TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

4500 साल पहले जब पश्चिमी देश अधपके मांस पर जीवन यापन करते थे, भारतीय तब पौष्टिक लड्डू खाते थे

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
27 August 2021
in इतिहास
राजस्थान हड़प्पा बिजनौर

PC: The Hitavada

Share on FacebookShare on X

एक अध्ययन में सामने आया है कि लगभग 4,000 साल पहले हड़प्पा सभ्यता के दौरान रहने वाले लोग उच्च प्रोटीन, मल्टीग्रेन ‘लड्डू’ का सेवन करते थे। राजस्थान में खुदाई के दौरान मिली सामग्री के वैज्ञानिक अध्ययन से यह बात सामने आई है। पश्चिमी राजस्थान के बिजनौर में एक हड़प्पा पुरातात्विक स्थल की खुदाई के दौरान में कम से कम सात ‘लड्डू’ मिले हैं।

राजस्थान में एक हड़प्पा स्थल बिजनौर में मिली सामग्री पर हुए एक नए वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, हड़प्पा के लोग लगभग 4,000 साल पहले उच्च प्रोटीन वाले मल्टीग्रेन “लड्डू” का सेवन करते थे। अध्ययन संयुक्त रूप से बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पैलियोसाइंसेज (बीएसआईपी), लखनऊ और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), नई दिल्ली द्वारा आयोजित किया गया था और विज्ञान की जानकारी के लिए विश्व प्रसिद्ध प्रकाशक एल्सेवियर द्वारा ‘जर्नल ऑफ आर्कियोलॉजिकल साइंस: रिपोर्ट्स’ में प्रकाशित किया गया था। अध्ययन यह भी इंगित करता है कि ये “लड्डू” अब विलुप्त हो रही सरस्वती नदी के तट पर किसी प्रकार के अनुष्ठान का हिस्सा था।

संबंधितपोस्ट

राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, मानहानि मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

और लोड करें

और पढ़ें: सनातन धर्म, हिंदू संस्कृति और भारत को कलंकित करने के लिए एक वैश्विक अभियान प्रारंभ हो चुका है

बीएसआईपी के लिए काम करने वाले एक वैज्ञानिक, राजेश अग्निहोत्री ने कहा, “राजस्थान के अनूपगढ़ के बिजनौर में हड़प्पा स्थल पर एएसआई द्वारा सात समान बड़े आकार के भूरे रंग के ‘लड्डू’, बैलों की दो मूर्तियाँ और एक हाथ से पकड़े हुए तांबे की अदज (कुल्हाड़ी के समान एक उपकरण, लकड़ी काटने या आकार देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है) की खुदाई की गई है।”

वैज्ञानिकों ने कहा, “ये लड्डू, लगभग 2600 ईसा पूर्व के हैं, अच्छी तरह से संरक्षित पाए गए थे क्योंकि एक कठोर संरचना इस तरह से गिर गई थी कि यह उनके ऊपर एक छत के रूप में काम करती थी और उन्हें कुचलने से रोकती थी। अगर वे टूट गए होते, तो ‘लड्डू’ पूरी तरह से सड़ जाते, लेकिन चूंकि ये मिट्टी के संपर्क में थे, इसलिए कुछ आंतरिक कार्बनिक पदार्थ और अन्य हरे घटक सुरक्षित रहे। लड्डू के बारे में सबसे अजीब पहलू बैंगनी रंग का घोल था जो पानी के संपर्क में आने से बनता था।

2017 में एएसआई द्वारा “लड्डू” के नमूनों की खुदाई की गई थी और वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए बीएसआईपी को दिए गए थे। बीएसआईपी वैज्ञानिक राजेश अग्निहोत्री आगे बताते हैं, “पहले, हमने सोचा था कि घग्गर (तत्कालीन सरस्वती) के तट के पास खोदे गए इन लड्डुओं का गुप्त गतिविधियों से कुछ संबंध था क्योंकि मूर्तियाँ और अदज भी निकटता में पाए गए थे। हम उनके आकार और प्रकार से चकित थे क्योंकि वे स्पष्ट रूप से मानव निर्मित थे। इस जिज्ञासा ने हमें उनकी रचना का पता लगाने के लिए प्रेरित किया। हमने शुरू में माना कि यह मांसाहारी भोजन हो सकता है।

हालांकि, बीएसआईपी के वरिष्ठ वैज्ञानिक अंजुम फारूकी के एक विश्लेषण से पता चला है कि “लड्डू” जौ, गेहूं, चना और कुछ अन्य तिलहनों से बने होते हैं। अंजुम फारूकी ने कहा,  “इन लड्डू में अनाज और दालें थीं, और मूंग दाल सामग्री पर हावी थी। चूंकि हड़प्पा के लोग कृषक थे, इसलिए इन “लड्डू” की उच्च-प्रोटीन मल्टीग्रेन संरचना समझ में आती है।‘’

और पढ़ें: मोपला दंगों के 100 साल, पर आज भी केरल में कुछ नहीं बदला है

बीएसआईपी और एएसआई दोनों के नौ वैज्ञानिकों की एक टीम ने निष्कर्ष निकाला कि सात लड्डू के साथ-साथ विशिष्ट हड़प्पा उपकरण/वस्तुओं की उपस्थिति से संकेत मिलता है कि हड़प्पा के लोगों ने भोजन के पूरक के रूप में तत्काल पोषण के लिए प्रसाद बनाया, अनुष्ठान किया और बहु-पोषक कॉम्पैक्ट ‘लड्डू’ का सेवन किया। सात खाद्य गेंदों के आस-पास बैल की मूर्तियों, अदजे और एक हड़प्पा मुहर की उपस्थिति यह दर्शाती है कि मनुष्य इन सभी वस्तुओं को उनकी उपयोगिता और महत्व के कारण सम्मानित करता है। “लड्डू” की पुरातात्विक खोज बैल और तांबे की मूर्तियों के साथ मिलकर इस सुझाव को जन्म देती है कि हड़प्पा के लोग इन उपकरणों का उपयोग अनुष्ठान करने के उद्देश्य से करते थे।

एएसआई के निदेशक (खुदाई) संजय मुजुल ने कहा,“वैज्ञानिक अध्ययन के बाद, हम कह सकते हैं कि यह पहला सबूत है कि हड़प्पा के लोगों ने सरस्वती नदी (अब विलुप्त) के तट पर कुछ अनुष्ठान किए। हालांकि अनुष्ठान की प्रकृति स्पष्ट नहीं है, यह ‘पिंड दान’ (पूर्वजों को श्रद्धांजलि और भोजन की पेशकश) के समान हो सकता है। जब हमें  राजस्थान में बिजनौर में खाने के गोले मिले, तो यह एक ऐसा स्थान प्रतीत हुआ जहाँ अनुष्ठान किए गए थे। हमें वहां से टेराकोटा बैल, पेंट किए हुए बर्तन और हड्डियाँ मिलीं।‘’

और पढ़ें: PoK वापस लेने के लिए अमेरिका भारत का साथ दे: अमेरिकी प्रतिनिधि मार्क ग्रीन

पुरात्विक खुदाई से हमेशा सनातन के गौरवशाली इतिहास के अवशेष मिलते है। मिलें भी क्यों न आखिर जो सदा सर्वदा शाश्वत और सत्य है वही तो सनातन है। सनातन संस्कृति के पुरात्विक अवशेष हमेशा भारत के गौरवशाली, समृद्ध और विकसित सभ्यता के सत्य को स्थापित करते है। पाश्चात्य ने भले ही सूचना के विस्फोट के इस दौर में सारी महत्वपूर्ण उपलब्धियों और खोजों का श्रेया स्वयं ले लिया है परंतु जब हम तर्क आधारित इतिहास के साक्ष्यों को खंघालेंगे तो हमें सनातन की उन्नत सभ्यता देखने को मिलेगी। विज्ञान, तकनीक, चिकित्सा, समाजशास्त्र, भूगोल, गणित हमने सारे विषयों और क्षेत्रों मे निर्विवाद रूप से अपनी सर्वोच्चता स्थापित की है। उसी कड़ी में ये खोज भी है। जब दुनिया अधपका माँस खाकर जिंदा थी तब हमने कृषि और पाकशास्त्र के क्षेत्र मे इतनी उन्नति कर ली थी। जब दुनिया बंजारो की तरह रह रही थी तब हमने एक उन्नत और जटिल सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था स्थापित कर ली थी। अब समय आ गया है अब दुनिया भारत के इस उत्कृष्ट अस्तित्व को पहचाने और उसे श्रेया दे। हो सकता है इससे मानव जाती के विकास के मार्ग प्रशस्त हों।

Tags: पुरातत्वराजस्थानहड़प्पा
शेयर1731ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कैप्टन अमरिंदर सिद्धू के स्वभाव से भली भांति परिचित थे, बस सिद्धू की एक गलती की प्रतीक्षा कर रहे थे

अगली पोस्ट

दोराबजी टाटा – जिन्होंने ओलंपिक में भारत की एंट्री कराई और भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया

संबंधित पोस्ट

नील विद्रोह
इतिहास

“नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

2 October 2026

हमारे देश में अनेक आंदोलन हुए, जिनका दर्द आज भी भारतीयों की रगों में जिंदा है। कुछ आंदोलन ऐसे हैं, जो बिना तोप ताने और...

जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….
इतिहास

जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

2 October 2026

वो कहते हैं “दुर्घटना से देर भली”। आज भारत की आक्रामकता से कोई भी अनभिज्ञ नहीं है। परंतु स्वतंत्रता के पश्चात प्रारम्भिक दो दशकों में...

22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था
इतिहास

‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

28 September 2026

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की चर्चा भगत सिंह का नाम लिए बगैर हमेशा अधूरी ही मानी जाएगी। भगत सिंह का योगदान इतिहास के...

और लोड करें

टिप्पणियाँ 2

  1. sandysandeep956819@gmail.com says:
    5 years पहले

    आपका कहना है कि हड़प्पा सभ्यता के लोग मल्टीग्रेन लड्डू खाते थे तो मल्टी के लड्डू के पत्थर के होते थे जो इतने सालों बाद भी आप को सुरक्षित साथ लड्डू मिले वह सड़े नहीं कौन से लड्डू थे जो अभी तक आप को जिंदा मिले मेरे को यह समझ में नहीं आया

    Reply
    • Hemlata Mishra says:
      5 years पहले

      sandysandeep956819@gmail.com Yehan moorkhoon ko samjhane ki baat nahi ki ja rahi hai..

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

00:03:14

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited