहुल गांधी भी इस पर करोड़ों रुपये का भरोसा करते हैं, तो शायद अब समय आ गया है कि कांग्रेस उन झूठी कहानियों को फैलाना बंद करे, जो उनके अपने नेता के बैंक खाते से ही गलत साबित हो जाती हैं।

Tags: CongressDead Economyelection affidavitinvestmentRahul Gandhiकांग्रेसचुनावी हलफनामानिवेशमृत अर्थव्यवस्थाराहुल गाँधी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पाकिस्तान जरूरत के 25% ऊर्जा पर चलने वाला ‘भिखारी राष्ट्र’: निशिकांत दुबे

अगली पोस्ट

तुर्की को पाकिस्तान का साथ देना पड़ा भारी- भारत के पर्यटन बहिष्कार से तुर्की में टूरिज्म सीज़न चौपट, 37% कम आए टूरिस्ट

संबंधित पोस्ट

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?
चर्चित

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

3 October 2026

अमेरिका के ओहायो में एक हिंदू मंदिर पर दिनदहाड़े ईंटों से हमला सिर्फ मंदिर की खिड़कियां टूटने की घटना नहीं है। यह उस डर को...

BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।
चर्चित

पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

3 October 2026

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले BJP अब अपनी सबसे बड़ी कमजोरी पर सीधा हमला करने की तैयारी में है। पार्टी का नया फोकस सिर्फ...

भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि
चर्चित

भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

28 September 2026

देश के महान क्रांतिकारी और शहीद भगत सिंह की जयंती पर रविवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited