कट्टरपंथ के खिलाफ भारत ने दिया France का साथ, कांग्रेस ने Macron के खिलाफ बड़े पैमाने पर किया विरोध प्रदर्शन

इन दिनों जो फ्रांस में जो हो रहा है, वो निस्संदेह अस्वीकार्य है। पिछले कुछ दिनों में फ्रांस में हो रहे कट्टरपंथी हमलों के विरोध में दुनिया के कई देश फ्रांस का साथ देने के लिए सामने आ रहे हैं, और आधिकारिक तौर पर अब भारत भी इस मोर्चे पर आतंकवाद के विरुद्ध फ्रांस का साथ देने के लिए आगे आया है। ऐसे में आशा तो यही होगी कि हर भारतीय फ्रांस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हो, लेकिन कुछ महानुभाव ऐसे भी हैं, जो ऐसे समय में भी अपनी धर्मांधता से ऊपर नहीं उठ सकते। इसी परिप्रेक्ष्य में अब कांग्रेस के कुछ नेताओं ने देशभर में कट्टरपंथी इस्लाम का मानो समर्थन करते हुए फ्रांस का विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

इसका एक प्रत्यक्ष उदाहरण मध्य प्रदेश में देखने को मिला, जहां कांग्रेस विधायक आरिफ़ मसूद के नेतृत्व में 2000 से अधिक मुसलमानों ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कट्टरपंथी इस्लाम के विरुद्ध चलाए जा रहे आंदोलन के विरोध में एक विशाल प्रदर्शन किया।

ट्विटर पर आरिफ़ मसूद कहते हैं, “गुरुवार को पैगंबर की शान में गुस्ताखी करने वाले इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ प्रदर्शन के लिए इकबाल मैदान में हजारों की संख्या में मुस्लिम भाई जमा होंगे”। सच्चाई तो यह है कि इमैनुएल मैक्रों ने केवल कट्टरपंथी इस्लाम के विरुद्ध अपनी आवाज उठाई है, और एक बार भी उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के विरुद्ध कोई बात नहीं की है। अपने विरोध प्रदर्शन में आरिफ़ मसूद ने केंद्र सरकार से फ्रांस के विरुद्ध कड़ा एक्शन लेने को कहा है। उसने आरोप लगाया कि इमैनुएल मैक्रों ने जानबूझकर पैगंबर को अपमानित किया है और वे जानबूझकर मुसलमानों की भावनाओं के साथ खेल रहे हैं।

इस अराजकता पर मध्य प्रदेश सरकार मौन नहीं रही। शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए आरिफ़ मसूद सहित उन 2000 से अधिक प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई के निर्देश दिए, जिन्होंने न केवल राज्य में अराजकता फैलाने का प्रयास किया, अपितु वुहान वायरस के परिप्रेक्ष्य में लगी सोशल डिस्टेनसिंग के नियमों का भी उल्लंघन किया। शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा है कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर धर्मांधता और अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लेकिन इमैनुएल मैक्रों के विरुद्ध विष उगलने का सिलसिला केवल भोपाल तक सीमित नहीं रहा। मुंबई में कट्टरपंथी इस्लामियों ने एक कदम आगे बढ़ाकर इमैनुएल मैक्रों के कई सारे पोस्टर्स नागपाड़ा और भिंडी बाजार वाले इलाकों के सड़कों पर चिपका दिए, जिनपर अनेकों गाड़ियां गुजरती हुई दिखाई दे रही थी। इस भड़काऊ कदम को आड़े हाथों लेते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ सम्बित पात्रा ने कहा, “महाराष्ट्र सरकार, हो क्या रहा है आपके राज्य में? भारत फ्रांस के साथ है, प्रधानमंत्री फ्रांस में व्याप्त आतंकवाद के विरुद्ध लड़ने के लिए इमैनुएल मैक्रों का साथ देने के लिए आगे आए हैं, तो फिर मुंबई की सड़कों पर उनका अपमान करने का क्या औचित्य है?”

भारत इमैनुएल मैक्रों के विरुद्ध हो रही छींटाकशी का विरोध करने वाले सबसे पहले देशों में से एक था। भारत के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “भारत इमैनुएल मैक्रों पर कुछ देशों द्वारा किए जा रहे बयानबाजी का सख्त विरोध करता है”। इसी परिप्रेक्ष्य में हाल ही में फ्रांस के नाइस शहर में हुए हमले का पुरजोर विरोध करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने भी स्पष्ट कहा कि फ्रांस की आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में भारत हमेशा साथ खड़ा है।

वहीं, फ्रांस में हो रहे आतंकी हमलों के विरुद्ध फ्रांसीसी सरकार के साथ खड़ा होना तो दूर, कांग्रेस ने कट्टरपंथियों के हमलों की निन्दा नहीं की है। उलटे वह हमला करने वाले कट्टरपंथी मुसलमानों का साथ देने वालों को बढ़ावा दे रही है, जिससे स्पष्ट पता चलता है कि कांग्रेस पार्टी की वफादारी किसके साथ है।

 

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