TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: बलिदान और संघर्ष से जन्मा बांग्लादेश

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    रेल मंत्रालय की मंथन योजना शताब्दी एक्सप्रेस की जगह वंदे भारत चेयर कार

    शताब्दी एक्सप्रेस को धीरे-धीरे बंद करने की तैयारी, वंदे भारत चेयर कार कोचों का बड़ा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को ऑनलाइन हमलों का सामना

    ट्रंप की फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को MAGA समर्थकों के विरोध का सामना

    छात्रवृत्ति वापसी से प्रभावित यूके–यूएई अकादमिक संबंध

    मुस्लिम ब्रदरहुड विवाद के बीच यूके विश्वविद्यालयों से यूएई की छात्रवृत्ति वापस

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    टैरिफ विवाद ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर बहस तेज की

    ट्रंप की 500% टैरिफ चेतावनी: भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक चुनौती

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: बलिदान और संघर्ष से जन्मा बांग्लादेश

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    रेल मंत्रालय की मंथन योजना शताब्दी एक्सप्रेस की जगह वंदे भारत चेयर कार

    शताब्दी एक्सप्रेस को धीरे-धीरे बंद करने की तैयारी, वंदे भारत चेयर कार कोचों का बड़ा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को ऑनलाइन हमलों का सामना

    ट्रंप की फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को MAGA समर्थकों के विरोध का सामना

    छात्रवृत्ति वापसी से प्रभावित यूके–यूएई अकादमिक संबंध

    मुस्लिम ब्रदरहुड विवाद के बीच यूके विश्वविद्यालयों से यूएई की छात्रवृत्ति वापस

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    टैरिफ विवाद ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर बहस तेज की

    ट्रंप की 500% टैरिफ चेतावनी: भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक चुनौती

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत ने तुर्की की कमजोर नस क्या दबाई, एर्दोगन तो मिमियाने लगा!

कश्मीर पर बदल गए हैं तुर्की के सुर!

TFI Desk द्वारा TFI Desk
22 September 2022
in विश्व
PM Modi and Erdogan

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

ये नया भारत है, पंगा लोगे तो वैश्विक स्तर पर ‘निर्वस्त्र’ कर दिए जाओगे।‌ वर्तमान परिदृश्य में देखें तो भारतीय कूटनीति वैश्विक स्तर पर सबसे बेहतरीन और बेजोड़ मानी जा रही है और इसकी वजह हैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। यह वो नाम है जिसकी गूंज आज उनकी गैरमौजूदगी में भी दुनिया के कथित शक्तिशाली राष्ट्राध्यक्षों के मुख से निकलती है। वहीं, जो लोग भारत को सदैव नीचा दिखाकर त्वरित लाभ लेने का प्रयास करते थे, उन्हें भी भारत की सख्ती के समक्ष अपने घुटने टेकने पड़े हैं। इसका सबसे नवीनतम और बड़ा उदाहरण तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन हैं, जो सदैव ही कश्मीर को लेकर जहर उगला करते थे परंतु ऐसा प्रतीत होने लगा है कि भारत की सख्ती के बाद उनके भी सुर बदलने लगे हैं‌।

और पढ़ें: फ्रांस को कटटरपंथी इस्लाम से मुक्त करने के लिए मैक्रों के मॉडल को अन्य देशों को भी फॉलो करना चाहिए

संबंधितपोस्ट

SHANTI बिल: नरेन्द्र मोदी सरकार की परमाणु ऊर्जा नीति, विकसित भारत की भविष्य दृष्टि

चक्रवात ‘दित्वाह’ से लड़ रहे श्री लंका की मदद को भारत ने बढ़ाया हाथ, ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ ने बताया भारत क्यों है सबसे ‘भरोसेमंद’ पड़ोसी

भारत की कूटनीति अब ‘वर्चुअल’ नहीं, रणनीतिक है: आसियान शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का डिजिटल नेतृत्व और एशिया की नई शक्ति-संतुलन रेखा

और लोड करें

कश्मीर पर बदल गए सुर

कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनकी हैसियत अपना फटा सिलने की नहीं होती लेकिन वे सदैव दूसरे के फटे में पैर डालने की कोशिश करते हैं और इसका परिणाम यह होता है कि उनकी सार्वजनिक बेइज्जती हो जाती है। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन भी कुछ ऐसे ही हैं, जिनका पाकिस्तान प्रेम खत्म नहीं होता। एक बार फिर एर्दोगन ने जम्मू-कश्मीर का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र संघ में उठा दिया। हालांकि, इस बार तैयप साहब के सुर कुछ बदले-बदले नजर आए हैं।

दरअसल, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा। वैसे तो वो कश्मीर को लेकर हमेशा से ही पाकिस्तान के पक्ष में बयान देते आए हैं परंतु इस बार कुछ अलग हुआ और वह यह कि तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर के मुद्दे को लेकर किसी का पक्ष लेने की जगह केवल शांति की ही बातें कही, जो पाकिस्तान के लिए किसी झटके से कम नहीं है। एर्दोगन ने कहा, “भारत और पाकिस्तान 75 वर्ष पहले अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता स्थापित करने के बाद भी अब तक एक-दूसरे के बीच शांति और एकजुटता कायम नहीं कर पाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम कश्मीर में स्थायी शांति और समृद्धि कायम होने की आशा और कामना करते हैं।”

Erdogan, UNGA & Kashmir: Key quotes
2019: residents of Jammu and Kashmir are "virtually under blockade"
2020: Kashmir a "burning issue". Removal of art 370, "complicates the issues"
2021: backs resolving Kashmir via "United Nations resolutions"
2022: "Permanent peace in Kashmir" https://t.co/JqTpwjT8xn

— Sidhant Sibal (@sidhant) September 20, 2022

 

क्या भारत ने तुर्की की ‘कमजोर नस’ दबा दी है?

कश्मीर को लेकर तुर्की के राष्ट्रपति द्वारा की गई इस टिप्पणी से माना जा रहा है कि वो अब लीग से हटकर कश्मीर पर एक नयी रणनीति को अपना सकते हैं। परंतु अब ऐसे में यहां कई प्रश्न भी उठते हैं कि एर्दोगन को इतनी अक्ल आई, तो आखिर आई कैसे? ऐसा क्या हुआ कि कश्मीर पर हमेशा आक्रामक रहने वाले एर्दोगन के सुर अचानक से बदल गए और इसमें इतनी नरमी देखने को मिली? इसके पीछे का कारण है भारत की वो कुशल रणनीति जिसके कारण ऐसा लगता है कि हम तुर्की को घुटने पर लाने में कामयाब रहे। तुर्की को उसी के अंदाज में जवाब देने के लिए भारत ने उसकी कमजोर नस को दबाना शुरू कर दिया है, जिसके कारण उसकी अक्ल ठिकाने आई है।

दरअसल, भारत अब उस मुद्दे को उठा रहा है जिससे तुर्की हमेशा से ही जवाब देने से बचता आया है और वो है साइप्रस का मुद्दा। बुधवार को भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावुसोग्लू के साथ एक बैठक की थी। बैठक के पश्चात जयशंकर ने ट्वीट कर बताया कि इस बैठक में जिन मुद्दों को लेकर बातचीत हुई, उसमें साइप्रस का मुद्दा भी शामिल रहा। हमने साइप्रस मुद्दे पर समाधान को लेकर जानकारी ली। साइप्रस और तुर्की के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। इसकी शुरुआत वर्ष 1974 में तब हुई थी, जब तुर्की ने हमला करके उसके उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया था। भारत हमेशा से ही संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार इस मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान के बारे में बात करता आया है। भारत द्वारा इस कमजोर नस को दबाए जाने के कारण ही लगता है कि तुर्की को समझ आने लगा है कि भारत से पंगा लेना उसे बहुत भारी पड़ेगा।

इससे पूर्व हाल ही में उज्बेकिस्तान के समरकंद SCO समिट हुआ था। इस दौरान समरकंद में एर्दोगन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का भी अनुरोध किया था। दोनों देशों के बीच संबंधों को देखते हुए तुर्की की तरफ से द्विपक्षीय मुलाकात का प्रस्ताव वाकई चौंकाने वाला था। तुर्की के इन हालिया कदमों से तो ऐसा ही प्रतीत होता है कि वह भारत के प्रति अपना रुख बदलने पर विवश हो गया है।

और पढ़ें: कट्टरपंथी समूह Muslim Brotherhood ने सोशल मीडिया पर शुरू किया भारत विरोधी अभियान

भारत विरोधी रहा है तुर्की का रूख

वैसे इससे पहले देखें तो मुख्य तौर पर कश्मीर को लेकर तो तुर्की का रूख भारत विरोधी ही रहा है। वर्ष 2019 में जब मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का बड़ा निर्णय लिया था तो पाकिस्तान को आए अटैक का असर रेसेप तैयप एर्दोगन पर भी हुआ था। भारत ने सुरक्षा की दृष्टि से कश्मीर में प्रतिबंध लगाए तो वर्ष 2019 में एर्दोगन ने कश्मीरी लोगों को बंद करने का मुद्दा उठाया और भारत की आलोचना की थी‌। इसके बाद वर्ष 2020 में उन्होंने कश्मीर को एक “ज्वलंत मुद्दा” बताया और यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 के हटने से आग और भड़क गई है।

वहीं, पिछले वर्ष 2021 में जब कोरोना काल के समय पूरी दुनिया परेशान थी तो उस दौरान भी एर्दोगन ने प्रोपेगेंडा चलाया कि भाई कश्मीर का मुद्दा अब संयुक्त राष्ट्र संघ के जरिए हल कराओ। हालांकि, वो बात अलग थी कि तुर्की के राष्ट्रपति ने जब-जब भी कश्मीर मुद्दे को उठाया तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी बेइज्जती ही हुई। बावजूद इसके तुर्की की इन हरकतों से कम से कम पाकिस्तान के मन में तो यह आत्मविश्वास आ जाता था कि उसके साथ कोई देश खड़ा है। लेकिन भारत की वैश्विक कूटनीति और तुर्की के खिलाफ मोर्चाबंदी का परिणाम यह है कि एर्दोगन ने सीधे तौर पर यह कह दिया है पाकिस्तान और भारत अपने आप ये मामला हल करे। वर्ष-दर-वर्ष एर्दोगन के बयानों के पैटर्न का यदि विश्लेषण करें तो अगले वर्ष कहीं एर्दोगन यह भी कह सकते हैं कि कश्मीर भारत का मुद्दा है और पाकिस्तान अपनी हद में रहें और अगर उनकी ओर से ऐसा बयान आता है तो यह कोई चौंकाने वाली बात नहीं होगी।

और पढ़ें: तुर्की का राष्ट्रपति एर्दोगन बड़ा एंटी इंडिया बन रहा था, अब भारत उसी के दुश्मन से उसको तबाह करवाएगा

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: एस जयशंकरकश्मीर मुद्दातुर्कीमोदी सरकार
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत में शॉपिंग कल्चर का अंत, अब ‘जॉम्बी मॉल्स’ का यहां होगा इस्तेमाल

अगली पोस्ट

E-Commerce को भूल जाइए, Quick Commerce भारत में क्रांति करने के लिए तैयार है

संबंधित पोस्ट

फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को ऑनलाइन हमलों का सामना
AMERIKA

ट्रंप की फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को MAGA समर्थकों के विरोध का सामना

10 January 2026

ट्रंप प्रशासन द्वारा अरबों डॉलर की संघीय फंडिंग रोकने के फ़ैसले पर रोक लगाने के बाद एक भारतीय-अमेरिकी संघीय न्यायाधीश MAGA समर्थकों के तीखे ऑनलाइन...

छात्रवृत्ति वापसी से प्रभावित यूके–यूएई अकादमिक संबंध
विश्व

मुस्लिम ब्रदरहुड विवाद के बीच यूके विश्वविद्यालयों से यूएई की छात्रवृत्ति वापस

10 January 2026

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) में पढ़ाई करने वाले अमीराती छात्रों के लिए सरकारी फंडिंग पर रोक लगाने का फ़ैसला किया है।...

एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा
भारत

एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

9 January 2026

अपने स्वभाव के अनुरूप, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर शोर-शराबे और आर्थिक दबाव की नीति अपनाई। उन्होंने टैरिफ़ को व्यापार नीति...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited