TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है

    वेनेज़ुएला जैसा प्रयोग ईरान में? अमेरिका की रणनीति पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है

    वेनेज़ुएला जैसा प्रयोग ईरान में? अमेरिका की रणनीति पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कैसे एक कॉफी बीन बेचने वाली ‘दुकान’, विश्व की सबसे बड़ी कॉफी विक्रेता कंपनी बन गई?

Starbucks की सफलता की इनसाइड स्टोरी।

Chaman Kumar Mishra द्वारा Chaman Kumar Mishra
5 June 2022
in व्यवसाय
Starbucks

Source: VOX

Share on FacebookShare on X

स्टारबक्स (Starbucks) का नाम आपने ज़रूर सुना होगा। अगर नहीं सुना होगा तो कहीं ना कहीं पढ़ा होगा। किसी शहर में- किसी सड़क पर- किसी मॉल में कहीं ना कहीं आपने ज़रूर स्टारबक्स (Starbucks) लिखा देखा होगा। स्टारबक्स एक बहुराष्ट्रीय कॉफी कंपनी है। यह कंपनी लोगों को कॉफी पिलाती है। नवंबर, 2021 तक के आंकड़ों के अनुसार दुनियाभर के 80 देशों में स्टारबक्स के 33,833 स्टोर हैं। अकेले अमेरिका में स्टारबक्स के 15,444 स्टोर हैं।

कहते हैं कि स्टारबक्स ने अमेरिका को कॉफी पीना सिखाया और अब स्टारबक्स पूरी दुनिया को कॉफी पीना सिखा रहा है। 1971 में तीन दोस्तों ने मिलकर अमेरिका में कॉफी बीन की कंपनी की शुरुआत की। वही कॉफी बीन कंपनी आज पूरी दुनिया का सबसे बड़ा कॉफी हाउस स्टारबक्स है। तो चलिए, आज आपको बताते हैं कि आखिरकार स्टारबक्स ने इतनी बड़ी सफलता कैसे प्राप्त की। इस सफलता के पीछे कौन-सा मंत्र है?

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

स्टारबक्स के ‘अच्छे दिन’

अमेरिका में जब तीन दोस्त कॉफी बीन की कंपनी चला रहे थे, उस वक्त उसी कंपनी में मैनेजिंग मार्केटर (Managing Marketer) थे हावर्ड शुल्ट्ज (Howard Schultz)- एक दिन हावर्ड शुल्ट्ज इटली गए। इटली में उन्होंने देखा कि एक कॉफी कैफे है। लोग वहां कॉफी पीने ही नहीं आते हैं बल्कि सुकून भरे पल बिताने भी आते हैं। घर और ऑफ़िस से दूर तीसरे स्थान पर बातचीत करने आते हैं। हावर्ड शुल्ट्ज को यह तरीका भा गया।

और पढ़ें: अडानी और अंबानी के बीच का ‘अधिग्रहण-युद्ध’ कहां तक जाएगा ?

वो वापस अमेरिका लौटे और उन्होंने कंपनी की बोर्ड मीटिंग में स्टारबक्स को कॉफी हाउस में बदलने और इसकी फ्रेंचाइजी खोलने का प्रस्ताव रखा। हालांकि उस वक्त शुल्ट्ज इसमें सफल नहीं हुए। बाद में शुल्ट्ज ने स्टारबक्स को खरीद लिया। कंपनी खरीदने के बाद हावर्ड शुल्ट्ज ने वो करना शुरु किया जो वो करना चाहते थे।

उन्होंने स्टारबक्स को कॉफी हाउस में बदल दिया। स्टारबक्स के आउटलेट बेहतरीन लोकेशन पर खोले गए। स्टारबक्स ने कॉफी बनाने और सर्व करने वाले कर्मचारियों (Barista) को अच्छी तरह से ट्रेनिंग दी। अब स्टारबक्स कॉफ़ी आउटलेट में लोग कॉफी पीने ही नहीं जाते थे बल्कि सुकून भरा वक्त बिताने भी जाते थे। उन्हें बैठने के लिए- बातचीत करने के लिए- गपशप करने के लिए- बेहतरीन जगह मिलती।

इसके साथ ही ऐसे बरिस्ता (Barista) मिलते जो उनसे बहुत ही अच्छे तरीके से व्यवहार करते। वो सिर्फ कर्मचारी बनकर नहीं मिलते और बातचीत करते बल्कि ग्राहकों से दोस्त की तरह व्यवहार करते। स्टारबक्स के बरिस्ता और ग्राहकों की आपस में अच्छी दोस्ती होने लगी। इसे ‘स्टारबक्स एक्सपीरियंस’ कहा जाने लगा। स्टारबक्स की सफलता में ग्राहकों के इस अनुभव ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई। देखते-देखते स्टारबक्स दुनियाभर में अपने आउटलेट खोलने लगा। इस पूरे विचार को बेहतरीन तरीके से लागू किया हावर्ड शुल्ट्ज ने।

और पढ़ें: आखिर क्यों डूब गया PayTm Mall? यहां विस्तार से समझिए

इसके साथ-साथ हावर्ड शुल्ट्ज ने कंपनी में और भी कई ऐसे बदलाव किए जिससे लोग अपनी सुबह की कॉफी पीने भी स्टारबक्स जाने लगे। शुल्ट्ज ने कॉफी की क्वालिटी से कभी समझौता नहीं किया। भले ही उसका मूल्य ज्यादा रहा लेकिन उन्होंने उसकी क्वालिटी से समझौता नहीं किया। यही वज़ह थी कि किसी भी देश में कॉफी पीने वाला क्यों ना हो, उसे पता होता था कि स्टारबक्स की कॉफी तो मिल ही जाएगी। कंपनी निरंतर तरक्की करती गई।

स्टारबक्स के ‘बुरे दिन’

स्टारबक्स दुनियाभर में बड़ा कॉफी ब्रांड बनकर काम कर रहा था। ऐसे में 1 जून, 2000 को हावर्ड शुल्ट्ज ने कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफा देने के बाद कागजों में स्टारबक्स और ज्यादा तेजी से तरक्की करने लगी। 2007 में कंपनी प्रत्येक दिन 6 स्टोर खोल रही थी।

कंपनी की तरक्की और वृद्धि तो हो रही थी लेकिन कहीं ना कहीं कुछ चीजें सही नहीं चल रही थी। कंपनी की वृद्धि के नशे में डूबा मैनेजमेंट ‘स्टारबक्स एक्सपीरियंस’ के साथ भी समझौता कर रहा था। अब स्टारबक्स के बरिस्ता किसी भी दूसरे कॉफी हाउस की तरह हो गए थे जो बस लोगों को कॉफी सर्व करते थे।

और पढ़ें: पेप्सी, कोका-कोला, नेस्ले की अब बजेगी बैंड, टक्कर देने आ रहे हैं अरबपति मुकेश अंबानी

हावर्ड शुल्ट्ज की वापसी

इसके साथ ही कंपनी ने सेमी-ऑटोमेटिक कॉफी मशीन की जगह फुली-ऑटोमेटिक कॉफी मशीन इस्तेमाल करनी शुरु कर दी। इससे बरिस्ता कम समय में ज्यादा कॉफी तो बनाने लगे लेकिन स्टारबक्स की क्वालिटी ख़त्म होने लगी। स्टारबक्स का स्वाद खत्म होने लगा। ऐसे में धीरे-धीरे स्टारबक्स के ग्राहक दूसरे कॉफी हाउस की तरफ जाने लगे। स्टारबक्स बुरी तरह से पिछड़ने लगी।

स्टारबक्स के स्टोर खाली रहने लगे। कई स्टोर्स पर ताला पड़ गया। स्टारबक्स निरंतर गर्त में जा रही थी। कंपनी की इतनी बुरी स्थिति देखकर हावर्ड शुल्ट्ज से रहा नहीं किया। 7 जनवरी, 2008 को उन्होंने दोबारा से कंपनी में वापसी की। दोबारा से सीईओ का पद संभाला।

हावर्ड शुल्ट्ज के वापसी करने के बाद कंपनी दोबारा से जीवित होने लगी। 2007 में जो सेल्स ग्रोथ 1 फीसदी थी वो 2011 में 9 फीसदी हो गई। कंपनी का लाभ करीब-करीब दोगुना हो गया। दूसरे मोर्चों पर भी कंपनी ने बेहतर करना शुरु कर दिया और देखते-देखते स्टारबक्स दोबारा से सबसे तेजी से तरक्की करने वाली कंपनी बन गई।

ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि हावर्ड शुल्ट्ज ने ऐसा क्या किया जो एक गर्त में जाती हुई कंपनी दोबारा से तरक्की के रास्ते पर लौटने लगी। इसका जवाब एकदम साफ है हावर्ड ने वही किया जिसकी बुनियाद पर उन्होंने स्टारबक्स को खड़ा किया था। स्टारबक्स को दोबारा से स्टारबक्स बनाया।

और पढ़ें: दुनियाभर के अरबपतियों पर भारी भारत के गौतम अडानी

हावर्ड फुली-ऑटोमेटिक मशीनों को निकालकर दोबारा से सेमी-ऑटोमेटिक मशीन को स्टोर्स में लेकर आए। इसके साथ ही उन्होंने अपने कर्मचारियों की ट्रेनिंग करवानी शुरु कर दी। ट्रेनिंग कि कैसे बेहतरीन कॉफी बनानी है। कैसे स्टारबक्स वाली कॉफी बनानी है। कंपनी को पुनर्जीवित करने का यह पहला चरण था।

कंपनी की वापसी

इसके बाद शुरु होता है दूसरा चरण। वो चरण था ‘स्टारबक्स एक्सपीरियंस’ का।  कई बार पत्रकारों ने हावर्ड से पूछा कि स्टारबक्स की तरक्की का रहस्य क्या है। इसका जवाब देते हुए शुल्ट्ज कहते थे कि हमारी प्राथमिकता लोग हैं, कॉफी तो उसके साथ जुड़ जाती है। उनके शब्द होते, ‘We are not in the Coffee Business serving People we are in the people business serving Coffee’

इसके साथ ही हावर्ड शुल्ट्ज ने न्यू ऑर्लेअंस (New Orleans) में एक लीडरशिप कॉन्क्लेव बुलाई। यह कोई मामूली स्थान नहीं था बल्कि यह जगह बाढ़ और चक्रवात से बर्बाद हो चुकी थी। हजारों लोगों को यहां मदद की जरूरत थी। ऐसे में स्टारबक्स के 10 हजार कर्मचारियों ने यहां के लोगों की दिन-रात सेवा की।

उनके घरों को दोबारा से बनाया- मैदानों को बनाया- नालियों को साफ किया- ऐसे कई काम उस जगह को दोबारा से अच्छा बनाने के लिए किए। इस एक कार्य से लोगों के दिमाग में एक बार फिर वही संदेश गया कि स्टारबक्स लोगों को सर्व करने वाली कंपनी है। कंपनी को पुनर्जीवित करने का शुल्ट्ज का यह तीसरा और अंतिम चरण था।

इसके बाद जो हुआ वो आपके सामने है। स्टारबक्स दुनिया की सबसे बड़ी कॉफी कंपनी बनकर आज दुनिया के लोगों को कॉफी पिला रही है।

और पढ़ें: भारत बना विश्व का सबसे बड़ा दवाखाना

Tags: Coffee HouseHow Starbucks SucessHoward SchultzStarbucksStarbucks Success Storyकॉफी कंपनीस्टारबक्स
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अब बदल जाएगी यूपी की तस्वीर- आ रहे हैं अडानी

अगली पोस्ट

घुटने में समा गई है AAP के ‘स्वीट’ नेता राघव चड्ढा की बुद्धि, आदिवासी मंत्रालय में काम करने को मानते हैं दंड

संबंधित पोस्ट

तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज
अर्थव्यवस्था

तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

7 November 2025

भारत आज जिस मोड़ पर खड़ा है, वह केवल उसके आर्थिक उत्कर्ष का नहीं, बल्कि उसके सभ्यतागत पुनर्जागरण का भी क्षण है। यह वह युग...

80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़
अर्थव्यवस्था

80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

1 November 2025

भारत-पाकिस्तान संबंध हमेशा तनाव और जटिलताओं से भरे रहे हैं, लेकिन हालिया जल-सैन्य रणनीति ने पाकिस्तान के लिए खेल बदल दिया है। सिंधु बेसिन पर...

हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट
अर्थव्यवस्था

हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

1 November 2025

75 वर्षों से भारत ने अपने पड़ोसियों के साथ हमेशा सतर्क और संतुलित नीति अपनाई है। विशेष रूप से बांग्लादेश, जिसे आजादी दिलाने में भारत...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited