TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    दिवाली पर ₹5 लाख करोड़ का कारोबार! दिल्ली में ₹80 हजार करोड़ की उम्मीद, किन बाजारों में सबसे ज्यादा रौनक

    दिवाली पर ₹5 लाख करोड़ का कारोबार! दिल्ली में ₹80 हजार करोड़ की उम्मीद, किन बाजारों में सबसे ज्यादा रौनक

    E20 पेट्रोल को E30 कौन बना रहा है? कर्नाटक में 31.2% तक मिला एथेनॉल, आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर?

    E20 पेट्रोल को E30 कौन बना रहा है? कर्नाटक में 31.2% तक मिला एथेनॉल, आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर?

    धनतेरस पर ₹1.25 लाख करोड़ की खरीदारी, महंगे सोने-चांदी के आगे भी नहीं टूटा लोगों का उत्साह

    धनतेरस पर ₹1.25 लाख करोड़ की खरीदारी, महंगे सोने-चांदी के आगे भी नहीं टूटा लोगों का उत्साह

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    13,629 फीट पर IL-76MD की लैंडिंग, IAF ने कैसे बनाया विश्व रिकॉर्ड? क्या है न्योमा एयरबेस की ताकत

    13,629 फीट पर IL-76MD की लैंडिंग, IAF ने कैसे बनाया विश्व रिकॉर्ड? क्या है न्योमा एयरबेस की ताकत

    अग्निवीरों की 4 साल की सेवा अब 6 साल, सरकार का बड़ा फैसला; जानिए क्या-क्या बदलेगा

    अग्निवीरों की 4 साल की सेवा अब 6 साल, सरकार का बड़ा फैसला; जानिए क्या-क्या बदलेगा

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

    लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    दिवाली पर ₹5 लाख करोड़ का कारोबार! दिल्ली में ₹80 हजार करोड़ की उम्मीद, किन बाजारों में सबसे ज्यादा रौनक

    दिवाली पर ₹5 लाख करोड़ का कारोबार! दिल्ली में ₹80 हजार करोड़ की उम्मीद, किन बाजारों में सबसे ज्यादा रौनक

    E20 पेट्रोल को E30 कौन बना रहा है? कर्नाटक में 31.2% तक मिला एथेनॉल, आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर?

    E20 पेट्रोल को E30 कौन बना रहा है? कर्नाटक में 31.2% तक मिला एथेनॉल, आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर?

    धनतेरस पर ₹1.25 लाख करोड़ की खरीदारी, महंगे सोने-चांदी के आगे भी नहीं टूटा लोगों का उत्साह

    धनतेरस पर ₹1.25 लाख करोड़ की खरीदारी, महंगे सोने-चांदी के आगे भी नहीं टूटा लोगों का उत्साह

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    13,629 फीट पर IL-76MD की लैंडिंग, IAF ने कैसे बनाया विश्व रिकॉर्ड? क्या है न्योमा एयरबेस की ताकत

    13,629 फीट पर IL-76MD की लैंडिंग, IAF ने कैसे बनाया विश्व रिकॉर्ड? क्या है न्योमा एयरबेस की ताकत

    अग्निवीरों की 4 साल की सेवा अब 6 साल, सरकार का बड़ा फैसला; जानिए क्या-क्या बदलेगा

    अग्निवीरों की 4 साल की सेवा अब 6 साल, सरकार का बड़ा फैसला; जानिए क्या-क्या बदलेगा

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

    लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

Scam 2015: द अरिंदम चौधरी स्टोरी!

कथा उस फ्रॉड की, जिसने शिक्षा को बेड़ियों में जकड़ना चाहा, और मुंह के बल गिरा!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
23 October 2023
in व्यवसाय
Scam 2015: द अरिंदम चौधरी स्टोरी!
Share on FacebookShare on X

“Dare to think beyond IIMs”!

निर्माता के रूप में तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेता!

संबंधितपोस्ट

CJP Deepfake Case: महिला की AI-मॉर्फ्ड तस्वीर पर दिल्ली HC सख्त, Meta को 24 घंटे में हटाने का आदेश

कोकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट को तुरंत बहाल करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने किया इंकार

कुलदीप सिंह सेंगर को नहीं मिली राहत: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को कहा ,जल्द सख्त फैसला लें

और लोड करें

शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन जैसे सितारे जिसके ब्रांड का प्रोमोशन करने को तैयार हो जाये!

भारत के लगभग हर जाने-माने अखबार के फ्रंट पेज पर नियमित एंट्री!

इतनी जीवंत और प्रभावशाली प्रोफ़ाइल के साथ, आप इस व्यक्ति को लगभग ‘भारत के उद्यमशीलता क्षेत्र में नेक्स्ट बिग थिंग’ के रूप में सोच सकते हैं। वह एक दूरदर्शी, एक प्रभावशाली व्यक्तित्व और कई लोगों के लिए प्रेरणा थे।

परन्तु, और मैंने कहा परन्तु, एक चीज़, केवल एक चीज़ ने, अरिंदम चौधरी को एक “मनमौजी प्रबंधन गुरु” से एक सर्टिफाइड फ्रॉड में परिवर्तित कर दिया – उसका अपना घमंड, जहाँ उसे ये अनुभूति हुई कि कोई उसे हाथ भी नहीं लगाता।

आज, अरिंदम चौधरी की हस्ती नगण्य है, और उसका संस्थान केवल औपचारिकता के लिए अस्तित्व में है। जिस मीडिया ने एक बार उसे अपने सर आँखों पर बिठाया, उसने भी अब मुंह मोड़ लिया, सरकार का इनसे कोई नाता नहीं, और अब वे उपहास का पात्र बनकर रह गए हैं।

लेकिन एक आदमी, जिसकी जेब में कभी मीडिया, सरकार और साथ ही नैरेटिव भी थी, अचानक विनाश की राह पर कैसे अग्रसर हुआ? आज, हम अरिंदम चौधरी के इसी उत्थान और पतन पर चर्चा करेंगे, और जानेंगे कि कैसे शिक्षा को सोने के पिंजरे में कैद करने का इनका प्रयास बुरी तरह फेल हुआ।

जब मलय किशोर चौधरी का स्वप्न बना IIPM

1973 में, मलयेंद्र किशोर चौधरी नामक एक व्यवसायी ने शिक्षा के क्षेत्र में निवेश करना चुना। प्रसिद्ध भारतीय प्रबंधन संस्थानों (आईआईएम) के लिए एक विकल्प प्रदान करने की दृष्टि से, उन्होंने भारतीय योजना और प्रबंधन संस्थान (आईआईपीएम) बनाने की नींव रखी।

कारवां के एक आर्टिकल जिस पर अरिंदम ने बैन लगवा दिया था, और बाद में जिसे दोबारा प्रकाशित किया गया, के अनुसार अरिंदम का नाम पड़ने के पीछे भी एक रोचक कहानी है. आर्टिकल लिखने वाले सिद्दार्थ देब लिखते हैं कि अरिंदम ने उन्हें खुद ये किस्सा सुनाया था. IIPM जब पुराने गुरुग्राम के एक ख़स्ताहाल इलाक़े में हुआ करता था. एक रोज़ यहां के छात्रों ने मलयेंद्र के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर दिया. उनकी गाड़ी को भी घेर लिया गया. सिद्दार्थ लिखते हैं कि इस घटना के बाद उन्होंने अपने बेटे का बाम अरिंदम रख दिया. जिसकाअर्थ था- दुश्मनों का संहार करने वाला. दुश्मन कौन थे? – विरोध प्रदर्शन करने वाले. लेकिन विरोध प्रदर्शन क्यों हुआ, क्या कारण थे, इसके बारे में अरिंदम ने कुछ न कहा. सिर्फ़ इतना बताया हैं कि इस घटना से उसने सीखा कि अपने आसपास सिर्फ़ भरोसे वाले लोगों को रखना है.

Also read: Success story: कैसे TVS ने ट्रक उत्पादन से “मोटरसाइकिल सम्राट” तक की यात्रा तय की!

इसी मंत्र पर चलकर अरिंदम ने अपने पिता से IIPM की बागडोर अपने हाथ में ले ली. अरिंदम ने खुद अपने पापा के इंस्टिट्यूट से पहले ग्रेजुएशन, फिर पोस्ट ग्रेजुएशन किया था. और बाद में वो वहीं पढ़ाने लगा था.

2004 तक, अरिंदम चौधरी का प्रभाव शिक्षा से परे फैल गया। उन्हें भारत सरकार के अधीन योजना आयोग की सलाहकार समिति के लिए सामाजिक और कृषि क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके अलावा, उन्होंने सामाजिक क्षेत्र के संगठन प्लानमैन कंसल्टिंग और ग्रेट इंडियन ड्रीम फाउंडेशन की स्थापना की। उनके उद्यमशीलता प्रयास विविध क्षेत्रों तक फैले हुए हैं, जिनमें i1 सुपर सीरीज मोटर स्पोर्ट्स लीग में दिल्ली फ्रेंचाइजी का स्वामित्व भी शामिल है।

कैसे अरिंदम ने शिक्षा को अपनी जेबें भरने का साधन बनाया

मैं तमिल सिनेमा का प्रबल अनुयायी नहीं हूं, लेकिन वाथी नामक फिल्म के एक विशेष संवाद ने मेरा ध्यान खींचा। धनुष ने ऑन-स्क्रीन प्रतिभा के क्षण में घोषणा की, “शिक्षा मंदिर में प्रसाद की तरह है, इसे हर किसी को दिया जाना चाहिए। इसे पांच सितारा होटल में पकवान के रूप में नहीं बेचा जाना चाहिए।” वास्तव में एक शक्तिशाली संदेश, लेकिन ऐसा संदेश जो अरिंदम चौधरी के कार्यों के बिल्कुल विपरीत प्रतीत होता है।

अरिंदम ने शिक्षा को एक विशिष्ट उत्पाद के रूप में विपणन किया और इसे कुछ विशेषाधिकार प्राप्त लोगों के लिए आरक्षित कर दिया। यहां तक कि जिन लोगों को उनके प्रसाद तक पहुंच प्राप्त हुई, उनके लिए भी उज्जवल भविष्य का वादा मायावी रहा।

विशेष रूप से, अरिंदम चौधरी का व्यावसायिक उद्यम शिक्षा से परे, प्रबंधन, परामर्श, मानव संसाधन और मीडिया तक फैला हुआ है। इनमें से प्रत्येक डोमेन को अलग-अलग कंपनियों के माध्यम से प्रबंधित किया गया था, जिससे सामूहिक रूप से पर्याप्त राजस्व अर्जित हुआ, 2010-11 में 533 करोड़ रुपये का आंकड़ा दर्ज किया गया, जो निश्चित रूप से किसी भी तरह से छोटी राशि नहीं थी।

उस दौर में अख़बारों में कुछ विज्ञापन दिखाई देते थे. इनकी टैग लाइन थी, “dare to think beyond IIT एंड IIM”. इन विज्ञापनों में IIPM कैंपस की ऐसी तस्वीरें होतीं कि लगता फाइव स्टार होटेल है. क्लब, स्विमिंग पूल, स्नूकर टेबल. और वादे ऐसे कि 100 पर्सेंट प्लेसमेंट. हर स्टूडेंट को लैपटॉप. यूरोप ट्रिप. विदेशी यूनिवर्सिटीज़ से टाई-अप.

ये वो दौर नहीं था कि आप इंटर्नेट पर जाकर किसी यूनिवर्सिटी के बारे में खुद जानकारी ले लें. दुनिया बीटेक और एमबीए के पीछे भाग रही थी. हर कोई IIT और IIM में नहीं जा सकता था. ऐसे में छोटे क़स्बे के लड़के लड़कियों ने पाया कि वो IIM से भी आगे जा सकते हैं. IIPM के विज्ञापनों में शाहरुख़ की तस्वीर थी. शाहरुख़ यानी सक्सेस.

‘कारवां’ के एक आर्टिकल के अनुसार IIPM में दाखिले करवाने का प्रति छात्र के हिसाब से कमीशन तय होता था. 1 से 24 स्टूडेंट्स लाने वाले एजेंट को प्रति छात्र 75 हज़ार रुपये. 25 से ऊपर स्टूडेंट्स लाने पर 90 हज़ार प्रति छात्र के हिसाब से कमीशन. 50 से ऊपर स्टूडेंट लाने पर प्रति छात्र सवा लाख रुपये. अरिंदम की शोहरत और विश्वसनीयता का गुब्बारा दिन पर दिन भूलता जा रहा था. और इसी गुब्बारे की मदद से उड़ने की आस में थे, IIPM के वो हजारों छात्र जिनसे लाखों लेकर करोड़ों कमाने का सपना दिखाया गया था. लेकिन गुब्बारा चाहे कितना फ़ैल जाए, उसके लिए सिर्फ एक छोटी सुई की नोक काफी होती है.

और पढ़ें: क्यों IKEAs एवं Urban Ladders आसानी से नहीं ले पाएंगे आपके फ्रेंडली बढ़ई का स्थान!

महेश्वर पेरी – जिसने अरिंदम का साम्राज्य गिराकर ही दम लिया!

लेकिन एक व्यक्ति ने ठान ली कि अरिंदम का झूठ बाहर लाना है, और इसके हाथों पीड़ित विद्यार्थियों को न्याय दिलाना है! आउटलुक के पूर्व पत्रकार एवं करियर्स360 के संस्थापक महेश्वर पेरी के साक्षात्कार के अनुसार, “आम तौर पर, अदालत की उपस्थिति और कानूनी लागतों से बचने के लिए, उत्तरदाता उनके खिलाफ मामला दायर होने के बाद समझौता करने का प्रयास करते हैं। लेकिन यह अलग था क्योंकि हमने किसी पर सहमत होने के बजाय मामलों को आगे बढ़ाने का फैसला किया समझौता करें या मामलों को ठंडे बस्ते में पड़े रहने दें। हमने उनके मामलों को उल्टा करने का फैसला किया, और अदालत से आईआईपीएम के खिलाफ हमारे आरोपों की पुष्टि कराई।”

संक्षेप में, महेश्वर ने शिक्षा के व्यावसायीकरण के माध्यम से युवा छात्रों के शोषण को रोकने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ, अरिंदम चौधरी के खिलाफ एक निरंतर लड़ाई शुरू की।

जब वामपंथियों ने इस दिशा में सोचा भी नहीं होगा, तब से अरिंदम चौधरी अपने पक्ष में कॉन्टेंट में हेरफेर करने के लिए पेड संपादकों का उपयोग करता था। आईआईपीएम ने कथित तौर पर स्व-प्रचार के नाम पर अपने लेखों और अंग्रेजी विकिपीडिया पर अपने आलोचकों के लेखों के साथ छेड़छाड़ करने के लिए वेतनभोगी संपादकों को नियुक्त किया था। एक विकिपीडिया उपयोगकर्ता, जिसे उपयोगकर्ता नाम Wifione के नाम से जाना जाता है, ने इन गतिविधियों में प्रमुख भूमिका निभाई और संस्थान की किसी भी आलोचनात्मक सामग्री को व्यवस्थित रूप से मिटा दिया, और इसी के कारण इसे 2015 में ब्लैकलिस्ट भी किया गया था।

परन्तु 2014 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने IIPM को एक बड़ा झटका दिया। अदालत ने फैसला सुनाया कि प्रबंधन पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से मंजूरी अनिवार्य थी, जिसकी आईआईपीएम में कमी थी। अदालत ने छात्रों को गुमराह करने के लिए आईआईपीएम की आलोचना की और उसे अपने कार्यक्रमों का वर्णन करने के लिए एमबीए, बीबीए, प्रबंधन पाठ्यक्रम और बी-स्कूल जैसे शब्दों का उपयोग करने से रोक दिया।

अरिंदम को कर चोरी के आरोप में 2020 में गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा था। हालाँकि वह अपनी रिहाई सुनिश्चित करने में कामयाब रहा, लेकिन इसके बाद उसका जीवन पहले जैसा बिलकुल नहीं रहा। लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाला अरिंदम आज अपने अस्तित्व के लिए जूझ रहा है, और शायद ही उसका सबसे उचित दंड भी है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Arindam ChaudhariAspirations of StudentsCommercialization of EducationdeceitDelhi High CourtEducation ScamEducational CharadeExploitationForum ShoppingIIPMIIPM SagaIndian Institute of Planning and ManagementLegal AcrobaticsLegal BattleMaheshwar PeriManipulated ContentManipulative TacticsMisleading StudentsQuality EducationTax EvasionVision of Education
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

Bhaye Pragat Kripala Bhajan Lyrics in English and Hindi

अगली पोस्ट

भाजपा ने हटाया टी राजा सिंह का निलंबन

संबंधित पोस्ट

E20 पेट्रोल को E30 कौन बना रहा है? कर्नाटक में 31.2% तक मिला एथेनॉल, आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर?
चर्चित

E20 पेट्रोल को E30 कौन बना रहा है? कर्नाटक में 31.2% तक मिला एथेनॉल, आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर?

6 November 2026

पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने की नीति यानी E20 को लेकर विवाद गहरा गया है। कर्नाटक सरकार का दावा है कि IOCL, HPCL और दूसरी...

What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem
व्यवसाय

What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

19 October 2026

The Ministry of Corporate Affairs (MCA) publishes enough data to show how India’s smaller businesses are structured. As of September 30, 2026, the MCA portal...

RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified
व्यवसाय

RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

30 August 2026

Every foreign payment that enters India carries a four character code attached to it. Most Indian exporters have never chosen one, could not name the...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

00:03:14

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited