पाकिस्तानी हैंडलर फेसबुक पर नकली पेज बनाकर भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा फैला रहे थे, पकड़े गए तो FB ने सबको ब्लॉक कर दिया

Facebook और Stanford के शोधकर्ताओं ने सैकड़ों पाकिस्तानी accounts का सफाया कर डाला

फेसबुक

pc - dna

फेसबुक ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारत में संचालित कई फर्जी अकाउंट को बंद किया है। इन सभी का संचालन पाकिस्तान से हो रहा था। फेसबुक ने मंगलवार को कहा कि इसने ऐसे 453 अकाउंट्स, 103 पेज, 78 ग्रुप और 107 इंस्टाग्राम अकाउंट्स हटाए हैं जिन्हें पाकिस्तान से संचालित किया जाता था और इनके द्वारा मूलत: भारत में भ्रामक व गलत जानकारियों का प्रसार किया जा रहा था।Facebook और Stanford के शोधकर्ताओं ने मिलकर इन फर्जी अकाउंट्स के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

इन अकाउंट्स का इस्तेमाल भारतीय सेना और सरकार को लेकर लोगों में भ्रम फैलाने के लिए किया जा रहा था। इसके जरिये चीन के खिलाफ भारत की नीतियों की आलोचना की जा रही थी, और लोगों को गलत जानकारी दी जा रही थी। इन pages  को 70,000 से अधिक facebook accounts  द्वारा फॉलो किया जा रहा था जबकि ग्रुप्स में तो 11 लाख से अधिक लोग जुड़े थे। इनका संचालन इस प्रकार किया जा रहा था कि प्रथम दृष्टया यह बिल्कुल स्थानीय भारतीय account लगें।

फेसबुक ने अपने एक बयान में कहा, ये प्राथमिक तौर पर हिंदी और अंग्रेजी में स्थानीय खबरें और वर्तमान में हो रही घटनाओं के अलावा मीम्स भी पोस्ट करते थे। इनके द्वारा पाकिस्तान और भारत में राजनीतिक मुद्दों की भी जानकारी दी जाती थी, जिनमें चीन के प्रति भारत की नीतियां, भारतीय सेना, भारत सरकार और कोरोनावायरस महामारी की रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदमों की निंदा इत्यादि विषय शामिल रहे हैं।

गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब भारत में पाकिस्तान द्वारा सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके भ्रामक जानकारियां फैलाई गई हैं। इसके पूर्व सीएए विरोधी आंदोलन के दौरान भी पाकिस्तान के करीब 5000 अकाउंट्स का पता चला था जो CAA  से संबंधित गलत जानकारियों को फैला रहे थे जिससे भारत में अशांति बढ़े। इनमें से तो कई वास्तविक अकाउंट थे जो पाकिस्तान की जानी-मानी हस्तियों द्वारा चलाए जा रहे थे।

पाकिस्तान का यह मायाजाल केवल फेसबुक तक सीमित नहीं है, अप्रैल महीने में ट्विटर ने आईएसआई द्वारा संचालित कई फर्जी अकाउंट को सस्पेंड किया था। इन अकाउंट्स का इस्तेमाल प्रधानमंत्री मोदी की छवि को धूमिल करने तथा भारत के अरब देशों के साथ संबंध खराब करने के लिए किया जा रहा था। गौरतलब है कि तब इन अकाउंट द्वारा फैलाई गई फर्जी खबर का इस्तेमाल भारत में भी मोदी विरोधी धड़े विशेष रूप से कट्टरपंथी मुसलमानों द्वारा धड़ल्ले से किया गया था।

लद्दाख स्टैंडऑफ़ के दौरान जब कांग्रेस सरकार पर हमलावर थी और चीन द्वारा भारत की जमीन कब्जाने की बात उठा रही थी, तो भारतीय राजनीति के आरोप-प्रत्यारोप का फायदा उठाते हुए पाकिस्तान ने खूब भ्रम फैलाया था। तब ऐसे कई फेक ट्विटर अकाउंट का इस्तेमाल चीन द्वारा भारत भूमि पर कब्जे की फर्जी खबरों के लिए किया गया था। इसपर भी ट्विटर ने कार्रवाई की थी।

यही नहीं, पाकिस्तान द्वारा फेसबुक अकाउंट का ऐसा नेटवर्क चलाया जा रहा है जो उन सभी पोस्ट और pages को लगातार रिपोर्ट करते रहते हैं जो पाकिस्तान विरोधी कंटेंट शेयर करते हैं।

फर्जी अकाउंट बनाकर राजनीतिक हस्तियों को निशाना बनाने का खेल केवल पाकिस्तान में ही नहीं चल रहा है। अप्रैल महीने में जब पाकिस्तान द्वारा फर्जी अकाउंट चलाने की खबर बाहर आई थी उसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी अपनी जांच में पाया था कि उत्तर प्रदेश में भी कई ऐसे फर्जी अकाउंट चल रहे हैं जिनका इस्तेमाल सरकार और विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी को टारगेट करने के लिए किया जा रहा था।  इसमें कुल 56 FIR दर्ज हुई थी और 15 लोग हिरासत में लिए गए थे। यह बताता है कि फेक न्यूज़ एक राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल हो रहा है जो भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

सोशल मीडिया माध्यमों द्वारा भारत में अराजकता फैलाने के बढ़ते प्रयास बताते हैं कि भारत सरकार को इस ओर तत्काल ध्यान देना चाहिए। ना सिर्फ पाकिस्तान द्वारा संचालित ऐसे सभी नेटवर्क्स पर कार्रवाई होनी चाहिए, बल्कि भारतीयों द्वारा संचालित ऐसे सभी अकाउंट्स, जो देशविरोधी गलत जानकारियों को आगे बढ़ाते हैं, उनकी भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

Exit mobile version