दूरदर्शन-ऑल इंडिया रेडियो का कायापलट वामपंथियों के लिए मुसीबत बनने जा रहा है

भारत सरकार ने कैबिनेट में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया है। इसके तहत दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो का कायापलट किया जाएगा। इसके पीछे वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों तक प्रसार भारती को पहुंचाने के साथ-साथ सरकार का एक और महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

BIND Scheme

Source- TFI

BIND Scheme: सूचना को ज्ञान का आधार माना जाता है। सूचना अगर सही दी जाए तो वो समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। वहीं यदि सूचना गलत हो तो ये समाज के लिए विनाशकारी भी साबित हो सकती है। संसार के हर हिस्से तक सूचना पहुंचाने के विभिन्न साधन उपलब्ध हैं। जिन माध्यमों के द्वारा सूचनाएं दूसरों तक पहुंचायी जाती हैं, उन्हें संचार के साधन कहा जाता है। भारत के कोने-कोने में सूचनाओं का प्रचार प्रसार करने में प्रसार भारती महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रसार भारती टेलीविजन पर दूरदर्शन एवं रेडियो पर आकाशवाणी के माध्यम से सूचनाएं पहुंचाता है। वहीं अब भारत सरकार ने प्रसार भारती द्वारा प्रसारित की जाने वाली सूचनाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

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BIND योजना को मंजूरी दी

दरअसल, वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों, रणनीतिक और सीमावर्ती क्षेत्रों में राष्ट्रीय प्रसारक दूरदर्शन की पहुंच को मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ब्रॉडकास्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड नेटवर्क डेवलपमेंट (BIND) योजना (BIND Scheme) को मंजूरी दे दी है। आपको बता दें कि सरकार ने दूरस्थ, आदिवासी और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को करीब आठ लाख फ्री डीडी सेट-टॉप बॉक्स देने की योजना बनाई है। इस योजना पर 2025-26 तक 2,539.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे। योजना के तहत दूरदर्शन एवं आकाशवाणी पर प्रसारित करने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले कंटेट तैयार किए जाएंगें।

वहीं ओबी वैन की खरीद और डीडी एवं आकाशवाणी स्टूडियो को एचडी स्तर पर तैयार करने और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने को भी इस योजना में शामिल किया गया है। सरकार की ये योजना एआईआर एफएम ट्रांसमीटरों के कवरेज को भौगोलिक क्षेत्र के अनुसार 59 प्रतिशत से बढ़ाकर 66 प्रतिशत और आबादी के हिसाब से 68 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत कर देगी। अगर वर्तमान की बात की जाए तो दूरदर्शन अभी 28 क्षेत्रीय चैनलों सहित 36 टीवी चैनलों का संचालन करता है। वहीं ऑल इंडिया रेडियो 500 से अधिक प्रसारण केंद्रों का संचालन करता है।

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BIND Scheme का लक्ष्य

अगर BIND Scheme के उद्देश्य की बात की जाए तो वामपंथी और माओवादी से उत्पन्न उग्रवाद से निपटने के लिए सरकार अपने प्रसारण चैनलों के माध्यम से तथ्यात्मक जानकारी और जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का लक्ष्य बना रही है। क्योंकि वामपंथी विचारधारा से ग्रसित लोगों के द्वारा इन इलाकों तक सही सूचना न मिलने का लाभ उठाते हैं और गलत जानकारियां फैलाते हैं, जिसका समाज पर गलत प्रभाव पड़ता है।

ऑल इंडिया रेडियो और प्रसार भारती का उपयोग सरकार द्वारा सरकार की पहुंच को बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि जनता तक सटीक जानकारी पहुंच सके। क्योंकि भारत के वामपंथ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति कुछ ऐसी है कि वहां के लोगों तक सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं और घोषणाओं की तथ्यात्मक जानकारी उन तक नहीं पहुंच पाती है। एक तरह से इनको हर चीज से काटकर रखा जाता हैं और देश-दुनिया में क्या चल रहा है उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं होती। सही जानकारी इन लोगों तक पहुंचे, जागरूकता बढ़े, इस दिशा में ही सरकार प्रयास कर रही है, जिसमें BIND Scheme महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

गौरतलब है कि कोरोना महामारी के समय में दूरदर्शन ने लोगों में जागरुकता पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया था। जहां उस संकट की घड़ी में दूरदर्शन द्वारा प्रसारित कार्यक्रम को काफी सराहना मिली है। जिसके चलते सरकार ने कुछ समय पहले ही अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग की नई गाइडलाइन्स को मंजूरी दी थी। वहीं कुछ समय पूर्व अपना एजेंडा चलाने वाले टीवी चैनलों पर नकेस कसते हुए नई गाइडलाइंस भी लगा थी, जिसके अनुसार चैनलों को राष्ट्रीय हित और सार्वजनिक हित से संबधित कार्यक्रमों का दिन में कम से कम 30 मिनट का प्रसारण करना अनिवार्य करने की बात कही गई थी।

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सरकार द्वारा जनसंचार की दिशा में उठाए जा रहे ये कदम समाज के लिए कल्याणकारी साबित होंगे और सरकार देश के कोने कोने में रहने वाले लोगों तक अपनी पकड़ बना सकेगी और उग्रवाद प्रभावित इलाके जो सरकार की नीतियों और योजनाओं बेखबर रहते हैं वो सही जानकारी प्राप्त करके सही मूल्यांकन कर सकेंगे।

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