कश्मीर में आतंक के समर्थकों को कड़ा संदेश- आतंक रोधी ऑपरेशन में अड़ंगा ड़ाल रही अफसर गिरफ्तार

जब कश्मीर में पुलिस ने एक पुलिस वाली को ही गिरफ्तार कर लिया

कश्मीर

इन दिनों नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट है – आतंकी हो या उनके मददगार, किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। अभी हाल ही में जम्मू कश्मीर में एक विशेष पुलिस अधिकारी को आतंकवाद का महिमामंडन करने के लिए और सुरक्षाबलों को आतंक रोधी ऑपरेशन करने से रोकने के लिए न केवल हिरासत में लिया गया, बल्कि उसे बर्खास्त कर UAPA के अंतर्गत कार्रवाई भी की गई।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार शुक्रवार यानि 16 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर में स्थित कुलगाम जिले से पुलिस अधिकारी साएमा अख्तर को हिरासत में लिया गया है। सुरक्षा बलों को फ्रिसल गाँव के कारेवा मोहल्ले में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद वहाँ तलाशी अभियान चलाया गया।

प्रवक्ता ने फिर बताया कि कैसे अभियान के दौरान अख्तर ने आतंकवादियों को खोज रही टीम को अपना काम करने से रोका। प्रवक्ता के अनुसार, “सुरक्षाबलों ने तलाशी लेने के लिए कुछ घरो में जाने की कोशिश की तो वहाँ कुछ महिलाओं ने शोर मचाना शुरू कर दिया और पुलिस को अपना काम करने से रोका। इन महिलाओं की अगुवाई साइमा अख्तर नाम की एक महिला कर रही थीं, जो खुद जम्मू कश्मीर पुलिस में SPO के तौर पर काम कर रही थीं। साइमा के उकसावे पर भीड़ उग्र हो गई और पुलिस को अपना ऑपरेशन बीच में ही रोकना पड़ा। इसके चलते इलाके से कुछ संदिग्ध शायद भागने में कामयाब भी हुए”।

लेकिन बात वहीं पर खत्म नहीं हुई। उस SPO ने अपने फोन से एक video भी बनाई, और operation में अड़ंगा डालने की कोशिश की। Video में एक महिला सुरक्षाकर्मियों के साथ चिल्लाते हुए बात करती दिखाई देती है जो कहती है, “तुम बार-बार क्यों आते हो? उन घरों में जाओ, जहाँ आतंकवादी हैं। आप हमें हमारी सेहरी (रमज़ान के दौरान सुबह का भोजन) भी नहीं करने दे रहे हैं। यदि आपको हमारेघर की तलाशी लेनी है, तो पहले अपने जूते निकालें। मेरी माँ की तबीयत ठीक नहीं है। अगर उसके साथ कुछ होता है, तो आप देखभाल करेंगे?अपना मुँह बंद करें। हम डरने वाले नहीं हैं। यह हमारा कश्मीर है। आप बाहर से आए हैं। जो कुछ भी आप करना चाहते हैं, वह करें, अगर वे (आतंकवादी) यहाँ होते तो अब तक आपके सीने में गोलियाँ उतार चुके होते”।

इसक चलते पुलिस ने यारिपोरा थाने में आईपीसी की धारा353 (लोक सेवक को कर्तव्य का निर्वहन करने से रोकने के लिए बल प्रयोग या हमला करना) और अवैध गतिविधि रोकथाम कानून की धारा 13 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और साइमा को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है और मामले में शामिल बाकी लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी की तैयारी भी की जा रही है। इसके अलावा साएमा को नौकरी से बर्खास्त भी कर दिया गया है और उसके विरुद्ध UAPA के अंतर्गत कार्रवाई भी होगी।

दक्षिण कश्मीर में इस समय सुरक्षा बलों का अभियान चरम पर है और आगामी अमरनाथ यात्रा को देखते हुए यहाँ आए दिन आतंकियों को तलाश किया जा रहा है। अनुच्छेद 370 हटने के पहले ऐसे कई अवसर आए, जब आतंकियों के प्रति स्थानीय प्रशासन या कुछ स्थानीय प्रदर्शनकारियों की सहानुभूति के कारण आतंक रोधी ऑपरेशन्स में काफी दिक्कत आई है, और कई बार तो सुरक्षाबलों के सदस्यों को इस कारण से अपनी जान से हाथ भी धोना पड़ा है। लेकिन अब और नहीं, और जिस प्रकार से साएमा अख्तर के विरुद्ध कार्रवाई हुई है, उससे स्पष्ट संदेश जाता है – आतंकी तो क्या, उनके चीयरलीडर्स को भी नहीं बख्शा जाएगा।

Exit mobile version