TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अपने अंतिम निर्णयों में अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की सम्पूर्ण वापसी सुनिश्चित कर रहे हैँ ट्रम्प

जानिए, कैसे अमेरिकी डीप स्टेट पर जारी है ट्रम्प का प्रहार

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
22 November 2020
in अमेरिकाज़
ट्रम्प

(pc-NYTIMES)

Share on FacebookShare on X

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में हार के बाद ट्रम्प अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर अपनी छवि की अमिट छाप सुनिश्चित कर रहे हैं। विशेष रूप से ट्रम्प ने जिस तरह से पिछले 4 वर्षों में अमेरिका की विदेश नीति को तय किया है, खास कर अफगानिस्तान में अब उसे अंतिम स्वरूप देते हुए एक विशिष्ट छवि और विरासत का निर्माण करने जा रहे हैं, जिसे पूर्ववत करना नामुमकिन हो जाएगा।

कहा जाता है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने आलोचना के बावजूद अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी की योजना को लागू कर दिया था। ट्रम्प का ऐसा करना सही है या गलत, यह केवल आने वाले समय में देखा जाएगा, लेकिन अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना की संख्या को 2,500 तक कम करने का उनका निर्णय निश्चित रूप से एक साहसिक है, और यह दर्शाता है कि ट्रम्प यह जानते ​​है कि वह अमेरिका के लिए अच्छा कर रहे हैं, भले ही इसका परिणाम पश्चिम और दक्षिण एशिया के लिए सकारात्मक न हो।

संबंधितपोस्ट

ईरानी मिसाइलों का असर: हमले के लिए US को अपनी ज़मीन और हवाई क्षेत्र नहीं देगा UAE, लेकिन अब ट्रम्प क्या करेंगे ?

कितना भरोसेमंद है BBC? नई दिल्ली से तेल अवीव और वॉशिंगटन तक क्यों गिरती जा रही है बीबीसी की साख और विश्वसनीयता ?tfi

सभ्यता की आत्मा से आत्मनिर्भर भारत तक का रास्ता है “स्वदेशी”- लेकिन ‘ब्रांड प्रेमी’ हिंदुस्तानियों को स्वदेशी से जोड़ना चुनौती से कम नहीं

और लोड करें

अगले वर्ष 20 जनवरी को राष्ट्रपति के रूप जो बाइडन के शपथ लेने की संभावना है। अब इसी के मद्देनजर ट्रम्प ने अपने राष्ट्रपति पद के अंतिम कुछ हफ्तों में अमेरिकी डीप स्टेट को अंतिम झटका देने का फैसला किया है। यह कोई रहस्य नहीं है कि अमेरिकी डीप स्टेट ने अमेरिका को कई युद्धों में, ज्यादातर अनावश्यक रूप से धकेला है जो सिर्फ हथियारों और कई अमरीकी लोगों के बिजनेस को बढ़ाने के लिए ही किया गया था। अब ट्रम्प ने अमेरिका के सबसे लंबे युद्ध यानि अफगानिस्तान से सेना को बाहर निकाल कर, डीप स्टेट के मंसूबों को पूरी तरह नष्ट करने का प्रबंध कर दिया है।

दरअसल, शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कतर की राजधानी दोहा की अपनी यात्रा के दौरान अफगान सरकार और तालिबान दोनों वार्ताकारों से मुलाकात की। बैठक के तुरंत बाद यह पता चला कि अमेरिका अफगानिस्तान में अपने वर्तमान में तैनात सैनिकों में से आधे को वापस बुला रहा था। वर्तमान में अफगानिस्तान में लगभग 5000 अमेरिकी सैनिक हैं और राष्ट्रपति ट्रम्प नए फैसले के बाद, मात्र 2,500 सैनिक शेष रह जाएंगे।

इतिहास के पन्नों को पलट कर देखा जाए तो यह फैसला किसी ऐतिहासिक फैसले से कम नहीं था। ऐसे फैसलों के लिए जब विश्व आपसे अधिक की उम्मीद कर रहा है, आसान नहीं होता और एक दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है। उन्होंने हाल ही में रक्षा सचिव Mark Esper को केबिनेट से निकाल दिया था और यह अंदाजा लगाया गया था कि उन्होंने अफगानिस्तान से सैनिकों को निकालने पर अनिच्छा दिखाई थी। Esper का विचार था कि तालिबान ने निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया है इसलिए अमेरिका को भी वापस नहीं जाना चाहिए। हालांकि, यह सच्चाई है कि तालिबान ने निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया और अब अमेरिकी बलों पर हमले के बजाए नागरिकों और अफगान बलों पर तालिबान का हमला जारी है।

21वीं शताब्दी में, विशेष रूप से कोरोना के बाद के विश्व व्यवस्था में, तालिबान और अफगान सरकार का एक-दूसरे से लड़ना उनका आंतरिक मुद्दा है, और अमेरिका की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता नहीं है। अफगान युद्ध, जो 9/11 के आतंकी हमलों के बाद शुरू किया गया, शायद अमेरिका द्वारा लड़े गए सबसे निरर्थक युद्ध के रूप में साबित हुआ है। ट्रम्प इस बात को अच्छी तरह से समझते हैं जिसके कारण तेजी से अमेरिकी सैनिकों को अफगानिस्तान से हटा रहे हैं।

अफगान युद्ध को समाप्त करने के लिए ट्रम्प की उत्सुकता ने अमेरिका के डीप स्टेट को परेशानी में डाल दिया है, जिसने लंबे समय तक अमेरिका के अनावश्यक युद्धों के कारण हथियारों के व्यापार से लाभ उठाया है।

हमे यह नहीं भूलना चाहिए कि ट्रम्प कभी भी सिर्फ राजनेता नहीं थे, वह एक बिजनेसमैन ही थे। इस कारण से वह उन लोगों की राय की बिल्कुल परवाह नहीं करते थे जो आम तौर पर शीत युद्ध के युग की मानसिकता वाले नेता हैं और अमेरिका को अनवरत युद्ध के माध्यम से सुपर पावर बने रहने पर ज़ोर देते थे। हालाँकि, डोनाल्ड ट्रम्प की अफगानिस्तान से बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों को तुरंत वापस बुलाने की योजना भी प्रमुख रणनीति भी है। ट्रम्प यह जानते थे कि अगर यह अब नहीं हुआ तो  शायद कभी नहीं होगा।

जब तक ट्रम्प राष्ट्रपति बने रहते हैं, तब तक अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की ताकत उनके पास रहेगी। एक बार जब सैनिकों को वापस ले लिया जाता है, तो यह जो बाइडन , या उनके बाद आने वाले राष्ट्रपतियों के लिए अमेरिकी सैनिकों को फिर से युद्ध में भेजना असंभव होगा, क्योंकि उन्हें दुनिया और अमेरिका की जनता को यह बताना होगा कि जिस युद्ध से अमेरिका पूरी तरह से निकल चुका था, उसमें उन्होंने फिर से US को धकेला। ऐसा आत्मघाती कदम, कोई राष्ट्रपति उठाने को तैयार नहीं होगा। यानि अब यह लगभग निश्चित है कि अफगान युद्ध को समाप्त करने वाले राष्ट्रपति के रूप में ट्रम्प को ही याद किया जाएगा, जो अमेरिकी डीप स्टेट के अवसाद का कारण बनेगा।

Tags: ट्रम्प
शेयर11ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

बंगाल में BJP की धाक जमाने के बाद, अब उसी रणनीति पर तमिलनाडु में अमित शाह

अगली पोस्ट

बड़ी ही संकुचित है हामिद अंसारी की सोच, राष्ट्रवाद को बताया कोरोना से भी घातक

संबंधित पोस्ट

‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?
अमेरिकाज़

‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

22 May 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों एक बेहद अजीब और संवेदनशील दुविधा में फंस गए हैं। यह मामला सिर्फ व्हाइट हाउस की फाइलों या अंतरराष्ट्रीय...

वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है
अमेरिकाज़

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

8 January 2026

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पैदा होने वाले तनाव अक्सर वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाते हैं, खासकर जैसा कि अमेरिका और...

भूमध्यसागर में भारत की दहाड़: आईएनएस त्रिकंद ने बढ़ाया नौसैनिक परचम
अमेरिकाज़

भूमध्यसागर में भारत की दहाड़: आईएनएस त्रिकंद ने बढ़ाया नौसैनिक परचम

15 September 2025

जब भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद भूमध्यसागर की लहरों पर उतरा, तो यह सिर्फ एक साधारण तैनाती नहीं थी। यह उस भारत की पहचान...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited