TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मुगलों ने पवित्र कथक नृत्य में कामुक भंगिमाओं को जोड़कर इसे दरबारों की नृत्य कला बना दिया

कथक आज जिस स्वरूप में है उसमें वह कैसे पहुंचा और इससे जुड़ा इतिहास क्या है? कथक की उत्पत्ति कैसे हुई और इसका मूल स्वरूप क्या था? इस लेख के माध्यम से जानिए।

Devesh Sharma द्वारा Devesh Sharma
20 December 2022
in इतिहास, ज्ञान, संस्कृति
Kathak Nritya

SOURCE TFI

Share on FacebookShare on X

शास्त्रीय नृत्य की बात आती है तो उत्तर प्रदेश से उत्पन्न हुई कथक नृत्य कला का नाम अवश्य लिया जाता है। कथक भारत के उन चुनिंदा शास्त्रीय नृत्यों में से एक है जिसे सीखने के लिए दुनियाभर से लोग भारत आते हैं और इसकी सराहना करते हैं। परन्तु आज हम कथक के जिस स्वरूप को देखते हैं वह इसके प्रारंभिक स्वरूप से बिल्कुल भिन्न है। लेकिन प्रश्न यह है कि कथक आज जिस स्वरूप में है उसमें वह कैसे पहुंचा और इससे जुड़ा इतिहास क्या है? हम इस लेख में जानेंगे कि कथक नृत्य (Kathak Nritya) की उत्पत्ति कैसे हुई और इसका मूल स्वरूप क्या था?

और पढ़ें- जब मुख्यधारा के अभिनेता नहीं बन पाए तो मजबूरी में कला सिनेमा तक सिमट कर रह गए नसीरुद्दीन शाह

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

कथक (Kathak Nritya) की उत्पत्ति

भारत में कुल आठ प्रकार के शास्त्रीय नृत्य हैं और उन्हीं में से एक कथक (Kathak Nritya) भी है जिसकी उत्पत्ति उत्तर प्रदेश से मानी जाती है। बताया जाता है कि शुरुआत में कथक प्रस्तुत करने वाले लोग महाभारत और पुराणों जैसे धार्मिक ग्रंथों की कथाओं पर नृत्य किया करते थे अर्थात नृत्य के माध्यम से कथा कहने की कला। इन्हें कथाकार या कहानीकार के नाम से जाना जाता था और ये धार्मिक अनुष्ठानों और मंदिरों में नृत्य किया करते थे। यही कारण था कि इस नृत्य का नाम कथक रखा गया जिसका अर्थ होता है कथा कहने वाला।

कथक (Kathak Nritya) की उत्पत्ति का एक सिरा भरत मुनि के नाट्यशास्त्र से जुड़ता है, वहीं दूसरा सिरा मध्य प्रदेश के भारहुत गांव में मंदिरों की दीवारों पर उकेरी गई आकृतियों से। एक ओर जहां भरत मुनि द्वारा रचित नाट्यशास्त्र की समय सीमा 500ई.पूर्व से 500 ईस्वी के आस पास बताई जाती है वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश के भारहुत गांव में बने मंदिरों की समय सीमा दूसरी शताब्दी ईस्वी बताई जाती है।  इसीलिए कथक की उत्पत्ति के बारे में यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है कि यह कब, कहां और कैसे उत्पन्न हुआ। अधिकतर इतिहासकार यही मानते हैं कि कथक नृत्य कला समाज में धीरे-धीरे विकसित हुई और समय के अनुसार उसमें परिवर्तन होते चले गये।

भक्ति आंदोलन और कथक  

कथक नृत्य (Kathak Nritya) कला के विकास के बारे में बात की जाए तो भक्ति आंदोलन की इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी आंदोलन के दौरान भगवान कृष्ण की जीवन लीलाओं को नृत्य भंगिमाओं में परिवर्तित कर उन्हें कथक नृत्य कला के साथ जोड़ा गया। जिसके बाद लोगों के लिए यह कला और अधिक रोचक हो गयी परन्तु अभी भी कथक में कामुकता का प्रवेश नहीं हुआ था।

और पढ़ें- Ancient Hindu Temples: पांच हिंदू मंदिर जिनकी अद्भुत और उत्कृष्ट वास्तुकला के सामने ताजमहल बौना दिखता है

मुगल काल में नृत्य कला का विघटन

मुगल काल को लेकर लोगों के मस्तिष्क में यह बात बैठी हुई है कि भारत में कला का असल विकास तो इसी दौर में हुआ था। कथक नृत्य (Kathak Nritya) के बारें में भी कहा जाता रहा है कि इसका असल विकास मुगल काल में ही हुआ था वरन् इससे पहले तो यह सिर्फ मंदिरों में होने वाले अनुष्ठानों तक ही सीमित था। वे मुगल ही थे जिन्होंने कथक को लोकप्रिय बनाया और इसका संरक्षण किया। परन्तु यह कोई नहीं बताता कि कथक में जो कामुक भंगिमाएं जोड़ी गईं वह मुगलकाल में ही हुआ।

एक पवित्र कला कथक को मंदिरों में होने वाले पवित्र अनुष्ठानों से बाहर निकालकर मुगल दरबारों में लाया गया। दरबार में बैठने वाले अय्याश बादशाहों और मंत्रियों के लिए यह कला मात्र मनोरंजन का एक साधन बनकर रह गयी। और तो और मुगल काल में कथक के मूल स्वरूप को छिन्न-भिन्न कर दिया गया। इसकी नृत्य भंगिमाओं में तो परिवर्तन किया ही गया, नर्तकियों द्वारा पहने जाने वाली साड़ी को मुगल हरम की नर्तकियों की पोशाक में परिवर्तित कर दिया गया। ये पोशाकें कुछ इस प्रकार की हुआ करती थीं जिससे नर्तकियां कामुकतापूर्ण प्रतीत हो सकें।

यहां एक और प्रश्न पर ध्यान देना होगा कि मुगल दरबार तक कथक (Kathak Nritya) पहुंचा कैसे? तो इसका उत्तर है धनबल और लालच के द्वारा। असल में मुगल बादशाहों ने कथक की समृद्धि को देखने के बाद कलाकारों को बड़े-बड़े पुरस्कार और  धनसंपदा से पुरस्कृत कराना प्रारंभ कर दिया जिसके चलते धीरे-धीरे कलाकार मंदिरों को छोड़ दरबार में राजाओं के समक्ष प्रस्तुति देने लगे। अंततः कथक मात्र एक आय का साधन और मनोरंजन का माध्यम बनकर रह गया।

और पढ़ें- कुंग फू, ताइक्वांडो, करांटे की मां भारत की कलरीपायट्टु युद्ध कला को जानते हैं आप?

अंग्रेजी राज में कथक (Kathak Nritya) की स्थिति

कथक कला के मूल स्वरूप को समाप्त करने की रही बची कसर अंग्रेजों ने इस पर प्रतिबंध लगाकर पूरी कर दी। जब तक भारत में औपनिवेशिक काल आया या यूं कहें कि अंग्रेजों  ने शोषण करना प्रारंभ किया तब तक कथक एक दरबारी मनोरंजन के रूप में प्रसिद्ध हो गया था और समाज में कथक करने वाली नर्तकियों को ‘नाच  करने वाली लड़कियों’ के रूप में संदर्भित किया जाता और हेय दृष्टि से देखा जाता था। इसलिए अंग्रेजों ने कथक को फूहड़ता का नाम देकर इस पर प्रतिबंध लगा दिया। अंग्रेजों का कथक पर प्रतिबंध लगाने का उद्देश्य भारतीय कला को नष्ट करना और उन्हें नीचा दिखाना था। हालांकि 1910 में मद्रास में हिंदू मंदिरों में अंग्रेजाे द्वारा नृत्य परंपरा पर लगाए गए प्रतिबंधित का उस समय जमकर विरोध किया गया था। परन्तु पराधीन लोग अपनी संस्कृति को कितना ही बचा सकते हैं।

स्वतंत्रता संग्राम में कथक की स्थिति

भारत अधीन था लेकिन कब तक, कभी न कभी तो स्वतंत्रता मिलनी ही थी और उस स्वतंत्रता में होने वाले आंदोलनों से तो हम सभी परिचित ही हैं कि किस प्रकार लोगों के अंदर राष्ट्र, स्वदेश और अपनी संस्कृति को लेकर भावनाएं उमड़ रही थीं। इन्हीं भावनाओं ने कथक (Kathak Nritya) को दोबारा से जीवित और पुनः निर्मित करने का कार्य किया। दरअसल, 20वीं शताब्दी की शुरुआत थी और भारत में स्वदेश और अपनी संस्कृति को लेकर लोगों की भावनाएं उफान पर थीं। उन्होंने विदेशी वस्त्रों से लेकर उनकी संस्कृति से जुड़ी सभी चीजों को त्यागना शुरू कर दिया और लोगों ने अपनी जड़ों की ओर वापसी करना प्रारंभ किया। इन आंदोलनों के कारण कथक को भी सहारा मिला और लोगों ने कथक को जीवित करने के लिए लड़कों को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया और देखते ही देखते कथक पुनः अपने उसी स्थान पर पहुंचने लगा।

और पढ़ें- तुंबरू, हाहा, हूहू: भारतीय संगीत और नृत्य जैसी अद्भुत कलाओं की उत्पत्ति देवी सरस्वती और गंधर्वों से कैसे हुई, जानिए।

हालांकि तथाकथित सभ्य समाज के लोग या यूं कहें अंग्रेजों के चाटुकार इसे सम्मान की दृष्टि से स्वीकार नहीं करते थे परन्तु दुनिया ने स्वीकार किया और पंडित बिरजू महाराज जैसे लोगों की दुनिया ने सराहना की। वर्तमान समय में कथक के तीन घराने हैं बनारस, लखनऊ और जयपुर इन तीनों घरानों ने ही कथक (Kathak Nritya) को पुनः जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिसमें 20वीं सदी की शुरूआत में कालकाप्रसाद महाराज का नाम हमारे सामने है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: kathak dance from which state
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

वर्ष 2022 की सबसे अच्छी, सबसे घटिया और अंडररेडेट वेब सीरीज़ की सूची

अगली पोस्ट

रूस से तेल खरीदकर एक साथ कई मोर्चों पर बढ़त बना रहा है भारत

संबंधित पोस्ट

राम मंदिर चढ़ावा विवाद
चर्चित

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

30 June 2026

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद साधु-संत समाज की भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। श्रीराम...

शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक
इतिहास

ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

26 June 2026

भारत के सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं। इन सभी...

महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य
संस्कृति

महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

17 June 2026

महाभारत में वर्णित सबसे चर्चित प्रसंगों में से एक वह है, जब भगवान श्रीकृष्ण शांति दूत बनकर हस्तिनापुर पहुंचे थे। उनका उद्देश्य कौरवों और पांडवों...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited