Crypto Crash: भारतीय निवेशकों के लिए भी घाटे का सौदा है

फायदे की जगह हो सकता है नुकसान!

मुख्य बिंदु

क्रिप्टो करेंसी को लेकर कई तरह की बातें कहीं गई थी। डिजिटल मुद्रा को बहुत से लोगों ने अंतरराष्ट्रीय लेन-देन के लिए डॉलर का विकल्प मान लिया था। यह माना जा रहा था कि क्रिप्टो करेंसी वैश्विक मुद्रा व्यवस्था में डॉलर का विकल्प बनेगी किंतु अब क्रिप्टो करेंसी को लेकर कई तरह की कठिनाइयां सामने आ रही हैं। कुछ दिनों पहले ही क्रिप्टो करेंसी के निवेशकर्ताओं को एक बड़े प्लेटफार्म पर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। अग्रणी क्रिप्टो करेंसी प्लेटफॉर्म Crypto.com ने पिछले हफ्ते स्वीकार किया कि इसके प्लेटफॉर्म पर 483 उपयोगकर्ताओं को दो-कारक (2FA) प्रमाणीकरण में गड़बड़ी के कारण विभिन्न डिजिटल सिक्कों में लगभग 34 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।

क्रिप्टो करेंसी में निवेशकर्ताओं को हुआ आर्थिक नुकसान

क्रिप्टो करेंसी के लेन-देन में सुरक्षा की दृष्टि से 2FA प्रमाणीकरण आवश्यक है। लेकिन पिछले सप्ताह कुछ लेनदेन बिना 2FA प्रमाणीकरण के हुए, जिसके बाद कंपनी ने एहतियातन जांच होने तक सभी लेन-देन स्थगित कर दिए, जिससे फ्रॉड या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता न हो। उपरोक्त घटना के बाद क्रिप्टो करेंसी को लेकर लोगों में संशय का भाव जन्म ले रहा था, इसी बीच क्रिप्टो करेंसी के अनधिकृत धन निकासी के कुछ दिनों बाद ही कई क्रिप्टो करेंसी यूजर को अपनी ID लॉगिन करने में दिक्कत आने लगी। इस संदर्भ में हजारों यूजर सोशल मीडिया पर अपनी शिकायत दर्ज करवा रहे थे। मामला इतना बढ़ गया कि स्वयं कंपनी के CEO Kris Marszalek को ट्विटर के माध्यम से आकर सफाई देनी पड़ी और लोगों को बताना पड़ा कि वह किस प्रकार अपने अकाउंट को दोबारा प्राप्त कर सकते हैं।

ट्विटर पर ट्वीट की श्रृंखला के माध्यम से उन्होंने एक ट्वीट थ्रेड में जवाब दिया, “अगर आप इस सप्ताह एक्सेस रीसेट के बाद हमारे ऐप में वापस नहीं आ सकते हैं, तो 95/100 मामलों में आप लॉगिन करने के लिए गलत ईमेल का उपयोग कर रहे हैं।” Kris Marszalek ने बीते शनिवार को ट्वीट करते हुए कहा, “हम एक ही फोन नंबर के साथ डुप्लीकेट खातों की अनुमति नहीं देते हैं, इसलिए यदि आप गलत ईमेल का उपयोग कर रहे हैं तो आप फंस जाएंगे।” उन्होंने कहा “हम इन मामलों में उपयोगकर्ताओं की एक-एक करके मदद कर रहे हैं, लेकिन हमारे मंच के पैमाने को देखते हुए इसमें समय लगता है।”

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क्रिप्टो करेंसी की विश्वसनीयता है प्रश्न

एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत समेत दुनियाभर में क्रिप्टो का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। हालांकि, इस समय दुनिया में सबसे ज्यादा क्रिप्टो निवेश भारत में मौजूद हैं। एक रिपोर्ट में बताया गया कि देश में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों की संख्या करीब 10.7 करोड़ हो चुकी है और 2030 तक क्रिप्टोकरेंसी में भारतीयों द्वारा निवेश बढ़कर 24.1 करोड़ डॉलर तक पहुंच सकता है। बताते चलें कि एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, क्रिप्टो के लिए वर्ष 2022 अब तक उचित प्रतीत नहीं हो रहा है क्योंकि क्रिप्टो में गिरावट के ट्रेंड को जारी रखते हुए बिटकॉइन की कीमत बीते शनिवार को 9.4% की गिरावट के साथ 36,436.88 डॉलर हो गई है। वहीं, इस साल की शुरुआत से ही इसमें 14 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।

बता दें कि क्रिप्टो करेंसी के संचालन में आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने निवेश तो कर दिया है लेकिन निवेशकर्ता कभी 2FA का पालन नहीं कर पा रहे तो कभी लॉगिन में दिक्कत आ रही है। इस कारण वित्तीय हानि भी हो रही है। इसके साथ ही क्रिप्टो करेंसी और उसे संचालित करने वाली कंपनियों की छवि खराब हो रही है। ऐसे में, आर्थिक जोखिम ने डिजिटल मुद्रा को डॉलर की प्रतिस्पर्धा में बहुत कमजोर कर रखा है और इसके जल्द सुधरने की गुंजाइश नहीं है। महत्वपूर्ण बात यह है कि क्रिप्टो करेंसी की विश्वसनीयता तब तक पूरी तरह बहाल नहीं हो सकती जब तक संप्रभु सरकारों द्वारा डिजिटल लेन-देन में सुरक्षात्मक मानदंड सुनिश्चित किए जाने के साथ-साथ इसका संचालन शुरू नहीं किया जाता।

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