TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

यूएस-ईरान डील पर टकराव: 20 साल बनाम 10 साल की जिद ने तोड़ी बातचीत, दुनिया पर मंडराया संकट

इस्लामाबाद में हुई अमेरिका और ईरान की उच्चस्तरीय वार्ता एक ऐसे मोड़ पर आकर ठहर गई, जहां से आगे बढ़ना दोनों पक्षों के लिए लगभग असंभव हो गया

Ayush Aman Rai द्वारा Ayush Aman Rai
14 April 2026
in चर्चित, भू-राजनीति
यूएस-ईरान डील पर टकराव: 20 साल बनाम 10 साल की जिद ने तोड़ी बातचीत, दुनिया पर मंडराया संकट

US-Iran Deal

Share on FacebookShare on X

इस्लामाबाद में हुई अमेरिका और ईरान की उच्चस्तरीय वार्ता एक ऐसे मोड़ पर आकर ठहर गई, जहां से आगे बढ़ना दोनों पक्षों के लिए लगभग असंभव हो गया। यह बातचीत केवल एक कूटनीतिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा संतुलन और पश्चिम एशिया की स्थिरता से जुड़ी एक निर्णायक कोशिश थी। लेकिन अंततः यह प्रयास 20 साल बनाम 10 साल की एक शर्त पर अटक गया।

यूनाइटेड स्टेट्स ने वार्ता में यह स्पष्ट कर दिया था कि Iran को कम से कम 20 वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) नहीं करने का वादा करना होगा। दूसरी ओर तेहरान इस अवधि को 10 साल या उससे कम रखने पर अड़ा रहा। यह अंतर भले ही वर्षों का लगे, लेकिन इसके पीछे छिपा रणनीतिक और राजनीतिक महत्व इतना बड़ा था कि इसने पूरी वार्ता को पटरी से उतार दिया।

संबंधितपोस्ट

ईरान का यू-टर्न और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर फिर पहरा: ट्रंप की सख्ती ने बढ़ाई वैश्विक ऊर्जा संकट की तपिश

पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान वार्ता की शुरुआत: जेडी वेंस करेंगे अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व

ईरान का 10 पॉइंट प्लान: किन शर्तों पर रुका अमेरिका-ईरान युद्ध?

और लोड करें

अमेरिका की सख्त शर्तें और ईरान का प्रतिरोध

अमेरिका का रुख बेहद कठोर और स्पष्ट था। उसका मानना था कि अगर ईरान को परमाणु हथियारों की दिशा में बढ़ने से रोकना है, तो उसे लंबी अवधि तक नियंत्रण में रखना जरूरी है। इसी वजह से 20 साल की समयसीमा तय की गई।

अमेरिकी नीति-निर्माताओं का तर्क था कि कम अवधि की पाबंदी से भविष्य में फिर से खतरा पैदा हो सकता है। वहीं Donald Trump के नेतृत्व में अमेरिकी प्रशासन इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रहा था।

लेकिन ईरान के लिए यह शर्त उसकी संप्रभुता और रणनीतिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला थी। तेहरान का कहना था कि वह अपनी परमाणु क्षमता को पूरी तरह त्याग नहीं सकता, खासकर तब जब उसे क्षेत्रीय खतरों का सामना करना पड़ रहा है।

ईरान ने 20 साल की अवधि को “अस्वीकार्य” बताते हुए इसे खारिज कर दिया और 10 साल से कम अवधि का प्रस्ताव रखा। यह प्रस्ताव अमेरिका के लिए पर्याप्त नहीं था, और यहीं से टकराव की शुरुआत हुई।

यूरेनियम सरेंडर की मांग ने बढ़ाया तनाव

समय सीमा के विवाद के अलावा एक और मुद्दा था जिसने आग में घी डालने का काम किया। अमेरिका ने मांग रखी कि ईरान अपने पास मौजूद उच्च संवर्धित यूरेनियम का पूरा जखीरा देश से बाहर भेज दे। इस मांग का सीधा मतलब था कि ईरान अपनी परमाणु क्षमता को लगभग समाप्त कर दे। अमेरिका का तर्क था कि यह कदम विश्वास बहाली के लिए जरूरी है।
लेकिन ईरान ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। उसका कहना था कि यह उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा और वैज्ञानिक प्रगति के खिलाफ है।
ईरान के नेताओं का मानना था कि अगर वे अपना यूरेनियम छोड़ देते हैं, तो वे पूरी तरह बाहरी शक्तियों पर निर्भर हो जाएंगे। यही वजह रही कि इस मुद्दे पर भी कोई सहमति नहीं बन सकी।

वार्ता विफल, बढ़ा वैश्विक तनाव

दोनों पक्षों के बीच बढ़ती खाई के कारण अंततः वार्ता टूट गई। यह केवल एक डील का टूटना नहीं था, बल्कि एक संभावित संकट का संकेत भी था।
जैसे ही वार्ता विफल हुई, अमेरिका ने आक्रामक रुख अपनाते हुए ईरान के खिलाफ कड़ी आर्थिक नाकाबंदी का ऐलान कर दिया। Donald Trump ने इसे एक “जरूरी कदम” बताते हुए कहा कि अमेरिका अब अपने हितों की रक्षा के लिए हर संभव उपाय करेगा।
इस कदम ने न केवल ईरान पर दबाव बढ़ाया, बल्कि वैश्विक बाजारों और राजनीतिक माहौल को भी अस्थिर कर दिया।

21 अप्रैल की डेडलाइन और बढ़ता खतरा

इस पूरे घटनाक्रम के बीच 21 अप्रैल की तारीख बेहद अहम बन गई है। यह वह दिन है जब मौजूदा सीजफायर की अवधि समाप्त हो रही है।
अगर इस तारीख तक कोई समाधान नहीं निकलता, तो हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति एक बड़े सैन्य संघर्ष में बदल सकती है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
ऊर्जा बाजार, खासकर तेल की सप्लाई, इस तनाव से सीधे प्रभावित हो सकती है। स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

मध्यस्थता की कोशिशें: पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की की भूमिका

इस संकट को टालने के लिए कई देश सक्रिय हो गए हैं। पाकिस्तान, Egypt और तुर्की जैसे देश दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं, कूटनीतिक स्तर पर लगातार बैठकें हो रही हैं और समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं। मिस्र के विदेश मंत्री वाशिंगटन पहुंचकर अमेरिकी नेतृत्व से बातचीत करने वाले हैं, वहीं तुर्की के विदेश मंत्री और खुफिया एजेंसियों के प्रमुख भी इस डील को फिर से पटरी पर लाने के लिए सक्रिय हैं।
हालांकि इन प्रयासों के बावजूद, दोनों पक्षों के बीच विश्वास की कमी और कठोर रुख बड़ी बाधा बनी हुई है।

क्या अभी भी बची है समझौते की उम्मीद?

हालांकि स्थिति गंभीर है, लेकिन पूरी तरह निराशाजनक नहीं है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों के बीच संपर्क बना हुआ है और बातचीत के रास्ते अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कूटनीति में अंतिम क्षण तक उम्मीद बनी रहती है। अगर दोनों पक्ष थोड़ी लचीलापन दिखाते हैं, तो समझौता संभव हो सकता है।

लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह साफ है कि शांति का रास्ता आसान नहीं है। 20 साल बनाम 10 साल की यह जिद अब एक बड़े भू-राजनीतिक संकट का रूप ले चुकी है।

वैश्विक असर: क्यों अहम है यह डील

यह डील केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है, तेल की कीमतों में उछाल, वैश्विक बाजारों में अस्थिरता, और क्षेत्रीय संघर्षों का विस्तार ये सभी संभावित परिणाम हैं, भारत जैसे देशों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय है, क्योंकि उनकी ऊर्जा जरूरतें इस क्षेत्र पर काफी हद तक निर्भर करती हैं।

जिद या समाधान?

अमेरिका और ईरान के बीच यह टकराव केवल दो देशों का विवाद नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शक्ति संतुलन, सुरक्षा और कूटनीति की परीक्षा है। 20 साल और 10 साल के बीच का यह अंतर दिखने में छोटा जरूर है, लेकिन इसके पीछे छिपी रणनीति और अविश्वास ने इसे एक बड़े संकट में बदल दिया है।
अब यह देखना होगा कि क्या दोनों पक्ष अपनी जिद छोड़कर समझौते की दिशा में बढ़ते हैं या दुनिया एक नए संघर्ष की ओर बढ़ती है।

Tags: Donald Trump Iran policyglobal oil crisisIran nuclear negotiationsIran sanctions newsIslamabad talks US IranMiddle East tensionsuranium enrichment IranUS Iran conflict 2026
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत ने दी सुरों की सम्राज्ञी को अंतिम विदाई: आशा भोसले को राजकीय सम्मान के साथ दी गई श्रद्धांजलि

अगली पोस्ट

‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

संबंधित पोस्ट

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?
इतिहास

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

14 August 2026

वर्ष 2021 में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अगस्त को 'विभाजन की विभीषका स्मृति दिवस' (Partition Horrors Remembrance Day) के रूप में मनाने...

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है
इतिहास

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

14 August 2026

15 अगस्त का दिन कहता आजादी अभी अधूरी है  सपने सच होने बाकी है रावी की शपथ ना पूरी है भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई द्वारा 15 अगस्त 1947 के दिन लिखी गई यह कविता है जिसमें बताया गया है कि 31 दिसंबर 1929 को रावी नदी के तट पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारतीय तिरंगा झंडा फहरा कर पूर्ण स्वराज का संकल्प लिया था। एवं आगामी 26 जनवरी को देश भर मे  शपथ के कार्यक्रम का आयोजन का निर्णय किया था। उस समय अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू और इस प्रस्ताव का समर्थन महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने किया,...

Independence Day से पहले दिल्ली में बम धमकियों से हड़कंप
चर्चित

Independence Day से पहले दिल्ली में बम धमकियों से हड़कंप, हाई कोर्ट समेत 6 जगहों को ईमेल से धमकी

14 August 2026

स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले दिल्ली में बम धमकियों से हड़कंप मच गया। राजधानी में छह अलग-अलग महत्वपूर्ण स्थानों को ईमेल के जरिए बम से...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited