दंगाईयों को पनाह देने से लेकर, अफसरों को मारने तक- कैसे ताहिर हुसैन के कारण धू-धू जली दिल्ली

ताहिर हुसैन

PC: Zee News

दिल्ली के चांदबाग इलाके में हुई हिंसा और भड़कने वाले दंगे इस बात की चीख-चीखकर गवाही दे रही है कि जिस वक्त चांदबाग में हिंसा हुई तब आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन घटनास्थल पर उपस्थित थे और दिल्ली को अस्थिर करने की साजिश को अंजाम दे रहे थे। यही शख्स खुफिया एजेंसी (Intelligence Bureau) के सुरक्षा सहायक अंकित शर्मा की हत्या में शामिल है। हालांकि, अब अंकित शर्मा की पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। अंकित शर्मा के पिता द्वारा दायर याचिका के अनुसार ताहिर हुसैन के विरुद्ध आईपीसी की धारा 302 के अंतर्गत एफ़आईआर दर्ज किया गया है।

बता दें कि दिल्ली के दंगों के दौरान अंकित शर्मा का मृत शरीर नाले में से निकाली गयी थी, और पोस्ट्मॉर्टेम के दौरान बहुत ही भयावह डिटेल्स सामने आई है। Autopsy रिपोर्ट के अनुसार अंकित शर्मा के शरीर के एक भी हिस्से को नहीं छोड़ा गया था। फोरेंसिक डॉक्टरों ने कहा था कि उन्होंने ऐसा भयावह मंज़र अपनी ज़िंदगी में नहीं देखा होगा। रिपोर्ट के अनुसार शरीर में ‘बहुत ही गहरे घाव थे, जो नुकीले वस्तुओं से किया गया होगा’।

कई लोगों की गवाही और स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व पार्षद मुहम्मद ताहिर हुसैन का इस जघन्य अपराध में हाथ है। आरोप है कि उसके घर से गोलियां चल रही थीं और पेट्रोल बॉम्ब भी फेंके जा रहे थे। अंकित शर्मा के परिजनों के अनुसार, “आम आदमी पार्टी के नेता के घर से अनवरत गोलियां चलायी जा रही थी। उनके पास तलवार और पेट्रोल बॉम्ब भी थे। उसी नेता के लड़के हमारे अंकित को घसीटते हुए ले गए। अंकित भीड़ में फंसे लोगों को बचाने की कोशिश कर रहा था, तो उसे भी घसीटते हुए ले गए, और मार डाले”।

इस क्षेत्र के लोगों के अनुसार अंकित शर्मा और तीन अन्य लोगों को ताहिर हुसैन के घर में घसीटते हुए ले जाने की पुष्टि की गयी। अभी बाकी तीन लोगों का कोई पता नहीं चला है, जबकि अंकित के अवशेष मिल चुके थे। इसमें कोई दो राय नहीं है कि ताहिर हुसैन बुरी तरह फंस चुके हैं। दंगाइयों की भीड़ इसी व्यक्ति के घर पर इकट्ठा हुई थी और वहाँ पर पेट्रोल बॉम्ब से भरे क्रेट के साथ पहुंची थी।

वहीं, AAP पार्षद ताहिर हुसैन ने इसे खुद को बदनाम करने की साजिश करार दिया है। हालांकि, ऐसे अनगिनत सवाल हैं जो ताहिर और आम आदमी पार्टी के झूठ को बेनकाब करने के लिए काफी हैं। ताहिर हुसैन का कहना है कि “मैं AAP पार्षद ताहिर हुसैन आप सबको बताना चाहता हूं जो भी खबर मेरे बारे में चलाई जा रही है, दिखाई जा रही है वो सरासर गलत है। गंदी राजनीति के चलते मुझे बदनाम किया जा रहा है, घसीटा जा रहा है।” पर ऐसा कौन कर रहा है? अब सवाल तो ये भी उठता है कि आप एक पार्षद हैं, भड़के हुए लोगों को शांत करवाने की बजाय अपने कर्तव्य से मुंह मोड़कर भाग गये ? और गर नहीं भागे तो भड़काने के लिए खुद डंडा थाम लिया?

Tahir हुसैन के घर से हथियारों का जो जखीरा, पत्थर और अन्य सामान मिले हैं उसे देखकर तो स्पष्ट है कि इन्हें योजना के तहत एकत्रित किया गया था। और जब उन्हें इस बात की सूचना थी कि उनके घर में कुछ बदमाश घुसने वाले हैं, और इस घटना को अंजाम देने वाले हैं तो उन्होंने पुलिस से तुरंत संपर्क क्यों नहीं किया? और वो छत पर दंगाइयों के साथ डंडा लेकर क्या कर रहे थे?

ताहिर हुसैन से जुड़ी एक वीडियो भी वायरल हुई है, जिसमें ताहिर हुसैन के घर की छत पर इन आतंकियों को तांडव करते हुए देखा जा सकता है। एक व्यक्ति ने तो ताहिर पर लोनी, गाज़ियाबाद से हथियारों का जखीरा लाने का आरोप भी लगाया है। एक और हृदयविदारक वीडियो में सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे अंकित शर्मा के शव को इन आतंकियों ने बड़ी बेदर्दी से सीवर में फेंक दिया था।

https://twitter.com/indiantweeter/status/1232926188638633984?s=20

ऐसे कई सबूत और वीडियो सामने आये हैं जो ताहिर हुसैन के खिलाफ हैं, परंतु नीचता की सभी हदें पार करते हुए वामपंथी मीडिया और बॉलीवुड की कई सितारे  इस जघन्य अपराध के आरोपी को भी बचाने पर उतर आए हैं। आम आदमी पार्टी ने कहने को ताहिर की प्राथमिक सदस्यता रद्द की है, परंतु अमानतुल्लाह खान के ट्वीट से स्पष्ट हो जाता है कि वे वास्तव में कितने गंभीर है। अमानतुल्लाह के ट्वीट के अनुसार ताहिर को भाजपा वालों ने फंसाया है, और ये भाजपा की साजिश है –

जावेद अख्तर ट्वीट करते हैं, “बहुत से लोग मारे गए, बहुत से घायल हुए, कई घर जलाए गए, कई दुकानें लूटी गईं लेकिन पुलिस ने केवल एक घर को सील किया और उसके मालिक की तलाश में लगी हुई है। संयोग से उसका नाम ताहिर है। दिल्ली पुलिस की निरंतरता को सलाम है।”

इस  तरह से एक अपराधी का बचाव तो शायद केवल जावेद अख्तर ही कर कर सकते हैं।

परंतु कल ताहिर हुसैन एक वीडियो के साथ सामने आए, जिसमें  उसने दावा किया कि कैसे हिंसक भीड़ ने उसके घर पर कब्जा कर लिया है। इस वीडियो को हिंसा के दौरान शूट किया गया लगता है। परंतु अगर ध्यान से देखा जाये, तो लगता है कि ये वीडियो ग्रीन स्क्रीन तकनीक से शूट किया गया था, जिससे साफ पता चलता है कि ताहिर हुसैन अपने आप को बचाने के लिए किस हद तक जा सकता है। इस वीडियो की सच्चाई से @pokershash ने सभी को अवगत कराते हुए एक लंबा थ्रेड पोस्ट किया, जिसमें उसने ताहिर हुसैन की पोल खोल के रख दी,

वामपंथी अब जितना भी बचाव कर लें, वे इस तथ्य को नहीं झुठला सकते हैं कि ताहिर हुसैन एक बर्बर अपराधी है जिसने दिल्ली में इस हद तक हिंसक प्रदर्शनों को अंजाम दिया और अब उसे पकड़ने में सुरक्षा एजेंसियों को ज़रा भी विलंब नहीं करना चाहिए और इस मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए।

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