TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

अब्बासी खलीफाओं के वक्त बग़दाद में स्थापित बैत-अल-हिकमा को इस्लामी ज्ञान और दर्शन का केंद्र माना जाता है, लेकिन ये ज्ञान वहां तक ईरान के रास्ते भारत से ही पहुंचा था

Prashant Pole द्वारा Prashant Pole
16 March 2026
in इतिहास, ज्ञान, भू-राजनीति, वेस्ट एशिया, संस्कृति
जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

जुंदिशापुर, ईरान के 31 राज्यों में से एक, खुजेस्तान में हैं।

Share on FacebookShare on X

ईरान और अमेरिका / इजरायल के बीच युद्ध जारी हैं। दो सप्ताह से ज्यादा समय हो चुका हैं। एक दूसरे पर जबर्दस्त बमबारी हो रही हैं। विशेषतः अमेरिका, ईरान पर भयानक और विनाशक बम बरसा रहा हैं। ऐसे में, मैं खोज रहा था, ईरान के जुंदिशापुर के क्या हाल हैं?

सौभाग्य से जुंदिशापुर (ईरान में वर्तमान समय में इसका आधिकारिक नाम – Gundishapur), अभी भी बचा हुआ है, व सुरक्षित है। जिनेवा संधि / सम्मेलन (Geneva Convention) के अनुसार, युद्ध के प्रसंग में किसी भी देश के पुरातत्व महत्व के स्थान पर बमबारी करना, अपराध माना गया हैं। उस पर, जुंदिशापुर तो यूनेस्को द्वारा संरक्षित स्मारक हैं।

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

अर्थात, अमेरिका को जिनेवा संधि की बहुत कुछ पड़ी नहीं हैं। उसकी बमबारी के कारण गोलेस्तान पैलेस (तेहरान) और चेहेल सोटौन पैलेस (इस्फाहन) ऐतिहासिक महत्व के ये स्थान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। यूनेस्को ने इस पर चिंता प्रकट की हैं। किंतु अमेरिका को इसकी परवाह हैं, ऐसा लगता नही।

अमेरिका जहां पर पूरी ताकत के साथ बमबारी कर रहा हैं, वो स्थान हैं – इस्फहान (कहते हैं, इसके आसपास ईरान के मिसाइल्स और परमाणु हथियारों के ठिकाने हैं), कोम, करज, केरमान्शाह, लोरेस्तान, ताब्रिज, कनाराक के नौसैनिक अड्डे आदि। इनमें जुंदिशापुर का क्षेत्र नहीं हैं। जुंदिशापुर, ईरान के 31 राज्यों में से एक, खुजेस्तान में हैं। ईरान के बिल्कुल दक्षिण–पश्चिम में, पर्शियन गल्फ से लगा हुआ। यूनेस्को के संरक्षण में हैं।

जुंदिशापुर का इतना महत्व क्यों..?

जुंदिशापुर ऐतिहासिक महत्व का स्थान हैं। किसी जमाने में यहां विश्वविद्यालय हुआ करता था। गणित और खगोल शास्त्र का यहां अभ्यास होता था। शोध होते थे। उन दिनों इरान में पारसी लोग थे। पारसी राजा थे। ये सारे ज्ञान के पूजक थे। हमारे देश में जब तक्षशिला पर हूणों के आक्रमण हो रहे थे, उन दिनों ईरान के राजा शापुरजी (प्रथम) ने यहां पर विश्वविद्यालय की स्थापना की थी।

*किंतु इस जुंदिशापुर की एक और विशेषता हैं। इस विश्वविद्यालय पर भारतीय विद्वानों का गहन प्रभाव था। यहां अनेक भारतीय आचार्य विद्यादान करते थे। तीसरी शताब्दी से इस्लामी आक्रमण होने तक, अर्थात सातवीं शताब्दी तक, यह विश्वविद्यालय फलता–फूलता रहा। छठवीं शताब्दी के पारसी राजा खोसरोव (प्रथम) ने इस विश्वविद्यालय को और सशक्त किया। अनेक नए पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के लिए आचार्यों को प्रोत्साहित किया। आयुर्वेद, शरीरशास्त्र, खगोल शास्त्र, गणित आदि विषयों का यहा विस्तृत अभ्यास होता था। यह विश्वविद्यालय, संस्कृत के ग्रंथों को पहलवी और अरबी भाषाओं में अनुवाद करने का केंद्र था। अनेक आयुर्वेदिक ग्रंथों का मध्य पर्शियन (पहलवी) भाषा में अनुवाद किया गया।
पंचतंत्र का अनुवाद, ‘कलिला वा दिमना‘ के नाम से हुआ जो उन दिनों अत्यंत लोकप्रिय था। उन दिनों पारसी प्राध्यापक बोर्झुया, जो जीव विज्ञान / शरीर शास्त्र / आयुर्वेद का अध्यापन कर रहे थे, उन्होंने भारत का भ्रमण करके, अनेक भारतीय ग्रंथों का संग्रह किया था।

आर्यभट्ट और ब्रह्मगुप्त की पुस्तकों का जुंदिशापुर विश्वविद्यालय में अध्यापन

जुंदिशापुर के इस विश्वविद्यालय में आर्यभट्ट और ब्रह्मगुप्त की पुस्तकों का अध्यापन होता था। बाद में इन पुस्तकों का अरबी और पहलवी भाषा में भी अनुवाद हुआ।

प्राचीन पर्शियन ग्रंथों में, अनेकों बार भारतीय विद्वानों का, उनकी पुस्तकों का उल्लेख आता हैं। पर्शिया (प्राचीन ईरान) में इस्लामी शासन आने के बाद भी भारतीय प्रभाव बना रहा। पर्शिया के प्रख्यात गणितज्ञ अल – ख्वारिझ्मी ने भारतीय अंकगणित पर एक पुस्तक लिखी, जो आने वाले सैकड़ो वर्षों तक, ईरान मे गणितीय अध्ययन का आधार ग्रंथ रही।

अल् बरूनी (वर्ष 973 – वर्ष 1048) का तो अनेकों बार उल्लेख आता हैं। यह महमूद गजनी के साथ भारत आए। यहां की विद्वत्ता देखकर आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने संस्कृत का गहन अध्ययन किया। ‘किताब–उल–हिंद‘ नाम की पुस्तक लिखी, जिसमें भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रशंसा की हैं। ‘तारीख–अल–हिंद‘ (भारत का इतिहास) यह उनकी भारतीय संस्कृति पर लिखी पुस्तक हैं।

वराहमिहिर और ईरान के जुंदिशापुर का रिश्ता

वराहमिहिर (वर्ष 505 – वर्ष 587) उज्जैन में खगोल शास्त्र और गणित के विद्वान के रूप में प्रस्थापित हो रहे थे। उन्ही दिनों पर्शिया (ईरान) के राजा खोसरोव – प्रथम (वर्ष 531 – वर्ष 579), जुंदिशापुर को नया और विस्तारित रूप देने का प्रयास कर रहे थे। वराहमिहिर की ख्याति सुनकर, खोसरोव (प्रथम) ने उन्हें जुंदिशापुर आमंत्रित किया। वराहमिहिर ने जुंदिशापुर में खगोलीय वेधशाला स्थापित की। वहां के अध्यापकों को खगोल शास्त्र और गणित के बारे में नई जानकारी दी।

बाद में भारत लौटकर, वराहमिहिर ने भिन्न–भिन्न देश की खगोलीय संकल्पनाओं पर आधारित ‘पंच सिद्धांतिका‘ की रचना की। यह पांच सिद्धांत थे –

सूर्यसिद्धांत         –  भारतीय

वशिष्ठसिद्धांत      –  भारतीय

पितामहसिद्धांत   –  प्राचीन भारत

पौलिसासिद्धांत   –  ग्रीक (यूनानी)

रोमिकासिद्धांत    –  रोमन

इसका अर्थ स्पष्ट हैं, हमारे पूर्वज, हमारे पुरखे, अन्य देशों की ज्ञान परंपरा का सम्मान करते थे। उनका अध्ययन करते थे। वह कभी भी कूपमंडूक नहीं रहे।

भारतीय ज्ञान ईरान के रास्ते बग़दाद (बैत–अल–हिकमा’) और यूरोप पहुँचा

वर्ष 651 में, पर्शिया पर अरबों का आक्रमण हुआ। तब तक अरब, मुस्लिम बन गए थे। उन्होंने पर्शिया से पारसी लोगों को भगाया (उनमें से कुछ लोगों ने भारत में आश्रय लिया)। बाद में जुंदिशापुर तथा अन्य स्थानों के प्राध्यापक और विद्वानों ने बगदाद की ओर रुख किया। अगले सौ – डेढ़ सौ वर्षों में, बगदाद के खलीफा हारून–अल–रशीद ने ‘ज्ञान का घर‘ (House of Wisdom. अरबी भाषा में – ‘बैत–अल–हिकमा‘) संस्थान खड़ा किया। इस पुस्तकालय / अनुसंधान केंद्र में, बड़े पैमाने पर अनुवाद का काम होता था। अनुवाद भी किसका? भारतीय ग्रंथों का, संस्कृत ग्रंथों का।

बाद में इटली के सिसिली और तोलेडो में इन अरबी ग्रंथों का लैटिन भाषा में अनुवाद किया गया। भारत का ज्ञान यूरोप पहुंचा, वो इस रास्ते से भी।

छठवीं से दसवीं शताब्दी के बीच अनेक भारतीय विद्वानों के ग्रंथों का अरबी में अनुवाद हुआ। इनमें आर्यभट, वराहमिहिर, ब्रह्मगुप्त, सुश्रुत आदि प्रमुख थे। ब्रह्मगुप्त के ‘सिद्धांत‘ का अरबी में अनुवाद ‘सिंधिंद‘ (Sindhind) नाम से हुआ। सुश्रुत की पुस्तक को अरबी में ‘किताब–ए–सुसरुद‘ कहा गया।

पर्शिया पर इस्लाम मानने वाले अरबों का शासन आने के बाद भी, वे अरब भारत की ज्ञान परंपरा का अत्यंत सम्मान करते थे। हारून–अल– रशीद ने अपने अधिकारियों को भारत के विश्वविद्यालयों में जाकर, प्रतिभावान छात्रों को पर्शिया (प्राचीन ईरान) में लाने का प्रयास करने के लिए कहा था। संभवत: यह विश्व का पहला ‘कैंपस इंटरव्यू‘ था..!

हारून–अल–रशीदी की अपील पर अनेक प्रतिभावान भारतीय छात्र बगदाद गए। उनमें से अधिकतर, संस्कृत के विद्वान थे, जिन्होंने अनेक संस्कृत ग्रंथों का अरबी भाषा में अनुवाद किया। ‘मनका‘ जैसा प्रसिद्ध राजवैद्य भी पर्शिया आया था। उसने सुश्रुत, चरक समवेत अनेक विद्वानों के संस्कृत ग्रंथों को अरबी में प्रस्तुत किया।

प्राचीन पर्शियन विद्वान अल–जाहिज  (776 – 868) ने भारतीयों के बारे में लिख रखा है –

‘The Indians are distinguished in the sciences of astronomy arithmetic and medicine.’

(भारतीय लोक, खगोल विज्ञान, अंक गणित और चिकित्सा के क्षेत्र में विशिष्ट स्थान रखते हैं)

दसवीं शताब्दी के ईरान के अल–मसूरी ने लिखा है –

‘Among the nations, the Indian excel in astronomy and mathematics.’

(अन्य देशों की तुलना में भारतीय, खगोल विज्ञान और गणित में उत्कृष्ट हैं)

ग्यारहवीं शताब्दी के अल–बरूनी (973 – 1048) की पुस्तक, ‘किताब–अल–हिंद‘, भारतीयों के प्रशंसा से भरी पड़ी है वे लिखते हैं –

‘The Hindus are very skilled in the science of numbers and calculations.’

(हिंदू, गणित और गणना विज्ञान में अत्यधिक कुशल हैं)।

वे आगे लिखते हैं –

‘The Hindu possess a great deal of scientific knowledge, particularly in astronomy, mathematics and the calculation of eclipses.’

(हिंदुओं के पास वैज्ञानिक ज्ञान का एक बड़ा भंडार हैं। विशेष रूप से खगोल विज्ञान, गणित और ग्रहणों की गणना का!)

संक्षेप में, आज का ईरान जब पर्शिया था, पारसी राजाओं की छत्रछाया में फल–फूल रहा था, तब भारतीय विद्वानों को पर्शिया में बड़ा सम्मान था। उन्हें आदर पूर्वक पर्शिया बुलाया जाता था। वराहमिहिर ने पारसी राजा के अनुरोध पर वेधशाला और खगोलीय गणना केंद्र स्थापित किए। अनेक महत्वपूर्ण भारतीय ग्रंथों का पहलवी और अरबी भाषा में अनुवाद हुआ। यह श्रृंखला, पर पर्शिया पर मुस्लिम अरबों के कब्जे के बाद भी, ग्यारहवीं / बारहवीं शताब्दी तक चलती रही। बाद में, जब भारत पर ही मुस्लिम आक्रांता शासन करने लगे, तो भारतीयों के प्रति सम्मान जाता रहा और पर्शिया ने भारत के विद्वानों को बुलाने की प्रथा / परंपरा समाप्त की..

Tags: ancient knowledge networks Eurasiaancient observatories in Persiaancient Persian academy of scienceancient universities of the worldcultural exchange India Iran historyGondishapur scholars and medicineGondishapur UniversityGreek Persian Indian knowledge exchangehistory of astronomy in Persiahistory of science in IranHouse of Wisdom originsIndia Persia intellectual exchangeIndian knowledge to Arab worldinfluence of Indian mathematics in PersiaJundishapur AcademyJundishapur history IranJundishapur medical schoolknowledge transmission India to Persiaorigins of Islamic scientific traditionPersian Golden Age sciencePersian scientific traditionSassanian Empire knowledge centersspread of Indian astronomy to Middle Easttranslation movement BaghdadVarahamihira observatory Iranइस्लामी विज्ञान का प्रारंभईरान में प्राचीन ज्ञान केंद्रजुंदिशापुर अकादमीजुंदिशापुर विश्वविद्यालयप्राचीन विश्व के विश्वविद्यालयफारसी स्वर्ण युग विज्ञानभारत-फारस बौद्धिक संबंधभारतीय खगोल विज्ञान का प्रसारभारतीय ज्ञान का अरब दुनिया में प्रसारवराहमिहिर वेधशाला ईरानसासानी साम्राज्य और विज्ञानहाउस ऑफ विजडम की उत्पत्ति
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना: फ्रंटलाइन की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में गरमागरम बहस को जन्म दिया

अगली पोस्ट

‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

संबंधित पोस्ट

महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य
संस्कृति

महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

17 June 2026

महाभारत में वर्णित सबसे चर्चित प्रसंगों में से एक वह है, जब भगवान श्रीकृष्ण शांति दूत बनकर हस्तिनापुर पहुंचे थे। उनका उद्देश्य कौरवों और पांडवों...

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच
चर्चित

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

15 June 2026

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे (दान) से जुड़े कथित धन के दुरुपयोग की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) ने औपचारिक रूप से अपने हाथ...

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता
इतिहास

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

9 June 2026

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited