TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं

    कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

    सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि राष्ट्रपति या गवर्नर को किसी भी तय न्यायिक समयसीमा के भीतर बिलों पर मंजूरी देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

    विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समयसीमा से बाध्य नहीं हैं राष्ट्रपति और राज्यपाल , प्रेसिडेंट मुर्मू के सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या जवाब दिया, और ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    जैवलिन मिसाइल

    अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

    बांग्लादेश और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मुलाकात

    ‘हसीना’ संकट के बीच NSA अजित डोभाल की बांग्लादेश के NSA से मुलाकात के मायने क्या हैं?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    बी.एन राउ का संविधान निर्माण में बड़ा योगदान है

    क्या बेनेगल नरसिंह राउ थे संविधान के असली निर्माता ? इतिहास ने उनके योगदान को क्यों भुला दिया ?

    26 नवंबर भारतीय संविधान दिवस

    संविधान दिवस: भारतीय चिंतन परंपरा की दृष्टि से संविधान 

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    आत्मनिर्भर भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं

    कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

    सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि राष्ट्रपति या गवर्नर को किसी भी तय न्यायिक समयसीमा के भीतर बिलों पर मंजूरी देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

    विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समयसीमा से बाध्य नहीं हैं राष्ट्रपति और राज्यपाल , प्रेसिडेंट मुर्मू के सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या जवाब दिया, और ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    जैवलिन मिसाइल

    अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

    बांग्लादेश और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मुलाकात

    ‘हसीना’ संकट के बीच NSA अजित डोभाल की बांग्लादेश के NSA से मुलाकात के मायने क्या हैं?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    बी.एन राउ का संविधान निर्माण में बड़ा योगदान है

    क्या बेनेगल नरसिंह राउ थे संविधान के असली निर्माता ? इतिहास ने उनके योगदान को क्यों भुला दिया ?

    26 नवंबर भारतीय संविधान दिवस

    संविधान दिवस: भारतीय चिंतन परंपरा की दृष्टि से संविधान 

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    आत्मनिर्भर भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

उत्तर प्रदेश के मेडिकल संरचना का कायाकल्प

इस परिवर्तन के बारे में कम ही लोग आपको बताएँगे!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
14 September 2023
in मत
उत्तर प्रदेश के मेडिकल संरचना का कायाकल्प
Share on FacebookShare on X

यदि आपने ‘जवान’ फिल्म देखी है, तो आपने डॉक्टर इरम का किरदार भी देखा होगा, जिसे सान्या मल्होत्रा ने निभाया है. इनके किरदार को देखकर कहीं आभास हुआ कि इसे कहीं  पहले भी देखा या सुना है? यदि हाँ, तो बधाई हो, आपका उत्तर बिलकुल सही है, और ये रिफ्रेंस अप्रत्यक्ष रूप से गोरखपुर काण्ड की ओर संकेत था, जहाँ ऑक्सीजन की कमी के कारण कई शिशुओं की मृत्यु हुई थी!

परन्तु सिल्वर स्क्रीन की चकाचौंध से दूर एक बार को वास्तविकता की ओर भी ध्यान देते हैं. क्या सच में सरकार उतनी ही निष्ठुर है, जैसा फिल्म में दिखाया गया? अगर संरचना की बात करें, तो ये फिल्म कथित तौर पर स्वास्थ्य की दृष्टि से समृद्ध राज्य जैसे केरल, पंजाब, यहाँ तक कि तमिलनाडु को भी पीछे छोड़ रहा है!

संबंधितपोस्ट

राजनीतिक इस्लाम बनाम सनातन चेतना: योगी आदित्यनाथ का वैचारिक शंखनाद और संघ का शताब्दी संकल्प

आगरा की शाही जामा मस्जिद में थम नहीं रहा विवाद: इमाम का सामान फिंकवाने पर अध्यक्ष सहित चार पर केस दर्ज

जिहाद की नई प्रयोगशाला: जैश का महिला ब्रिगेड और भारत के खिलाफ पाकिस्तान की नापाक चाल

और लोड करें

बहुत ज़्यादा समय नहीं हुआ है, एक समय जापानी बुखार से उत्तर प्रदेश में 655 नवजात शिशुओं की मृत्यु होती थी. परन्तु स्थिति यह है कि आज encephalitis के कारण एक  नहीं दर्ज हुई है!

तो स्वागत है आप सभी का, और आज हम प्रकाश डालेंगे स्वास्थ्य के  दृष्टिकोण से यूपी के इसी कायाकल्प का. हम बात करेंगे उन कारकों की, जिनके पीछे उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य संरचना की, जो किसी चमत्कार से कम नहीं है, और क्यों ये केवल यूपी के निवासियों के लिए नहीं, अपितु सम्पूर्ण भारत के लिए जानना अति महत्वपूर्ण है!

यूपी में इन्सेफेलाइटिस से शून्य मृत्यु!

आज उत्तर प्रदेश (यूपी) ने वह हासिल कर लिया है जो एक समय तो असंभव लगता था। हाल ही में एक बयान में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्व से घोषणा की, “वर्तमान वर्ष में 1 जनवरी से 7 सितंबर के बीच, जापानी एन्सेफलाइटिस, चिकनगुनिया और मलेरिया से किसी की मृत्यु नहीं हुई है। इस बीमारी ने राज्य में चार दशकों तक कहर बरपाया है, और राज्य सरकार ने मात्र पांच वर्षों के भीतर इस पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पा लिया है। हमारा अगला लक्ष्य इसका पूर्ण उन्मूलन है।”

जो बात इस उपलब्धि को और भी उल्लेखनीय बनाती है, वह है योगी आदित्यनाथ की अपनी सहित पिछले प्रशासनों की गलतियों को स्वीकार करने की इच्छा। उन्होंने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि जापानी एन्सेफलाइटिस के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक मोड़ दुखद गोरखपुर मामले के बाद आया। यह तब था जब योगी आदित्यनाथ ने कुछ ही माह पूर्व मार्च 2017 में मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता संभाली थी। 2017 में, उनकी सरकार ने एक अंतर-विभागीय समिति की स्थापना की, जो विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक साथ लायी। इस सहयोगी प्रयास ने बीमारी से निपटने के लिए एक बहु-आयामी दृष्टिकोण की शुरुआत की।

जैसे-जैसे हम आँकड़ों पर प्रकाश डालते हैं, ये प्रगति और भी अधिक स्पष्ट हो जाती है। 1 जनवरी से 31 जुलाई 2023 तक, उत्तर प्रदेश में जापानी एन्सेफलाइटिस के मात्र 17 मामले दर्ज किए गए। आश्चर्यजनक रूप से, इस अवधि के दौरान इस बीमारी से एक भी जान नहीं गई। मृत्यु दर में यह तीव्र गिरावट एक ऐसे राज्य की तस्वीर पेश करती है जो पूर्व में असाध्य रहे इस रोग पर पूर्ण विजय की राह पर है।

और पढ़ें: उत्तर प्रदेश में दिमागी बुखार से शून्य मृत्यु दर्ज!

सब कोविड के कारण प्रारम्भ हुआ!

परन्तु ये राह इतनी भी सरल न थी. CAA के विरोध के नाम पर उपद्रव करने वाले दंगाइयों से निपटे यूपी प्रशासन को दो माह भी न हुए कि कोविड 19 जैसी विकट महामारी संसार समेत भारत के द्वार पर दस्तक देने लगी! लोगों ने उत्तर प्रदेश को आशा और संदेह की मिश्रित दृष्टि से देखा। स्वाभाविक था, क्योंकि यूपी का स्वास्थ्य रिकॉर्ड बहुत ही लीजेंड्री नहीं था!

फिर भी, 2021 तक, कई रणनीतिकारों और नीति निर्माताओं को, अनिच्छा से ही सही,  परन्तु ये स्वीकार करना पड़ा, कि जब बात कोविड-19 महामारी से निपटने की हो, तो योगी प्रशासन का कोई मुकाबला नहीं!

विश्वास नहीं होता तो कोविड 19 के दूसरी लहर पर दृष्टि डालें. इसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे के मामले में, संयुक्त राज्य अमेरिका भारत से कई गुना आगे है। फिर भी, दूसरी लहर के चरम के दौरान, अमेरिका में प्रति मिलियन 1800 से 2100 मौतों की आश्चर्यजनक मृत्यु दर देखी गई। इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश में इसी अवधि के दौरान प्रति दस लाख पर केवल 47 मौतें दर्ज की गईं, बावजूद इसके कि महामारी प्रतिदिन 3 लाख से अधिक मामलों के साथ चरम पर थी, और भारत को नीचा दिखाने में कुछ लोगों को विशेष आनंद मिल रहा था.

ऐसे समय में जब महाराष्ट्र और केरल जैसे राज्य, अपने कथित बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ, महामारी के समक्ष टिके रहने में भी पस्त हो रहे थे, तो वहीँ उत्तर प्रदेश ने सीमित संसाधनों के बावजूद, COVID मामलों और उसके बाद के टीकाकरण दोनों में अधिकांश भारतीय राज्यों से बेहतर प्रदर्शन किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और शासन ने यूपी की उल्लेखनीय COVID -19 प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया, “ऑस्ट्रेलिया की आबादी लगभग 30 मिलियन है और भारत में पिछले कुछ वर्षों में 30 मिलियन गरीब लोगों के लिए घर बनाए गए हैं। भारत ने महामारी के दौरान 800 मिलियन लोगों को मुफ्त राशन प्रदान किया, जो अमेरिका और यूरोपीय संघ के सभी देशों की संयुक्त आबादी से भी अधिक है”।

जब संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश भी आपके उपायों को स्वीकार करने के लिए मजबूर हैं, तो आपने निस्संदेह कुछ बहुत मूल्यवान उपलब्धि हासिल की है। कुख्यात स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठा वाले राज्य से लेकर कोविड-19 की सफलता की कहानी तक यूपी की यात्रा अभूतपूर्व चुनौतियों के सामने प्रभावी नेतृत्व, संसाधनशीलता और लचीलेपन की शक्ति का एक प्रमाण है।

इस कायाकल्प की कोई चर्चा ही नहीं!

आज, उत्तर प्रदेश (यूपी) का स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा एक मजबूत ताकत के रूप में खड़ा है। यह परिवर्तन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अटूट प्रतिबद्धता से प्रेरित हुआ है, जिन्होंने स्वास्थ्य सेवा को अपने प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बनाया है।

प्रारम्भ में राज्य के केवल 12 जिलों में राजकीय मेडिकल कॉलेज थे। 2022 तक तेजी से आगे बढ़ते हुए, यूपी वित्तीय वर्ष के अंत तक 14 नए मेडिकल कॉलेजों को शामिल करने के लिए तैयार है। लेकिन वह सब नहीं है; राज्य जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने में भी व्यस्त है। इसमें जिला स्तर पर आरटीपीसीआर लैब, सीटी स्कैन यूनिट, डायलिसिस यूनिट इत्यादि की स्थापना शामिल है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में, राज्य न केवल कोरोनोवायरस के प्रसार को रोकने में कामयाब रहा है, बल्कि इसके चिकित्सा बुनियादी ढांचे में भी महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है। “एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज” की नीति को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया गया है। इसके अतिरिक्त, पांच जिलों: गोरखपुर, मेरठ, प्रयागराज, कानपुर और झाँसी के मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक शुरू किए गए हैं।

चिकित्सा शिक्षा का विस्तार भी उतना ही प्रभावशाली रहा है। राज्य के मेडिकल कॉलेजों में कुल 938 एमबीबीएस सीटें और 127 पीजी सीटें जोड़ी गई हैं। निजी क्षेत्र में 1,550 स्नातक सीटें और 461 स्नातकोत्तर और डिप्लोमा सीटें बढ़ाई गई हैं। एक समय चिकित्सा पेशेवरों की जो कमी थी वह अब बहुतायत में बदल रही है, अगले पांच वर्षों में मेडिकल सीटों की संख्या दोगुनी करने की योजना है। इसमें एमबीबीएस के लिए 7,000 सीटें, पीजी के लिए 3,000, नर्सिंग के लिए 14,500 और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए 3,600 सीटें शामिल हैं। योगी सरकार के प्रयासों से पिछली सरकारों की तुलना में स्वास्थ्य सेवाओं में स्वर्ण युग की शुरुआत हुई है।

और पढ़ें: G20 Summit: भारत ने क्या क्या प्राप्त किया!

लेकिन स्वास्थ्य सेवा में सुधार की प्रतिबद्धता यहीं खत्म नहीं होती है। यूपी सरकार ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे को बढ़ाने पर लगन से काम कर रही है। सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, 29 नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर काम चल रहा है, जिससे राज्य भर में कुल संख्या 937 हो गई है। इसके अलावा, 3,691 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वर्तमान में कार्यरत हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि दूरदराज के इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवा सुलभ हो।

ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप-केंद्रों और स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों की स्थापना के लिए धन आवंटित किया है। इस रणनीतिक दृष्टिकोण का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि उप-केंद्र 5,000 की आबादी की सेवा करें, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 10,000 से अधिक की आबादी की सेवा करें, और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ी आबादी के लिए स्थापित किए जाएं। इसके अतिरिक्त, गंभीर चिकित्सा मामलों को प्रभावी ढंग से संबोधित करने के लिए 100 बिस्तरों वाले अस्पताल खोलने की भी योजना है।

सच कहें तो, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य सेवा परिवर्तन उल्लेखनीय से कम नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की प्रतिबद्धता यूपी में सिर्फ एक वचन नहीं है, अपितु वो वास्तविकता है, जिसका लाभ करोड़ों लोग उठा रहे हैं.

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Anti-CAA ActivistsChief MinisterChikungunyaCOVID-19 pandemicDisease ControlEradicationHealthcare Improvement.Healthcare RecordJapanese EncephalitisKayakalpMalariaMedical InfrastructureUPUttar PradeshYogi Adityanath
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत में भद्द पिटवाने के बाद मोदी सर्कार को मनाने चले ट्रूडो!

अगली पोस्ट

“The Vaccine War”: COVID के विरुद्ध भारतीय मोर्चे का अद्भुत रूपांतरण!

संबंधित पोस्ट

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

आतंकवाद को भावुकता की आड़ में ढकने की कोशिश
चर्चित

दिल्ली धमाका: ‘वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ की बर्बरता को कैसे ‘ह्यूमनाइज़’ कर रहे हैं  The Wire जैसे मीडिया संस्थान ?

17 November 2025

NIA ने स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली में लाल किले के पास हुआ धमाका, सामान्य हमला नहीं बल्कि फिदायीन हमला था। यानी आई-20 कार...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56

Tejas Under Fire — The Truth Behind the Crash, the Propaganda, and the Facts

00:07:45

Why Rahul Gandhi’s US Outreach Directs to a Web of Shadow Controversial Islamist Networks?

00:08:04

How Javelin Missiles Will Enhance India’s Anti-Tank Dominance?

00:06:47
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2025 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2025 TFI Media Private Limited