ज्ञानवापी में मिला शिवलिंग, दांत चियारते हुए भगवान शिव और सनातन का उपहास उड़ाने लगे लिब्रांडु

किशन भारवाड़ और कमलेश तिवारी ने इस्लाम पर टिप्पणी की तो उन्हें गोली मार दी गई।

ज्ञानवापी शिवलिंग

Source: TFI

बाबा विश्वनाथ की नगरी में शिवलिंग का मिलना कोई बड़ी बात नहीं है. काशी के ज़र्रे-ज़र्रे में बाबा का वास है. मज़हबी सनकीपन में पागल इस्लामिक आक्रांताओं हिंदुस्तान की पहचान मिटाने का हर संभव प्रयास किया. मुगल आक्रांताओं ने बाबा विश्वनाथ के मंदिर को भी कई बार तोड़ा. लेकिन हर बार कहीं न कहीं से कोई ना कोई बाबा का सनातनी भक्त आता और मंदिर को पहले से भी ज्यादा भव्य और दिव्य बनवा देता.

दुनिया के सबसे प्राचीन शहर बनारस में बाबा बसते हैं. बाबा का धाम है काशी विश्वनाथ मंदिर. लेकिन मुगल आक्रांताओं ने इसी मंदिर के पास  के दूसरे मंदिरों को तोड़कर यहां एक मस्जिद खड़ी कर दी. मस्जिद ज़रूर बना दी लेकिन उसका नामकरण भी नहीं कर पाए. ज्ञानवापी मंदिर था, उसी को मस्जिद कहने लगे. अब जब सनातनियों ने कहा कि हमारा मंदिर हमें दो, तो मुग़लों के वंशजों को यह स्वीकार नहीं हुआ. वो बोले- यह मस्जिद है, मंदिर होने का सबूत दो. अदालतों ने आदेश दिए. सर्वे कराया गया. ज्ञानवापी के अंदर निकला शिवलिंग.

महुआ मोइत्रा ने उड़ाया मजाक

अब जब ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर शिवलिंग मिला तो इस देश के लिब्रांडुओं के गले का पानी सूख गया. करें तो करें क्या. जाएं तो जाएं कहां. बोलें तो बोलें क्या. लेकिन लिब्रांडु ठहरे लिब्रांडु. जब उनके पास कुतर्क ख़त्म हो जाते हैं. जब उनके पास विदेशों से आयात की गई विचारधारा की खोखली बातें ख़त्म हो जाती हैं तो ये सनातन का मज़ाक बनाने लगते हैं. ऐसा ही इस बार भी हुआ.

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ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर जब शिवलिंग मिला और कोर्ट ने उसे संरक्षित करने का आदेश दिया तो लिब्रांडुओं के पास बोलने को कुछ नहीं बचा और उन्होंने सनातन धर्म का- बाबा विश्वनाथ का- भगवान महादेव का- शिवलिंग का मजाक बनाना शुरु कर दिया. ऐसा नहीं है कि इसमें कोई टुच-पुंजिए या फिर 2 रुपये लेकर ट्वीट करने वाले ट्रोल शामिल हो. बाबा भोले का मजाक बनाने में बड़े-बड़े नाम शामिल हैं.

ममता बनर्जी की सांसद महुआ मोइत्रा लिब्ररल लॉबी की नेता हैं. अग्रेजी के 2 वाक्य बोलकर ये खुद को शांति प्रिय समुदाय का खुदा समझती हैं. इन्हीं महुआ मोइत्रा ने महादेव का मजाक बनाया. ट्वीट करते हुए लिखा, ‘उम्मीद है खुदाई की सूची में अगला नाम ‘भाभा अटॉमिक रिसर्च सेंटर’ का नहीं है.’

मजाक बनाओ, पुरस्कार पाओ!

अंग्रेजी में लिखकर यह सांसद सिर्फ बाबा का मजाक ही नहीं बना रही थी, बल्कि इस देश के हर उस शख्स का मजाक बना रही हैं जिसकी आस्था बाबा में है. ममता बनर्जी की यह सांसद सनातन का उपहास कर रही हैं. यह उपहास कर रही हैं इस देश के 100 करोड़ से ज्यादा हिंदुओं का. यह ठिठोली कर रही हैं इस देश की संस्कृति का, उसकी सभ्यता का, उसकी परंपराओं का.

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अंग्रेजी में लिखा गया यह एक वाक्य हर उस हिंदू के मुंह पर करारा तमाचा है जो सनातन में विश्वास करता है. जो बाबा को मानता है लेकिन इस सांसद के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होगी. इस सांसद को वाह-वाही मिलेगी.

इस सांसद को लिब्रांडु अपना हीरो बनाएंगे. हो सकता है आने वाले दिनों में इस सांसद को वैश्विक बिरादरी सम्मानित भी कर दे. यही होता आया है. यही हो रहा है. आप सनातन का मजाक बनाओ. हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ करो. हिंदुओं को अपमानित करो और पुरस्कार पाओ.

पत्रकार से लेकर प्रोफेसर तक

महुआ मोइत्रा के साथ ही खुद को तोप पत्रकार समझने वाली सबा नक़वी ने भी भगवान शिव का मजाक बनाया है. व्हाट्स एप फ़ोरवर्ड के नाम पर इन्होंने ट्विटर पर शिवलिंग के साथ भाभा अटॉमिक रिसर्च सेंटर की फ़ोटो डालते हुए शिवलिंग का मजाक बनाया और कहा कि यहां एक बड़ा शिवलिंग मिला है.

सबा नक़वी का ट्वीट

 

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दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रतन लाल ने तो इससे भी घटिया टिप्पणी की है. ज्ञानवापी में जब शिवलिंग मिला तो इस कथित अध्यापक ने इतनी गंदी टिप्पणी भगवान शिव को लेकर की कि उसे हम आपको बता भी नहीं सकते. यकीन कीजिए हम नहीं बता सकते. अगर किसी भी तरह से उस फ़ोटो को हम आपको दिखा सकते तो ज़रूर दिखा देते. अगर वो टिप्पणी इतनी घटिया ना होती तो हम आपको ज़रूर पढ़वा देते लेकिन हम माफी चाहते हैं बाबा विश्वनाथ को लेकर ऐसी घटिया टिप्पणी हम अपनी बेवसाइट पर नहीं छाप सकते.

प्रोफेसर रतन लाल (फ़ोटो: Google)

तो इस रतन लाल ने इतनी घटिया हरकत की और हम सनातनियों ने क्या किया. जानते हैं? उसके विरुद्ध FIR करवाई और ममता बनर्जी की सांसद महुआ मोइत्रा और तोप पत्रकार सबा नक़वी के विरुद्ध हमने FIR भी नहीं करवाई. यह तीन सिर्फ उदाहरण भर हैं. ऐसे तमाम लोग सोशल मीडिया पर भगवान शिव का मजाक बना रहे हैं. शिवलिंग का मजाक बना रहे हैं. भद्दी-भद्दी टिप्पणियां कर रहे हैं. इतना भद्दा और गंदा कि हम आपको दिखा भी नहीं सकते. इसके बाद भी सनातनी इसका विरोध लिखकर ही कर रहे हैं या फिर सरकार से कार्रवाई करने की अपील कर रहे हैं.

इस्लाम पर बोले, जान गई

अब हम आपको थोड़ा-सा पीछे ले चलते हैं. गुजरात के किशन भारवाड़ ने इस्लाम को लेकर एक पोस्ट सोशल मीडिया पर की थी. इस पोस्ट के बाद उसे गोली मार दी गई. किशन भारवाड़ की हत्या के आरोप में मौलाना कमर गनी, मौलाना अयूब, शब्बीर और इम्तियाज पठान को अहमदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

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किशन भरवाड़ (फ़ाइल फ़ोटो, गूगल)

अब आप 2019 की एक और घटना याद कीजिए हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी ने इस्लाम पर एक टिप्पणी की और उन्हें उन्हीं की ऑफ़िस में गोली मार दी गई. पुलिस ने अशफ़ाक और मोईनुद्दीन को गिरफ्तार किया.

कमलेश तिवारी (फ़ाइल फ़ोटो, गूगल)

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस देश में हिंदुओं के देवी-देवताओं का मजाक बनाना इतना आसान क्यों है? क्यों कोई भी ऐरा-गैरा सनातन धर्म के प्रतीकों का मजाक बनाता रहता है और सरकारें चुप बनी रहती हैं? हिंदुस्तान की सरकारों को इन लिब्रांडुओं पर कार्रवाई करने के लिए सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है.

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