TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

रुपया भले ही अभी गिर रहा है लेकिन आने वाले वक्त में यह डॉलर का ‘काल’ बन जाएगा

डॉलर के प्रभुत्व में रुपये ने सेंध लगानी शुरू कर दी है!

Ruchi Mehra द्वारा Ruchi Mehra
22 July 2022
in अर्थव्यवस्था
Rupees vs Dollar

Source- TFIPOST.in

Share on FacebookShare on X

संबंधितपोस्ट

लंदन में CJP प्रदर्शन के समर्थन कार्यक्रम में पहुंचीं ग्रेटा थनबर्ग, भारत में तेज हुई राजनीतिक बहस

मॉनसून ने पूरे देश को किया कवर, दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित

मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

और लोड करें

पिछले कुछ समय से आपको यह खबरें लगातार सुनने को मिल रही होगी कि डॉलर के मुकाबले रुपये कमजोर हो रहा है। इन दिनों यह खबरें तमाम समाचार चैनलों से लेकर सोशल मीडिया पर छाई हुई है कि रुपया इतना गिर गया। रुपये का मूल्य उतना हो गया। विपक्षियों द्वारा रुपए के मूल्य में आ रही लगातार गिरावट के लिए मोदी सरकार को जमकर घेरा जा रहा है। परंतु ऐसा नहीं है कि केवल भारतीय रुपये ही नीचे जा रहा हो। बल्कि देखें तो अन्य डॉलर की तुलना में अन्य करेंसियों का हाल तो इससे भी बुरा है।

हालांकि जैसे कहा जाता है कि हर संकट अपने साथ अवसर लेकर आता है। ऐसा ही कुछ भारतीय रुपये के साथ भी है। भले ही अभी भारतीय रुपये कमजोर हो रहा हो। परंतु अगर अपने पैमाने को थोड़ा बड़ा करके देखेंगे तो समझ आएगा कि हम तेजी से डी-डॉलराइजेशन यानी वैश्विक बाजारों में डॉलर के प्रभुत्व को कम करने और रुपये को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे है।

और पढ़ें: मास्टरकार्ड ने रूस में कर दिया खेला अब पीएम मोदी को देना चाहिए RuPay कार्ड को बढ़ावा

अन्य देशों की करेंसी मे भी गिरावट

देश में रुपए की गिरावट को लेकर निरंतर चर्चाएं चल रही हैं। तमाम अर्थशास्त्री विशेषज्ञ से लेकर अन्य लोग इस पर अपनी अपनी चिंताएं भी व्यक्त कर रहे हैं। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 80 के भी पार तक चला गया। हालांकि वर्तमान समय की बात करें तो डॉलर की तुलना में रुपए 79.80 के स्तर पर फिसल आया है। विशेषज्ञों की मानें तो अभी आने वाले समय में रुपए में और गिरावट संभव है। डॉलर के मुकाबले रुपया 82 के स्तर तक टूट सकता है। इसे भारतीय रुपए की गिरावट की जगह अमेरिकी डॉलर की मजबूती के तौर पर भी देखा जा सकता है। क्योंकि इस समय केवल भारतीय रुपए का मूल्य ही नहीं घट रहा। बल्कि अन्य देशों की करेंसी को देखें तो उनकी हालत इससे भी खस्ता हो चुकी है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि इस साल अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है। वही ब्रिटिश पाउंड, जापानी येन और यूरो जैसी करेंसीज डॉलर के मुकाबले रुपये से अधिक कमजोर हुई। यूरो हमेशा से ही डॉलर की तुलना में मजबूत करेंसी रहा है। परंतु यूक्रेन युद्ध के बाद इसमें लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। डॉलर के मुकाबले यूरो 12 फीसदी तक नीचे गिर गया। वहीं ब्रिटिश पाउंड, जापानी युआन समेत अन्य करेंसी का भी हाल बेहाल है।। ऐसे में अन्य करेंसी के मुकाबले तो रुपये इस वक्त मजबूत स्थिति में नजर आता है। ऐसे में इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि हमें इसे रुपये की गिरावट की जगहें डॉलर की मजबूती के तौर पर देखना चाहिए। परंतु देखा जाए तो अमेरिकी डॉलर की यह मजबूत स्थिर नहीं है। आगे आने वाले समय में डॉलर कमजोर पड़ता और भारतीय रुपया मजबूत होता नजर आ सकता है।

और पढ़ें: भारत के RuPay पर भरोसा जताकर नेपाल ने चीन को दूध में पड़ी मक्खी के समान बाहर निकाल फेंका है

विश्व में अब कम होगा डॉलर का दबदबा

इसके पीछे भी कई कारण है। पहला यह है कि हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपए का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने की दिशा में जो निर्णय लिया है। 11 जुलाई 2022 को RBI ने एक बड़ा कदम उठाते हुए आयात और निर्यात का भुगतान रुपये में करने की इजाजत दी। इस कदम के पीछे RBI का उद्देश्य निर्यात को बढ़ावा देना और घरेलू मुद्रा में वैश्विक व्यापार को प्रोत्साहन करना है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के इस फैसले से भारतीय करेंसी की साख अंतराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी और साथ ही साथ डॉलर पर निर्भरता कम भी होगी।

इसके अलावा रूस और यूक्रेन के बाद भारत द्विपक्षीय मुद्रा में व्यापार करने की भी तैयारी में जुटा है। दरअसल, यूक्रेन के साथ जारी युद्ध के दौरान तमाम देशों में रूस को अलग थलग करने के लिए उस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए। इस वजह से रूस बाकी देशों से डॉलर में डील नहीं कर पा रहा था। प्रतिबंध के चलते भारत को भी रूस के साथ व्यापार करने में समस्या होने लगी। इस कारण भारत रूस के साथ उसकी करेंसी रूबल में व्यापार करने की योजना पर विचार करने लगा है। आने वाले में देखने मिल सकता है कि भारत, रूस के अलावा अन्य देशों के साथ भी द्विपक्षीय मुद्रा में व्यापार कर सकता है। भारत यह कदम उठाता है तो इससे रुपए की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ेगी और डॉलर कमजोर हो सकता है। भारत के अलावा अन्य देश भी डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए द्विपक्षीय मुद्रा में व्यापार करने की तैयारी में है। चीन तो ब्राजील, रूस के साथ द्विपक्षीय मुद्रा में व्यापार कर भी रहा है। ऐसे में अब वो दिन दूर नहीं नजर आता जब विश्व में डॉलर का दबदबा कम होगा।

और पढ़ें: 2017 में 15 फीसदी से 2022 तक डेबिट कार्ड बाजार में 60 फीसदी हिस्सेदारी, यह है RuPay के उत्थान की असली कहानी

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: चीनडॉलरब्राज़ीलभारतरिजर्व बैंक ऑफ इंडियारुपयारूस
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सोनिया गांधी ‘कांग्रेसियों की माता’ होंगी, कानून से ऊपर नहीं हैं

अगली पोस्ट

स्थिर भारत के अस्थिर पड़ोसियों से पैदा हो रही चुनौतियों से कैसे निपट रहा है भारत?

संबंधित पोस्ट

भारत-जापान शिखर सम्मेलन
अर्थव्यवस्था

भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

2 July 2026

भारत और जापान ने अपने रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देते हुए गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में आर्थिक...

India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens
व्यवसाय

India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

13 June 2026

Introduction India is experiencing one of the most significant infrastructure transformations in its modern history. Across the country, new highways, airports, metro networks, industrial corridors,...

वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि
अर्थव्यवस्था

वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

6 June 2026

वित्त वर्ष 2025–26 में भारत की वास्तविक जीडीपी (GDP) वृद्धि दर 7.7% रही, जो उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है। यह दिखाता है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

POJK ERUPTS IN PROTEST

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23

TRUMP'S PHARMA TARIFF SHOCK

00:03:54

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited