TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अजीत अंजुम: भाजपा विरोधियों की तलाश में अपनी भद पिटवाने वाले एक बेरोजगार पत्रकार

जब यूपी वालों ने अजीत अंजुम को भर-भर कर धोया!

Utkarsh Upadhyay द्वारा Utkarsh Upadhyay
28 February 2022
in व्यंग
अजीत अंजुम

Source- TFIPOST

Share on FacebookShare on X

एक पत्रकार से क्या अपेक्षा की जाती है कि वो तथ्य बताए, बात को बिना तोड़े-मरोड़े समझाए और जनता से किये संवाद में शालीनता का परिचय दे। परंतु, आज हमारे देश में एक तथाकथित पत्रकारों की गैंग है, जिसे इन सब से कोई वास्ता नहीं है, उनका एकमात्र ध्येय है- पीएम मोदी और भाजपा का सीधा विरोध। इस ब्रिगेड में सबसे चर्चित और न जाने कहां से वित्तपोषित पूर्व पत्रकार और वर्तमान में पक्षकार अजीत अंजुम ग्राउंड ज़ीरो से अपनी खूब फजीहत करा रहे हैं। मेनस्ट्रीम मीडिया से पत्ता साफ़ होने के बाद YouTuber बने अजीत अंजुम अपनी एकतरफा ‘उद्देश्यपूर्ण’ रिपोर्टिंग शैली के लिए बदनाम हैं और अब जनता उन्हें ग्राउंड जीरो पर आइना दिखाना आरंभ कर चुकी है! इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे कि कैसे यूपी चुनाव में चुनावी सैर पर निकले अंजुम अब बेइज्जती के पर्याय बन चुके हैं!

और पढ़ें: इरफान पठान से लेकर मनोज वाजपेयी तक: इन सभी ने आरफा खानम शेरवानी की जमकर लगाई है क्लास

संबंधितपोस्ट

मेरठ कृषि मेले में आए इस ‘विधायक’ को देखने के लिए जुट रही भारी भीड़, कीमत सुनकर चौंक जाएंगे आप

हरिद्वार से गाजियाबाद, जानें ऐसा क्या हुआ कि कांवड़ यात्रा के दौरान फिर से चर्चा में आ गया नीला ड्रम

‘नमाज़ के नाम पर घंटों सड़क जाम क्यों?’: सड़कों पर नमाज़ बैन के समर्थन में सीएम योगी; बोले- ‘हिंदुओं से सीखो अनुशासन’

और लोड करें

अजीत अंजुम का जाति कार्ड

अजीत अंजुम अपनी अस्त-व्यस्त हालत में राज्य, उसके गांवों और कस्बों का दौरा करते हैं, पर जहां उनके एजेंडे की पूर्ति नहीं होती, वहां के लोगों से उनका मन खट्टा सा हो जाता है। वो उत्तर प्रदेश चुनाव में मूलतः योगी विरोधी लहर से जुड़े तथ्यों और सरकार समर्थित अपवादों से दूर अपनी एजेंडा पत्रकारिता खोजने की कोशिश करते हैं! हालांकि, अधिकांश रूप से राज्य की बयार अंजुम के लिए उल्टी हो जाती है, क्योंकि कई बार मोदी विरोध में उत्तर पाने की होड़ में उन्हें सामने से योगी समर्थित जनता से रूबरू होना पड़ता है, जिसके तुरंत बाद अंजुम का जाति कार्ड खुलता है कि “कौन जात हो भाई, अच्छा पंडित हो, तभी बीजेपी-बीजपी कर रहे हो।” लेकिन यह शब्द अंजुम के मुख से तब नहीं फूटते, जब कोई सपा समर्थक अखिलेश की चाशनी में डुबो-डुबो कर तारीफ करता है, तब यादव हो की नहीं, पूछना तो दूर कौन सी पार्टी को वोट करते हो, यह पूछ्ने में भी अजीत अंजुम की तबीयत तंग हो जाती है।

यूं तो भाजपा विरोधी आवाजों को खोजना अजीत अंजुम का प्रतिदिन का काम है। ऐसा प्रतीत होता है कि अंजुम पत्रकारिता नहीं, अब अपने राजनीतिक आकाओं के लिए अंतिम समय में प्रचार करके मतदाताओं और उनके मानस को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं! पांचवें चरण के मतदान के दौरान उन्होंने कुछ ऐसे प्रश्न जनता से किए, जो प्रश्न करना वास्तव में उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उदाहरण के लिए, उन्होंने एक वोटर से पूछा कि “आपने किसे वोट दिया”, “विकास कौन लाएगा?” “योगी जी, अखिलेश जी, बहनजी, आप किसे वोट दे रहे हैं?” यहां तक कि उन्होंने उन मतदाताओं को प्रभावित किया, जिन्होंने अभी तक वोट भी नहीं डाला था। हालांकि, अजीत के एजेंडे के विपरीत, अधिकांश मतदाताओं ने दावा किया कि वे भाजपा, योगी, मोदी और उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों के लिए मतदान कर रहे थे। एक वोटर ने तो यहां तक कह दिया कि ‘बीजेपी का सत्य सबके समक्ष है, यह किसी से छिपा नहीं है कि बीजेपी विकास की पार्टी है।”

Ajit Anjum standing outside polling booth and seems to harass voters

Not just voters coming out, but even voters going in

Many voters don't want to talk, but he is pressing them

His "questions" seem very close to actual campaigning, which is banned

EC should look into this.

— Abhishek (@AbhishBanerj) February 27, 2022

एक महिला ने कर दी थी अंजुम की बोलती बंद

पर ये तो अजीत अंजुम की अब तक की शैली ही रही है, जिसमें उन्होंने महारत हासिल तो की, परंतु पत्रकारिता के मूल्यों की बैंड बजा दी। यही कारण है कि India TV जैसे बड़े समूह से हटने के बाद, उन्हें किसी चैनल में जगह नहीं मिली, ले देकर TV9 Bharatvarsh ने अपने शुरुआती चरण में उन्हें बतौर संपादक रखा, पर जब वहां भी पत्रकारिता और पक्षकारिता में कोई अंतर नहीं दिखा, तो उन्हें TV9 समूह ने बाहर का रास्ता दिखा दिया।

इसके अलावा, अनगिनत भाजपा मतदाताओं से अपनी बोलती बंद करवाने के बाद, अजीत अंजुम ने कई बार महिला मतदाताओं की जाति पूछकर कई बार सवालों को मोड़ने का प्रयास भी किया है। एक बार एक महिला ने उन्हें जवाब दिया कि वह टोकरी बनाने वाली जाति से आती है, तो अजीत ने पूछा कि वे दलित हैं या नहीं। हालांकि, महिला मतदाता को यह नहीं पता था कि दलित का क्या मतलब है। यहां भी वो जातिकार्ड खेलने वाले थे, लेकिन उस पर पानी फिर गया।

यूं तो यह पहली बार नहीं है जब अजीत अंजुम को अपने उत्साह पर अंकुश लगाना पड़ा और एजेंडा को नरम करना पड़ा है। ध्यान देने वाली बात है कि यूपी चुनाव के पिछले चरणों के दौरान, अजीत ने अपने भीतर के रवीश कुमार को बाहर निकालते हुए एक महिला से संपर्क किया और पूछा कि उसकी जाति क्या है? हालांकि, उक्त महिला ने, अजीत के विकृत एजेंडे से अवगत होने के कारण, सीधे जवाब दिया, “मैं हिंदू हूं”। उन्होंने फिर पूछा और महिला ने फिर से वहीं जवाब दिया। अजीत अंजुम की एक और बार घिग्घी बंध गई और मुंह में दही जम गया!

और पढ़े: Asia में तस्करी के सबसे बड़े बाज़ार पर लगा ताला, योगी आदित्यनाथ ने सोतीगंज मार्केट को किया बंद

Fantastic moment when Ajit Anjum asks a voter what is her caste.

The woman replies softly : I am a Hindu

India has changed a lot.

Get used to it, liberals.

— Abhishek (@AbhishBanerj) February 25, 2022

 

मेरठ में जातिवादी टिप्पणी

अजीत अंजुम के लिए शर्मिंदगी का एक और दौर तब आया, जब उन्होंने अपनी तुच्छ जातिवादी प्रवृत्ति दिखाई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुए एक वीडियो में, अंजुम ने मेरठ के शिवलखास में स्थानीय लोगों के साथ बातचीत करते हुए कुछ जातिवादी गालियां दी। अजीत के बयान स्व-वर्णित अम्बेडकरवादी सूरज बौद्ध के साथ अच्छी तरह से नहीं बैठे, जिन्होंने अंजुम की जातिवादी गालियों पर आपत्ति जताई और उन्हें कहावतों के बहाने उनका इस्तेमाल नहीं करने के लिए कहा। सभी दिशाओं से आलोचना का सामना करते हुए, अजीत ने माफी मांगने के लिए ट्विटर का सहारा लिया और वही कार्ड खेला जो जातिवादी अश्वेतों को गाली देने के लिए इस्तेमाल करते हैं – “मेरे काले दोस्त हैं, मैं नस्लवादी नहीं हो सकता।”

सनातनी हों या फिर लिबरल, रूह से दोनों एक ही हैं। अजीत अंजुम बताएं कि ये 'चोरी-चमारी' का क्या मतलब है? आपने यहां अपनी जाति क्यों नहीं जोड़ी? जातिसूचक गालियों को कहावतों का नाम न दें। @ajitanjum #CrushTheCaste pic.twitter.com/Sgcl8WKDdx

— Suraj Kumar Bauddh (@SurajKrBauddh) February 10, 2022

अजीत अंजुम ने ट्वीट किया, ‘मुझे माफ करना सूरजकृष्ण बौद्ध, मैं ‘चोरी-चाकरी’ बोलना चाहती था, लेकिन मुझे नहीं पता कि यह कैसे कहा गया। मैं तहे दिल से माफी मांगता हूं। आशा है आप सभी मुझे क्षमा करेंगे। मैं न तो ऐसा हूं और न ही सोचता हूं, इसलिए मैं भी उन चंद पत्रकारों में से हूं, जो पिछले 6 महीनों में कई बार दलितों के बीच गए होंगे।” बता दें, इंटरनेट पर वायरल हो रही एक वीडियो में अंजुम ने मेरठ के शिवलखास में स्थानीय लोगों के साथ बातचीत करते हुए “चोरी-चमारी” शब्द का उच्चारण किया था।

गौरतलब है कि ये जमाना वो नहीं रहा, जो एक समय पर था, ये पब्लिक वो नहीं रही, जो एक समय पर थी यानी नासमझ और अबोध। पब्लिक अब एक मिनट में तीन में न तेराह में वाले लोगों को झट से उनकी वास्तविकता से परिचित करा देती है, कुछ ऐसा ही एजेंडाधारी अजीत अंजुम के जीवन में हो रहा है, जहाँ बीच चौराहे पर उनकी रही बची शख्सियत भी बारह के भाव में जाती स्पष्ट दिख रही है। उत्तर प्रदेश राज्य की 403 सीटों वाली विधानसभा के लिए चुनाव अब अंतिम चरण में है। परिणाम 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे। हालांकि, योगी के राज्य में महीनों बिताने के बाद, अजीत अंजुम को पहले से ही परिणाम पता चल रहा होगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वो किस वनवास को जाते हैं!

और पढ़ें: योगी आदित्यनाथ के लिए बढ़िया संकेत, PM मोदी की तरह ही उन्हें भी बैन कर सकता है अमेरिका

Tags: अजील अंजुममेरठयूपी चुनाव
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

यूक्रेन के लिए रोने वाले पाखंडियों, अब भारतीयों के हश्र पर भी रोने के लिए तैयार हो जाओ!

अगली पोस्ट

अमेरिका चला था भारत को धमकाने, PM मोदी के हड़काते ही बदले बाइडन के सुर

संबंधित पोस्ट

नीतीश कुमार
चर्चित

जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

14 November 2025

लंबे चुनाव अभियान के बाद अब जबकि वोटों की गिनती हो रही है और शुरुआती रुझान बता रहे हैं कि जनता नीतीश रिटर्न पर मुहर...

जसप्रीत बुमराह
क्रिकेट

आलसी बुमराह हैं टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन का कारण, ‘तुक्के वाली जीत’ के बाद अहंकार से भर गए हैं बूम-बूम

18 December 2024

मुझे हैरानी है कि सोशल मीडिया पर 'बुमराह आई हेट यू', 'बॉयकॉट बुमराह' और 'बुमराह को टीम से निकालो' जैसे शब्द ट्रेंड क्यों नहीं कर...

त्रयंबकेश्वर में एक स्वर्णिम अवसर निकला हाथ से!
व्यंग

त्रयंबकेश्वर में एक स्वर्णिम अवसर निकला हाथ से!

17 May 2023

Nashik Trimbakeshwar temple incident: बहुत समय पूर्व नाशिक के प्राचीन नगर में चार निर्भीक मुस्लिम यात्री या यूं कहें निद्रा में लीन राहगीर] त्रयंबकेश्वर मंदिर के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited