कांग्रेस का अल्पसंख्यक विभाग: यह राजनीतिक यूनिट कम और आतंकवादी संगठन ज़्यादा है

कांग्रेस ने जिसे अल्पसंख्यक विभाग का अध्यक्ष बनाया है, वो बयानों से आतंकी प्रतीत होता है

इमरान प्रतापगढ़ी

इमरान प्रतापगढ़ी को कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया

उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों में अल्पसंख्यक वोट हासिल करने के प्रयास में, कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के उर्दू कवि से राजनेता बने मोहम्मद इमरान खान उर्फ ​​इमरान ‘प्रतापगढ़ी’ की मुसलमानों के बीच लोकप्रियता को भुनाने की कोशिश की है। 3 जून को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इमरान प्रतापगढ़ी को पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक अन्य युवा नेता नदीम जावेद का स्थान लिया है। हालाँकि, कांग्रेस का अल्पसंख्यक विभाग राजनीतिक इकाई कम और कट्टर इस्लामिस्ट संगठन अधिक प्रतीत होता है। प्रतापगढ़ी ने अतीत में जिस तरह के भाषण दिए हैं, उससे यह और स्पष्ट हो जाता है।

अतीत में उनके द्वारा दिए गए विवादित बयानों की एक लंबी सूची है। हाल ही में, शहजाद पूनावाला ने ट्वीट्स के एक थ्रेड में उनके पुराने Videos को शेयर किया, जिसमें कवि और कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी को सभी उम्र के मुसलमानों को भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए उकसाते हुए देखा जा सकता है।

https://twitter.com/Shehzad_Ind/status/1405452146481401858?s=20

वर्ष 2019 से ही इमरान प्रतापगढ़ी को मुसलमानों को “अपने लोगों की मौत का बदला लेने के लिए” कम से कम 4-6 लोगों की हत्या हेतु प्रोत्साहित करते देखा जा सकता है। वह अपने मुस्लिम followers को यह कहते सुना जा सकता है कि “कायरतापूर्ण तरीके से मरना स्वीकार्य नहीं है। लिंचिंग का बदला लेने के लिए मरने से पहले कम से कम 4 से 6 लोगों को मार डालो।”

एक अन्य वीडियो में इमरान प्रतापगढ़ी छोटे बच्चों को एक नारा लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। वह नारा है कि “जो हिटलर की चाल चलेगा, वो हिटलर की मौत मरेगा”। यह नारा CAA विरोधी आन्दोलन के लिए खास तौर पर तैयार किया गया था। इस वीडियो को संभवत: शाहीन बाग में सीएए के विरोध के दौरान शूट किया गया।

https://twitter.com/Shehzad_Ind/status/1405453136005795845?s=20

शहजाद पूनावाला के ट्वीट्स के इसी थ्रेड में साझा किए गए एक अन्य वीडियो में, इमरान प्रतापगढ़ी को जम्मू-कश्मीर में “गंभीर स्थिति” का अनुमान लगाकर कश्मीरी मुसलमानों को भड़काते हुए भी सुना जा सकता है।

पाकिस्तानी प्रोपोगेंडे की तर्ज पर नवनियुक्त कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग का प्रमुख इमरान प्रतापगढ़ी, कश्मीरियों को भड़काने के लिए यह कह रहा है कि सशस्त्र बलों द्वारा कश्मीर में यातनाएँ दी जा रही हैं। उन्हें यह कहते सुना जा सकता हैं, “वहां ज़ुल्म इसलिए है क्योंकि वहां(कश्मीर) ज्यादा तादाद मुसलमानों की है।“

https://twitter.com/Shehzad_Ind/status/1405453956625534981?s=20

इसी थ्रेड में शेयर किए गए एक अन्य वीडियो में कांग्रेस नेता पुलवामा में इस्लामिक आतंकवादी हमले के लिए भारत और भारतीय सेना को दोषी ठहराते हुए सुना जा सकता है।

जिस तरह से राहुल गांधी ने यह प्रोपोगेन्डा फ़ैलाने की कोशिश की थी कि पाकिस्तान प्रायोजित हमला 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया था, उसी लाइन पर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा था कि: “कातिल घर के आंगन तक आ पंहुचा है। रखवाले की साज़िश भी हो सकती है।” यानी भारत की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार लोगों द्वारा पुलवामा हमला एक राजनीतिक साजिश भी हो सकती है।

https://twitter.com/Shehzad_Ind/status/1405473316517732361?s=20

पिछले साल सितंबर में, 2017 का इमरान प्रतापगढ़ी का एक वीडियो भी ट्विटर पर वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने मुसलमानों को नौकरशाही और सिविल सेवाओं में अपने समुदाय की मदद करने के लिए पदों पर कब्जा करने के लिए प्रोत्साहित किया था। मुसलमानों को सिविल सेवाओं पर कब्जा करने के लिए एक स्पष्ट आह्वान करते हुए प्रतापगढ़ी ने कहा था कि “आप अपने बच्चों को इंजीनियरिंग सिखा सकते हैं, आप उन्हें डॉक्टर बनना सिखा सकते हैं, आप उन्हें सफल व्यवसायी, अरबपति बनने के लिए भी आगे बढ़ा सकते हैं, इससे निस्संदेह आपको फायदा होगा लेकिन व्यक्तिगत रूप से। परन्तु अगर आप अपनी आने वाली पीढ़ियों की मदद करना चाहते हैं, तो नौकरशाही और सिविल सेवाओं पर कब्जा करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। अपने हाथ में सत्ता ले लो।”

इन बयानों को देखे तो ऐसा प्रतीत होता है कि यह व्यक्ति किसी भारत पार्टी का नेता नहीं, बल्कि पाकिस्तान में बैठा कोई भारत-विरोधी और हिन्दू-विरोधी आतंकवादी है। अब यही इमरान प्रतापगढ़ी कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग का चेयरमैन है। यह सिर्फ उत्तर प्रदेश के लिए ही नहीं बल्कि देश के लिए एक बड़ा खतरा है।

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