बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में कुछ भाषण ऐसे हैं जो केवल तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों की प्रतिक्रिया नहीं होते, बल्कि वे राष्ट्र के भविष्य ...
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में कुछ भाषण ऐसे हैं जो केवल तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों की प्रतिक्रिया नहीं होते, बल्कि वे राष्ट्र के भविष्य ...
बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर इस्लामिक कट्टरवाद के खिलाफ बेहद मुखर थे। वे मानते थे कि हिंदू और मुस्लिम ना ही स्वभाव में एक ...
अफ़ग़ानिस्तान की शांत बामियान घाटी में इस दिन बंदूक की गोली और मोर्टार विस्फोट की आवाज़ें गूंज उठीं थीं। तालिबान के लंबी दाढ़ी ...
हमारे देश की एक बड़ी समस्या यह रही है कि अंग्रेजों के समय में पढ़ाया गया गलत और औपनिवेशिक इतिहास आज़ादी के बाद ...
अपनी पुस्तक आर्य (श्रेष्ठ) भारत का प्राक्कथन लिखते समय जो जो विचार मन में आये उन्हें यहाँ प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा ...
बंगाल फ़ाइल्स केवल एक फ़िल्म नहीं है, यह सत्य, स्मृति और न्याय की लड़ाई है। एक ऐसा पुनर्निदेशन जो दशकों तक दबाए गए ...
काशी विश्वनाथ के ज्ञानवापी परिसर और मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर दशकों से चल रहा विवाद एक नए मोड़ पर है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ...
साल 1897, करीब 128 साल पहले फ्रांस और मेडागास्कर के बीच एक बहुत ही दर्दनाक लड़ाई हुई थी। यह सिर्फ एक युद्ध नहीं ...
भारतीय इतिहास लेखन में अपनी अलग पहचान बना चुकीं लेखिका और इतिहासकार डॉ. मीनाक्षी जैन को केंद्र सरकार ने राज्यसभा के लिए नामित ...
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान एक तरफ वह इस्लाम का झंडा बुलंद करता है। दुनिया में खुद को इस्लामी गणराज्य कहलवाने में गर्व करता ...
तमिलनाडु के त्रिचिरापल्ली जिले के 70 वर्षीय किसान राजगोपाल ने जब अपनी बेटी की शादी के लिए 1.2 एकड़ जमीन बेचने की कोशिश ...
स्वतंत्रता यूं ही नहीं प्राप्त हुई, इसके पीछे मां भारती के असंख्य सपूतों का बलिदान शामिल है। उन बलिदानियों ने मां भारती की ...


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