TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

एस जयशंकर ने तीखी आलोचना के साथ संयुक्त राष्ट्र की बखिया उधेड़ दी

सीना ठोक कर सत्य कहते हैं एस जयशंकर

TFI Desk द्वारा TFI Desk
14 October 2022
in विश्व
जयशंकर संयुक्त राष्ट्र
Share on FacebookShare on X

कहते हैं कि यदि पंचों की ताकत कम हो तो उनका फैसला कोई नहीं मानता, न्यायालय यदि एक दो बार गलत फैसले दे दें तो उनकी विश्वसनीयता भी खत्म हो जाती है। समय के साथ यदि इंसान या संस्थान न बदले तो वह बर्बाद हो जाता है। इन संस्थानों की हालत ऐसी हो जाती है कि कोई कम बुद्धि वाला व्यक्ति भी इनके द्वार पर नहीं दिखता है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर आज हम इस तरह की बातें क्यों कह रहे हैं? यह सभी बातें संयुक्त राष्ट्र संघ के लिए सही सिद्ध होती हैं और जिसे लेकर बड़ा बयान किसी और ने नहीं बल्कि भारतीय विदेश मंत्री और वर्तमान में अपने स्पष्ट और प्रभावशाली बयानों के लिए चर्चा का विषय बने एस जयशंकर ने दिया है।

और पढ़ें- पाकिस्तान के प्रति अमेरिका का अथाह प्रेम एस जयशंकर के शब्दों को सत्य सिद्ध करता है

संबंधितपोस्ट

अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

मोदी ने रिकॉर्ड कार्यकाल के दिन ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर तीखा हमला, अफगानिस्तान में नागरिकों की मौत को लेकर उठाए सवाल

और लोड करें

जयशंकर की तीखी लताड़

एस जयशंकर को जब से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्रालय की कमान दी है तब से वो फॉर्म में दिखाई दे रहे हैं। वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक मामलों को अपनी जबरदस्त क्षमता से हैंडल करने वाले एस जयशंकर उन देशों को तीखी लताड़ भी लगाते रहे हैं जो जरा सा भी भारत विरोधी बयान देते हैं। विशेष यह है कि एस जयशंकर ने दुनिया का चौधरी बनने वाले संयुक्त राष्ट्र संघ को भी अवसर पड़ने पर आड़े हाथों लिया है और यह बता दिया कि भारत के हित के साथ यदि ऊंच नीच हुई या वैश्विक स्तर पर किसी छोटे देश के साथ अन्याय हुआ तो भारत मुखरता से आवाज उठाएगा।

संयुक्त राष्ट्र संघ सच का साथ और सही के साथ कभी नहीं खड़ा दिखता है बल्कि जिस तरफ अधिक भार होता है उसी तरफ झुक जाता है। यही कारण है कि एस जयशंकर ने समय-समय पर संयुक्त राष्ट्र संघ में सुधार की बात की है और ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान एक इंटरव्यू में एक बार फिर एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में बड़े सुधारों की बात की। उन्होंने यह तक कहा है कि भले ही यह काम मुश्किल है लेकिन इसे करना होगा वरना संयुक्त राष्ट्र की हैसियत खत्म होते अधिक समय नहीं लगेगा।

दरअसल, विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार मुश्किल कार्य है लेकिन इसे किया जा सकता है। उन्होंने साथ ही आगाह किया कि अगर बिना देर किए सुधारों को लागू नहीं किया गया तो यह विश्व निकाय ‘अप्रासंगिक’ बन जाएगा। जयशंकर ने यह टिप्पणी लोवी इंस्टीट्यूट में भारत और ऑस्ट्रेलिया के कूटनीतिक संबंधों से जुड़े विषय पर अपने संबोधन के बाद एक प्रश्न के उत्तर में की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में जयशंकर ने कहा, ‘यह मुश्किल काम है, लेकिन इसे किया जा सकता है लेकिन इसे जरूर और जल्द से जल्द करना होगा।

Just another Gigachad moment by our foreign minister..pic.twitter.com/fbyXc1ly7X

— The Frustrated Indian (@FrustIndian) October 12, 2022

और पढ़ें- जयशंकर ने पाकिस्तान को लेकर एक बार फिर अमेरिका की बैंड बजा दी

संयुक्त राष्ट्र की चुप्पी

ध्यान देना होगा कि भारत के कश्मीर से जुड़े मुद्दों समेत हमारे आंतरिक मसलों पर संयुक्त राष्ट्र हमेशा ही चुप्पी साध लेता है। वहीं भारत इन मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र से कोई बयान देने को कहता है तो एक साधारण सा बयान देकर मामले को रफा दफाकर देता है। भारत एक मजबूत राष्ट्र है, इसके बावजूद उसके मुद्दों को अनेक बार संयुक्त राष्ट्र में आवश्यक महत्व नहीं मिलता है लेकिन कई ऐसे छोटे देश भी हैं जो कि अपनी मांगों को लेकर चीख़ते रह जातें हैं लेकिन संयुक्त राष्ट्र या उसके प्रमुख देशों के कानों पर न्याय और नीतियों की जूं तक नहीं रेंगती है। यही कारण है कि अब छोटे देश अपने मसलों को संयुक्त राष्ट्र के समक्ष लेकर भी नहीं जाते हैं।

एस जयशंकर ने  भारत के अलावा छोटे देशों की मांगों को लेकर कहा कि ऐसे महाद्वीप हैं, जो वास्तव में महसूस करते हैं कि सुरक्षा परिषद की प्रक्रिया उनकी समस्याओं पर संज्ञान नहीं लेती। उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि यह भाव संयुक्त राष्ट्र को बहुत नुकसान पहुंचा रहा है। इस समय का एक अहम घटनाक्रम है कि (अमेरिकी) राष्ट्रपति जो बाइडेन ने स्वीकार किया कि संयुक्त राष्ट्र में सुधार की जरूरत है, यह छोटी घटना नहीं है। लेकिन हमें इसकी जरूरत है क्योंकि हम सभी जानते हैं कि वर्षों से इन सुधारों को क्यों बाधित किया गया।’

इसके साथ ही एस जयशंकर ने मुखरता के साथ संयुक्त राष्ट्र में सुधारों की वकालत की है। एस जयशंकर ने वैश्विक स्तर पर आगाह करते हुए कहा, ‘हम अच्छी तरह जानते हैं कि संयुक्त राष्ट्र में सुधार करना ऐसा कुछ है जिसे करना आसान नहीं होने वाला… लेकिन यह ऐसा कुछ है जिसे करना होगा। अन्यथा, साफगोई से कहूं तो इसकी परिणति संयुक्त राष्ट्र की बढ़ती अप्रांसगिकता होगी।’

सपष्ट रूप से कहे तो यदि अब संयुक्त राष्ट्र में अहम सुधार नहीं किए गए तो यह मात्र एक झुनझुना बनकर रह जाएगा और वैश्विक स्तर के मुद्दों पर कोई भी राष्ट्र संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई टिप्पणियों और दिए गए आदेशों को तवज्जो नहीं देगा और यह एक शर्मनाक बात होगी‌।

और पढ़ें- जयशंकर के ‘स्वैग’ वाले बयानों की सूची, जब सामने वाले को विदेश मंत्री ने ‘सुन्न’ कर दिया

संयुक्त राष्ट्र में सुधारों की बात

ऐसा नहीं है कि भारत ने पहली बार संयुक्त राष्ट्र में सुधारों की बात कही है‌। भारत की लंबे वक्त से यह मांग रही है कि एक मजबूत अर्थव्यवस्था और एक बड़ी वैश्विक जनसंख्या का हिस्सा होने के नाते यह आवश्यक है कि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य हो। इसके बावजूद जब जब यह बात उठती है तो भारत के विरोध में आवाज़ उठाने वाला पहला देश चीन होता है और चीन को लगता है कि यदि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट मिल गई तो दक्षिण एशिया में उसका कथित प्रभुत्व खत्म हो जाएगा।

इसके अलावा आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र का रुख सदैव ही उदासीनता वाला रहा है जिसके चलते भारत को बहुत मुसीबतों का सामना भी करना पड़ा था। हाफिज सईद को अतंरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कराने के मुद्दे पर भारत के पसीने छूट गए थे। वहीं मौलाना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में आज भी चीन वीटो करके बैठा है। नतीजा यह हुआ है कि चाहकर भी संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर के खिलाफ आगे की कार्रवाई नहीं हो पा रही है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र में पर्दे के पीछे से चीन पाकिस्तान पोषित आतंकी मसूद अजहर को सपोर्ट कर देता है।

इसके अलावा अनैतिक मुद्दों से लेकर कमजोर देशों पर कार्रवाई करने के मुद्दे पर भी संयुक्त राष्ट्र का रुख विवादित रहा है। कुछ इसी तरह रूस यूक्रेन युद्ध पर भी संयुक्त राष्ट्र का रुख  अमेरिका और नाटो देशों की तरफ है। इसकी अहम वजह यह है कि अमेरिका से संयुक्त राष्ट्र को बड़ी मदद मिलती है। वहीं संयुक्त राष्ट्र को नाटो के ही अन्य देश खूब आर्थिक प्रोत्साहन देते हैं। ऐसे में केवल रूस ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के किसी भी देश के खिलाफ यदि आवाज उठती है तो संयुक्त राष्ट्र उसका ही साथ देता दिखता है जो कि अमेरिका या नाटों देशों का समर्थक हो।

और पढ़े- वैश्विक मुद्दों पर दखल न देने वाली सोच को बदलना होगा, हमें इससे ऊपर उठने की जरुरत है- एस जयशंकर

झूठ का प्रचार

वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के मामले में भी संयुक्त राष्ट्र का रुख विवादित था। आश्चर्यजनक बात यह है कि वायरस को लेकर पूरी दुनिया में चीन द्वारा बोले गए झूठ को प्रचारित करने में संयुक्त राष्ट्र और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की ही महत्वपूर्ण भूमिका थी और नतीजा ये हुआ कि दुनिया के करोड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं‌। यदि यह कहा जाए कि आज के वक्त में दुनिया में जितनी भी दिक्कतें हैं उनमें से आधी दिक्कतें संयुक्त राष्ट्र संघ की ढुलमुल नीति के कारण है तो शायद यह बात ग़लत नहीं होगी।

यही कारण है कि भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ऑस्ट्रेलिया में खुलकर यह ऐलान कर दिया है कि यदि अब संयुक्त राष्ट्र संघ और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बड़े बदलाव नहीं किए गए तो संयुक्त राष्ट्र का अस्तित्व खत्म होने में अधिक समय नहीं लगेगा।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें। 

Tags: United Nations Security Councilएस जयशंकरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीसंयुक्त राष्ट्रसंयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अंबानी की झोली में गिरी एक और बड़ी कंपनी, अब इस विदेशी कंपनी का अधिग्रहण करेगी रिलायंस

अगली पोस्ट

महामूर्ख हैं ब्रिटेन की नई नवेली प्रधानमंत्री लिज ट्रस

संबंधित पोस्ट

मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था
मत

हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

3 September 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत सरसंघचालक मोहन भागवत वैश्विक प्रवास पर हैं। इस अभियान के तहत उन्होंने अमेरिका...

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग
AMERIKA

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

6 August 2026

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना राज्य के कैसवेल काउंटी में बुधवार सुबह एक घर में हुई गोलीबारी से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना में कई...

क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है
चर्चित

क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

31 July 2026

ज़रा कल्पना कीजिए...आप एक सुबह उठते हैं और देखते हैं कि हजारों लोग आपके शहर में प्रवेश कर चुके हैं। सड़कों पर भारी भीड़ है,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited