TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

पश्चिमी दुनिया के दो बड़े देशों में गूंजी ‘हिंदू जागेगा तो विश्व जागेगा’ की यह गूंज अंततः भारत की उसी प्राचीन चेतना की ओर लौटती है, जहाँ संसार को अलग-अलग खेमों में नहीं, बल्कि एक विस्तृत परिवार के रूप में देखने की कल्पना की गई थी।

Dr. Mahender द्वारा Dr. Mahender
3 September 2026
in मत, विश्व
मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' कार्यक्रम को संबोधित किया था

Share on FacebookShare on X

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत सरसंघचालक मोहन भागवत वैश्विक प्रवास पर हैं। इस अभियान के तहत उन्होंने अमेरिका और कनाडा का दौरा किया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी भाग लिया। इस दौरान उन्होंने न्यूयॉर्क और फिर टोरंटो में लोगों को संबोधित किया। इन संबोधनों में मोहन भागवत की आवाज में एक ऐसे हिंदुत्व का स्पंदन हुआ, जिसे केवल भारत की राजनीतिक सीमाओं में बाँधकर नहीं देखा जा सकता। यह हिंदुत्व अपनी जड़ों से जुड़ने का आग्रह करता है, लेकिन अपनी दृष्टि को केवल स्वयं तक सीमित नहीं करता। यह अपनी पहचान के प्रति सजग रहते हुए दूसरे की पहचान के सम्मान की बात करता है। यही कारण है कि न्यूयॉर्क और कनाडा में उनके संबोधनों का केंद्रीय भाव मानवता की एकता और विविधता के सहअस्तित्व के रूप में सामने आया।

न्यूयॉर्क के ‘वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम में उन्होंने हिंदू जीवनदृष्टि को समझाने के लिए मानवता की एकता को केंद्र में रखा। उन्होंने कहा कि धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन मानवता एक है। उनके अनुसार सत्य एक है, उसे समझने और व्यक्त करने के मार्ग अलग-अलग हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विविधता प्रकृति का नियम है, जबकि उसके भीतर की एकता मूल सत्य है।

संबंधितपोस्ट

स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय को करेंगे संबोधित, मेयर जोहरान ममदानी ने जताया विरोध

और लोड करें

यह बात सामान्य लग सकती है, लेकिन हिंदुत्व के वैश्विक विमर्श में इसका विशेष महत्त्व है। पश्चिमी राजनीतिक विमर्श में ‘हिंदुत्व’ शब्द को अक्सर राजनीतिक चश्में से देखा जाता रहा है।

मोहन जी ने न्यूयॉर्क के मंच से उसे एक अलग वैचारिक धरातल पर रखने का प्रयास किया। उनके लिए हिंदुत्व का अर्थ किसी एक पूजा पद्धति, भाषा अथवा जीवन शैली तक सीमित नहीं है। टोरंटो में उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू की पहचान किसी विशेष भाषा, पूजा पद्धति या जीवन शैली से निर्धारित नहीं होती। हिंदू दृष्टि विविधताओं को स्वीकार करती है और उनके भीतर एकता को देखती है। उनके अनुसार स्वयं को हिंदू कहने के लिए यह स्वीकार करना आवश्यक है कि सभी मार्ग एक ही लक्ष्य की ओर जा सकते हैं और प्रत्येक मनुष्य की गरिमा समान है।

यह कथन हिंदुत्व की उस व्याख्या को सामने रखता है जिसमें ‘अपना’ और ‘पराया’ का विभाजन अंतिम सत्य नहीं है। अपनी पहचान को बचाए रखना और दूसरे की पहचान का सम्मान करना परस्पर विरोधी नहीं हैं। बल्कि

मोहन जी के संदेश में दोनों एक साथ चलते दिखाई देते हैं। उनकी बात का दूसरा महत्त्वपूर्ण पक्ष यह था कि विविधता को मिटाना नहीं है, उसे स्वीकार करना है। दुनिया में मनुष्य अलग-अलग दिखाई देते हैं, उनकी भाषाएँ अलग हैं, उनकी पूजा पद्धतियाँ अलग हैं, उनके संस्कार अलग हैं, लेकिन इस बाहरी विविधता के पीछे मनुष्य की एकता है। यही विचार भारत की प्राचीन सभ्यतागत चेतना के ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ से जुड़ता है। न्यूयॉर्क में जहाँ ‘एक विश्व, एक मानवता’ का संदेश सामने आया, वहीं कनाडा में ‘हिंदू विश्व बंधु’ का स्वर सुनाई दिया।

मोहन जी का संदेश केवल सांस्कृतिक गौरव तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने हिंदू समाज के सामने एक बड़ी जिम्मेदारी भी रखी। यदि हिंदू समाज स्वयं को जागृत, संगठित और अपनी सभ्यतागत चेतना से परिचित करता है, तो उसका परिणाम केवल हिंदू समाज के लिए नहीं, बल्कि व्यापक मानवता के लिए होना चाहिए। कनाडा में मोहन जी ने भारत की परंपरा को दूसरों की सहायता करने और मानवता की सेवा से जोड़ा। उन्होंने भारत को ऐसी सभ्यता के रूप में प्रस्तुत किया जिसकी दृष्टि दुनिया पर प्रभुत्व स्थापित करने की नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण में योगदान देने की रही है। उन्होंने भारत के ‘विश्वगुरु’ बनने की बात को भी महाशक्ति बनने की आकांक्षा से अलग रखा।

यहाँ ‘विश्वगुरु’ शब्द को केवल राजनीतिक नारे के रूप में देखना इस विचार की व्यापकता को सीमित कर देगा। यदि भारत को विश्व को कुछ देना है तो वह केवल आर्थिक मॉडल या तकनीकी उपलब्धियाँ नहीं हो सकतीं। भारत के पास एक ऐसी सभ्यतागत दृष्टि भी है, जो मनुष्य को प्रकृति से अलग नहीं मानती, विविधता को संघर्ष का कारण नहीं मानती और जीवन को केवल भौतिक उपलब्धियों से नहीं मापती।

मोहन जी के कनाडा संबोधन में यही भाव उभरता है कि भारत का उदय यदि केवल शक्ति के रूप में होता है तो वह अधूरा होगा। भारत का उदय तभी सार्थक होगा जब उसके साथ मानवता अधिक एकजुट और अधिक स्वतंत्र हो।

इस दृष्टि से हिंदुत्व का वैश्विक संदेश विरोधाभास की जगह ‘समन्वय’ का है अर्थात् पहचान भी रहे और समावेश भी हो। परंपरा भी रहे और आधुनिकता से संवाद भी हो। राष्ट्र के प्रति निष्ठा भी हो और विश्व के प्रति उत्तरदायित्व भी।

वास्तव में विदेश में रहने वाला भारतीय दो संस्कृतियों के बीच नहीं, बल्कि कई स्तरों पर अपनी पहचान का निर्माण करता है। उसकी जन्मभूमि भारत है, उसकी कर्मभूमि कोई दूसरा देश हो सकता है और उसका सामाजिक जीवन उस देश की व्यवस्था तथा संस्कृति से जुड़ा होता है। ऐसे में प्रश्न यह है कि क्या अपनी जड़ों से जुड़े रहना और अपने वर्तमान समाज के प्रति निष्ठावान रहना एक साथ संभव है? मोहन जी के संदेश का उत्तर स्पष्ट रूप से ‘हाँ’ में दिखाई देता है। अपनी सभ्यतागत पहचान को बनाए रखना दूसरे समाज से दूरी बनाने के समान नहीं है। बल्कि अपनी पहचान में आत्मविश्वास व्यक्ति को दूसरे की पहचान का सम्मान करना भी सिखा सकता है। यही कारण है कि उनके संदेश में ‘हिंदू जागरण’ का अर्थ किसी दूसरे के विरुद्ध खड़ा होना नहीं, बल्कि स्वयं को पहचानना और समाज के प्रति अपने दायित्व को समझना है।

न्यूयॉर्क और कनाडा की यात्रा का सबसे महत्त्वपूर्ण पक्ष शायद यही है कि यहाँ हिंदुत्व की चर्चा भारत से बाहर, उन समाजों के बीच हुई जहाँ अनेक रिलिजन, संस्कृतियाँ और सभ्यताएँ साथ रहती हैं। इसलिए वहाँ हिंदुत्व की कोई भी व्याख्या केवल भारतीय संदर्भ तक सीमित नहीं रह सकती।

मोहन जी ने जिस हिंदुत्व को प्रस्तुत किया, उसमें विविधता के लिए स्थान है। उसमें मानव गरिमा के लिए स्थान है। उसमें सेवा का भाव है। उसमें अपनी सभ्यतागत पहचान के प्रति गौरव है और साथ ही दूसरे के अस्तित्व के प्रति सम्मान भी है। न्यूयॉर्क में उन्होंने जिस ‘एक मानवता’ की बात की, कनाडा में वही विचार ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और सेवा के रूप में आगे बढ़ता दिखाई दिया।

इसलिए न्यूयॉर्क से कनाडा तक मोहन जी की यात्रा को केवल एक संगठन के प्रमुख की विदेश यात्रा के रूप में देखना पर्याप्त नहीं होगा। यह उस वैचारिक प्रश्न को वैश्विक मंच पर रखने का अवसर भी था कि क्या अपनी सांस्कृतिक पहचान को बचाए रखते हुए पूरी मानवता को एक परिवार माना जा सकता है? और मोहन जी का उत्तर है कि यही वास्तविक हिंदू दृष्टि की विशेषता है।

इसी अर्थ में मोहन जी के शब्दों में न्यूयॉर्क से कनाडा तक हिंदुत्व का वह स्पंदन सुनाई दिया, जो कहता है कि अपनी जड़ों को पहचानो, अपनी पहचान पर गर्व करो, विविधता का सम्मान करो और अपनी शक्ति का उपयोग केवल अपने लिए नहीं, समस्त मानवता के कल्याण के लिए करो। भारत से हजारों किलोमीटर दूर, पश्चिमी दुनिया के दो बड़े देशों में गूंजी ‘हिंदू जागेगा तो विश्व जागेगा’ की यह गूंज अंततः भारत की उसी प्राचीन चेतना की ओर लौटती है, जहाँ संसार को अलग-अलग खेमों में नहीं, बल्कि एक विस्तृत परिवार के रूप में देखने की कल्पना की गई थी। यही “वसुधैव कुटुम्बकम्” का भारतीय चिंतन है और यही सर्वे भवन्तु सुखिनः का भाव।

Tags: ‘100 वर्ष की संघ यात्रा- नए क्षितिज’100 Years of RSSMadison Square GardenNagpur to New YorkUniversal Onenessआरएसएसआरएसएस चीफ मोहन भागवतमोहन भागवतमोहन भागवत का संदेशयूनिवर्सल वननेससंघ प्रमुख मोहन भागवत
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

अगली पोस्ट

अंतरिक्ष में भारत की तीसरी आंख: 36 हजार किमी ऊपर से देश के कोने-कोने पर चौबीसों घंटे नज़र, जानिए क्यों है यह इतना खास

संबंधित पोस्ट

भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर
विश्व

भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

9 October 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने भारतीय IT कंपनियों और विदेशी पेशेवरों के खिलाफ सख्ती बढ़ाई, तो भारत ने भी अपनी बात स्पष्ट...

The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है
विश्व

The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

21 September 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले को Truth Social पर चांद की तस्वीर के साथ लिखा—“The Moon Is Ours”। तस्वीर में चांद की...

BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping
अर्थव्यवस्था

BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

12 September 2026

क्या डॉलर की पकड़ कमजोर हो रही है?  यह सवाल पिछले कुछ समय से वैश्विक आर्थिक बहस के केंद्र में है। BRICS देशों की बढ़ती...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Why Is the World Buying India’s Akash Missile System? Who’s Next in Line? | Armenia | Make in India

Why Is the World Buying India’s Akash Missile System? Who’s Next in Line? | Armenia | Make in India

00:04:19

Inside India’s Most Famous Fighter Squadrons: Their Wars, Jets & Legacy | IAF | AirForceDay

00:05:58

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited