जम्मू कश्मीर में पहली बार 1967 में लोकसभा चुनाव हुए। 1952 में 6 लोकसभा और 4 राज्यसभा सांसदों को नॉमिनेट करते हुए शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने कहा था कि सामान्य परिस्थितियों में देश भर की तरह जम्मू कश्मीर में भी चुनाव होते, लेकिन...
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

1967 से पहले जम्मू कश्मीर में जनता नहीं अब्दुल्ला चुनते थे सांसद, नहीं होते थे चुनाव

370 वापस लाने की बातें करने वाले सरकारी योजनाओं का भी नहीं लेंगे लाभ?

Anupam K Singh द्वारा Anupam K Singh
30 September 2024
in Uncategorized, चर्चित, राजनीति
जम्मू कश्मीर, चुनाव

आज जम्मू कश्मीर में शांतिपूर्ण चुनाव हो रहे हैं, कभी अब्दुल्ला चुनते थे कौन होंगे सांसद

Share on FacebookShare on X

जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं, बढ़-चढ़ कर लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। मत-प्रतिशत भी 60 से ऊपर है। कॉन्ग्रेस-NC गठबंधन, भाजपा और PDP में मुख्य लड़ाई है। सबसे बड़ी बात ये है कि ये चुनाव एकदम शांति के साथ हो रहे हैं। अनुच्छेद-370 को निरस्त किए जाने के बाद पत्थरबाजी शून्य हो गई है, अलगाववादियों के हौसले पस्त हुए हैं और आतंकियों का भी सफाया हो रहा है। जम्मू कश्मीर में भारत का संविधान लागू हुआ और सही मायने में लोकतंत्र वहाँ पहुँचा। पाकिस्तान के मंसूबे नाकामयाब हो रहे हैं, दुनिया देख रही है कि जम्मू कश्मीर में लोकतंत्र स्थापित हो गया है।

इन सबके बीच हमें ये भी जानने की ज़रूरत है कि कभी एक ऐसा दौर भी था जब जम्मू कश्मीर को लोकसभा चुनावों से महरूम रखा गया। 1952, 1957 और 1962 में देश भर में तो लोकसभा चुनाव हुए, लेकिन जम्मू कश्मीर की 6 सीटों के लिए कोई चुनाव नहीं हुआ। उलटे वहाँ से शेख अब्दुल्ला की ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस’ (तब ‘जम्मू एन्ड कश्मीर मुस्लिम कॉन्फ्रेंस’) द्वारा 6 सदस्यों को नॉमिनेट किया जाता था और दिल्ली में उन्हें सांसद का दर्जा दे दिया जाता था। यानी, सांसद जनता नहीं बल्कि शेख अब्दुल्ला चुनते थे। आज इसी इकोसिस्टम के लोग लोकतंत्र की बातें करते हैं।

संबंधितपोस्ट

बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

पंजाब सीएम भगवंत मान की बढ़ीं मुश्किलें: वायरल वीडियो मामले में अकाल तख्त ने सुनाया फैसला

क्या ‘युवा संकल्प’ बदलेगा बंगाल का भविष्य ? असंतोष…संभावनाएँ और परिवर्तन की दस्तक !

और लोड करें

1967 से पहले जनता की जगह अब्दुल्ला चुनते थे सांसद

जम्मू कश्मीर में पहली बार 1967 में लोकसभा चुनाव हुए। 1952 में 6 लोकसभा और 4 राज्यसभा सांसदों को नॉमिनेट करते हुए शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने कहा था कि सामान्य परिस्थितियों में देश भर की तरह जम्मू कश्मीर में भी चुनाव होते, लेकिन राज्य का एक हिस्सा दुश्मनों के कब्जे में होने के कारण और लोगों के भारत-पाकिस्तान के बीच बिखरे होने के कारण यहाँ निर्वाचन के लिए अलग तरीका अपनाया गया है। 1952 और 1957 में भी यही प्रक्रिया दोहराई गई। इसमें कई ऐसे लोग भी संसद में पहुँच गए जो भारत विरोधी रुख रखते थे।

जैसे, 1957 में संसद बनाए गए शेख मोहम्मद अकबर को ले लीजिए। उन्होंने भारत सरकार के साथ शेख अब्दुल्ला के हुए समझौते को नकार दिया और जम्मू कश्मीर के उस गुट का नेतृत्व किया जो वहाँ जनमत संग्रह चाहते थे। उन्हें जम्मू कश्मीर के अलगाववादी ‘स्वतंत्रता सेनानी’ बता कर याद करते हैं। इसी तरह कई अन्य अलगावादी नेता भी संसद पहुँचे। बड़ी बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट में भी सांसदों को नॉमिनेट किए जाने के खिलाफ मामला पहुँचा था, लेकिन उसने भी देशहित की बात करते हुए इस फैसले को जायज ठहराया। ये थी लोकतंत्र की स्थिति!

1966 में एक परिसीमन आयोग बनाया गया था, जिसका अध्यक्ष GL कपूर को बनाया गया था। इसमें पंजाब हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज RC सोनी और तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त KV सुंदरम को भी शामिल किया गया था। इसी कमिटी की सिफारिश के आधार पर जम्मू कश्मीर में 6 लोकसभा सीटें तय की गई थीं। 2019 में इसे केंद्र शासित प्रदेश घोषित किए जाने के बाद सीटों की संख्या 5 हो गई, लद्दाख एक अलग केंद्रशासित प्रदेश बना और उसे अलग संसदीय सीट मिली। 1989 में तो ऐसी स्थिति हो गई कि आतंकवाद और अलगाववाद के साये में चुनावों के बहिष्कार का माहौल रहा।

बारामुला और इस्लामाबाद में मात्र 5% मतदान हुआ। पत्तन इलाके में तो सिर्फ एक वोट पड़ा। इसी तरह 1991 का चुनाव तो ऐसा रहा कि जम्मू कश्मीर में जम कर खून बहे। कश्मीरी पंडितों को घाटी से बाहर किया जा चुका था। अलगाववादी लगातार चुनावों के बहिष्कार की बातें करते थे। उसके बाद आतंकियों ने घाटी में कहर बरपाना शुरू किया। मौजूदा दौर हम देख ही रहे हैं। अनुच्छेद-370 को निरस्त किए जाने के बाद से आतंकियों का सफाया जारी है। पत्थरबाजी खत्म हो गई है। अलगाववादियों के मंसूबे कामयाब होने बंद हो गए हैं।

आज कश्मीर घाटी से जो चुनावी कवरेज के वीडियो सामने आ रहे हैं, उनमें से कई में आपत्तिजनक बातें की जा रही हैं। एक वीडियो में एक शख्स कहता हुआ दिख रहा है कि अगर उसके गाँव में मंदिर बना तो जला दिया जाएगा। वहीं अधिकतर विश्लेषक कह रहे हैं कि अनुच्छेद-370 को निरस्त किए जाने के कारण वहाँ के मुस्लिम भाजपा के खिलाफ आक्रोशित हैं और वो ‘सबक सिखाना’ चाहते हैं। IGNOU से जुड़े प्रोफेसर कपिल कुमार पूछते हैं कि अगर अनुच्छेद-370 को वापस लाने की बात की जा रही है तो क्या जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेना वो बंद कर देंगे?

370 वापस जाएगा तो योजनाओं का लाभ भी नहीं लेंगे?

जैसे, वो पूछते हैं कि क्या मनरेगा और उज्ज्वला गैस जैसी जिन योजनाओं का लाभ पहले नहीं मिलता था क्या अब उसका फायदा उठाना वहाँ के लोग बंद कर देंगे? वो कहते हैं कि पाकिस्तान से बातचीत की सलाह दी जाती है, लेकिन 1971 के युद्ध में 93,000 पाकिस्तानी फौजियों को छोड़ दिया गया था और पाकिस्तान से जीती हुई जमीनें भी लौटा दी गई थीं, तो क्या अब इससे भी अधिक कुछ बातचीत हो सकती है? या फिर इससे भी अधिक नरमी बरती जा सकती है? कपिल कुमार पूछते हैं कि भारत अगर पाकिस्तान से बात करे तो वहाँ किससे बात करे? वहाँ की शक्तिशाली फ़ौज से? प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ से ख़ुफ़िया एजेंसी ISI से? वहाँ समाज में प्रभाव रखने वाले और भारत विरोधी बयान देने वाले मौलवियों से? या फिर उन आतंकियों से जो आए दिन भारत में हमलों को अंजाम देते हैं?

जम्मू कश्मीर में आज भारत का विधान चलता है, लेकिन एक वो समय भी था जब वहाँ का झंडा अलग था और तिरंगा नहीं फहराया जाता था। महाराजा हरि सिंह के बेटे कर्ण सिंह जब वहाँ के सदर-ए-रियासत हुआ करते थे तब जम्मू के एक कॉलेज में छात्रों ने कश्मीरी झंडे को सलामी देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद प्रशासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान वहाँ के हिन्दू नेता प्रेमचंद डोगरा ने जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी से मदद माँगी, जिसे उन्होंने स्वीकार भी किया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी को कश्मीर में गिरफ्तार कर लिया गया, जहाँ उनका निधन हो गया।

1960 :: Prem Nath Dogra , Leader of Kashmir Integration Movement Being Felicitated by Jan Sangh Workers #370Gone pic.twitter.com/9wxIbBm2YP

— indianhistorypics (@IndiaHistorypic) August 6, 2019

आज तक उनकी मृत्यु की गुत्थी नहीं सुलझी है। अब जब जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव संपन्न हो गए हैं, बलिदानी श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद किया जाना चाहिए। शेख अब्दुल्ला की गद्दारी को याद किया जाना चाहिए।

स्रोत: Article 370, अनुच्छेद ३७०, जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव, India, भारत, History, इतिहास, NC, नेशनल कॉन्फ्रेंस, PDP, पीडीपी
Tags: ElectionsHistoryJammu & Kashmirइतिहासचुनावजम्मू-कश्मीर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

महबूबा ने हिज्बुल्लाह आतंकी नसरल्लाह को कहा ‘शहीद’, रैलियां रद्द, इस सोच में ही खोट है

अगली पोस्ट

एयरपोर्ट कर्मचारियों पर भड़के अविमुक्तेश्वरानंद: चोला संत का लेकिन लक्षण नेता वाले, पदवी भी है विवाद में

संबंधित पोस्ट

मनरेगा
Uncategorized

मनरेगा: 1 जुलाई से बदलेगा योजना का नाम, अब ‘जी-राम-जी’ के तहत मिलेगा ग्रामीणों को रोजगार

1 July 2026

देश की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा (MGNREGA) अब नए नाम और नए स्वरूप में लागू होने जा रही है। केंद्र सरकार ने इस...

मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश
चर्चित

मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

1 July 2026

उत्तर भारत में उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मॉनसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश...

रामपुर में गरजे सीएम
चर्चित

रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

30 June 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को रामपुर में 690 करोड़ रुपये की 102 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के दौरान समाजवादी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited