पीएम मोदी मंगलवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में कई बड़े नेताओं से मिले। इस दौरान उन्होंने भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने सबसे पहले मेटे फेडरिक से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार, हरित ऊर्जा और नई तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोबाल और कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इससे पहले दोनों नेताओं ने पिछले साल फोन पर बातचीत कर भारत-डेनमार्क “ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” को मजबूत करने की बात कही थी।
इसके बाद पीएम मोदी ने Kristrún Frostadóttir और Petteri Orpo से भी मुलाकात की। ये बैठकें तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन से पहले हुईं। इस सम्मेलन का मकसद भारत और नॉर्डिक देशों के बीच तकनीक, नवाचार, हरित ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है।
प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को अपनी पांच देशों की यात्रा के तहत नॉर्वे पहुंचे थे। वहां Jonas Gahr Støre ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा, विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ब्लू इकोनॉमी जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
भारत और नॉर्वे ने अपने रिश्तों को “ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के रूप में आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। पीएम मोदी ने ओस्लो में भारत-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट में भी हिस्सा लिया और आर्थिक सहयोग के नए अवसरों पर बात की।
इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने नॉर्वे के राजा Harald V से भी मुलाकात की। उन्हें नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट” से सम्मानित किया गया।































