“हमसे कमाकर, गरीब बच्चों का धर्मांतरण कराने वाले को दे रहा अमेजन”, NCPCR ने रडार पर ले लिया

अमेजन के इंडिया हेड को समन किया गया है

amazon

आज के समय में भारत का बाजार दुनियाभर की कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस दौर में भारत के विशाल बाजार में आये बिना कोई भी कंपनी वैश्विक कंपनी होने का दावा करने की हिम्मत नहीं जुटा सकती। ई-कॉमर्स भी एक ऐसा सेक्टर है, जिसमें भारत में वैसे तो अनेकों संभावनाएं हैं। हालांकि वो बात अलग है कि अभी के समय में इस सेक्टर में केवल दो-चार कंपनियों ने अपना दबदबा बना रखा है। आज की स्थिति में अगर कोई भारतीय नागरिक ई-कॉमर्स कंपनियों के नाम लेगा तो मुख्य तौर पर अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां ही शामिल होगी। देखा जाये तो भारत के ई-कॉमर्स सेक्टर में सबसे बड़ा खिलाड़ी अमेजन ही है। इसको हम ऐसे भी कह सकते हैं कि अमेजन का भारतीय ई-कॉमर्स बाजार पर एक प्रकार से एकाधिकार कायम हैं।

घर बैठे यदि आपको किसी भी सामान की आवश्यकता है, तो उसे आप इन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से मंगवा सकते हैं। अमेजन दुनिया का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस में से है। अमेज़न भारत से काफी कमाई करता है। परंतु हमारे से कमाकर ही अमेजन गैरकानूनी गतिविधयों में लिप्त पाया जाता है। हाल ही में अमेजन ने फिर एक ऐसा कार्य किया, जिसके बाद उसकी हरकतों को देखकर तो ऐसा ही प्रतीत होने लगा है कि जैसे अब ई-कॉमर्स कंपनी की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है।

और पढ़े: अमेज़न के खात्मे के लिए आया ONDC बैंगलोर में सुपरहिट हो गया

अमेजन इंडिया के प्रमुख को समन

दरअसल, अमेजन पर आरोप लगे हैं कि वह धर्म परिवर्तन करवाने वाले ऑल इंडिया मिशन को आर्थिक समर्थन दे रहा है। अमेजन द्वारा धर्मांतरण के खेल का हिस्सा बनने की बात सामने आयी है। इस कारण ही वह राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के रडार पर आया है। NCPCR ने गैरकानूनी कार्यों में लिप्त संगठन ऑल इंडिया मिशन को दी गई कथित फंडिंग को लेकर अमेजन इंडिया के वैश्विक वरिष्ठ उपाध्यक्ष और भारत के प्रमुख अमित अग्रवाल के खिलाफ नोटिस भी जारी कर दिए हैं।

समाचार एजेंसी पीटीआई की मानें तो  NCPCR  ने अमेजन इंडिया के हेड अमित अग्रवाल को एक नवंबर को आयोग के सामने पेश होने के आदेश दिए। साथ-साथ इस बात की भी चेतावनी भी दी है कि अगर अमित अग्रवाल पेश नहीं होते है, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

दरअसल शीर्ष बाल अधिकार संगठन ने 16 सितंबर को अमेजन इंडिया के खिलाफ एक नोटिस जारी किया था। नोटिस में ऑल इंडिया मिशन को कथित रूप से फंडिंग करने के मामले में उनसे स्पष्टीकरण देने की मांग की गई थी। NCPCR ने अमेजन इंडिया को दिए अपने नोटिस में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से इस पूरे मामले की जांच और कंपनी के द्वारा वित्त पोषित ऑल इंडिया मिशन और कुछ अन्‍य अनाथालयों के विषय में जानकारी देने को बोला था। आयोग के अनुसार इसके अलावा अमेजन से ये भी अनुरोध किया गया था कि इस संबंध में सात दिनों के अंदर एक कार्रवाई रिपोर्ट जमा करें।

परंतु लगता है अमेजन ने इस नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया। पूरे मामले को लेकर अमेजन की तरफ से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। जिसके पश्चात अब NCPCR अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने अमेजन इंडिया के हेड को नोटिस जमा कर आयोग के समक्ष पेश होने का आदेश दिया है। यदि अब भी इसे गंभीरता से नहीं लेता, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई निश्चित रूप से होगी। NCPCR ने इस पर कहा कि जवाब दाखिल करने में देरी करने की वजह बताने के लिए अब एक नवंबर 2022 को अमेजन इंडिया के हेड अमित अग्रवाल को आयोग के सामने पेशी है। साथ ही उन्‍हें आयोग के द्वारा मांगी गई जानकारी पर अब तक की होने वाली कार्रवाई का विवरण भी मुहैया करवाना होगा।

और पढ़े: E-Commerce को भूल जाइए, Quick Commerce भारत में क्रांति करने के लिए तैयार है

धर्मांतरण कराने वाले संगठन को अमेजन का समर्थन

गैर-सरकारी संगठन ऑल इंडिया मिशन पर गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया गया है। अरुणाचल प्रदेश के एक एनजीओ सोशल जस्टिस फोरम द्वारा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को दी जाने वाली शिकायत में इस बात का आरोप लगाया था कि ऑल इंडिया मिशन भारत में गरीब बच्‍चों का गैर-कानूनी तरीके से धर्मांतरण करवाया जा रहा है और ये ऑल इंडिया मिशन अमेरिका और ब्रिटेन में पंजीकृत है।

ऑल इंडिया मिशन पर कई अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप लग चुके हैं। बच्चों को बहला- फुसलाकर उनका धर्म परिवर्तन कराना ऑल मिशन का मूल कर्तव्य माना जाता है। केवल इतना ही नहीं इस संगठन पर तो देशविरोधी गतिविधियों को धार देने के भी आरोप लग चुके हैं।

और पढ़े: कपड़ा, तेल बेचते-बेचते ‘Flipkart’ अब सुशांत सिंह राजपूत की दुखद मौत बेचने लगा है

ऐसे मदद कर रहा है अमेजन

अब आपको यह भी बताते हैं कि आखिर अमेजन इस संगठन की सहायता कैसे कर रहा है? उस पर लगे आरोपों के अनुसार उसके (अमेजन) के यहां ऑनलाइन के जरिए जो भी खरीदारी होती है, उससे प्राप्त होने वाले धन का कुछ हिस्सा वह ऑल इंडिया मिशन को आर्थिक सहायता के रूप में देता है। इस पर ही NCPCR ने स्वत: संज्ञान लेते हुए अमेजन को समन जारी किया।

अब जैसा की आप सभी जानते है अमेजन भारत में कितना ज्यादा प्रचलित है। भारत के माध्यम से मोटी कमाई करता है। अब यहां गौर करने वाली बात तो जो अमेजन भारत में व्यापार के माध्यम से अपनी जेब तो खूब भर रहा है, परंतु पर्दे के पीछे से ऐसे संगठनों का समर्थन कर रहे है, जो गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त है। ऐसे में देश की जनता आखिर इनकी जेब भरे ही क्यों? अमेजन अगर इस तरह की हरकतों में लिप्त रहता है, तो वो दिन दूर नहीं नजर आता, जब उसे देश से भोरियां बिस्तर समेटने को विवश होना पड़ेगा। क्योंकि अमेजन का यह खेल ज्यादा दिनों तक चलेगा नहीं।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Exit mobile version