दूसरे गांव से मजदूर बुलाए जाने का किल्वेनमनी गांव के दलित मजदूरों ने विरोध किया। विरोध बढ़ा तो दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जला कर मार डाले गए थे 44 दलित… केंद्र में कांग्रेस, राज्य में DMK: कहानी उस नरसंहार की जिसमें अब तक किसी को नहीं हुई सज़ा

हिंसा की इस आग में नरसंहार हुआ था 44 दलितों का, जिनके जिंदा जलने मामले में किसी भी व्यक्ति को सजा नहीं हुई

Akash Sharma Nayan द्वारा Akash Sharma Nayan
22 October 2024
in इतिहास, क्राइम, राजनीति
किल्वेनमनी नरसंहार तमिलनाडु

किल्वेनमनी नरसंहार (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Share on FacebookShare on X

वर्तमान समय में, दलित, पिछड़े और सवर्ण को मुद्दा बनाकर राजनीति करना राजनीतिक दलों की आदत बन गई है। एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबका साथ-सबका विकास की बात कर देश को एकजुट रहने की प्रेरणा देते हैं। वहीं, विपक्ष हिंदुओं को जातियों में बांटने की साजिश में लगा हुआ है। जातिगत जनगणना हो या फिर पिछड़ों और दलितों को सवर्णों से अलग बताना, कुल मिलाकर देखें तो विपक्षी पार्टियां साम, दाम, दंड, भेद लगाकर हिंदुओं को तोड़कर अपना वोट बैंक मजबूत करना चाहती हैं। आज देश में सभी वर्ग सशक्त होते जा रहे हैं। लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब देश में जातीय हिंसा की आग चरम पर थी।

जातीय हिंसा की यह आग इंदिरा गांधी के दौर में भी लगी थी। हिंसा की इस आग में नरसंहार हुआ था 44 दलितों का, जिनके जिंदा जलने मामले में किसी भी व्यक्ति को सजा नहीं हुई।

संबंधितपोस्ट

पटना में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, कई लोग घायल

टीएमसी का कांग्रेस में विलय होगा या नहीं? घंटेभर की बैठक के बाद सामने आया बड़ा फैसला

मोदी ने रिकॉर्ड कार्यकाल के दिन ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

और लोड करें

ये वही दलित हैं जिनको लेकर राजनीतिक पार्टियां खासतौर से इंडी गठबंधन हो-हल्ला मचाता है। लेकिन इस गठबंधन में शामिल पार्टियां अपने शासन काल में दलितों पर हुए अत्याचारों और नरसंहारों की बात नहीं करता।

हम बात कर रहे हैं तमिलनाडु की और साल था 1968, केंद्र में इंदिरा गांधी थीं तो वहीं राज्य में डीएमके सत्ता में थी। यह वह दौर था जब तमिलनाडु में जातिगत भेदभाव चरम पर था। तमिलनाडु के तंजावुर जिले के दलित बाहुल्य किल्वेनमनी गांव में खेतिहर मजदूर रहते थे। इन मजदूरों को पेट पालने के लिए होने वाले संघर्ष के अलावा जातिगत संघर्षों से भी जूझना पड़ता था।

दिसंबर 1968 में, हाड़ कपाने वाली ठंड में भी मजदूर पेट के लिए काम करने को मजबूर थे। लेकिन उन्हें मन माफिक पैसा नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में मजदूरों ने जमींदार गोपालकृष्ण नायडू के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करना शुरू किया। इसमें उन्हें सीपीआई (एम) का भी साथ मिला। मजदूरों का आक्रोश बढ़ता जा रहा था। इस बीच जमींदार ने दूसरे गांव से मजदूरों को बुला लिया।

दूसरे गांव से मजदूर बुलाए जाने का किल्वेनमनी गांव के दलित मजदूरों ने विरोध किया। विरोध बढ़ा तो दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। इस घटना में जमींदार गोपालकृष्ण नायडू के एक आदमी की मौत हो गई। यह तारीख थी 25 दिसंबर, 1968…जमींदार ने अपने आदमी की मौत का बदला लेने का फैसला किया।

इस पूरी घटना पर किल्वेनमनी गांव के निवासी सुब्रमण्यम वीनामी कुमारन कहते हैं कि 25 दिसंबर की रात करीब 10 बजे जमींदारों के करीब 100 गुंडे पुलिस वैन में गांव में आए। उनके पास आग लगाने का सामान और पक्षियों के शिकार में उपयोग होने वाली देशी बंदूकें थीं। जमींदार के लोगों ने दलितों की झुग्गियों को घेर लिया और भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए। इसके बाद अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गांव के लोगों के पास खुद को बचाने के दो रास्ते थे, पहला यह कि वे वहां से भाग सकते थे और दूसरा यह कि वे गुंडों पर पत्थर से हमला कर सकते थे।

(तस्वीर साभार: Sub\Versions)

चूंकि चारों ओर से रास्ता ब्लॉक था, इसलिए भगाने की बजाय गांव के लोगों ने पत्थर से हमला कर खुद को बचाने की कोशिश की। लेकिन गोलियों के आगे उनकी एक न चली। ताबड़तोड़ फायरिंग में एक के बाद एक कई गांव वाले घायल होते चले गए। इस बीच कुछ लोग पास में बनी एक झोपड़ी में छिप गए। लोगों ने सोचा कि वे इससे बच सकते हैं, लेकिन हुआ ठीक उलट।

हुआ यह कि जमींदार नायडू के गुंडों ने उस झोपड़ी को घेर लिया और उसमें आग लगा दी, जिससे अंदर मौजूद सभी लोग जलकर मर गए। मरने वालों में 5 पुरुष, 16 महिलाएं और 23 बच्चे थे, कुल मिलाकर 44 बेगुनाह लोग काल के गाल में समा गए।

44 लोगों को जिंदा जलाने के बाद जमींदार के गुंडों ने नजदीकी पुलिस स्टेशन जाकर खुद को पीड़ित बताया और सुरक्षा की मांग करने लगे, पुलिस ने गुंडों की बात मान ली और सुरक्षा दे दी। इसके बाद क्या हुआ…?

हुआ यह कि जमींदार और उसके लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और सजा भी हुई। सत्र न्यायालय ने आरोपितों को 10-10 साल की सजा सुनादी। लेकिन जिला कोर्ट ने सजा रद्द करते हुए बरी कर दिया। इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा, यहां भी साल 1975 में हाई कोर्ट ने जिला कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए सभी को बरी कर दिया।

मृतकों की याद में बनाए गए स्मारक (फ़ोटो साभार: News18)

भले ही कोर्ट ने जमींदार गोपालकृष्ण नायडू को बरी कर दिया था। लेकिन कुछ लोग उसे 44 बेगुनाह लोगों की हत्या का गुनाहगार मान रहे थे। इसलिए साल 1980 में गोपालकृष्ण नायडू की हत्या कर दी गई। हत्या के आरोप में दलित वर्ग के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। लेकिन यहां वही हुआ जो 44 लोगों की हत्या के बाद हुआ था। नायडू की हत्या का मामला मद्रास हाई तक पहुंचा। लेकिन कोर्ट ने सभी को बरी कर दिया। इस तरह से 44 दलितों को जिंदा जलाने और फिर जमींदार नायडू की हत्या के लिए किसी को भी सजा नहीं हुई।

आज पार्टियां राजनीति के लिए दलितों का भरपूर उपयोग कर रही हैं। लेकिन केंद्र में कांग्रेस की और तमिलनाडु में डीएमके की सरकार के होते हुए, 44 दलितों को जिंदा जलाए जाने की इस भयावह घटना की चर्चा भी नहीं होती। कांग्रेस के सत्ता में रहते दलितों पर हुए नरसंहार की एक पूरी लिस्ट है, जिस पर चर्चा कर खुद को दलितों का हितैषी बताने वाले लोगों का सच पर्दाफाश करना जरूरी हो गया है।

 

 

स्रोत: Dalit Genocide, दलित नरसंहार, कांग्रेस, Congress, DMK, डीएमके, किल्वेनमनी नरसंहार तमिलनाडु, Kilvenmani Genocide. Kilvenmani massacre
Tags: CongressgenocideTamilNaduकांग्रेसतमिलनाडुनरसंहार
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

तसलीमा नसरीन का बढ़ा रेजिडेंस परमिट, अमित शाह को कहा शुक्रिया, लोग बोले- भारतीय नागरिकता मिलनी चाहिए

अगली पोस्ट

भगवा साफा, संस्कृत में शपथ, ‘जय श्री राम’ का उद्घोष: जहां मस्जिदों से होता था हिंदुओं के नरसंहार का ऐलान, उस कश्मीर में दिखा अच्छा ‘शगुन’

संबंधित पोस्ट

Devender Mahto Ranchi student protest
चर्चित

Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

10 August 2026

रांची में छात्रों और युवा अभ्यर्थियों का आक्रोश चरम पर पहुंच चुका है। 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने निकले हजारों छात्रों को पुलिस...

Gen Z voter and BJP
राजनीति

क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

9 August 2026

हाल ही में नीट (NEET) पेपर लीक और छात्र आंदोलनों के बाद दिए गए अपने एक बयान में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी...

बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक
चर्चित

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

7 August 2026

बड़ी ख़बर दिल्ली से है, जहां बीजेपी आलाकमान ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ अहम बैठकें की हैं। सूत्रों की...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited