पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने पहले न्यूज़ीलैंड का कानून तोड़ा, अब न्यूज़ीलैंड उन्हें तोड़ रहा है

न्यूज़ीलैंड द्वारा किये गए कार्रवाई पर खुद रो-रो कर दुनिया की सहानुभूति चाहता है पाक

न्यूज़ीलैंड

बुरी किस्मत और पाकिस्तान के बीच एक अजीब सा नाता है। पाकिस्तान चाहे जितना प्रयास कर ले, बुरी किस्मत उसका साथ कभी छोड़ती ही नहीं। वर्षों बाद पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर क्रिकेट हेतु अन्तर्राष्ट्रीय दौरे पर निकली, परंतु बुरी किस्मत ने यहाँ भी उनका साथ नहीं छोड़ा। पाकिस्तान की टीम ने न्यूज़ीलैंड प्रशासन पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। टाइम्स नाऊ के रिपोर्ट एक अनुसार, “पाकिस्तानी टीम के कुछ सदस्य न्यूज़ीलैंड की आवभगत से खुश नहीं है। सूत्रों की माने तो खिलाड़ियों को उनके होटलों के कमरों में एक हफ्ते से भी अधिक समय के लिए बंद रखा गया है। कई दिनों तक उनके बेडशीट नहीं बदले गए हैं और कमरे के साथ बाथरूम में भी सफाई नहीं की गई है। रिपोर्ट की माने तो पाकिस्तानी खिलाड़ियों को प्लेटों के बदले अब डिस्पोज़ेबल बॉक्स में खाना परोसा जा रहा है।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को खिलाड़ियों के साथ हो रही बदसलूकी के बारे में पता भी है, और इस बारे में उन्होंने न्यूज़ीलैंड के क्रिकेट बोर्ड से शिकायत भी की है, परंतु इस सब का कोई फायदा नहीं मिला, क्योंकि न्यूज़ीलैंड सरकार का रुख स्पष्ट है – नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं।” 

परंतु ऐसा भी क्या किया पाकिस्तान ने, जिसके कारण न्यूज़ीलैंड को पाकिस्तान के विरुद्ध ऐसी सख्ती अपनानी पड़ रही है? दरअसल, पाकिस्तान वर्षों बाद एक आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय दौरे पर क्रिकेट खेलने आया है, जिसमें न्यूज़ीलैंड के साथ उसके 3 ट्वेंटी 20 मुकाबले और 2 टेस्ट मैच भी शामिल है। टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के ही अनुसार, “इस दौरे के लिए एक विशाल टीम न्यूज़ीलैंड आई है, जिसमें 53 सदस्य हैं। हालांकि, समस्या तब उत्पन्न हुई, जब इस टीम के 8 सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे।

फलस्वरूप, पाकिस्तानी टीम के सदस्यों को नियंत्रित आइसोलेशन में न्यूज़ीलैंड प्रशासन द्वारा डाला गया, और इसके साथ साथ प्रशासन ने उनके ट्रेनिंग पर भी रोक लगा दी। इसके अलावा पाकिस्तान को यह भी चेतावनी दी कि यदि नियमों का उल्लंघन करते हुए पाकिस्तानी टीम के सदस्यों को पकड़ा गया, तो पाकिस्तानी टीम का दौरा अविलंब रद्द कर दिया जाएगा और उन्हें देश छोड़ने पर भी विवश किया जाएगा।”

अब यह पहली बार नहीं है, जब पाकिस्तान का कोई क्रिकेट दौरा या फिर कोई टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी विवादों के घेरे में आई। 2009 में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर हुए घातक आतंकी हमले के बाद से अब तक जिम्बॉब्वे को छोड़कर किसी भी देश ने 2018 तक पाकिस्तान में क्रिकेट खेलने का जोखिम नहीं उठाया। फिर श्रीलंका और बांग्लादेश की टीमें आई अवश्य, लेकिन उनमें भी कोई जाना माना सितारा नहीं था।

वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान में वुहान वायरस की स्थिति को देखते हुए न्यूज़ीलैंड इस प्रकार का कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता, जिससे उसके देश को कोई खतरा हो। कहने को पाकिस्तान में कुछ 4 लाख 20 हजार से अधिक लोगों अब तक इस महामारी से संक्रमित पाए जा चुके हैं, लेकिन ये केवल सरकारी आँकड़े हैं, जिन्होंने जून के बाद से ही पारदर्शिता से जांच करना बंद कर दिया है, और लगभग 22 करोड़ पाकिस्तानियों में से वास्तव में कितने लोग संक्रमित होंगे, इसका कोई अंदाज़ा नहीं है। ऐसे में न्यूज़ीलैंड ने जो किया, वो कुछ लोगों को गलत लग सकता है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए उनके पास और कोई विकल्प भी नहीं है।

 

Exit mobile version