क्या ओवैसी द्वारा अमूल्या लियोना को रोकना उनके PR स्टंट का हिस्सा था?

पाकिस्तान

PC: ThePrint

भारत के मुस्लिम समुदाय के सबसे बड़े नेताओं में से एक ओवैसी साहब की रैली चल रही होती है और तभी एक लड़की स्टेज पर आती है, माइक हाथ में लेती है और चिल्लाती है ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद!’ बस फिर क्या था, ओवैसी तुरंत हाथ पैर मारते हुए स्टेज पर आते हैं और उस लड़की को ऐसा करने से रोकते हैं।

अपने आप को वे जूझता हुआ दिखाते हैं, मानों उनके लिए पाकिस्तान ज़िंदाबाद सुनने से बड़ा और कोई पाप नहीं हो सकता। मीडिया में वे देखते ही देखते हीरो बन जाते हैं और फिर ओवैसी साहब बयान देते हैं कि उनकी रैली में ये सबकुछ नहीं चलेगा और वे उस लड़की की भर्त्सना करते हैं।

https://twitter.com/rose_k01/status/1230541680585080838?s=20

अगर ध्यान से देखा जाये तो एक ही दिन में वे मीडिया के साथ-साथ करोड़ों लोगों के चहेते बन गए। ओवैसी अक्सर अपने कट्टरवादिता को बढ़ावा देने वाले और भड़काऊ बयानों के लिये जाने जाते हैं, और कई बार तो उनपर पाकिस्तान की भाषा बोलने के आरोप भी लगते रहते हैं, लेकिन उनका इस तरह खुलकर पाकिस्तान के नारे का विरोध करना कई लोगों के दिल में घर कर गया। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि कहीं ओवैसी ने अपने इसी पब्लिसिटी स्टंट के लिए तो सब कुछ नहीं करवाया? अगर आप पाकिस्तान ज़िंदाबाद नारा लगाने वाली लड़की अमूल्या लियोना के बारे में थोड़ी पड़ताल करेंगे, तो आपको पता लगेगा कि वह लड़की एक अकेला चेहरा नहीं है बल्कि उसके पीछे काम करने वाला एक पूरा तंत्र है, संगठन है।

दरअसल, अमूल्या लियोना की अभी एक और वीडियो या कहिए एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कहती हुई नजर आ रही है कि उसके पीछे लोगों का बहुत बड़ा समूह काम करता है और वही तय करता है कि कहाँ क्या बोलना है। इससे साफ होता है कि जो नारा अमूल्या लियोना ने ओवैसी की जनसभा में लगाया था, वह नारा लगाने के लिए ही उसे स्टेज पर भेजा गया होगा और यह पहले से ही सुनियोजित हो सकता है, जिससे ओवैसी देखते ही देखते सबके हीरो बन जाये।

https://twitter.com/rose_k01/status/1230541680585080838?s=20

पाकिस्तान विरोधी छवि बनाकर मीडिया में अपने आप को हीरो बनाने की कोशिश ओवैसी पहले भी करते रहे हैं। उसे कौन भूल सकता है जब ओवैसी ने पाकिस्तान जाकर उन्हीं के चैनल पर बैठकर भारत में अल्पसंख्यकों के कथित बेहाली के मुद्दे पर एजेंडाधारी लोगों की धज्जियां उड़ा डाली थी। तब उन्होंने पाकिस्तान से सवाल पूछा था कि मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज़ सईद पर पाकिस्तान कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है?

इसके अलावा पिछले वर्ष फरवरी में पुलवामा हमले के बाद अपनी एक रैली में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि इमरान खान को भारत के मुसलमानों की चिंता करना छोड़ देना चाहिए।

इससे स्पष्ट होता है कि ओवैसी समय-समय पर अपनी पाकिस्तान विरोधी छवि को चमकाने की कोशिश करते हैं, इस बात की पूरी संभावना है कि इसी कड़ी में पाकिस्तान ज़िंदाबाद नारा लगा रही लड़की को ऐसा करने से रोकने का पूरा ड्रामा रचा गया हो। लेकिन जो भी हो, इतना तो तय है कि इससे ओवैसी पूरी मीडिया के हीरो बन गए हैं।

Exit mobile version