कश्मीरी पंडितों के नरसंहार को दिखाती फिल्म को ‘अश्लील’ बताने वाले के नाम एक चिट्ठी

नदव लापिड के घटिया बयान के बाद टूलकिट गैंग 'द कश्मीर फाइल्स' का मजाक बनाने में लगा है। इस चिट्ठी को लापिड तक पहुंचवा देना।

नदव लापिड “An Open Letter on the Kashmir Files”

Source- TFI

प्रिय नदव लापिड

उम्मीद करता हूं कि आप इज़रायल में चैन से रह रहे होंगे। आप कुछ दिन पहले ही तो हमारे देश में थे। हमारी सरकार ने आपको इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया में आमंत्रित किया था। गोवा में आयोजित हुए इस भव्य कार्यक्रम में आपने जो कश्मीरी पंडितों के नरसंहार पर बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स को लेकर बोला, उस पर मुझे आपत्ति है। घोर आपत्ति है।

आप इज़रायल में चैन से रहे होंगे, लेकिन कभी उन लोगों के बारे में सोचना जो अपने ही देश में प्रवासियों की तरह पूरी उम्र बीता देते हैं? उनकी आने वाली पीढ़ियां भी उसी तरह से प्रवासी बनी रहती हैं। ऐसा नहीं है कि उनका घर नहीं है। उनके पास जमीन नहीं है। उनके पास मोहल्ला नहीं है। सबकुछ है, लेकिन उन्हें उन्हीं की जमीन से भगा दिया गया है। कश्मीरी पंडितों को उनके घरों से मारकर निकाल दिया गया। उन कश्मीरी पंडितों पर बनी फिल्म द कश्मीरी फाइल्स को लेकर जो अश्लील टिप्पणी आपने की है, मुझे उससे घोर आपत्ति है।

और पढ़े: ‘झूठ’ के पर्याय बन चुके शरद पवार ने द कश्मीर फाइल्स पर निकाली अपनी कुंठा!

नदव, आपने कहा है कि द कश्मीर फाइल्स फिल्म वल्गर और प्रोपेगेंडा फिल्म है। सच में नदव? जबकि आप तो यहूदी हैं। आप तो नरसंहार की भयावहता से परिचित होंगे। आप तो जानते ही होंगे कि अपने घरों से मारकर भगा देने की पीड़ा क्या होती है? शायद, आप नहीं जानते। अगर जानते होते तो कभी भी पीड़ित पंडितों का मजाक नहीं बनाते। शायद, आप अपनी कौम के ऊपर हुए उन अत्याचारों को भी भूल गए जिन्हें इतिहास दर्ज करने में भी डरता है। शायद आप 1941 से शुरू हुए और 1945 में खत्म हुए उस नरसंहार को भूल गए जिसमें आपकी कौम के 60 लाख से ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था। मैं गैस चेंबर या फिर होलोकॉस्ट का नाम नहीं लेना चाहता लेकिन प्रतीत होता है कि आप ‘घेट्टो’ को भी भूल गए। यकीनन आप भूल गए, अगर आपको याद होता तो कभी भी आप इस तरह का बयान नहीं देते।

और पढ़े: कश्मीरी हिंदुओं के साथ हुई त्रासदी का सबसे सच्चा चित्रण है ‘द कश्मीर फाइल्स’

अब आपसे ज्यादा क्या ही कहें, आपका तो इतिहास ही इसी तरह का रहा है। आपने तो इजरायल का नमक खाकर, इजरायल को ही गालियां दी हैं। ऐसे में आप दूसरे देशों को लेकर क्या बोलेंगे यह हमें पहले ही समझ जाना चाहिए था। लेकिन क्या करें, हमारे यहां ऐसी सरकार है जो आप जैसे लोगों को मंच दे देती है- जिससे आप हमारे जख्मों पर नमक रगड़ सकें, जिससे आप हमारी पीड़ा का मजाक बना सकें, जिससे आप हमारी प्रताड़ना को वल्गर बता सकें, इसलिए हमें आपसे ज्यादा शिकायत नहीं है क्योंकि आपने तो वही किया जो कर-करके आप थोड़े-बहुत कुख्यात हुए हैं।

हमें शिकायत तो अपनी सरकार से है- जो उन्होंने आपको मंच दिया। हमारे मंत्री जी, वहां गोवा में बच्चों की तरह कूद रहे थे, स्टार्स के साथ मुलाकात कर रहे थे, लेकिन वो यह सुनिश्चित नहीं कर पाए कि कैसे लोगों को यहां बुलाना चाहिए। अगर कर पाते तो क्या आप हमारे यहां आकर ऐसी अश्लील बातें करके निकल जाते? नदव, मुझे आपसे ज्यादा दिक्कत नहीं है क्योंकि आपने जो बोला उसके बाद हमारे ही देश के वो गद्दार टूलकिट लेकर निकल पड़े जो ऐसे ही मौकों की प्रतीक्षा करते हैं। एक से बढ़कर एक वामपंथी आपके बयान का वीडियो शेयर करके उन लाखों कश्मीरी पंडितों के मजे ले रहे हैं जिनके ऊपर अत्याचार हुए, जिनकी बहन बेटियों को मार दिया गया, जिनके घरों में आग लगा दी गई, जिन्हें जीते जी मार दिया गया, स्वरा भास्कर  तो बस एक नाम है। आपके बयान से पूरी लॉबी खुशी से झूम रही है।

आपके अश्लील बयान का समर्थन यहीं तक नहीं रुका बल्कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस भी निर्लजता के कश्मीर पंडितों पर हुए अत्याचार का मजाक आपके बयान के समर्थन से बना रही है। नदव, आप जानते हैं भले ही लेफ्ट लॉबी ने आपका समर्थन किया हो, आपके बयान के आधार पर कश्मीरी पंडितों के मजे लिए हो लेकिन इजरायल ने आधिकारिक तौर पर इसके लिए माफी मांगी है। भारत में इजरायल के राजदूत ने भी आपको एक चिट्ठी लिखी है, उसे अवश्य पढ़ना नदव लापिड- आपको समझ आ जाएगा कि आपने क्या पाप किया है?

और पढ़े: नसीरुद्दीन शाह के लिए ‘काल्पनिक’ घटना है कश्मीरी हिंदुओं की प्रताड़ना और पलायन

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें। 

Exit mobile version