TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कट्टर इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील

    क्या ईरान के साथ भी अमेरिका वही कर सकता है, जो उसने वेनेजुएला और मादुरो के साथ किया है ?

    ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन जयपुर में सभा को संबोधित करते हुए, अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण और जम्मू-कश्मीर पर भारत के रुख का समर्थन दोहराते हुए

    ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन बोले- 1992 से ही अनुच्छेद 370 हटाने की मांग की

    सरकार-विरोधी प्रदर्शनों का नया दौर

    ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शन: सुलेमानी की प्रतिमा जलाने के बाद गुस्सा

    पाकिस्तान का इतिहास अपने कथित सिद्धांतों से समझौता करने का रहा है

    इस्लामी भाईचारे से बड़ा पैसा: यूएई के खिलाफ कार्रवाई को तैयार पाकिस्तानी सेना?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कट्टर इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील

    क्या ईरान के साथ भी अमेरिका वही कर सकता है, जो उसने वेनेजुएला और मादुरो के साथ किया है ?

    ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन जयपुर में सभा को संबोधित करते हुए, अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण और जम्मू-कश्मीर पर भारत के रुख का समर्थन दोहराते हुए

    ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन बोले- 1992 से ही अनुच्छेद 370 हटाने की मांग की

    सरकार-विरोधी प्रदर्शनों का नया दौर

    ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शन: सुलेमानी की प्रतिमा जलाने के बाद गुस्सा

    पाकिस्तान का इतिहास अपने कथित सिद्धांतों से समझौता करने का रहा है

    इस्लामी भाईचारे से बड़ा पैसा: यूएई के खिलाफ कार्रवाई को तैयार पाकिस्तानी सेना?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मुगलों ने पवित्र कथक नृत्य में कामुक भंगिमाओं को जोड़कर इसे दरबारों की नृत्य कला बना दिया

कथक आज जिस स्वरूप में है उसमें वह कैसे पहुंचा और इससे जुड़ा इतिहास क्या है? कथक की उत्पत्ति कैसे हुई और इसका मूल स्वरूप क्या था? इस लेख के माध्यम से जानिए।

Devesh Sharma द्वारा Devesh Sharma
20 December 2022
in इतिहास, ज्ञान, संस्कृति
Kathak Nritya

SOURCE TFI

Share on FacebookShare on X

शास्त्रीय नृत्य की बात आती है तो उत्तर प्रदेश से उत्पन्न हुई कथक नृत्य कला का नाम अवश्य लिया जाता है। कथक भारत के उन चुनिंदा शास्त्रीय नृत्यों में से एक है जिसे सीखने के लिए दुनियाभर से लोग भारत आते हैं और इसकी सराहना करते हैं। परन्तु आज हम कथक के जिस स्वरूप को देखते हैं वह इसके प्रारंभिक स्वरूप से बिल्कुल भिन्न है। लेकिन प्रश्न यह है कि कथक आज जिस स्वरूप में है उसमें वह कैसे पहुंचा और इससे जुड़ा इतिहास क्या है? हम इस लेख में जानेंगे कि कथक नृत्य (Kathak Nritya) की उत्पत्ति कैसे हुई और इसका मूल स्वरूप क्या था?

और पढ़ें- जब मुख्यधारा के अभिनेता नहीं बन पाए तो मजबूरी में कला सिनेमा तक सिमट कर रह गए नसीरुद्दीन शाह

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

कथक (Kathak Nritya) की उत्पत्ति

भारत में कुल आठ प्रकार के शास्त्रीय नृत्य हैं और उन्हीं में से एक कथक (Kathak Nritya) भी है जिसकी उत्पत्ति उत्तर प्रदेश से मानी जाती है। बताया जाता है कि शुरुआत में कथक प्रस्तुत करने वाले लोग महाभारत और पुराणों जैसे धार्मिक ग्रंथों की कथाओं पर नृत्य किया करते थे अर्थात नृत्य के माध्यम से कथा कहने की कला। इन्हें कथाकार या कहानीकार के नाम से जाना जाता था और ये धार्मिक अनुष्ठानों और मंदिरों में नृत्य किया करते थे। यही कारण था कि इस नृत्य का नाम कथक रखा गया जिसका अर्थ होता है कथा कहने वाला।

कथक (Kathak Nritya) की उत्पत्ति का एक सिरा भरत मुनि के नाट्यशास्त्र से जुड़ता है, वहीं दूसरा सिरा मध्य प्रदेश के भारहुत गांव में मंदिरों की दीवारों पर उकेरी गई आकृतियों से। एक ओर जहां भरत मुनि द्वारा रचित नाट्यशास्त्र की समय सीमा 500ई.पूर्व से 500 ईस्वी के आस पास बताई जाती है वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश के भारहुत गांव में बने मंदिरों की समय सीमा दूसरी शताब्दी ईस्वी बताई जाती है।  इसीलिए कथक की उत्पत्ति के बारे में यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है कि यह कब, कहां और कैसे उत्पन्न हुआ। अधिकतर इतिहासकार यही मानते हैं कि कथक नृत्य कला समाज में धीरे-धीरे विकसित हुई और समय के अनुसार उसमें परिवर्तन होते चले गये।

भक्ति आंदोलन और कथक  

कथक नृत्य (Kathak Nritya) कला के विकास के बारे में बात की जाए तो भक्ति आंदोलन की इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी आंदोलन के दौरान भगवान कृष्ण की जीवन लीलाओं को नृत्य भंगिमाओं में परिवर्तित कर उन्हें कथक नृत्य कला के साथ जोड़ा गया। जिसके बाद लोगों के लिए यह कला और अधिक रोचक हो गयी परन्तु अभी भी कथक में कामुकता का प्रवेश नहीं हुआ था।

और पढ़ें- Ancient Hindu Temples: पांच हिंदू मंदिर जिनकी अद्भुत और उत्कृष्ट वास्तुकला के सामने ताजमहल बौना दिखता है

मुगल काल में नृत्य कला का विघटन

मुगल काल को लेकर लोगों के मस्तिष्क में यह बात बैठी हुई है कि भारत में कला का असल विकास तो इसी दौर में हुआ था। कथक नृत्य (Kathak Nritya) के बारें में भी कहा जाता रहा है कि इसका असल विकास मुगल काल में ही हुआ था वरन् इससे पहले तो यह सिर्फ मंदिरों में होने वाले अनुष्ठानों तक ही सीमित था। वे मुगल ही थे जिन्होंने कथक को लोकप्रिय बनाया और इसका संरक्षण किया। परन्तु यह कोई नहीं बताता कि कथक में जो कामुक भंगिमाएं जोड़ी गईं वह मुगलकाल में ही हुआ।

एक पवित्र कला कथक को मंदिरों में होने वाले पवित्र अनुष्ठानों से बाहर निकालकर मुगल दरबारों में लाया गया। दरबार में बैठने वाले अय्याश बादशाहों और मंत्रियों के लिए यह कला मात्र मनोरंजन का एक साधन बनकर रह गयी। और तो और मुगल काल में कथक के मूल स्वरूप को छिन्न-भिन्न कर दिया गया। इसकी नृत्य भंगिमाओं में तो परिवर्तन किया ही गया, नर्तकियों द्वारा पहने जाने वाली साड़ी को मुगल हरम की नर्तकियों की पोशाक में परिवर्तित कर दिया गया। ये पोशाकें कुछ इस प्रकार की हुआ करती थीं जिससे नर्तकियां कामुकतापूर्ण प्रतीत हो सकें।

यहां एक और प्रश्न पर ध्यान देना होगा कि मुगल दरबार तक कथक (Kathak Nritya) पहुंचा कैसे? तो इसका उत्तर है धनबल और लालच के द्वारा। असल में मुगल बादशाहों ने कथक की समृद्धि को देखने के बाद कलाकारों को बड़े-बड़े पुरस्कार और  धनसंपदा से पुरस्कृत कराना प्रारंभ कर दिया जिसके चलते धीरे-धीरे कलाकार मंदिरों को छोड़ दरबार में राजाओं के समक्ष प्रस्तुति देने लगे। अंततः कथक मात्र एक आय का साधन और मनोरंजन का माध्यम बनकर रह गया।

और पढ़ें- कुंग फू, ताइक्वांडो, करांटे की मां भारत की कलरीपायट्टु युद्ध कला को जानते हैं आप?

अंग्रेजी राज में कथक (Kathak Nritya) की स्थिति

कथक कला के मूल स्वरूप को समाप्त करने की रही बची कसर अंग्रेजों ने इस पर प्रतिबंध लगाकर पूरी कर दी। जब तक भारत में औपनिवेशिक काल आया या यूं कहें कि अंग्रेजों  ने शोषण करना प्रारंभ किया तब तक कथक एक दरबारी मनोरंजन के रूप में प्रसिद्ध हो गया था और समाज में कथक करने वाली नर्तकियों को ‘नाच  करने वाली लड़कियों’ के रूप में संदर्भित किया जाता और हेय दृष्टि से देखा जाता था। इसलिए अंग्रेजों ने कथक को फूहड़ता का नाम देकर इस पर प्रतिबंध लगा दिया। अंग्रेजों का कथक पर प्रतिबंध लगाने का उद्देश्य भारतीय कला को नष्ट करना और उन्हें नीचा दिखाना था। हालांकि 1910 में मद्रास में हिंदू मंदिरों में अंग्रेजाे द्वारा नृत्य परंपरा पर लगाए गए प्रतिबंधित का उस समय जमकर विरोध किया गया था। परन्तु पराधीन लोग अपनी संस्कृति को कितना ही बचा सकते हैं।

स्वतंत्रता संग्राम में कथक की स्थिति

भारत अधीन था लेकिन कब तक, कभी न कभी तो स्वतंत्रता मिलनी ही थी और उस स्वतंत्रता में होने वाले आंदोलनों से तो हम सभी परिचित ही हैं कि किस प्रकार लोगों के अंदर राष्ट्र, स्वदेश और अपनी संस्कृति को लेकर भावनाएं उमड़ रही थीं। इन्हीं भावनाओं ने कथक (Kathak Nritya) को दोबारा से जीवित और पुनः निर्मित करने का कार्य किया। दरअसल, 20वीं शताब्दी की शुरुआत थी और भारत में स्वदेश और अपनी संस्कृति को लेकर लोगों की भावनाएं उफान पर थीं। उन्होंने विदेशी वस्त्रों से लेकर उनकी संस्कृति से जुड़ी सभी चीजों को त्यागना शुरू कर दिया और लोगों ने अपनी जड़ों की ओर वापसी करना प्रारंभ किया। इन आंदोलनों के कारण कथक को भी सहारा मिला और लोगों ने कथक को जीवित करने के लिए लड़कों को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया और देखते ही देखते कथक पुनः अपने उसी स्थान पर पहुंचने लगा।

और पढ़ें- तुंबरू, हाहा, हूहू: भारतीय संगीत और नृत्य जैसी अद्भुत कलाओं की उत्पत्ति देवी सरस्वती और गंधर्वों से कैसे हुई, जानिए।

हालांकि तथाकथित सभ्य समाज के लोग या यूं कहें अंग्रेजों के चाटुकार इसे सम्मान की दृष्टि से स्वीकार नहीं करते थे परन्तु दुनिया ने स्वीकार किया और पंडित बिरजू महाराज जैसे लोगों की दुनिया ने सराहना की। वर्तमान समय में कथक के तीन घराने हैं बनारस, लखनऊ और जयपुर इन तीनों घरानों ने ही कथक (Kathak Nritya) को पुनः जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिसमें 20वीं सदी की शुरूआत में कालकाप्रसाद महाराज का नाम हमारे सामने है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: kathak dance from which state
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

वर्ष 2022 की सबसे अच्छी, सबसे घटिया और अंडररेडेट वेब सीरीज़ की सूची

अगली पोस्ट

रूस से तेल खरीदकर एक साथ कई मोर्चों पर बढ़त बना रहा है भारत

संबंधित पोस्ट

भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार
ज्ञान

हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

3 January 2026

सनातन दृष्टि में धर्म ही अधिकारों का आधार है - जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, जीवन, सम्मान, विचार और आस्था की स्वतंत्रता प्राप्त है, बशर्ते...

भारतीय संविधान
ज्ञान

हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

31 December 2025

मौलिक अधिकार (फंडामेंटल राइट्स) भारतीय संविधान की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक हैं। इनका लक्ष्य भारत के नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर...

औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था
इतिहास

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

26 December 2025

यह सप्ताह, वर्ष का अंतिम सप्ताह है। नए साल की दहलीज़ पर खड़े इस सप्ताह का इंतज़ार सबको ही रहता है, क्योंकि पहले क्रिसमस का...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56

Tejas Under Fire — The Truth Behind the Crash, the Propaganda, and the Facts

00:07:45
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited