दूसरे गांव से मजदूर बुलाए जाने का किल्वेनमनी गांव के दलित मजदूरों ने विरोध किया। विरोध बढ़ा तो दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जला कर मार डाले गए थे 44 दलित… केंद्र में कांग्रेस, राज्य में DMK: कहानी उस नरसंहार की जिसमें अब तक किसी को नहीं हुई सज़ा

हिंसा की इस आग में नरसंहार हुआ था 44 दलितों का, जिनके जिंदा जलने मामले में किसी भी व्यक्ति को सजा नहीं हुई

Akash Sharma Nayan द्वारा Akash Sharma Nayan
22 October 2024
in इतिहास, क्राइम, राजनीति
किल्वेनमनी नरसंहार तमिलनाडु

किल्वेनमनी नरसंहार (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Share on FacebookShare on X

वर्तमान समय में, दलित, पिछड़े और सवर्ण को मुद्दा बनाकर राजनीति करना राजनीतिक दलों की आदत बन गई है। एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबका साथ-सबका विकास की बात कर देश को एकजुट रहने की प्रेरणा देते हैं। वहीं, विपक्ष हिंदुओं को जातियों में बांटने की साजिश में लगा हुआ है। जातिगत जनगणना हो या फिर पिछड़ों और दलितों को सवर्णों से अलग बताना, कुल मिलाकर देखें तो विपक्षी पार्टियां साम, दाम, दंड, भेद लगाकर हिंदुओं को तोड़कर अपना वोट बैंक मजबूत करना चाहती हैं। आज देश में सभी वर्ग सशक्त होते जा रहे हैं। लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब देश में जातीय हिंसा की आग चरम पर थी।

जातीय हिंसा की यह आग इंदिरा गांधी के दौर में भी लगी थी। हिंसा की इस आग में नरसंहार हुआ था 44 दलितों का, जिनके जिंदा जलने मामले में किसी भी व्यक्ति को सजा नहीं हुई।

संबंधितपोस्ट

खामेनेई विवाद के बाद तमिलनाडु में बवाल, कार्ति चिदंबरम के दफ्तर पर पेट्रोल बम से हमला

एआई समिट विरोध के बाद असर: शर्टलेस प्रदर्शनों से देशभर में तनाव पैदा

बाल्यकाल से आत्मबोध तक: महर्षि रमण के दिव्य जीवन की अनुपम गाथा

और लोड करें

ये वही दलित हैं जिनको लेकर राजनीतिक पार्टियां खासतौर से इंडी गठबंधन हो-हल्ला मचाता है। लेकिन इस गठबंधन में शामिल पार्टियां अपने शासन काल में दलितों पर हुए अत्याचारों और नरसंहारों की बात नहीं करता।

हम बात कर रहे हैं तमिलनाडु की और साल था 1968, केंद्र में इंदिरा गांधी थीं तो वहीं राज्य में डीएमके सत्ता में थी। यह वह दौर था जब तमिलनाडु में जातिगत भेदभाव चरम पर था। तमिलनाडु के तंजावुर जिले के दलित बाहुल्य किल्वेनमनी गांव में खेतिहर मजदूर रहते थे। इन मजदूरों को पेट पालने के लिए होने वाले संघर्ष के अलावा जातिगत संघर्षों से भी जूझना पड़ता था।

दिसंबर 1968 में, हाड़ कपाने वाली ठंड में भी मजदूर पेट के लिए काम करने को मजबूर थे। लेकिन उन्हें मन माफिक पैसा नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में मजदूरों ने जमींदार गोपालकृष्ण नायडू के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करना शुरू किया। इसमें उन्हें सीपीआई (एम) का भी साथ मिला। मजदूरों का आक्रोश बढ़ता जा रहा था। इस बीच जमींदार ने दूसरे गांव से मजदूरों को बुला लिया।

दूसरे गांव से मजदूर बुलाए जाने का किल्वेनमनी गांव के दलित मजदूरों ने विरोध किया। विरोध बढ़ा तो दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। इस घटना में जमींदार गोपालकृष्ण नायडू के एक आदमी की मौत हो गई। यह तारीख थी 25 दिसंबर, 1968…जमींदार ने अपने आदमी की मौत का बदला लेने का फैसला किया।

इस पूरी घटना पर किल्वेनमनी गांव के निवासी सुब्रमण्यम वीनामी कुमारन कहते हैं कि 25 दिसंबर की रात करीब 10 बजे जमींदारों के करीब 100 गुंडे पुलिस वैन में गांव में आए। उनके पास आग लगाने का सामान और पक्षियों के शिकार में उपयोग होने वाली देशी बंदूकें थीं। जमींदार के लोगों ने दलितों की झुग्गियों को घेर लिया और भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए। इसके बाद अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गांव के लोगों के पास खुद को बचाने के दो रास्ते थे, पहला यह कि वे वहां से भाग सकते थे और दूसरा यह कि वे गुंडों पर पत्थर से हमला कर सकते थे।

(तस्वीर साभार: Sub\Versions)

चूंकि चारों ओर से रास्ता ब्लॉक था, इसलिए भगाने की बजाय गांव के लोगों ने पत्थर से हमला कर खुद को बचाने की कोशिश की। लेकिन गोलियों के आगे उनकी एक न चली। ताबड़तोड़ फायरिंग में एक के बाद एक कई गांव वाले घायल होते चले गए। इस बीच कुछ लोग पास में बनी एक झोपड़ी में छिप गए। लोगों ने सोचा कि वे इससे बच सकते हैं, लेकिन हुआ ठीक उलट।

हुआ यह कि जमींदार नायडू के गुंडों ने उस झोपड़ी को घेर लिया और उसमें आग लगा दी, जिससे अंदर मौजूद सभी लोग जलकर मर गए। मरने वालों में 5 पुरुष, 16 महिलाएं और 23 बच्चे थे, कुल मिलाकर 44 बेगुनाह लोग काल के गाल में समा गए।

44 लोगों को जिंदा जलाने के बाद जमींदार के गुंडों ने नजदीकी पुलिस स्टेशन जाकर खुद को पीड़ित बताया और सुरक्षा की मांग करने लगे, पुलिस ने गुंडों की बात मान ली और सुरक्षा दे दी। इसके बाद क्या हुआ…?

हुआ यह कि जमींदार और उसके लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और सजा भी हुई। सत्र न्यायालय ने आरोपितों को 10-10 साल की सजा सुनादी। लेकिन जिला कोर्ट ने सजा रद्द करते हुए बरी कर दिया। इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा, यहां भी साल 1975 में हाई कोर्ट ने जिला कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए सभी को बरी कर दिया।

मृतकों की याद में बनाए गए स्मारक (फ़ोटो साभार: News18)

भले ही कोर्ट ने जमींदार गोपालकृष्ण नायडू को बरी कर दिया था। लेकिन कुछ लोग उसे 44 बेगुनाह लोगों की हत्या का गुनाहगार मान रहे थे। इसलिए साल 1980 में गोपालकृष्ण नायडू की हत्या कर दी गई। हत्या के आरोप में दलित वर्ग के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। लेकिन यहां वही हुआ जो 44 लोगों की हत्या के बाद हुआ था। नायडू की हत्या का मामला मद्रास हाई तक पहुंचा। लेकिन कोर्ट ने सभी को बरी कर दिया। इस तरह से 44 दलितों को जिंदा जलाने और फिर जमींदार नायडू की हत्या के लिए किसी को भी सजा नहीं हुई।

आज पार्टियां राजनीति के लिए दलितों का भरपूर उपयोग कर रही हैं। लेकिन केंद्र में कांग्रेस की और तमिलनाडु में डीएमके की सरकार के होते हुए, 44 दलितों को जिंदा जलाए जाने की इस भयावह घटना की चर्चा भी नहीं होती। कांग्रेस के सत्ता में रहते दलितों पर हुए नरसंहार की एक पूरी लिस्ट है, जिस पर चर्चा कर खुद को दलितों का हितैषी बताने वाले लोगों का सच पर्दाफाश करना जरूरी हो गया है।

 

 

स्रोत: Dalit Genocide, दलित नरसंहार, कांग्रेस, Congress, DMK, डीएमके, किल्वेनमनी नरसंहार तमिलनाडु, Kilvenmani Genocide. Kilvenmani massacre
Tags: CongressgenocideTamilNaduकांग्रेसतमिलनाडुनरसंहार
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

तसलीमा नसरीन का बढ़ा रेजिडेंस परमिट, अमित शाह को कहा शुक्रिया, लोग बोले- भारतीय नागरिकता मिलनी चाहिए

अगली पोस्ट

भगवा साफा, संस्कृत में शपथ, ‘जय श्री राम’ का उद्घोष: जहां मस्जिदों से होता था हिंदुओं के नरसंहार का ऐलान, उस कश्मीर में दिखा अच्छा ‘शगुन’

संबंधित पोस्ट

सहारनपुर के देवबंद में ईद पर भड़काऊ भाषण का मामला, यूपी ATS ने मौलाना को हिरासत में लिया
क्राइम

सहारनपुर के देवबंद में ईद पर भड़काऊ भाषण का मामला, यूपी ATS ने मौलाना को हिरासत में लिया

23 March 2026

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद में ईद के मौके पर दिए गए कथित भड़काऊ भाषण के मामले में यूपी ATS ने एक मौलाना...

इंक़लाब भगत सिंह
इतिहास

क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

23 March 2026

लिख रहा हूँ मैं अंजाम जिसका कल आग़ाज आयेगा, मेरे लहू का हर एक कतरा इंक़लाब लायेगा। मैं रहूँ या न रहूँ पर यह वादा हैं...

Shahidi Diwas
इतिहास

भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

23 March 2026

लाहौर सेंट्रल जेल में दिनांक 23 मार्च 1931 के दिन का आरम्भ बड़ा ही सामान्य था लेकिन यह दिन तब तक ही सामान्य रहा जब...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited