TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    नेपाल एक बार फिर जनरेशन Z यानी युवाओं के नेतृत्व में

    जनआंदोलन के बाद ‘जनादेश’ की बारी: नेपाल की राजनीतिक संरचना की निर्णायक परीक्षा



    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    खामेनेई की सख्त चेतावनी

    खामेनेई की सख्त चेतावनी: अमेरिकी सुपरकैरीयर USS Gerald R. Ford को निशाना बनाने की बात, बढ़ा तनाव

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    नेपाल एक बार फिर जनरेशन Z यानी युवाओं के नेतृत्व में

    जनआंदोलन के बाद ‘जनादेश’ की बारी: नेपाल की राजनीतिक संरचना की निर्णायक परीक्षा



    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    खामेनेई की सख्त चेतावनी

    खामेनेई की सख्त चेतावनी: अमेरिकी सुपरकैरीयर USS Gerald R. Ford को निशाना बनाने की बात, बढ़ा तनाव

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

1949: जब नेहरू ने सदैव के लिए भारत की सीमा सुरक्षा से समझौता कर लिया

चीनी नीतियों को भांपने में नेहरू नाकाम रहे थे. उन्हें सरदार पटेल ने समझाया भी था लेकिन नेहरू की अकड़ के आगे किसी की चली नहीं. 1962 का युद्ध उसी का परिणाम रहा और अभी सीमा पर हो रहे विवाद उसी के परिणाम हैं.

Devesh Sharma द्वारा Devesh Sharma
16 December 2022
in इतिहास
भारत चीन सीमा विवाद

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

भारत और चीन के बीच का सीमा विवाद आए दिन चर्चा में बना रहता है। हाल ही में तवांग में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प की खबरें सामने आई थी, जिसमें भारत के शूरवीरों ने ‘नन्हे मुन्हे’ चीनी सैनिकों को जमकर धोया। परन्तु सीमा विवाद जब भी जोर पकड़ता है तब अपने साथ कई सारे प्रश्नों की एक लहर लेकर आता है, जैसे- भारत के साथ चीन का सीमा विवाद कब प्रारंभ हुआ ? क्यों प्रारंभ हुआ और आखिरकार इसके लिए कौन जिम्मेदार है? इस लेख में हम इन सभी प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास करेंगे और जानेंगे कि आखिरकार भारत, चीन सीमा विवाद शुरू कैसे हुआ और वह कौन सा गलत फैसला था, जिसके कारण भारत के कुछ इलाके चीन के कब्जे में चले गए।

और पढ़ें: चीन की PLA ने इसे 1962 समझ कर हमला किया, बदले में ऐसा मुंहतोड़ जवाब मिला कि चीन ने सपने में भी नहीं सोचा होगा

संबंधितपोस्ट

90 वर्ष बाद फिर अखंड हुआ ‘वंदे मातरम्’- मोदी सरकार ने सरकारी समारोहों में वंदे मातरम् के संपूर्ण गायन को किया अनिवार्य, मिलेगा राष्ट्रगान जैसा सम्मान

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

सरदार पटेल: लौहपुरुष जिन्होंने मातृभूमि के लिए अपना सबकुछ कुर्बान कर दिया

और लोड करें

भारत चीन सीमा विवाद – यहां समझिए पूरी कहानी

दरअसल, भारत चीन सीमा विवाद की अगर तह में जाए तो हमें 30 दिसंबर 1949, एक ऐसी तिथि के रूप में दिखाई देती है, जहां एक तय प्लान के अंतर्गत इस विवाद की नींव रखी गई। अब आप सोच रहे होंगे कि 30 दिसंबर 1949 को ऐसा क्या हुआ कि भारत के लिए चीन सीमा विवाद एक नासूर बन कर रह गया। ज्ञात हो कि 30 दिसंबर 1949 से ठीक दो महीने पहले चीन में 1 अक्टूबर 1949 को कम्युनिस्ट नेता माओ जिदोंग के द्वारा पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का गठन किया गया।

परन्तु इसके बाद चीन को एक देश या यूं कहें कि एक तानाशाही सरकार चलाने के लिए पूरे विश्व की मान्यता चाहिए थी और यहीं पर भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू मात खा गए। उन्होंने 30 दिसबंर 1949 को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना को न केवल चीन के नेतृत्व कर्ता के रुप में मान्यता दी बल्कि 1 अप्रैल 1950 को नए शासन के साथ राजनयिक संबंध भी स्थापित किए। इस प्रकार भारत, म्यांमार के बाद दूसरा गैर कम्युनिस्ट देश बना, जिसने चीन में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की संप्रभुता को स्वीकार किया था।

1949 में चीन में सरकार बनाने के बाद पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना एक ओर जहां भारत की ओर मित्रता का हाथ बड़ा रहा था वहीं दूसरी ओर तिब्बत पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा था, जिसमें वह वर्ष 1951 में सफल भी हुआ। परन्तु नेहरू अभी भी उसकी चाल को समझ नहीं पाए और हिंदी-चीनी भाई भाई का नारा बुलंद करते रहे। असल में चीन मीठे जहर के तरह अपना काम कर रहा था।

पटेल ने पहले ही चेताया था

स्वीडिश पत्रकार बर्टिल लिंटनर ने अपनी क़िताब ‘चाइनाज इंडिया वॉर’ में लिखा है कि तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल उस समय के कुछ चुनिंदा नेताओं में से थे, जिन्होंने चीन की चालाकी को समझ लिया था। इसलिए उन्होंने अपनी मृत्यु से एक महीने पूर्व नेहरू को पत्र लिखते हुए कहा, “तिब्बत के चीन में मिलाये जाने के बाद वह हमारे दरवाज़े तक पहुंच गया है। इसके नतीजे को हमें समझने की ज़रूरत है। पूरे इतिहास में उत्तर-पूर्वी सीमा को लेकर हम शायद ही कभी परेशान हुए हैं। उत्तर में हिमालय सभी ख़तरों के सामने हमारे लिए रक्षा कवच के रूप में खड़ा रहा है। तिब्बत हमारा पड़ोसी था और उससे कभी कोई परेशानी नहीं हुई। पहले चीनी विभाजित थे। उनकी अपनी घरेलू समस्याएं थीं और उन्होंने हमें कभी परेशान नहीं किया लेकिन अब हालात बदल गये हैं।”

इसी के साथ बर्टिल लिंटनर ने यह भी लिखा है कि “नेहरू नए-नए बने कम्युनिस्ट शासित चीन को समझने में नाकाम रहे। उन्हें लगता रहा कि दोनों देशों के बीच दोस्ती ही रास्ता है। नेहरू का मानना था कि भारत और चीन दोनों उत्पीड़न के ख़िलाफ़ जीत हासिल कर खड़े हुए हैं और दोनों मुल्कों को एशिया, अफ़्रीका में आज़ाद हुए नये देशों के साथ मिलकर काम करना चाहिए।” परन्तु चीन इस प्रकार से कभी नहीं सोचता था, उसकी नीति सदैव ही विस्तारवाद की रही है। अपनी सीमाओं का विस्तार करने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है और जा भी रहा है।

नेहरू भाई-भाई करते रह गए चीन ने युद्ध छेड़ दिया

यानी यह स्पष्ट है कि तिब्बत पर कब्जा करने और सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा आगाह करने के बावजूद पं नेहरू अपने मद में चूर रहें। वह धूर्त चीन के चालों को समझने में नाकाम रहे। वे अभी भी सोच रहे थे कि चीन, भारत के साथ मित्रता करना चाहता है जिसके कारण वो अक्टूबर 1954 में चीन के दौरे पर भी गए और जून 1954 से जनवरी 1957 के बीच चीन के पहले प्रधानमंत्री चाउ एन लाई भी 4 बार भारत के दौरे पर आए। परन्तु इसके बाद भी भारत को क्या मिला, 1962 का युद्ध और सीमाओं का अधिग्रहण।

ज्ञात हो कि 20 अक्टूबर 1962 को जब युद्ध शुरू हुआ तो चीन, लद्दाख के चुशूल के रेजांग ला के साथ-साथ तिब्बत से लगने वाले तवांग और अरुणाचल प्रदेश में घुस गया और कई इलाकों पर कब्जा भी जमा लिया। हालांकि, 20 नवंबर 1962 को उसने एकतरफा युद्ध विराम की घोषणा कर दी और तवांग एवं अरुणाचल प्रदेश से बाहर निकल गया। लेकिन उसने लद्दाख में अपने द्वारा कब्जा की गई भूमि पर अपना अधिकार स्थापित कर लिया। आज के समय में वहीं क्षेत्र अक्साई चिन के नाम से जाना जाता है और यह लद्दाख का उत्तरी पूर्वी हिस्सा है, जिस पर चीन ने अवैध कब्जा जमा रखा है।

ऐसे में यह स्पष्ट है कि 30 दिसंबर 1949 को लिया गया फैसला और चीन-चीन का राग अलापने वाले नेहरू का दृष्टिकोण कहीं से भी तर्कसंगत नहीं था और अगर हम तब ही संभल गए होते या थोड़ी दूरदर्शिता दिखाई होती, तो आज चीन ऐसी हिमाकत करने की कोशिश भी नहीं कर पाता। अगर नेहरू ने पटेल की बात मान ली होती, तब भी ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई होती।

इसके अलावा अगर 1962 के युद्ध के बाद भी सरकारों ने नॉर्थ ईस्ट को गंभीरता से लिया होता, उसे बेहतर करने के प्रयास किए होते, उसे मजबूत किया होता, सीमावर्ती इलाकों पर अधिक ध्यान दिया होता, सेना को मजबूत किया होता तो ऐसी स्थिति कतई नहीं होती। यदि 30 दिसंबर 1949 के नेहरू के फैसले के बारे में संक्षेप में कहा जाए तो यह एक ऐसा फैसला था, जिसके बाद चीन को अपनी मनमानी करने के लिए हरी झंडी मिल चुकी थी और आज भारत तो नेहरू की इस गलती का खामियाजा भुगत ही रहा है, साथ ही पूरी दुनिया भी चीन से परेशान हो चुकी है।

और पढ़ें: 1971 – जब अमेरिका ने चीन को भारत पर आक्रमण करने के लिए उकसाया

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: जवाहरलाल नेहरूनार्थ ईस्टभारत-चीन युद्धसरदार वल्लभ भाई पटेल
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कैसे एक षड्यंत्र के तहत भारत को जाति के आधार पर बांटा गया? एक एक कड़ी समझिए

अगली पोस्ट

कौन हैं प्राचीन भारत के 7 सबसे महान दानवीर?

संबंधित पोस्ट

ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग
इतिहास

ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

14 February 2026

भारत एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है, केंद्र सरकार ने ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे देश की पहली सड़क-सह-रेल सुरंग (अंडरवॉटर टनल) बनाने को...

के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक
इतिहास

फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

29 January 2026

फील्ड मार्शल कोडंडेरा मदप्पा करियप्पा, जिन्हें प्यार से के.एम. करियप्पा कहा जाता है, भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ और राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण...

10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं
इतिहास

इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

28 January 2026

होलोकॉस्ट एक सुनियोजित, राज्य-प्रायोजित नरसंहार था, जिसे 1933 से 1945 के बीच नाजी जर्मनी ने एडॉल्फ़ हिटलर के नेतृत्व में अंजाम दिया। इसका मूल कारण...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited