TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    धार भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

    भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, बसंत पंचमी पूजा और जुमे की नमाज के लिए अलग-अलग समय

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    बीफ मामले में पति को फंसाने का आरोप, पुलिस ने किया मामला दर्ज

    पति से अलग होने के लिए साजिश :लखनऊ में गिरफ्तार हुई आमीना खातून और उसका प्रेमी

    राज्यपाल गहलोत के भाषण पूरा किए बिना चले जाने के बाद हंगामा हुआ

    कर्नाटक विधानसभा में राज्यपाल गहलोत के भाषण पूरा किए बिना चले जाने के बाद हंगामा हुआ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    धार भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

    भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, बसंत पंचमी पूजा और जुमे की नमाज के लिए अलग-अलग समय

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    बीफ मामले में पति को फंसाने का आरोप, पुलिस ने किया मामला दर्ज

    पति से अलग होने के लिए साजिश :लखनऊ में गिरफ्तार हुई आमीना खातून और उसका प्रेमी

    राज्यपाल गहलोत के भाषण पूरा किए बिना चले जाने के बाद हंगामा हुआ

    कर्नाटक विधानसभा में राज्यपाल गहलोत के भाषण पूरा किए बिना चले जाने के बाद हंगामा हुआ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अपनी ही भूमि वक्फ से छुड़ाने को इलाहाबाद हाईकोर्ट को लगाना पड़ा एडी चोटी का ज़ोर

अब भी समय है, जाग जाएँ!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
15 March 2023
in मत, राजनीति
अपनी ही भूमि वक्फ से छुड़ाने को इलाहाबाद हाईकोर्ट को लगाना पड़ा एडी चोटी का ज़ोर
Share on FacebookShare on X

बचपन में एक कहावत सुनी थी : जाके पाँव न फटी बिवाई, सो क्या जाने पीर पराई, अर्थात जब तक खुद पे न आये, तब तक दूसरों का दर्द नहीं समझ में आता। अब 23 साल बाद अपनी भूमि वापस पाते हुए कहीं न कहीं इलाहाबाद हाईकोर्ट के वर्तमान पीठ के मन मस्तिष्क में  ये बात  बैठ गई होगी।

इस लेख मे पढे कि कैसे इलाहाबाद हाईकोर्ट को अपनी ही ज़मीन को वक्फ के चंगुल से छुड़ाने के लिए काफी परिश्रम करना पड़ा और कैसे ये न्यायपालिका के लिए एक गंभीर विषय बन रहा है। तो अविलंब आरंभ करते हैं।

संबंधितपोस्ट

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक

किसने दी अभिनेता और TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय के घर को बम से उड़ाने की धमकी? हाईकोर्ट में याचिका दायर

‘लातों के भूत हैं, बातों से नहीं मानेंगे- सीएम योगी ने कांवड़ियों पर गलत आरोप लगाने वालों को दिया करारा जवाब

और लोड करें

मूल विषय

वक्फ बोर्ड दूसरों की भूमि पर किसी गिद्ध दृष्टि डालता है, ये किसी से नहीं छुपा है। परंतु स्थिति ऐसी होगी कि इलाहाबाद हाईकोर्ट को अपनी ही ज़मीन इनके अतिक्रमण से मुक्त कराने हेतु लड़ना पड़े, ये किसी ने नहीं सोचा होगा।

हाल ही में इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) के एक्सटेंशन कैम्पस में बनी दो मंजिला मस्जिद को गिराए जाने के आदेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को यथावत रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले में किसी तरह की कोई कमी नहीं है। ऐसे में उस फैसले में किसी तरह के दखल दिए जाने की जरूरत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद कमेटी और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को आदेश दिया है कि वह 3 महीने के अंदर जमीन खाली कर उस पर हुए निर्माण को खुद ही गिरा दें। मस्जिद कमेटी वक्त बोर्ड को निर्माण का मलबा भी खुद ही हटाना होगा।

और पढ़ें- ‘अवैध मदरसों’ पर लगाम लगाने की तैयारी, यूपी में मदरसों का सर्वे कराएगी योगी सरकार

इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि अगर मस्जिद कमेटी और वक्त बोर्ड 3 महीने में निर्माण को तोड़कर मलबा नहीं हटाती है तो प्रशासन को यह अधिकार होगा कि वह सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच बुलडोजर के जरिए निर्माण को तोड़ दे।

हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले वकील अभिषेक शुक्ला ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है तो साथ ही मस्जिद कमेटी के सदस्यों और यहां नमाज पढ़ने वाले लोगों ने कहा है कि वह अदालत के फैसले का पूरी तरह सम्मान करेंगे और आदेश का पालन करेंगे।

इतने वर्ष क्यों लगे?

परंतु प्रश्न तो अब भी व्याप्त है, न्यायपालिका को इतना समय क्यों लगा?

बता दें कि वक्फ बोर्ड द्वारा नियंत्रित इस ढांचे का निर्माण एक सरकारी पट्टे की भूमि पर किया गया था, जिसका अनुदान 2002 में रद्द कर दिया गया था। 2004 में, भूमि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पक्ष में वापस ले ली गई थी। 2012 में, सुप्रीम कोर्ट ने भूमि को फिर से शुरू करने का आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं का परिसर पर कोई कानूनी अधिकार नहीं है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट के जिस आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत में याचिका दायर की गई थी, वह अधिवक्ता अभिषेक शुक्ला द्वारा दायर जनहित याचिका में पारित किया गया था।

 

चंद्रशेखर आजाद पार्क को लेकर हाईकोर्ट का निर्णय

परंतु हाथ में आई वस्तु को क्या वक्फ इतनी आसानी से जाने देगा?

जी नहि बिल्कुल नहि. तो आ गए इनके बचाव में कपिल सिब्बल, जिन्होंने ये तर्क दिये कि मस्जिद कमेटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पेश हुए। उन्होंने तर्क दिया कि मस्जिद 1950 के दशक से वहां थी और एक वैकल्पिक साइट के लिए कहा। उन्होंने कहा, “2017 में सरकार बदली और सब कुछ बदल गया। नई सरकार बनने के दस दिन बाद एक जनहित याचिका दायर की गई थी। जब तक वे हमें देते हैं, हमें वैकल्पिक स्थान पर जाने में कोई समस्या नहीं है।

 

यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने तर्क दिया कि मस्जिद निजी तौर पर बनाई गई थी, लेकिन बाद में इसे जनता को समर्पित कर दिया गया और वक्फ बोर्ड के साथ पंजीकृत किया गया, इस प्रकार वक्फ संपत्ति बन गई। इसके विपरीत, सिब्बल ने इस तर्क से खुद को अलग कर लिया कि यह एक वक्फ मस्जिद थी।

अब भी समय है

परंतु हाईकोर्ट ने हार नहीं मानी। उच्च न्यायालय की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने इस मामले को धोखाधड़ी बताते हुए कहा, “दो बार नवीनीकरण के आवेदन आए थे, और इस बात की कोई कानाफूसी नहीं थी कि मस्जिद का निर्माण किया गया था, और यह जनता के लिए इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने नवीनीकरण की मांग करते हुए कहा कि यह आवासीय उद्देश्यों के लिए आवश्यक है। केवल यह तथ्य कि वे नमाज़ पढ़ रहे हैं, इसे मस्जिद नहीं बना देंगे। अगर सुविधा के लिए सुप्रीम कोर्ट के बरामदे या हाईकोर्ट के बरामदे में नमाज की अनुमति दी जाती है, तो यह मस्जिद नहीं बन जाएगा।”

और पढ़ें- मुस्लिम कट्टरपंथियों के लिए योगी आदित्यनाथ ने ‘रामबाण’ निकाला है

इसी आधार पर खंडपीठ ने कहा कि अगर तीन महीने की अवधि के भीतर निर्माण नहीं हटाया जाता है, तो अधिकारियों को इसे हटाने या गिराने की अनुमति होगी। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को पास की एक वैकल्पिक भूमि के लिए यूपी सरकार को एक प्रतिनिधित्व करने की भी अनुमति दी, जिस पर राज्य विचार कर सकता है कि क्या कानून अनुमति देता है और विचार कर रहा है कि वर्तमान में या भविष्य में किसी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए भूमि की आवश्यकता नहीं है।

अब इस निर्णय से दो बातें स्पष्ट होती है। एक तो ये कि वक्फ बोर्ड के लालच की कोई सीमा नहि, और दूसरा, जब ये न्यायपालिका को नहीं छोड़ रहे, तो फिर आम आदमी की क्या हस्ती? ऐसे में अब भी समय है, न्यायपालिका को सचेत होकर इन कट्टरपंथी तत्वों के विरुद्ध कड़ाएक्शन लेना ही नहीं होगा, अन्यथा फिर न्याय का नहीं, अराजकता का राज होगा।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Court OrderGovernment PropertyHigh CourtJudicial AuthorityJustice SoughtLand DisputeLand EncroachmentLand GrabbingLandmark RulingLaw and OrderLegal BattleProperty OwnershipProperty RightsPublic LandWaqfइलाहाबाद हाईकोर्टज़मीन को वक्फ के चंगुल से छुड़ाने
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कश्मीर पर बिलावल भुट्टो का हार मानना कोई संयोग नहीं

अगली पोस्ट

इंडो पैसिफिक में चीन को चुनौती देने हेतु एक हुए नौसेना के धुरंधर

संबंधित पोस्ट

धार भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
भारत

भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, बसंत पंचमी पूजा और जुमे की नमाज के लिए अलग-अलग समय

22 January 2026

भोजशाला को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर अब सुप्रीम कोर्ट का फैसला सामने आ गया है। अदालत ने बसंत पंचमी और जुमे...

भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा
चर्चित

जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

22 January 2026

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें भारतीय सेना के 10 जवानों की मौत हो गई, जबकि 11...

बीफ मामले में पति को फंसाने का आरोप, पुलिस ने किया मामला दर्ज
चर्चित

पति से अलग होने के लिए साजिश :लखनऊ में गिरफ्तार हुई आमीना खातून और उसका प्रेमी

22 January 2026

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक चौंका देने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसमें आमीना खातून नाम की एक...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited