TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    आम आदमी पार्टी में बड़ा बदलाव: राज्यसभा में राघव चड्डा की भूमिका कम, अशोक मित्तल को नई जिम्मेदारी

    आम आदमी पार्टी में बड़ा बदलाव: राज्यसभा में राघव चड्डा की भूमिका कम, अशोक मित्तल को नई जिम्मेदारी

    पश्चिम बंगाल के मालदा में SIR पर विवाद, विरोध-प्रदर्शन ने लिया उग्र रूप

    पश्चिम बंगाल के मालदा में SIR पर विवाद, विरोध-प्रदर्शन ने लिया उग्र रूप

    दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल की बरी होने के खिलाफ ईडी की याचिका पर लिया संज्ञान, मांगा जवाब

    दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल की बरी होने के खिलाफ ईडी की याचिका पर लिया संज्ञान, मांगा जवाब

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी

    अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    NASA का Artemis II मिशन: SLS रॉकेट के साथ इंसानों की चांद की ओर वापसी

    NASA का Artemis II मिशन: SLS रॉकेट के साथ इंसानों की चांद की ओर वापसी

    आइंस्टीन की थ्योरी से खुला ब्रह्मांड का रहस्य, वैज्ञानिकों ने खोजा सबसे शक्तिशाली स्पेस लेजर

    आइंस्टीन की थ्योरी से खुला ब्रह्मांड का रहस्य, वैज्ञानिकों ने खोजा सबसे शक्तिशाली स्पेस लेजर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    आम आदमी पार्टी में बड़ा बदलाव: राज्यसभा में राघव चड्डा की भूमिका कम, अशोक मित्तल को नई जिम्मेदारी

    आम आदमी पार्टी में बड़ा बदलाव: राज्यसभा में राघव चड्डा की भूमिका कम, अशोक मित्तल को नई जिम्मेदारी

    पश्चिम बंगाल के मालदा में SIR पर विवाद, विरोध-प्रदर्शन ने लिया उग्र रूप

    पश्चिम बंगाल के मालदा में SIR पर विवाद, विरोध-प्रदर्शन ने लिया उग्र रूप

    दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल की बरी होने के खिलाफ ईडी की याचिका पर लिया संज्ञान, मांगा जवाब

    दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल की बरी होने के खिलाफ ईडी की याचिका पर लिया संज्ञान, मांगा जवाब

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी

    अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    NASA का Artemis II मिशन: SLS रॉकेट के साथ इंसानों की चांद की ओर वापसी

    NASA का Artemis II मिशन: SLS रॉकेट के साथ इंसानों की चांद की ओर वापसी

    आइंस्टीन की थ्योरी से खुला ब्रह्मांड का रहस्य, वैज्ञानिकों ने खोजा सबसे शक्तिशाली स्पेस लेजर

    आइंस्टीन की थ्योरी से खुला ब्रह्मांड का रहस्य, वैज्ञानिकों ने खोजा सबसे शक्तिशाली स्पेस लेजर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत के सबसे ताकतवर परिवार से Meme Material तक: उत्तर प्रदेश के यादव परिवार की अद्भुत कथा

किसी भी चीज की अति हानिकारक है!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
11 January 2022
in चर्चित
मुलायम सिंह यादव
Share on FacebookShare on X

“कालीन भैया, इज्जत करते हैं लोग आपकी!”

“इज्जत नहीं करते, डरते हैं सब और डर की यही दिक्कत है, कभी भी ख़त्म हो सकता है!”

‘मिर्ज़ापुर’ वेब सीरीज का यह संवाद उत्तर प्रदेश के ऐसा परिवार की वास्तविकता को दर्शाता है, जिसके नाम से उत्तर प्रदेश समेत आधा भारत थर-थर काँपता था। यह डर इतना व्यापक था कि एक समय में केन्द्रीय राजनीति में इनके बिना कोई निर्णय नहीं लिया जाता था किन्तु समय का चक्र ऐसा बदला कि कल तक जो देश के सबसे ताकतवर खानदानों में से एक थे, आज सोशल मीडिया पर उन्हीं का मज़ाक सबसे अधिक उड़ाया जाता है। ये कथा है मुलायम सिंह यादव और उनकी समाजवादी पार्टी की। ये वही मुलायम सिंह यादव हैं, जिनके सुपुत्र को सदैव ‘टोंटीचोर यादव’ बताया जाता है और जिनके जुबान के लड़खड़ाने पर सहानुभूति तक नहीं जताई जाती।

उत्तर प्रदेश के बाहुबली परिवार की कहानी  

22 नवम्बर 1939 को सुघर सिंह यादव और मूर्ति देवी के घर पैदा हुए मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव मूल रूप से कृषि परिवेश से आते हैं किंतु वे राजनीति में विशेष रुचि रखते हैं। जितने दांव पेंच मुलायम सिंह अखाड़े में लगाते थे, उतने ही वे राजनीति के अखाड़े में भी लगाते थे। पहली बार 1967 में वे उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य के रूप में चुने गए और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री बने। वहीं, उन्होंने आपातकाल में इंदिरा गांधी का विरोध किया।

संबंधितपोस्ट

उत्तर प्रदेश भाजपा में संगठन बदलाव की तैयारी शुरू- 14 दिसंबर को होगा नए प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान

वाराणसी के मंदिर में हनुमान चालीसा बजने पर कट्टरपंथी मुस्लिम ने लगाई रोक कहा- “मेरे कानों तक आवाज ना आए”: क्यों बार-बार हिंदुओं की पूजा-पाठ और आस्था पर हमले होते हैं?

बरेली हिंसा मामले में बड़ी कार्रवाई, दो आरोपियों को एनकाउंटर के बाद किया गिरफ्तार

और लोड करें

और पढ़ें: शिवपाल को सत्ता से दूर रखने के लिए मुलायम सिंह यादव ने शिवपाल और अखिलेश के बीच पैदा की थी दरार!

एक कटु सत्य है कि हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती। सत्ता एक ऐसा विष होता है कि जो इसको ग्रहण कर ले, वो इसके दुष्प्रभावों से नहीं बच सकता। ऐसे में, जल्द ही मुलायम सिंह यादव का असली स्वरूप भी सामने आ गया। जेपी आंदोलन से जिसका भी संबंध रहा है, उसने सदैव देश का किसी न किसी रूप में नाश ही किया और मुलायम सिंह यादव भी इसी श्रेणी में आते थे। उत्तर प्रदेश में ‘बाहुबली’ राजनीति को लाने वाले यही व्यक्ति थे कि जब बुद्धि से न जीत सको, तो आतंक से विजयी हो। इसी के अंतर्गत मुलायम सिंह यादव ने यूपी में बिहार के ‘जंगलराज’ से पूर्व अपना ‘जंगलराज’ स्थापित किया। यहां बुद्धि मुलायम चलाते थे और बल शिवपाल यादव का था।

केंद्रीय राजनीति में भी सक्रिय थे मुलायम सिंह यादव

इसी तिकड़मबाज़ी के बल पर वर्ष 1989 में समाजवादी पार्टी की पहली बार उत्तर प्रदेश में सरकार बनी और एक वर्ष बाद ही बिहार में लालू प्रसाद यादव भी सत्ता में आ गए। इन दोनों नेताओं के सत्ता में आने के बाद एक साथ उत्तर प्रदेश और बिहार का पतन प्रारंभ हुआ लेकिन इस बीच दोनों के विरुद्ध चुनौती पेश करना मतलब प्रलय को निमंत्रण देने के समान था।

इसका प्रत्यक्ष प्रमाण 1990 में ही देखने को मिला, जब जलियांबाग की भांति मुलायम सिंह यादव ने शांतिप्रिय कारसेवकों पर अंधाधुंध गोलियां चलवाने का तालिबानी हुक्म दिया। इनको चुनौती देने के लिए कल्याण सिंह ने प्रयास किया परंतु उन्हें सम्पूर्ण समर्थन नहीं प्राप्त था और ठीक इसी समस्या के कारण राजनाथ सिंह जैसे योग्य प्रशासक को भी सत्ता से हाथ धोना पड़ा।

वहीं, मुलायम सिंह यादव केवल क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रहे अपितु 1996 से 1998 तक पहले प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और फिर इन्द्र कुमार गुजराल की सरकार में इन्होंने रक्षा मंत्रालय का कार्यभार भी संभाला। एक समय था जब मनमोहन सिंह की सरकार खतरे में थी, तब मुलायम सिंह यादव ने बाहरी समर्थन देकर केंद्रीय राजनीति में अपना प्रभुत्व कायम रखा। उनके बहुर्मुखी राजनीतिक प्रतिभा के कारण  2012 में समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में पुनः सत्ता भी प्राप्त की।

जब समाजवादी पार्टी का पतन प्रारंभ हुआ

परंतु वो कहते हैं न अति सर्वत्र वर्जयते, यानी किसी भी चीज की अति हानिकारक है। जिस भय नीति के बल पर समाजवादी पार्टी ने सत्ता प्राप्त की, उसी भय नीति ने उनके विनाश की नींव रखी। TFI द्वारा प्रकशित एक लेख में हम आपको बता चुके हैं कि कैसे योगी आदित्यनाथ को बतौर सांसद यादव परिवार की निरंकुशता का सामना करना पड़ा। योगी आदित्यनाथ तब संसद में बोले थे,

“सत्ता का संरक्षण प्राप्त होने के साथ साथ एक सत्ता द्वारा प्रायोजित उपद्रव किस तरीके से निर्दोष लोगों को जेल में ठूंसने का काम करता था इसका मैं स्वयं भुक्तभोगी हूं। 11 दिन तक मैं जेल में रहा। मुझे 27 जनवरी को जेल में डाला जाता है। संसद को सूचना दी जाती है कि मेरे ख़िलाफ 107/16 में FIR की जा रही है। 31 जनवरी को मेरे ख़िलाफ बैक डेट पर फिर से FIR दर्ज की जाती है। 10 हज़ार से ज़्यादा निर्दोष नागरिकों को जेल के अंदर डाला गया। मैं देखकर ताज्जुब में हूं कि जब मुझे न्याय नहीं मिल सकता तो देश के उन लोगों पर क्या बीत रही होगी जो इस आशा में हैं कि कोई सांसद या विधायक उनको न्याय दिला पाएगा।”

लेकिन जल्द ही अखिलेश यादव के शासन में समाजवादी पार्टी की निरंकुशता निर्लज्जता की सभी सीमाएँ पार करने लगी। इसी बीच 2014 में राजीतिक बयार ऐसी आई कि नरेंद्र मोदी ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता प्राप्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी को वर्षों बाद सत्ता में पहुंचाया। यही नहीं, उत्तर प्रदेश में भाजपा ने अविश्वसनीय प्रदर्शन का परिचय देते हुए 80 में से 71 सीटें भी जीती। यहीं से समाजवादी पार्टी का पतन प्रारंभ हुआ।

जिसने कथा प्रारंभ की, वही इसे खत्म भी करेगा!

मुलायम सिंह यादव अब पूर्व की भांति एक सुलझे हुए तिकड़मबाज़ नहीं रहे और उन्होंने वही किया जो महाभारत में धृतराष्ट्र ने किया। पुत्रमोह में अनर्थ को बढ़ावा दिया। इस कारण से अखिलेश यादव का न केवल दुस्साहस बढ़ा अपितु उसने पूरे समाजवादी पार्टी पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। लेकिन फिर भी 2017 तक उन्हें चुनौती देने वाला दूर-दूर तक कोई नहीं था।

‘घमंड में रावण तक नहीं टिक पाया, तो अखिलेश की क्या हस्ती?’ अपने आप को महाशक्तिशाली सिद्ध करने के लिए अखिलेश ने उस कांग्रेस से गठबंधन कर लिया, जिससे हाथ मिलाने को तृणमूल कांग्रेस तक तैयार नहीं थी। न किसी ने उन्हें कहा था, न इसकी कोई आवश्यकता थी। कहते हैं न अखिलेश के सामने कौन टिकता? अंत में क्या हुआ, इसके लिए कोई विशेष शोध की आवश्यकता नहीं है। 2017 के विधानसभा चुनाव में 325 सीटों पर NDA ने प्रचंड बहुमत प्राप्त करते हुए सत्ता पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया और अखिलेश यादव न घर के रहे, न घाट के!

और पढ़ें: राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हैं मुलायम सिंह यादव, अवसरवाद में नीतीश के बाद आता है उनका ही स्थान

एक समय होता था, जब समाजवादी पार्टी के किसी जिला स्तर के नेता के विरुद्ध भी कुछ बोलने से पहले हज़ार बार बोलना पड़ता था, यादव परिवार के विरुद्ध उंगली उठाना तो दूर की कौड़ी रही! लेकिन आज सोशल मीडिया पर इतने पेज हैं, जो बारम्बार अखिलेश यादव को ‘टोंटीचोर’ कहते हैं, मुलायम सिंह यादव को उनके तोतलेपन के लिए चिढ़ाते हैं और शिवपाल सिंह यादव की मानो कोई हस्ती नहीं है। यही पतन है यादव परिवार का, जिसके लिए एक ही व्यक्ति दोषी है – मुलायम सिंह यादव। जिसने कथा प्रारंभ की, वही इसे खत्म भी करेगा!

Tags: अखिलेश यादवउत्तर प्रदेशमुलायम सिंह यादवशिवपाल सिंह यादवसमाजवादी पार्टी
शेयर13ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

देवेंद्र फडणवीस ने जैसै विदर्भ को संवारा वैसे ही सीएम योगी ने किया बुंदेलखंड का कायाकल्प

अगली पोस्ट

सिखों का एक बड़ा वर्ग क्यों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से घृणा करता है?

संबंधित पोस्ट

विवाद से चुनावी मैदान तक: सेंथिल कुमार का बदला रुख, मंदिरों में आस्था के साथ नई सियासी शुरुआत
चर्चित

विवाद से चुनावी मैदान तक: सेंथिल कुमार का बदला रुख, मंदिरों में आस्था के साथ नई सियासी शुरुआत

3 April 2026

तमिलनाडु की राजनीति में एक दिलचस्प और चर्चित बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां पूर्व डीएमके सांसद सेंथिल कुमार एक बार फिर सुर्खियों में...

JNU रैंकिंग विवाद: दिग्विजय सिंह के दावे पर केंद्र का जवाब, आंकड़ों की तुलना पर उठे सवाल
चर्चित

JNU रैंकिंग विवाद: दिग्विजय सिंह के दावे पर केंद्र का जवाब, आंकड़ों की तुलना पर उठे सवाल

3 April 2026

देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय...

सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा पेपर के QR कोड विवाद पर दी सफाई, वायरल अफवाहों से सावधान रहने की चेतावनी
चर्चित

सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा पेपर के QR कोड विवाद पर दी सफाई, वायरल अफवाहों से सावधान रहने की चेतावनी

3 April 2026

देशभर में चल रही बोर्ड परीक्षाओं के बीच Central Board of Secondary Education (CBSE) ने प्रश्न पत्रों पर छपे QR कोड को लेकर फैल रही...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited