TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वंदे मातरम को लेकर एक बार फिर विवाद

    वंदे मातरम को लेकर एक बार फिर विवाद : मुस्लिम संगठन ने वंदे मातरम को स्वीकार करने को हमला बताया

    फिल्म घूसखोर पंडित को लेकर बवाल

    सुप्रीम कोर्ट ने नेटफ्लिक्स को निर्देश दिया: ‘घूसखोर पंडित’ का नाम बदलें, फिल्म का टाइटल बदलने तक ‘रिलीज़ नहीं

    शेख हसीना का भारत में प्रवास और प्रत्यर्पण

    बांग्लादेश में बीएनपी की सत्ता वापसी: जानें क्या हुआ था साल 2024 में ?

    बांग्लादेश में नई सरकार की तैयारी

    बांग्लादेश में नई सरकार की तैयारी: तारिक रहमान को पीएम मोदी ने दी बधाई, कहां -मिलकर करेंगे काम

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वंदे मातरम को लेकर एक बार फिर विवाद

    वंदे मातरम को लेकर एक बार फिर विवाद : मुस्लिम संगठन ने वंदे मातरम को स्वीकार करने को हमला बताया

    फिल्म घूसखोर पंडित को लेकर बवाल

    सुप्रीम कोर्ट ने नेटफ्लिक्स को निर्देश दिया: ‘घूसखोर पंडित’ का नाम बदलें, फिल्म का टाइटल बदलने तक ‘रिलीज़ नहीं

    शेख हसीना का भारत में प्रवास और प्रत्यर्पण

    बांग्लादेश में बीएनपी की सत्ता वापसी: जानें क्या हुआ था साल 2024 में ?

    बांग्लादेश में नई सरकार की तैयारी

    बांग्लादेश में नई सरकार की तैयारी: तारिक रहमान को पीएम मोदी ने दी बधाई, कहां -मिलकर करेंगे काम

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

Nuclear Fusion के बारे में वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं

Nuclear Fusion को लेकर कई सवाल आप आपके मस्तिष्क में होंगे। अंग्रेजी में कई जगह जानकारी उपलब्ध है, लेकिन जो कुछ भी हुआ है- उससे संबंधित सबकुछ इस लेख में हिंदी में समझिए। एक-एक सवाल का जवाब आपको यहां मिलेगा।

TFI Desk द्वारा TFI Desk
20 December 2022
in प्रीमियम
Nuclear fusion is the future

Source- Google

Share on FacebookShare on X

न्यूक्लियर एनर्जी यानी परमाणु ऊर्जा, जिसे लेकर कहा जाता है कि इससे बम और बिजली दोनों ही बनाए जा सकते हैं। लंबे समय से दुनियाभर के तमाम देश इन प्रयासों में लगे हैं कि कैसे परमाणु ऊर्जा के माध्यम से बर्बादी नहीं कुछ सहज चीज बनाई जा सके। अब खास बात यह है कि न्यूक्लियर फ्यूजन (Nuclear Fusion) को लेकर अमेरिका को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। कैलिफोर्निया की लॉरेंस लिवरमोर नेशनल लैबोरेट्री (LLNL) ने ऐसा न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर बनाया है जिसमें “नेट एनर्जी गेन” होता है। विशेष बिंदु ये है कि इसके जरिए वैज्ञानिकों को फ्यूजन रिएक्टर से खपत से अधिक ऊर्जा पैदा करने में कामयाबी मिली है। न्यूक्लियर फ्यूजन को परमाणु संलयन भी कहा जाता है। इसमें सूर्य की तरह ही शक्ति प्रदान करने वाली ऊर्जा का निर्माण किया जाता है। इसे विश्व के लिए एक सहज भविष्य के तौर पर देखा जा रहा है लेकिन आखिर न्यूक्लियर फ्यूजन (Nuclear Fusion) क्या है और कैसे इसके माध्यम से दुनिया के ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति आने वाली है? चलिए इसे समझते हैं।

और पढ़ें: परमाणु ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित कर अरबों रुपये बचा सकता है भारत

संबंधितपोस्ट

SHANTI बिल: नरेन्द्र मोदी सरकार की परमाणु ऊर्जा नीति, विकसित भारत की भविष्य दृष्टि

रूस भारत को देना चाहता है पानी पर तैरने वाला न्यूक्लियर पावर प्लांट

भारत-रूस ‘दुनिया का सबसे शक्तिशाली परमाणु रिएक्टर’ विकसित करने पर कर रहे विचार

और लोड करें

क्या है न्यूक्लियर एनर्जी?

न्यूक्लियर एनर्जी की बात करें तो नाभिकीय शक्ति वह शक्ति है जिसे नियंत्रित नाभिकीय अभिक्रिया से उत्पन्न किया जाता है। वर्तमान में बिजली उत्पादन के लिए वाणिज्यिक संयंत्र नाभिकीय विखण्डन का उपयोग करते हैं। नाभिकीय रिएक्टर से प्राप्त उष्मा पानी को गर्म करके भाप बनाने के काम आती है, जिसे फिर बिजली उत्पन्न करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

अब सवाल यह उठता है कि न्यूक्लियर फ्यूजन (Nuclear Fusion) क्या होता है तो आपको बता दें कि दो न्यूक्लियर दो तरीके से प्रतक्रिया करता है. एक को फिशन (विखंडन) और दूसरे को फ्यूजन (संलयन) कहते हैं। अब सरल शब्दों में कहें तो जब न्यूक्लियर 1 से 3, 3 से 9, 9 से 27 हो तो वह विखंडन होता है लेकिन जब न्यूक्लियर 27 से 9, 9 से 3 और 3 से एक हो जाएं तो वह संलयन कहलाता है। न्यूक्लियर विखंडन पर आधारित ऊर्जा तो हम सभी बम बनाने में भी देख चुके हैं और बिजली बनाने में भी लेकिन खास बात यह है कि न्यूक्लियर फ्यूजन का उपयोग विनाशकारी नहीं बल्कि सृजनकारी होता है।

क्या है न्यूक्लियर फ्यूजन?

न्यूक्लियर फ्यूजन (Nuclear Fusion) या संलयन वह न्‍यूक्लियर प्रक्रिया है जिससे सूर्य और बाकी तारे ऊर्जा पैदा करते हैं। इसमें दो परमाणु जुड़कर एक भारी तत्व का परमाणु बनाते हैं। इसे ऐसे समझ सकते हैं कि सूर्य के भीतर हाइड्रोजन के दो परमाणु मिलते हैं और हीलियम के परमाणु में बदल जाते हैं। इसे बेहद ही सकारात्मक माना जाता है जो कि ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांति ला सकती है. अब पता चला है कि किसी भी पावर प्लांट में इसी प्रक्रिया के जरिए ऊर्जा बनाई जाती है जिससे बिजली बनाने की समस्या तक का अंत भी हो सकता है। अहम बात यह भी है कि दुनियाभर के वैज्ञानिक दशकों से न्यूक्लियर फ्यूजन (Nuclear Fusion) पर आधारित रिएक्‍टर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। नाभिकीय संलयन पर आधारित रिएक्‍टर से साफ-सुथरी और सुरक्षित ऊर्जा विशाल मात्रा में मिल सकती है।

और पढ़ें: परमाणु हमले के बाद जापान ने ऐसा क्या किया जो वो आर्थिक शक्ति के तौर पर उभरा

अमेरिका को मिली सफलता

बरसों से चल रहे प्रयासों के बाद अमेरिकी वैज्ञानिकों ने इस तकनीक में सफलता पाई है। अमेरिका की कैलिफोर्निया स्थित लॉरेंस लाइवमोर नेशनल लेबोरेटरी (एलएलएनएल) में दशकों तक चले प्रयासों के बाद यह सफलता मिली है। अमेरिका में ये सफलता इनर्शियल कॉन्फाइनमेंट फ्यूजन प्रक्रिया के जरिए हासिल की गई है। इसके तहत सूक्ष्म स्वर्ण सिलेंडरों की बमबारी की जाती है। इन सिलेंडर में हाइड्रोजन ईंधन के पैलेट मौजूद रहते हैं, जिनका आकार पेंसिल इरेजर जितना होता है। इस प्रक्रिया के जरिए गर्म प्लाज्मा और एक्स-रे पैदा होते हैं, जो आंतरिक विस्फोट को प्रेरित करते हैं। इससे ईंधन पैलेट में संपीड़न होता है, जिसके परिणास्वरूप होने वाले फ्यूजन रिएक्शन से ऊर्जा पैदा होने लगती है. इसे बेहद कीमती माना जा रहा है।

चीन भी कर चुका बड़ा प्रयोग

ऐसा नहीं है कि इस फ्यूजन तकनीक से बिजली बनाने की कोशिश केवल अमेरिका में ही की जा रही थी बल्कि दुनिया के कई देशों में इसके लिए प्रयास किए जा रहे थे. पिछले साल चीन ने इस मामले में बड़ी सफलता पाने का दावा किया था. खबरों में सामने आया है कि चीन में मिली सफलता अमेरिका में अभी मिली कामयाबी से बड़ी थी लेकिन वैज्ञानिकों ने ध्यान दिलाया है कि एलएलएनएल में लेजर के जरिए यह सफलता मिली है, जबकि दुनिया के ज्यादातर दूसरे हिस्सों में मैग्नेटिक फील्ड के जरिए फ्यूजन कराने की कोशिश की गई है।

अब सवाल यह भी उठता है कि आखिर मैग्नेटिक फील्ड के जरिए न्यूक्लियर फ्यूजन (Nuclear Fusion) कैसे होता है तो चलिए इसे भी समझ ही लेते हैं. मैग्नेटिक फील्ड विधि में ईंधन को उस सीमा तक गरम किया जाता है, जब इलेक्ट्रॉन अणुओं से अलग होने लगते हैं। इससे इलेक्ट्रॉन्स के प्लाज्मा और आवेशित न्यूक्लाई का निर्माण होता है। यही न्यूक्लाई बाद में आपस में विलय (फ्यूजन) करते हैं। उस प्रक्रिया में अत्यधिक ऊर्जा उत्पन्न होती है। मैग्नेटिक कॉन्फाइनमेंट उपकरणों में प्लाज्मा तापमान कई बार 10 करोड़ डिग्री सेल्सियस से ऊपर तक पहुंचा है लेकिन उससे उत्पन्न बिजली उपकरणों तक नहीं पहुंच सकी है। जब लेजर शोध से बिजली को उपकरणों तक पहुंचाने में भी कामयाबी मिल सकती है।

और पढ़ें: परमाणु कचरे से बनाई गई बैटरी 28,000 वर्षों तक ऊर्जा देगी, जानिए इसके बारे में सबकुछ

अभी हो रहा है फिशन का उपयोग

बता दें कि दुनिया की ऊर्जा की जरूरत का करीब 10% न्‍यूक्लियर फिशन से आता है। दुनियाभर में ऐसे करीब 440 रिएक्‍टर्स हैं. 50 से ज्‍यादा देशों में करीब 220 रिसर्च रिएक्‍टर्स भी हैं जो मेडिकल और इंडस्ट्रियल आइसोटोप्‍स तैयार करते हैं. 92 रिएक्‍टर्स के साथ, अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा न्यूक्लियर एनर्जी प्रोड्यूसर है। इसके जरिए बिजली तो बन रही है लेकिन इसे सही उपयोग कभी माना ही नहीं गया है।

न्यूक्लियर फ्यूजन (Nuclear Fusion) में न्यूक्लियर फिशन से कहीं ज्यादा ऊर्जा पैदा हो सकती है, वह भी घातक रेडियोऐक्टिव बाय-प्रोडक्‍ट्स के बिना। अभी तक, लैब के भीतर फ्यूजन रिएक्‍शंस ट्रिगर करना टेढ़ी खीर साबित होता आया है क्योंकि नाभिकों को जोड़ने के लिए अत्यधिक दबाव और तापमान की जरूरत पड़ती है। फ्यूजन रिएक्शन के लिए भारी मात्रा में ऊर्जा चाहिए होती है क्योंकि यह 100 मिलियन डिग्री सेल्सियस या उससे ऊंचे तापमान पर होता है। यह खुद से होता रहे, उसके लिए जरूरी है कि जितनी ऊर्जा भीतर जाए, उससे कहीं ज्यादा पैदा हो। एक बार फ्यूजन का कॉमर्शियलाइजेशन हो गया तो हम कार्बन-फ्री बिजली बना सकते हैं जो कि एक बेहद सहज बात है।

न्यूक्लियर एनर्जी के फ्यूजन के फायदे 

सारी विज्ञान की बातें एक तरफ, लेकिन आम आदमी के मन में बस एक ही प्रश्न हैं कि आखिर उसे इससे क्या हासिल होगा? बता दें तो इसके जरिए ऊर्जा यानी बिजली की समस्या का अंत हो सकता हैं। अभी हम कोयले से लेकर अलग-अलग तरह के जीवश्मों के जरिए बिजली बनाते हैं किंतु इस न्यूक्लियर फ्यूजन (Nuclear Fusion) की नई तकनीक के जरिए मिलने वाली बिजली जीवाश्मों की तुलना में अधिक मात्रा में होगी, जिससे जीवाश्मों के दोहन पर भी एक बड़ा विराम लगेगा।

और पढ़ें: यूक्रेन मामले से सबक: जो परमाणु संपन्न नहीं होगा वो दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा 

आने वाला युग बिजली पर ही निर्भर माना जा रहा है परिवहन से लेकर किसी भी इलेक्ट्रिक चीज को चलाने के लिए बिजली ही अहम है। ऐसे में मानव समाज की जीवाश्मों पर निर्भरता का अंत हो सकता है जिससे एक बड़ा फायदा क्लाइमेट चेंज को लेकर भी पड़ेगा। इसका बड़ा कारण यह है कि अभी जब बिजली बनाते हैं तो कोयले के जरिए तो पर्यावरण प्रदूषित होता है। इसी के चलते ही हम वायु प्रदूषण का खतरा उठा रहे हैं। सड़कों पर चलने वाली कारें तक इसी से सर्वाधिक प्रदूषण उत्पन्न कर रही हैं लेकिन जब बिजली या ऊर्जा जीवाश्मों के बजाए सहज न्यूक्लियर फ्यूजन (Nuclear Fusion) के जरिए प्राप्त होगी तो उसमें किसी भी प्रकार का कोई प्रदूषण होगा ही नहीं।

सटीक शब्दों में कहें तो इसके जरिए हमें पर्यावरण की एक साफ हवा मिलेगी, साथ ही हमारी ऊर्जा की आवश्यकताएं भी पूरी हो जाएंगी। खास बात ये है कि न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर्स को केवल और केवल हाईड्रोजन की जरूरत पड़ती हैं औ बड़ी बात यह है कि ये सब जगह मौजूद हैं। ऐसे में इसका कहीं भी आसानी से प्रयोग किया जा सकता है। ऐसे में यह न्यूक्लियर फ्यूजन (Nuclear Fusion) की तकनीक जितनी कामयाब होगी, हम सभी के लिए चीजें उतनी ही बेहतर होती चलीं जाएगी। हमें आने वाले समय में ऊर्जा प्रचुर मात्रा में मिलेगी। साथ ही इसके लिए हमें किसी भी तरह से पर्यावरण के साथ समझौता करना ही नहीं होगा।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Nuclear FissionNuclear Fusionऊर्जा उत्पादनन्यूक्लियर फ्यूजन में अमेरिका को सफलतापरमाणु ऊर्जा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

“6 बार रण में पछाड़ खाई थी” कर्ण सबसे महान योद्धा नहीं था, वास्तविकता बिल्कुल उलट है

अगली पोस्ट

आनंद बक्शी की कहानी, जो अपना गीत पूरा करके ही दुनिया से विदा हुए

संबंधित पोस्ट

भारत का अंतरिक्ष धमाका 2026: ISRO के गगनयान मिशन से टूटेगा अमेरिका का घमंड, पाकिस्तान और चीन रहेंगे स्तब्ध
चर्चित

भारत का अंतरिक्ष धमाका 2026: ISRO के गगनयान मिशन से टूटेगा अमेरिका का घमंड, पाकिस्तान और चीन रहेंगे स्तब्ध

3 November 2025

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, ISRO, ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विज्ञान और तकनीक में भारत किसी से पीछे नहीं है। मार्च 2026...

क्या नेताजी सचमुच 1945 में मारे गए थे? मुथुरामलिंगा थेवर और गुमनामी बाबा ने खोला रहस्य
इतिहास

क्या नेताजी का निधन सचमुच 1945 विमान हादसे में हुआ था? मुथुरामलिंगा थेवर और गुमनामी बाबा ने खोला रहस्य

31 October 2025

रहस्य जो आज भी जीवित है जब इतिहास की किताबों में लिखा गया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस 1945 में विमान हादसे में मरे, तो...

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक
चर्चित

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक

29 October 2025

कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार के लिए यह क्षण किसी राजनीतिक झटके से कम नहीं है। राज्य की धारवाड़ बेंच ने सरकार के उस विवादास्पद सरकारी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited