TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव

    ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव: संसद में सरकार-विपक्ष आमने-सामने

    जयशंकर बोले – भारत की प्रगति का रास्ता भारत खुद तय करेगा

    अमेरिका के बयान पर विदेश मंत्री जयशंकर की प्रतिक्रिया, कहा– भारत आगे बढ़ता रहेगा

    कल्पवृक्ष बुक क्लब

    कल्पवृक्ष बुक क्लब, उदयपुर में “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस” पर महिला विशेष पुस्तक सत्र आयोजित

    सीमांचल को लेकर पप्पू यादव के ट्वीट पर गृह मंत्री का जवाब

    सीमांचल बनेगा केंद्र शासित प्रदेश? सरकार ने सामने रखी सच्चाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान ने भारत का किया धन्यवाद

    ईरान ने भारत का किया धन्यवाद, कोच्चि डॉकिंग पर जयशंकर ने संसद को बताया हाल

    ईरान का बहरीन की BAPCO तेल रिफाइनरी पर हमला

    ईरान के हमले के बाद BAPCO रिफाइनरी से उठता दिखा घना धुआं

    आईआरआईएस डेना

    ईरानी युद्धपोत ‘IRIS देना’ पर हमला युद्ध का परिणाम, भारतीय नौसेना को इसमें घसीटना प्रोपेगेंडा से ज्यादा कुछ नहीं

    इज़राइल और ईरान

    इज़राइल और ईरान: सद्दाम के खिलाफ रणनीतिक सहयोगी से बदलते रिश्तों के कारण कट्टर प्रतिद्वंद्वी बने

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पाश्चात्य सभ्यता में महिलाओं को कमतर आँकने के विचार को एक सिद्धान्त ने और पुष्ट किया कि उनमें आत्मा नहीं पायी जाती है।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: नारी सशक्तिकरण और पाश्चात्य Vs वैदिक दर्शन, क्या वैदिक काल में महिलाओं को प्राप्त अधिकारों का स्तर हासिल कर सके हैं पश्चिमी देश?

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव

    ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव: संसद में सरकार-विपक्ष आमने-सामने

    जयशंकर बोले – भारत की प्रगति का रास्ता भारत खुद तय करेगा

    अमेरिका के बयान पर विदेश मंत्री जयशंकर की प्रतिक्रिया, कहा– भारत आगे बढ़ता रहेगा

    कल्पवृक्ष बुक क्लब

    कल्पवृक्ष बुक क्लब, उदयपुर में “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस” पर महिला विशेष पुस्तक सत्र आयोजित

    सीमांचल को लेकर पप्पू यादव के ट्वीट पर गृह मंत्री का जवाब

    सीमांचल बनेगा केंद्र शासित प्रदेश? सरकार ने सामने रखी सच्चाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान ने भारत का किया धन्यवाद

    ईरान ने भारत का किया धन्यवाद, कोच्चि डॉकिंग पर जयशंकर ने संसद को बताया हाल

    ईरान का बहरीन की BAPCO तेल रिफाइनरी पर हमला

    ईरान के हमले के बाद BAPCO रिफाइनरी से उठता दिखा घना धुआं

    आईआरआईएस डेना

    ईरानी युद्धपोत ‘IRIS देना’ पर हमला युद्ध का परिणाम, भारतीय नौसेना को इसमें घसीटना प्रोपेगेंडा से ज्यादा कुछ नहीं

    इज़राइल और ईरान

    इज़राइल और ईरान: सद्दाम के खिलाफ रणनीतिक सहयोगी से बदलते रिश्तों के कारण कट्टर प्रतिद्वंद्वी बने

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पाश्चात्य सभ्यता में महिलाओं को कमतर आँकने के विचार को एक सिद्धान्त ने और पुष्ट किया कि उनमें आत्मा नहीं पायी जाती है।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: नारी सशक्तिकरण और पाश्चात्य Vs वैदिक दर्शन, क्या वैदिक काल में महिलाओं को प्राप्त अधिकारों का स्तर हासिल कर सके हैं पश्चिमी देश?

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

1965: हाजी पीर पास का वो युद्ध जो भारत जमीन पर जीत कर भी टेबल पर हार गया

ये कथा है हाजी पीर के उस विजयगाथा की, जिसमें भूमि पर विजय तो भारत ने प्राप्त की, पर कूटनीति के क्षेत्र में इस ‘कोहिनूर’ जैसी विजय को अपने हाथों से गंवा दिया! 

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
27 August 2021
in रक्षा, रणनीति
हाजी पीर पास
Share on FacebookShare on X

आप यह कल्पना कीजिये कि आपने ने काफी कठिनाइयों के पश्चात टोक्यो ओलंपिक में जर्मनी के विरुद्ध हॉकी के स्पर्धा में कांस्य पदक का मैच खेला। आप प्रारंभ में पिछड़े, परंतु आपकी जीवटता और टीम के अदम्य साहस के कारण देश ने वर्षों बाद ओलंपिक में पदक का सूखा खत्म किया। परंतु जब पदक समारोह का समय आया, तो आपने ‘मानवीय आधार’ पर अपना कांस्य पदक जर्मनी को सौंप दिया। लोगों के मस्तिष्क में सर्वप्रथम यही प्रतिक्रिया आएगी – पागल हो क्या?

ऐसा ही कुछ हमारे इतिहास में भी हुआ था। दशकों पहले हमारी सेना ने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देते हुए एक ऐसी विजय प्राप्त की, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था। यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भी थी, क्योंकि इस क्षेत्र पर विजय पाने से भारत सामरिक तौर पर पाकिस्तान पर प्रभुत्व प्राप्त कर सकता था। परंतु, कूटनीति के मंच पर हमने एक ऐसी गड़बड़ की, जिसका दुष्परिणाम आज भी पूरा भारत भुगत रहा है। ये कथा है हाजी पीर पास के उस विजयगाथा की, जिसमें भूमि पर विजय तो भारत ने प्राप्त की, पर कूटनीति के क्षेत्र में इस ‘कोहिनूर’ जैसी विजय को अपने हाथों से हमने गंवा दिया।

संबंधितपोस्ट

दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट, लाल किले के पास मंदिर निशाने पर

जेल में बिगड़ी सेहत: इमरान खान की आंखों की रोशनी घटी, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

भारत अमेरिका डिल से पाकिस्तान हैरान, कम टैरिफ को लेकर किया सोशल मीडिया पर आलोचना

और लोड करें

सबसे पहले यह समझते हैं कि ये हाजी पीर पास है क्या, और इसकी रणनीतिक विजय एवं कूटनीतिक पराजय से आज भी हम भारतीयों को इसके दुष्परिणाम क्यों भुगतने पड़ते हैं? हाजी पीर पास पाक अधिकृत कश्मीर में LOC से 8 किलोमीटर की दूरी पर, समुद्र तल से 8652 फुट की ऊंचाई पर एक पास है। ये दर्रा [Mountain Pass] उरी से पुंछ वाले क्षेत्र के निकट पड़ता है, और सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। आज भी आतंकियों के भारत में प्रवेश करने हेतु ये सबसे सरल और सुगम लॉन्चपैड में से एक माना जाता है।

इस कथा का प्रारंभ हुआ 1965 में। भारत को चीन से पराजय मिले ढाई वर्ष से अधिक हो चुके थे, और आर्थिक एवं कूटनीतिक मोर्चों पर भारत क्षत विक्षत पड़ चुका था। प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु हुए एक वर्ष से अधिक हो चुका था। उनका स्थान लाल बहादुर शास्त्री ने अवश्य लिया था, लेकिन न तो उन पर काँग्रेस के अधिकतम नेताओं को विश्वास था, और न ही देश की अधिकांश जनता को।

इसी बीच पाकिस्तान एक बार कश्मीर को हथियाने के लिए एक नया षड्यन्त्र रचने लगा, जिसके लिए उसने 1963 में हजरतबल मज़ार को लेकर उत्पन्न विवाद को आधार बनाया। आपको बता दें कि तब का पाकिस्तान आज के पाकिस्तान की भांति न तो भिखमंगा था, और न ही वह ऐसा देश था, जिसे भारत जब मन चाहता, तब पटक सकता था। कूटनीतिक, औद्योगिक और आर्थिक तौर पर पाकिस्तान मजबूत था, जिसका शासन फील्ड मार्शल अयूब खान के हाथों में था।

अप्रैल 1965 के आसपास कच्छ में पाकिस्तान ने सीज़फायर लाइन का उल्लंघन किया, और प्रत्युत्तर में भारत ने भी उचित उत्तर दिया। रणनीतिक रूप से भारत को कुछ लाभ प्राप्त हुआ, परंतु कूटनीतिक रूप से पाकिस्तान इस मोर्चे पर विजयी सिद्ध हुआ।

Pakistan was also superior in diplomatic terms, which proved harmful for India during the Rann of Kutch conflict, which ended in a diplomatic victory for Pakistan – https://t.co/apPgSjuLZc

— Animesh Pandey (Modi Ka Parivar) 🇮🇳 (@PandeySpeaking) August 15, 2021

इस कूटनीतिक विजय से उत्साहित होकर पाकिस्तान ने एक ‘नया षड्यन्त्र’ रचा – ऑपरेशन जिब्राल्टर। जब मध्य एशिया, विशेषकर मिडिल ईस्ट में इस्लाम की स्थापना हो चुकी थी, तो अरब आक्रमणकारियों ने 8 वीं सदी में Hispania peninsula पर आक्रमण किया और अपना आधिपत्य जमाया, जिसमें वर्तमान पुर्तगाल और स्पेन भी सम्मिलित है। इसी भांति पाकिस्तान कश्मीर पर आधिपत्य स्थापित कर भारत को एक ऐसा घाव देना चाहता था, जिससे वह कभी न उबर सके। यही कारण था कि इस ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन जिब्राल्टर रखा गया, जिसके अंतर्गत कश्मीरियों को ‘जिहाद’ के नाम उकसाया जाता, और उन्हें भारतीय फौजों का सर्वनाश करने के लिए प्रेरित किया जाता। इस काम के लिए मेजर मालिक मुनव्वर खान अवान जैसे अफसर भी चुने गए, जिन्होंने कभी नेताजी की आजाद हिन्द फौज को अपनी सेवाएँ दी थी।

Do you know why Pakistan chose the codename Operation Gibraltar?

In 8th century, the Islamists had conquered the Iberian peninsula , that comprised the likes of modern Portugal and Spain. As such, Pakistan wanted to repeat the success of the 'holy mission' of Gibraltar.

— Animesh Pandey (Modi Ka Parivar) 🇮🇳 (@PandeySpeaking) August 15, 2021

परंतु इस पूरे प्रकरण में उन्होंने न तो भारतीयों की शक्ति को आँकने की सोची, और न ही ये जानने का प्रयास किया कि भारतीयों का सेनाध्यक्ष कौन है। उस समय भारत की थलसेना की कमान जनरल जयंतो नाथ चौधुरी थे, जिन्होंने मेजर जनरल के तौर पर न सिर्फ हैदराबाद में निज़ाम शाही और उसके रजाकारों के छक्के छुड़ाने में एक अहम भूमिका निभाई थी, अपितु भारत का तीसरा विभाजन होने से भी बचाया था।

https://twitter.com/LaffajPanditIND/status/1426877378173706241

इसके अलावा कश्मीरियों ने भी पाकिस्तान की योजना में उनका कोई साथ नहीं दिया, और उलटे वे जहां भी गए, उन्होंने खुलकर भारतीय सेनाओं की सहायता की और उन्हें पाकिस्तानी सेनाओं एवं मुजाहिद्दीनों के बारे में आवश्यक जानकारी दी। ऑपरेशन जिब्राल्टर न केवल असफल हुआ, अपितु भारत एक बार फिर एक बहुत बड़ी त्रासदी का शिकार होने से बच गया। परंतु ये इस कहानी का एक भाग था, क्योंकि असली युद्ध तो अभी बाकी था।

जब प्रधानमंत्री को स्थिति का आभास हुआ, तो उन्होंने आपातकालीन बैठक बुलाई। उन्होंने स्पष्ट कहा, “भारत केवल घुसपैठियों [पाकिस्तानियों] को अपने भूमि से हटा नहीं सकता। घुसपैठ यदि जारी रहती है, तो हमें भी अपनी लड़ाई दूसरी ओर मोड़नी होगी।” शेखर कपूर और एबीपी न्यूज द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित वेब सीरीज़ ‘प्रधानमंत्री’ में लालबहादुर शास्त्री के किरदार इसी बात को स्पष्टता से रेखांकित करते हैं।

आखिरकार 15 अगस्त 1965 को भारत ने सीमा रेखा पार करते हुए पाकिस्तान के नियंत्रण में आए कुछ क्षेत्रों पर पुनः नियंत्रण प्राप्त किया, जहां से वे श्रीनगर से लेह जाने वाले राजमार्ग पर बाधा डाल रहे थे। परंतु भारत इतने पे नहीं रुका। ब्रिगेडियर ज़ोरावर चंद बख्शी के नेतृत्व में एक बेहतरीन युक्ति निकालते हुए भारत ने हाजी पीर पास को पाकिस्तान के नियंत्रण से स्वतंत्र करने का निर्णय किया।

यह मिशन कतई सरल नहीं था, क्योंकि कारगिल की भांति शत्रु ऊंचाई पर आधुनिक शस्त्रों के साथ सुसज्जित था। हमारे जवानों के पास परंतु .303 राइफल को 7.62 mm सेमी ऑटोमैटिक L1A1 राइफल ने पूर्णतया रिप्लेस नहीं किया था। इसके बावजूद हमारे योद्धा हर स्थिति में जूझने को तैयार थे।

19 वीं Infantry Division को हाजी पीर पास को स्वतंत्र कराने का दायित्व दिया गया, जिसके अंतर्गत 1 Para Regiment, 4 Rajput Regiment, 19 Punjab Regiment, 6 Jammu and Kashmir Light Infantry Regiment, 4 Sikh Light Infantry Regiment, 164 Field Regiment इत्यादि की टुकड़ियों को इस मिशन के लिए चयनित किया गया था। शत्रु को सीधे मुंह जवाब देने के स्थान पर Pincer Movement रणनीति के अंतर्गत धावा बोलने की रणनीति तैयार की गई, यानि शत्रु को दो तरफ से घेरकर उनके पलटकर वार करने की संभावना को क्षीण करने पर ध्यान देने को सुनिश्चित किया गया। इस पूरे प्रकरण में सबसे आगे रही 1 Para Regiment, जिसके कमांडिंग अफसर मेजर रंजीत सिंह दयाल ने अदम्य साहस का परिचय दिया।

आखिरकार युद्ध का दिन आया – 25 अगस्त 1965। इस दिन की संध्या को 19 Infantry Division, विशेषकर 1 Para Regiment की टुकड़ी ने साँक के रास्ते पाकिस्तानी खेमे पर धावा बोला। भारतीयों ने भोजन के ऊपर गोला बारूद को प्राथमिकता दी, इसलिए भोजन में केवल शक्कर पारे और सूखे बिस्कुट साथ लेकर गए। तीन दिनों तक चले भीषण युद्ध में भारतीयों ने काफी कुछ खोया, परंतु अंत में 28 अगस्त को साँक में विजय प्राप्ति के साथ ही हाजी पीर पास पर तिरंगा लहराया गया। 10 सितंबर आते आते सम्पूर्ण हाजी पीर पास पाकिस्तान के चंगुल से मुक्त हो चुका था।

1971 के विजय से पूर्व, 1999 के कारगिल के अभूतपूर्व विजय और हाल के सर्जिकल स्ट्राइक्स एवं एयर स्ट्राइक्स से बहुत पहले ये एक ऐसी विजय थी, जिसके बारे में आज भी हमारा आधा देश अनभिज्ञ है। हम बड़े चाव से मुगलों का इतिहास पढ़ाते हैं, परंतु यह पढ़ाने में क्यों सांप सूंघ जाता है कि कैसे मेजर रंजीत सिंह दयाल ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए हाजी पीर पास जैसे क्षेत्र को पाकिस्तान के चंगुल से मुक्त कराया, कैसे हवलदार उमराव सिंह ने इस युद्ध में अपना सर्वस्व अर्पण करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी, परंतु माँ भारती का मस्तक नहीं झुकने दिया? मेजर रंजीत सिंह को जहां उनकी सेवा के लिए भारत के दूसरे सर्वोच्च वीरता सम्मान [युद्धकाल], महावीर चक्र से सम्मानित किया गया, तो वहीं हवलदार उमराव सिंह को मरणोपरांत भारत के तीसरे सर्वोच्च वीरता सम्मान, वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

परंतु हमारे देश का अहो दुर्भाग्य देखिए, जिस युद्ध में रणनीतिक कौशल एवं अदम्य साहस से भारत ने विजय प्राप्त की, उसे हमने कूटनीति की मेज पर गंवा दिया। ताशकंद में हुए समझौते के अंतर्गत भारत और पाकिस्तान ने जो भी क्षेत्रों पर कब्ज़ा जमाया था, वो उन्हे जस का तस छोड़ना था, यानि युद्ध से पूर्व वाली स्थिति में। यानी भारत ने हाजी पीर पास को जो पुनः स्वतंत्र कराया था, और जो भारत सियालकोट और लाहौर को लगभग पुनः स्वतंत्र कराने की स्थिति में पहुँच चुका था, उसे इन दोनों ही मोर्चों से पीछे हटना पड़ा। आज इसी भूल के कारण भारत को कश्मीर में आतंकवादियों के उत्पात का सामना करना पड़ता है। कल्पना कीजिए यदि हमने हाजी पीर पास को अपने नियंत्रण में ही रखा होता, तो आज भारत कहाँ होता?

 

Tags: 1965ऑपरेशन जिब्राल्टरपाकिस्तान
शेयर166ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

PM मोदी के डर से चीन की उडी नींद, “वुहान लैब लीक थ्योरी” की जांच करने वाले भारतीय शिक्षक के खिलाफ Global Times ने छापा लेख

अगली पोस्ट

कैप्टन अमरिंदर सिद्धू के स्वभाव से भली भांति परिचित थे, बस सिद्धू की एक गलती की प्रतीक्षा कर रहे थे

संबंधित पोस्ट

भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका
रक्षा

नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

9 March 2026

नारी शक्ति को भारत में सलाम है, भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। यह बदलाव सेना की कार्यसंस्कृति में एक...

सुखोई-30 विमान दुर्घटना
भारत

सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

6 March 2026

साल 2025 से लेकर 2026 तक के विमान हादसे के आंकड़े देखा जाए तो , रोंगटे खड़े हो जाएंगे, कई फ्लाइट क्रैश हो गए कितने...

रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी
रक्षा

रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

4 March 2026

रक्षा खरीद बोर्ड (DPB) ने सोमवार को भारतीय वायु सेना (IAF) के रूस से पांच और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited