गोवा क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे छोटा राज्य है। भारत के पश्चिमी तट पर स्थित गोवा करीब 450 वर्षों तक पुर्तगाल के शासन के अधीन रहा। दिसंबर 1961 में भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के जरिए गोवा को पुर्तगाली शासन से मुक्त कराया। इसके बाद गोवा को दमन और दीव के साथ केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया।
हालांकि, 30 मई 1987 को गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला और वह भारत का 25वां राज्य बना। इसी वजह से हर साल 30 मई को गोवा राज्य स्थापना दिवस (Goa Statehood Day) मनाया जाता है। वर्ष 2025 में गोवा अपना 39वां राज्य स्थापना दिवस मना रहा है।
गोवा का इतिहास
गोवा का इतिहास 1510 से शुरू होता है, जब पुर्तगाली सेनापति अल्फोंसो डी अल्बुकर्क ने इस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया और बीजापुर के शासक आदिल शाह को पराजित किया। इसके बाद लगभग 450 वर्षों तक गोवा पर पुर्तगाल का शासन रहा।
साल 1961 में भारत सरकार ने ऑपरेशन विजय शुरू किया, जिसके तहत गोवा, दमन और दीव को पुर्तगाली शासन से मुक्त कराकर भारत में शामिल किया गया। इससे गोवा में पुर्तगाली शासन का अंत हुआ।
कैसे बना गोवा राज्य?
30 मई 1987 को गोवा को केंद्र शासित प्रदेश से अलग कर पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया। इसके साथ ही गोवा भारत का 25वां राज्य बन गया। पणजी (Panaji) को राज्य की राजधानी और कोंकणी को आधिकारिक भाषा घोषित किया गया। तभी से हर साल 30 मई को गोवा राज्य स्थापना दिवस मनाया जाता है।
2025 में कैसे मनाया जाएगा राज्य स्थापना दिवस?
इस वर्ष राज्य स्तरीय समारोह 30 मई 2025 को सुबह 11 बजे दीनानाथ मंगेशकर कला मंदिर, कला अकादमी, पणजी में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर कई विशेष कार्यक्रम होंगे, जिनमें पुस्तकों का विमोचन, वेब सीरीज लॉन्च, फोटो प्रदर्शनी और गोवा के प्रतिष्ठित ब्रांडों का सम्मान शामिल है।
क्या है इस दिन का महत्व?
गोवा राज्य स्थापना दिवस गोवा की पहचान, संस्कृति और उसके संघर्षों को याद करने का दिन है। यह दिन गोवा के भारत का पूर्ण राज्य बनने और पुर्तगाली शासन से मुक्ति की ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक है। पूरे राज्य में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, उत्सवों और विभिन्न आयोजनों के माध्यम से गोवा की समृद्ध विरासत और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को सम्मान दिया जाता है।

































