बाबासाहेब डॉ भीमराव आंबेडकर मुस्लिमों की कट्टरपंथी सोच और लगातार होते दंगों को देखकर व्यथित रहते थे। यही कारण था कि वे पाकिस्तान की माँग को तार्किक तरीके से स्वीकार करते थे।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    दिवाली पर ₹5 लाख करोड़ का कारोबार! दिल्ली में ₹80 हजार करोड़ की उम्मीद, किन बाजारों में सबसे ज्यादा रौनक

    दिवाली पर ₹5 लाख करोड़ का कारोबार! दिल्ली में ₹80 हजार करोड़ की उम्मीद, किन बाजारों में सबसे ज्यादा रौनक

    E20 पेट्रोल को E30 कौन बना रहा है? कर्नाटक में 31.2% तक मिला एथेनॉल, आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर?

    E20 पेट्रोल को E30 कौन बना रहा है? कर्नाटक में 31.2% तक मिला एथेनॉल, आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर?

    धनतेरस पर ₹1.25 लाख करोड़ की खरीदारी, महंगे सोने-चांदी के आगे भी नहीं टूटा लोगों का उत्साह

    धनतेरस पर ₹1.25 लाख करोड़ की खरीदारी, महंगे सोने-चांदी के आगे भी नहीं टूटा लोगों का उत्साह

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    13,629 फीट पर IL-76MD की लैंडिंग, IAF ने कैसे बनाया विश्व रिकॉर्ड? क्या है न्योमा एयरबेस की ताकत

    13,629 फीट पर IL-76MD की लैंडिंग, IAF ने कैसे बनाया विश्व रिकॉर्ड? क्या है न्योमा एयरबेस की ताकत

    अग्निवीरों की 4 साल की सेवा अब 6 साल, सरकार का बड़ा फैसला; जानिए क्या-क्या बदलेगा

    अग्निवीरों की 4 साल की सेवा अब 6 साल, सरकार का बड़ा फैसला; जानिए क्या-क्या बदलेगा

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

    लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    दिवाली पर ₹5 लाख करोड़ का कारोबार! दिल्ली में ₹80 हजार करोड़ की उम्मीद, किन बाजारों में सबसे ज्यादा रौनक

    दिवाली पर ₹5 लाख करोड़ का कारोबार! दिल्ली में ₹80 हजार करोड़ की उम्मीद, किन बाजारों में सबसे ज्यादा रौनक

    E20 पेट्रोल को E30 कौन बना रहा है? कर्नाटक में 31.2% तक मिला एथेनॉल, आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर?

    E20 पेट्रोल को E30 कौन बना रहा है? कर्नाटक में 31.2% तक मिला एथेनॉल, आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर?

    धनतेरस पर ₹1.25 लाख करोड़ की खरीदारी, महंगे सोने-चांदी के आगे भी नहीं टूटा लोगों का उत्साह

    धनतेरस पर ₹1.25 लाख करोड़ की खरीदारी, महंगे सोने-चांदी के आगे भी नहीं टूटा लोगों का उत्साह

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    13,629 फीट पर IL-76MD की लैंडिंग, IAF ने कैसे बनाया विश्व रिकॉर्ड? क्या है न्योमा एयरबेस की ताकत

    13,629 फीट पर IL-76MD की लैंडिंग, IAF ने कैसे बनाया विश्व रिकॉर्ड? क्या है न्योमा एयरबेस की ताकत

    अग्निवीरों की 4 साल की सेवा अब 6 साल, सरकार का बड़ा फैसला; जानिए क्या-क्या बदलेगा

    अग्निवीरों की 4 साल की सेवा अब 6 साल, सरकार का बड़ा फैसला; जानिए क्या-क्या बदलेगा

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

    लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

    लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

अंबेडकर मानते थे कि दोनों देशों की अल्पसंख्यक आबादी की भी अदला-बदली होनी चाहिए, उनका मानना था कि अगर ऐसा न हुआ तो भारत की संप्रभुता संकट में पड़ जाएगी और देश में सांप्रदायिक वैमनस्य बना रहेगा।

khushbusingh1 द्वारा khushbusingh1
14 April 2026
in इतिहास, चर्चित, ज्ञान, राजनीति
बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

डॉ अंबेडकर के अनुसार, मुस्लिम ये नहीं भूलते कि हिंदू उनसे नीची और घटिया जाति है

Share on FacebookShare on X

बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर इस्लामिक कट्टरवाद के खिलाफ बेहद मुखर थे। वे मानते थे कि हिंदू और मुस्लिम ना ही स्वभाव में एक हैं, ना ही आध्यात्मिक अनुभव में और ना ही राजनीतिक एकता की इच्छा में। अंबेडकर ने तो यहाँ तक कह दिया था कि हिंदू ये भ्रम पाले हुए हैं कि पाकिस्तान सिर्फ मोहम्मद अली जिन्ना की सनक का नतीजा है। वे हिंदू बुद्धि के इतने मंद और शिथिल होने जाने से आश्चर्यचकित थे।

हिन्दू-इस्लाम इतिहास पर बाबासाहेब डॉ भीमराव आंबेडकर

डॉक्टर अंबेडकर इसके पीछे हिंदू-मुस्लिम के इतिहास को संदर्भ देते हैं। उनका मानना था कि हिंदू-मुस्लिम संबंधों की कड़ी इतिहास के पन्नों से जुड़ी हुई है। डॉक्टर अंबेडकर ने डॉक्टर टाइटस की पुस्तक ‘इंडियन इस्लाम’ और लेन पूल की ‘मेडिवल इंडिया’ का हवाला देते हुए लिखा है कि मुस्लिम आक्रमणों का उद्देश्य सिर्फ लूटपाट नहीं था, बल्कि वे मूर्तिपूजा और बहुदेववाद पर प्रहार करके भारत में इस्लाम को प्रसारित करने के उद्देश्य से भारत आए थे। वे कहते हैं कि सन 712 ईस्वी में मुहम्मद बिन कासिम से शुरू हुई हिंदुओं की खिलाफ हिंसा, धन-दौलत की लूट, मंदिरों का तोड़फोड़, महिलाओं का अपमान, जबरन धर्मांतरण, हिंदुओं को गुलाम बनाने की प्रवृति मुस्लिम आक्रमणकारियों द्वारा आगे भी जारी रही। इसकी यादें मुस्लिमों में बनी रहीं और वे इस पर गर्व करते रहे हैं, जबकि हिंदू इससे लज्जित होते हैं।

संबंधितपोस्ट

बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

पंजाब सीएम भगवंत मान की बढ़ीं मुश्किलें: वायरल वीडियो मामले में अकाल तख्त ने सुनाया फैसला

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हाशिम बाबा-राशिद गैंग के छह शूटर हथियारों समेत गिरफ्तार

और लोड करें

मुस्लिम पक्ष की राजनीतिक प्रेरणा के बारे में अंबेडकर लिखते हैं, “मुस्लिम कानून के अनुसार दुनिया दो भागों में विभाजित है- दारूल इस्लाम (इस्लाम का घर) और दारूल हर्ब (संघर्ष का घर)। इस्लामी कानून के अनुसार, भारत हिंदुओं और मुस्लिमों का साझी मातृभूमि नहीं हो सकता। यह मुस्लिमों की जमीन तो हो सकती है, लेकिन मुस्लिमों की बराबरी करते हुए हिंदुओं की साझी जमीन नहीं हो सकती। यह जमीन मुस्लिमों की भी तभी मानी जाएगी, जब इस पर अधिकार मुस्लिमों का हो।”

डॉक्टर टाइटस अपनी किताब में लिखते हैं कि जब अंग्रेजों ने भारत पर कब्जा किया तो मुस्लिम अगले 50 वर्षों तक इसी बात पर मंथन करते रहे कि भारत दारूल इस्लाम है या दारूल हर्ब। इसके लिए खिलाफत जैसे आंदोलन हुए। डॉक्टर अंबेडकर कहते हैं कि खिलाफत आंदोलन के दौरान भी जब हिंदू मुस्लिमों की बढ़-चढ़कर सहायता कर रहे थे, तब भी मुस्लिम ये नहीं भूले कि हिंदू उनसे नीची और घटिया जाति है।

मुस्लिम इच्छा को तृप्त करना कठिन: इस्लाम पर बाबासाहेब

डॉक्टर अंबेडकर ने लिखा है कि मुस्लिम इच्छा को तृप्त करना कठिन है। इसका उदाहरण देते हुए अंबेडकर कहते हैं, “गोलमेज सम्मेलन के दौरान मुस्लिमों ने जो-जो माँगें रखी थीं और जो-जो उन्हें दिया गया, उसे देखकर कोई भी यही सोचता कि मुस्लिम माँगे अपनी सीमा प्राप्त कर चुकी हैं और 1932 का यह समझौता निर्णायक होगा। परंतु ऐसा लगता है कि मुस्लिम इससे संतुष्ट नहीं है। अपनी नई माँगों के साथ उनकी एक नई सूची तैयार है।”

डॉक्टर अंबेडकर की यह बात सच साबित हुई। पंडित नेहरू और जिन्ना ने आपसी विवाद सुलझाने के लिए बात की तो जिन्ना ने 14 माँगों वाली एक नई सूची रख दी। इसमें गोहत्या की आजादी, मस्जिदों को वापस देने, वंदे मातरम को त्यागने जैसे कई हिंदू विरोधी माँगें शामिल थीं। अंबेडकर ने लिखा है कि कॉन्ग्रेस ने मुस्लिमों को राजनीतिक एवं अन्य रियायतें देकर उन्हें सहन करने और उन्हें खुश करने की नीति अपनाई, क्योंकि कॉन्ग्रेस को लगता था कि मुस्लिमों के बिना वे स्वतंत्रता प्राप्त नहीं कर सकते।

‘पाकिस्तान ऑर पार्टिशन ऑफ इंडिया’ में डॉक्टर अंबेडकर लिखते हैं कि मुस्लिम राजनेता जीवन की संप्रदाय निरपेक्ष भौतिक अपनी आवश्यकताओं को अपनी राजनीति का आधार नहीं बनाते थे, क्योंकि उन्हें लगता है कि मुस्लिम समुदाय हिंदुओं के खिलाफ अपने संघर्ष में कमजोर पड़ जाएगा। वे मुस्लिमों की कट्टरपंथी सोच और लगातार होते दंगों को देखकर व्यथित रहते थे। यही कारण था कि वे पाकिस्तान की माँग को तार्किक तरीके से स्वीकार करते थे। साथ में यह भी सवाल करते थे कि पाकिस्तान बन जाने के बाद वहाँ के हिंदुओं का क्या होगा और भारत में रह जाने वाले मुस्लिमों का क्या होगा।

सेना में मुस्लिम समाज की वफादारी पर भी अंबेडकर को था संदेह

इसका भी समाधान उन्होंने खुद बताया। बाबा साहेब मानते थे कि हिंदू और मुस्लिम एक साथ कभी नहीं रह सकते। उन्होंने अपनी किताब में लिखा है, “हिंदुस्तान के करोड़ों हिंदुओं के हित में यही होगा कि भारत का दो भागों में बँटवारा करके एक भाग मुस्लिम पाकिस्तान और एक भाग गैर-मुस्लिम हिंदुस्तान बना दिया जाए।” वे मानते थे कि दोनों देशों की अल्पसंख्यक आबादी की भी अदला-बदली होनी चाहिए, क्योंकि यह उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी है। इसके अभाव में वे मानते थे कि भारत की संप्रभुता संकट में पड़ जाएगी और भारत में सांप्रदायिक वैमनस्य बना रहेगा।

सेना में मुस्लिमों की अधिक हिस्सेदारी को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए अंबेडकर ने कहा था, इस बात की उपेक्षा नहीं की जा सकती कि किसी देश की महत्वपूर्ण बात स्वतंत्रता प्राप्ति नहीं बल्कि उसे अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए सुनिश्चित साधन उपलब्ध होना चाहिए। किसी देश की स्वतंत्रता की निर्णायक गारंटी उस देश की सेना होती है।” उन्होंने सवाल उठाया था कि हिंदू-मुस्लिम वाले संयुक्त भारत में सेना में हिंदू और मुस्लिम दोनों होंगे। ऐसे में हिंदू भाग वाले भारत पर कोई मुस्लिम आक्रमण होता है तो क्या सेना का मुस्लिम उसे रोकने का प्रयास करेंगे?”

इस तरह डॉक्टर अंबेडकर मुस्लिम नेताओं और इन नेताओं का साथ देने वाले मुस्लिमों की मनोवृत्ति को बहुत करीब से जानते थे और बंटवारा नहीं होने की स्थिति में आने वाली समस्याओं को लेकर वे मुखर थे। इसके पीछे वे मुस्लिमों की कट्टरपंथी सोच और आक्रमणकारियों पर गर्व करने की उनकी वैचारिक प्रेरणा को महत्वपूर्ण मानते थे। यही कारण था कि डॉक्टर अंबेडकर शुरू से ही भारत के बँटवारा के पक्षधर थे।

आज जो कांग्रेस अंबेडकर-अंबेडकर का रट्टा लगा रही है, उसे अपना इतिहास जानना चाहिए। उसे जानना चाहिए कि कैसे बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की दो-दो बार लोकसभा चुनावों में जवाहरलाल नेहरू ने हार सुनिश्चित की और अपनी मित्र एडविना माउंटबेटन को पत्र लिख कर इसका जश्न भी मनाया। ऐसे में, बाबासाहेब अंबेडकर ने इस्लाम और मुस्लिम समाज को लेकर क्या कहा था ये हमें पढ़ना चाहिए।
मूलरूप से ये लेख 21 दिसंबर 2024 को प्रकाशित किया गया था, आंबेडकर जयंती के अवसर पर इसे पुन: प्रकाशित किया गया है

स्रोत: Babasaheb Dr Bhimrao Ambedkar, बाबासाहेब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, Islam, Muslim, मुस्लिम, इतिहास, History, इस्लामी कट्टरपंथ, Islamic Extremism
Tags: Babasaheb Dr Bhimrao AmbedkarHistoryIslamIslamic ExtremismMuslimइतिहासइस्लामइस्लामी कट्टरपंथबाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकरमुस्लिम
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

यूएस-ईरान डील पर टकराव: 20 साल बनाम 10 साल की जिद ने तोड़ी बातचीत, दुनिया पर मंडराया संकट

अगली पोस्ट

नोएडा में श्रमिकों का उग्र प्रदर्शन: पुलिस से झड़प, पथराव और भारी सुरक्षा के बीच सुलगता औद्योगिक संकट

संबंधित पोस्ट

दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध
ज्ञान

दीपावली के ‘दीपक’ में छिपा ‘स्व’ का बोध

7 November 2026

प्रतिवर्ष दीपों का उत्सव 'दीपावली' आते ही घर-आँगन दीपों से सजने लगते हैं। बाजारों में रौनक बढ़ती है, मिठाइयों और पकवानों की सुगंध वातावरण में...

लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
चर्चित

लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

3 November 2026

ड्राइविंग सीखने के दौरान अगर किसी व्यक्ति की गाड़ी से दुर्घटना हो जाए, तो क्या बीमा कंपनी मुआवजा देने से इनकार कर सकती है? क्या...

CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल
चर्चित

CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

1 November 2026

‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर पहले सभी को साथ आने की जरूरत बताने वाला CJP अब खुद को स्वतंत्र और न्यूट्रल प्लेटफॉर्म बता रहा है।...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

00:03:14

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited